Bihar Board Class 11th Physics (भौतिक विज्ञान) Chapter 15 (तरंगें) Solutions
Here we have provided Solution for Chapter 15 (तरंगें) of Physics (भौतिक विज्ञान) subject for Class 11th students of Bihar Board of Secondary Education. There are various chapters in this Physics (भौतिक विज्ञान) such as Chapter 1 (भौतिक जगत), Chapter 2 (मात्रक तथा मापन), Chapter 3 (सरल रेखा में गति), Chapter 4 (समतल में गति), Chapter 5 (गणित के नियम), Chapter 6 (कार्य, उर्जा तथा शक्ति), Chapter 7 (कणों के नियम तथा घूर्णी गति), Chapter 8 (गुरुत्वाकर्षण), Chapter 9 (ठोसों के यांत्रिक गुण), Chapter 10 (तरलों के यांत्रिक गुण), Chapter 11 (द्रव्य के तापीय गुण), Chapter 12 (उष्मागतिकी), Chapter 13 (अणुगति सिद्धांत), Chapter 14 (दोलन) and Chapter 15 (तरंगें). Summary of the same is given below:
| Board Name | Bihar Board of Secondary Education |
| Class | Class 11th |
| Content Type | Solution |
| Solution for | Class 11th students |
| Subject | Physics (भौतिक विज्ञान) |
| Chapter Name | Chapter 15 (तरंगें) |
| Total Number of Chapter in this Subject | 15 |
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Bihar Board Class 11th Physics (भौतिक विज्ञान) Chapter 15 (तरंगें) Solutions
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1. तरंग क्या है? तरंग के विभिन्न प्रकारों के नाम लिखें।
एक तरंग एक विक्षोभ या कंपन है जो ऊर्जा को एक स्थान से दूसरे स्थान तक स्थानांतरित करती है, बिना पदार्थ के स्थायी स्थानांतरण के। तरंगें माध्यम के कणों के दोलन के कारण उत्पन्न होती हैं।
तरंगों के प्रमुख प्रकार:
- यांत्रिक तरंगें: इन्हें संचरण के लिए एक भौतिक माध्यम (जैसे वायु, जल, ठोस) की आवश्यकता होती है। उदाहरण: ध्वनि तरंगें, जल की तरंगें।
- विद्युत चुम्बकीय तरंगें: इन्हें संचरण के लिए किसी भौतिक माध्यम की आवश्यकता नहीं होती; ये निर्वात में भी चल सकती हैं। उदाहरण: प्रकाश, रेडियो तरंगें, एक्स-रे।
- अनुदैर्ध्य तरंगें: इनमें माध्यम के कणों का कंपन तरंग संचरण की दिशा के समानांतर होता है। उदाहरण: ध्वनि तरंगें।
- अनुप्रस्थ तरंगें: इनमें माध्यम के कणों का कंपन तरंग संचरण की दिशा के लंबवत होता है। उदाहरण: डोरी पर तरंग, प्रकाश तरंगें।
2. अनुदैर्ध्य तथा अनुप्रस्थ तरंगों में अंतर स्पष्ट करें।
| आधार | अनुदैर्ध्य तरंग | अनुप्रस्थ तरंग |
|---|---|---|
| कणों के कंपन की दिशा | माध्यम के कण तरंग संचरण की दिशा के समानांतर कंपन करते हैं। | माध्यम के कण तरंग संचरण की दिशा के लंबवत कंपन करते हैं। |
| उदाहरण | ध्वनि तरंगें, स्प्रिंग पर दबाव तरंग। | डोरी पर तरंग, प्रकाश तरंग, जल की सतह पर तरंग। |
| माध्यम | ठोस, द्रव और गैस तीनों में संचरित हो सकती हैं। | आमतौर पर केवल ठोस और द्रवों की सतह पर; गैसों में नहीं (क्योंकि गैसें अपरूपण प्रतिबल सहन नहीं कर सकतीं)। |
| तरंग रूप | संपीडन और विरलन के क्षेत्र बनते हैं। | शिखर (क्रेस्ट) और गर्त (ट्रफ) बनते हैं। |
| ध्रुवण | ध्रुवित नहीं की जा सकतीं। | ध्रुवित की जा सकती हैं। |
3. तरंगदैर्ध्य, आवृत्ति, आयाम तथा वेग को परिभाषित करें। इनके बीच संबंध लिखें।
परिभाषाएँ:
- तरंगदैर्ध्य (λ): तरंग में दो क्रमागत समान कला के बिंदुओं (जैसे दो शिखरों या दो गर्तों) के बीच की दूरी। इसका SI मात्रक मीटर (m) है।
- आवृत्ति (ν): एक सेकंड में किसी निश्चित बिंदु से गुजरने वाली पूर्ण तरंगों की संख्या। इसका SI मात्रक हर्ट्ज़ (Hz) है।
- आयाम (A): माध्यम के कण के माध्य स्थिति से अधिकतम विस्थापन। यह तरंग की तीव्रता से संबंधित है।
- वेग (v): वह दर जिससे तरंग का एक विशेष कला (जैसे शिखर) माध्यम में गति करता है। इसका SI मात्रक मीटर प्रति सेकंड (m/s) है।
संबंध: तरंग का वेग (v), उसकी आवृत्ति (ν) और तरंगदैर्ध्य (λ) का गुणनफल होता है।
v = ν × λ
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
1. अनुप्रस्थ तरंगें संचरित हो सकती हैं:
स्पष्टीकरण: सामान्यतः अनुप्रस्थ तरंगें केवल ठोसों और द्रवों में संचरित होती हैं क्योंकि इनमें अपरूपण प्रतिबल उत्पन्न होता है जिसे गैसें सहन नहीं कर पातीं। हालाँकि, विद्युत चुम्बकीय तरंगें (जो अनुप्रस्थ हैं) निर्वात सहित सभी माध्यमों में चल सकती हैं। दिए गए विकल्पों के संदर्भ में, सबसे उपयुक्त उत्तर (C) है, लेकिन प्रश्न के संदर्भ के अनुसार, यदि केवल यांत्रिक तरंगों की बात हो रही है तो (C) सही है।
2. ध्वनि तरंगें हैं:
स्पष्टीकरण: ध्वनि तरंगें यांत्रिक तरंगें हैं जिनमें माध्यम के कण संपीडन और विरलन बनाते हुए, तरंग संचरण की दिशा के समानांतर कंपन करते हैं। इसलिए ये अनुदैर्ध्य तरंगें होती हैं।
3. तरंग का वेग निर्भर करता है:
स्पष्टीकरण: किसी दिए गए माध्यम में तरंग का वेग उस माध्यम के भौतिक गुणों जैसे लोच (Elasticity) और जड़त्व (Inertia या घनत्व) पर निर्भर करता है। आवृत्ति स्रोत द्वारा निर्धारित होती है, और तरंगदैर्ध्य सूत्र v = νλ के द्वारा वेग और आवृत्ति से निकलती है।
4. निम्नलिखित में से कौन-सी विद्युत चुम्बकीय तरंग नहीं है?
स्पष्टीकरण: विद्युत चुम्बकीय तरंगें विद्युत और चुंबकीय क्षेत्रों के दोलन से बनती हैं और इन्हें संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता नहीं होती। एक्स-रे, पराबैंगनी किरणें और रेडियो तरंगें इसी के उदाहरण हैं। ध्वनि तरंगें यांत्रिक तरंगें हैं जिन्हें चलने के लिए एक भौतिक माध्यम (वायु, जल आदि) चाहिए।