Bihar Board Class 11th Physics (भौतिक विज्ञान) Chapter 9 (ठोसों के यांत्रिक गुण) Solutions
Bihar Board Class 11th Physics (भौतिक विज्ञान) Chapter 9 (ठोसों के यांत्रिक गुण) Solutions
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प्रश्न 1. 4.7 9 लम्बे व 3.0 ५: 10* 17? अनुप्रस्थ काट के स्टील के तार तथा 3.5 10 लम्बे व 4.0 ८105 17? अनुप्रस्थ काट के ताँबे के तार पर दिए गए समान परिमाण के भारों को लटकाने पर उनकी लम्बाइयों में समान वृद्धि होती है। स्टील तथा ताँबे के यंग प्रत्यास्थता गुणांकों में क्या अनुपात है?
हल:
दिया गया है:
स्टील के तार के लिए:
लम्बाई (Ls) = 4.7 m
अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल (As) = 3.0 × 10-5 m²
ताँबे के तार के लिए:
लम्बाई (Lc) = 3.5 m
अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल (Ac) = 4.0 × 10-5 m²
माना लगाया गया भार = F है। दोनों तारों में लम्बाई वृद्धि (ΔL) समान है।
यंग प्रत्यास्थता गुणांक (Y) = (प्रतिबल) / (विकृति) = (F/A) / (ΔL/L) = (F × L) / (A × ΔL)
स्टील के लिए: Ys = (F × Ls) / (As × ΔL)
ताँबे के लिए: Yc = (F × Lc) / (Ac × ΔL)
अनुपात निकालने पर:
Ys / Yc = [ (F × Ls) / (As × ΔL) ] / [ (F × Lc) / (Ac × ΔL) ] = (Ls × Ac) / (Lc × As)
मान रखने पर:
Ys / Yc = (4.7 × 4.0 × 10-5) / (3.5 × 3.0 × 10-5) = (18.8) / (10.5) ≈ 1.79
अतः स्टील तथा ताँबे के यंग प्रत्यास्थता गुणांकों का अनुपात 1.79 : 1 है।
प्रश्न 2. नीचे चित्र में किसी दिए गए पदार्थ के लिए प्रतिबल-विकृति वक्र दर्शाया गया है। इस पदार्थ के लिए (9) यंग प्रत्यास्थता गुणांक, तथा (०) सन्निकट पराभव सामर्थ्य क्या है?
हल:
प्रतिबल-विकृति वक्र के प्रारंभिक सीधे भाग की ढाल यंग प्रत्यास्थता गुणांक देती है। सन्निकट पराभव सामर्थ्य वह अधिकतम प्रतिबल है जिसे पदार्थ स्थायी विरूपण के बिना सहन कर सकता है।
(क) यंग प्रत्यास्थता गुणांक:
ग्राफ से, वक्र का रैखिक भाग बिंदु (विकृति = 0.002, प्रतिबल = 150 × 10⁶ N/m²) से गुजरता है।
यंग गुणांक (Y) = प्रतिबल / विकृति = (150 × 10⁶ N/m²) / (0.002) = 7.5 × 10¹⁰ N/m²
(ख) सन्निकट पराभव सामर्थ्य:
ग्राफ पर, प्रतिबल का अधिकतम मान जहाँ वक्र अचानक मुड़ता है, वह लगभग 300 × 10⁶ N/m² है।
अतः सन्निकट पराभव सामर्थ्य = 3.0 × 10⁸ N/m²
प्रश्न 3. दो पदार्थों 4 तथा 7 के लिए प्रतिबल-बिकृति ग्राफ चित्र में दर्शाए गए हैं। विकृति (9) इन ग्राफों को एक ही पैमाना मानकर खींचा गया है। (a) किसी पदार्थ का यंग प्रत्यास्थता गुणांक अधिक है? (9) दोनों पदार्थों में कौन अधिक मजबूत है?
हल:
(क) यंग प्रत्यास्थता गुणांक:
यंग गुणांक प्रतिबल-विकृति वक्र के प्रारंभिक रैखिक भाग की ढाल के बराबर होता है। चूँकि ग्राफ A का ढाल ग्राफ B के ढाल से अधिक है, इसलिए पदार्थ A का यंग प्रत्यास्थता गुणांक अधिक है।
(ख) मजबूती:
किसी पदार्थ की मजबूती उसके फ्रैक्चर (टूटने) से पहले सहन किए जा सकने वाले अधिकतम प्रतिबल से मापी जाती है। ग्राफ से स्पष्ट है कि पदार्थ A का फ्रैक्चर बिंदु पदार्थ B की तुलना में अधिक प्रतिबल पर है। अतः पदार्थ A, पदार्थ B से अधिक मजबूत है।
प्रश्न 4. निम्नलिखित दो कथनों को ध्यान से पढ़िये और कारण सहित बताइये कि बे सत्य हैं या असत्य (४) इस्पात की अपेक्षा रबड़ का यंग गुणांक अधिक है; (9) किसी कुण्डली का तनन उसके अपरूपण गुणांक से निर्धारित होता है।
हल:
(क) कथन: "इस्पात की अपेक्षा रबड़ का यंग गुणांक अधिक है।"
उत्तर: यह कथन असत्य है।
कारण: यंग गुणांक किसी पदार्थ की कठोरता का माप है। समान विकृति उत्पन्न करने के लिए इस्पात में रबड़ की तुलना में बहुत अधिक प्रतिबल लगाना पड़ता है। इसका अर्थ है कि इस्पात का यंग गुणांक रबड़ के यंग गुणांक से बहुत अधिक होता है।
(ख) कथन: "किसी कुण्डली का तनन उसके अपरूपण गुणांक से निर्धारित होता है।"
उत्तर: यह कथन सत्य है।
कारण: जब किसी कुण्डली (स्प्रिंग) को खींचा जाता है, तो उसके तार में मुख्य रूप से अपरूपण विरूपण होता है, न कि लम्बाई या आयतन में परिवर्तन। तार मुड़ता (twist) है। चूँकि अपरूपण विरूपण का गुणांक ही अपरूपण गुणांक (rigidity modulus) होता है, इसलिए कुण्डली का तनन या दृढ़ता उसके अपरूपण गुणांक पर निर्भर करती है।
प्रश्न 5. 0.25 ८७ व्यास के दो तार, जिनमें एक इस्पात का तथा ही दूसरा पीतल का है, चित्र के अनुसार भारित हैं। बिना भार लटकाये 1.5m इस्पात तथा ater A AN Ht CAA SHAT: 1.5 m TA 1.0 m इस्पात हैं। यदि इस्पात तथा पीतल के यंग गुणांक क्रमश: 2.0 107 ए2 तथा. [14०७६ 0.91 » 107 7 हों तो इस्पात तथा पीतल के तारों में विस्तार की 1m पीतल गणना कीजिए। छल 6.0 kg
हल:
दिया गया है:
प्रत्येक तार का व्यास (d) = 0.25 cm = 0.0025 m
∴ त्रिज्या (r) = d/2 = 0.00125 m
अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल (A) = πr² = 3.14 × (0.00125)² ≈ 4.906 × 10⁻⁶ m²
इस्पात के तार के लिए:
लम्बाई (Ls) = 1.5 m
यंग गुणांक (Ys) = 2.0 × 10¹¹ Pa
इस्पात के तार पर कुल भार (Fs) = (4 kg + 6 kg) × g = 10 kg × 9.8 m/s² = 98 N
लम्बाई वृद्धि (ΔLs) = (Fs × Ls) / (A × Ys)
ΔLs = (98 × 1.5) / (4.906 × 10⁻⁶ × 2.0 × 10¹¹)
ΔLs ≈ (147) / (9.812 × 10⁵) ≈ 1.498 × 10⁻⁴ m (या लगभग 0.15 mm)
पीतल के तार के लिए:
लम्बाई (Lb) = 1.0 m
यंग गुणांक (Yb) = 0.91 × 10¹¹ Pa
पीतल के तार पर कुल भार (Fb) = 6 kg × g = 6 × 9.8 = 58.8 N
लम्बाई वृद्धि (ΔLb) = (Fb × Lb) / (A × Yb)
ΔLb = (58.8 × 1.0) / (4.906 × 10⁻⁶ × 0.91 × 10¹¹)
ΔLb ≈ (58.8) / (4.464 × 10⁵) ≈ 1.317 × 10⁻⁴ m (या लगभग 0.13 mm)
अतः इस्पात के तार में विस्तार ≈ 1.5 × 10⁻⁴ m तथा पीतल के तार में विस्तार ≈ 1.3 × 10⁻⁴ m है।
प्रश्न 6. एल्युमीनियम के किसी घन के किनारे 10 ०॥ लम्बे हैं। इसकी एक फलक किसी ऊर्घ्वाघर दीवार से कसकर जड़ी हुई है। इस घन के सम्मुख फलक से 100 1८४ का द्रव्यमान जोड़ दिया गया है। एल्युमीनियम का अपरूपण गुणांक 25 ५78 है। इस फलक का ऊर्ध्वाघर विस्थापन कितना होगा?
हल:
दिया गया है:
घन की भुजा (L) = 10 cm = 0.1 m
प्रत्येक फलक का क्षेत्रफल (A) = L² = (0.1)² = 0.01 m²
जोड़ा गया द्रव्यमान (m) = 100 kg
∴ लगाया गया स्पर्शीय बल (F) = m × g = 100 × 9.8 = 980 N
एल्युमीनियम का अपरूपण गुणांक (G) = 25 GPa = 25 × 10⁹ N/m²
अपरूपण प्रतिबल (τ) = F/A = 980 N / 0.01 m² = 9.8 × 10⁴ N/m²
अपरूपण गुणांक (G) = अपरूपण प्रतिबल (τ) / अपरूपण विकृति (θ)
∴ अपरूपण विकृति (θ) = τ / G = (9.8 × 10⁴) / (25 × 10⁹) = 3.92 × 10⁻⁶
अपरूपण विकृति (θ) = ऊर्ध्वाधर विस्थापन (Δx) / लम्बाई (L)
∴ ऊर्ध्वाधर विस्थापन (Δx) = θ × L = (3.92 × 10⁻⁶) × 0.1
Δx = 3.92 × 10⁻⁷ m
अतः फलक का ऊर्ध्वाधर विस्थापन 3.92 × 10⁻⁷ मीटर होगा।
प्रश्न 7. मृदु इस्पात के चार समरूप खोखले बेलनाकार स्तम्भ 50000 1६६ द्रव्यमान के किसी बड़े ढाँचे को आधार दिए हुए हैं। प्रत्येक स्तम्म की भीतरी तथा बाहरी त्रिज्याएँ क्रमशः 30 cm तथा 60 ८॥; हैं। भार वितरण को एकसमान मानते हुए प्रत्येक स्तम्भ का संपीडन विकृति की गणना कीजिए।
हल:
दिया गया है:
ढाँचे का कुल द्रव्यमान (M) = 50000 kg
∴ कुल भार (W) = M × g = 50000 × 9.8 = 490000 N
स्तम्भों की संख्या = 4
प्रत्येक स्तम्भ पर भार (F) = कुल भार / 4 = 490000 / 4 = 122500 N
प्रत्येक स्तम्भ की भीतरी त्रिज्या (r1) = 30 cm = 0.3 m
प्रत्येक स्तम्भ की बाहरी त्रिज्या (r2) = 60 cm = 0.6 m
स्तम्भ के अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल (A) = π(r2² - r1²) = 3.14 × [(0.6)² - (0.3)²]
A = 3.14 × [0.36 - 0.09] = 3.14 × 0.27 = 0.8478 m²
मृदु इस्पात का यंग गुणांक (Y) = 2 × 10¹¹ Pa (माना)
संपीडन प्रतिबल = F/A = 122500 N / 0.8478 m² ≈ 144500 N/m²
यंग गुणांक (Y) = संपीडन प्रतिबल / संपीडन विकृति
∴ संपीडन विकृति = संपीडन प्रतिबल / Y = 144500 / (2 × 10¹¹)
संपीडन विकृति = 7.225 × 10⁻⁷
अतः प्रत्येक स्तम्भ की संपीडन विकृति लगभग 7.23 × 10⁻⁷ है।
प्रश्न 8. ताँबे का एक टुकड़ा, जिसका अनुप्रस्थ परिच्छेद 15.2 7170 3८ 19.1 पाए का है, 44500 1९ बल के तनाव से खींचा जाता है, जिससे केवल प्रत्यास्थ विरूपण उत्पन्न हो। उत्पन्न विकृति की गणना कीजिए।
हल:
दिया गया है:
अनुप्रस्थ काट के आयाम = 15.2 mm × 19.1 mm
∴ क्षेत्रफल (A) = 15.2 × 10⁻³ m × 19.1 × 10⁻³ m = (290.32 × 10⁻⁶) m² = 2.9032 × 10⁻⁴ m²
आरोपित तनाव बल (F) = 44500 N
ताँबे का यंग गुणांक (Y) = 1.1 × 10¹¹ N/m²
अनुदैर्ध्य प्रतिबल = F/A = 44500 / (2.9032 × 10⁻⁴) ≈ 1.533 × 10⁸ N/m²
यंग गुणांक (Y) = प्रतिबल / विकृति
∴ उत्पन्न विकृति = प्रतिबल / Y = (1.533 × 10⁸) / (1.1 × 10¹¹)
विकृति ≈ 1.394 × 10⁻³ या 0.001394
अतः उत्पन्न विकृति लगभग 0.00139 है।
प्रश्न 9. 1.5 ८४ त्रिज्या का एक इस्पात का केबिल भार उठाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यदि इस्पात के लिए अधिकतम अनुज्ञेय प्रतिबल 10% 1५/७, है तो उस अधिकतम भार की गणना कीजिए जिसे केबिल उठा सकता है।
हल:
दिया गया है:
केबिल की त्रिज्या (r) = 1.5 cm = 0.015 m
अधिकतम अनुज्ञेय प्रतिबल = 10⁸ N/m²
केबिल के अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल (A) = πr² = 3.14 × (0.015)²
A = 3.14 × 0.000225 = 7.065 × 10⁻⁴ m²
अधिकतम प्रतिबल = अधिकतम भार (Fmax) / क्षेत्रफल (A)
∴ Fmax = अधिकतम प्रतिबल × A = 10⁸ N/m² × 7.065 × 10⁻⁴ m²
Fmax = 7.065 × 10⁴ N
इस भार का द्रव्यमान (m) = Fmax / g = (7.065 × 10⁴) / 9.8 ≈ 7210 kg
अतः केबिल द्वारा उठाया जा सकने वाला अधिकतम भार लगभग 7.07 × 10⁴ N (या लगभग 7200 kg द्रव्यमान) है।
प्रश्न 10. 15 ६६६ द्रव्यमान की एक दृढ़ पट्टी को तीन तारों, जिनमें प्रत्येक की लम्बाई 2 91 है, से सममित लटकाया गया है। सिरों के दोनों तार ताँबे के हैं तथा बीच वाला लोहे का है। तारों के व्यासों के अनुपात निकालिए, प्रत्येक पर तनाव उतना ही रहना चाहिए।
हल:
दिया गया है:
पट्टी का द्रव्यमान (m) = 15 kg
प्रत्येक तार की लम्बाई (L) = 2 m (सभी के लिए समान)
ताँबे का यंग गुणांक (YCu) = 1.1 × 10¹¹ Pa
लोहे (इस्पात) का यंग गुणांक (YFe) = 1.9 × 10¹¹ Pa (माना)
चूँकि पट्टी सममित रूप से लटकी है और प्रत्येक तार पर तनाव (F) समान है, इसलिए प्रत्येक तार में उत्पन्न विकृति (ΔL/L) भी समान होगी।
यंग गुणांक (Y) = प्रतिबल / विकृति = (F/A) / (ΔL/L)
चूँकि F और ΔL/L सभी तारों के लिए समान हैं, इसलिए:
Y ∝ 1/A या A ∝ 1/Y
चूँकि तार का अनुप्रस्थ क्षेत्रफल (A) व्यास (d) के वर्ग के समानुपाती होता है (A = πd²/4),
∴ d² ∝ A ∝ 1/Y या d ∝ 1/√Y
माना ताँबे के तार का व्यास = dCu और लोहे के तार का व्यास = dFe
तब, dCu / dFe = √(YFe / YCu)
मान रखने पर:
dCu / dFe = √[ (1.9 × 10¹¹) / (1.1 × 10¹¹) ] = √(1.9 / 1.1) = √(1.727) ≈ 1.314
अतः ताँबे के तार और लोहे के तार के व्यासों का अनुपात dCu : dFe ≈ 1.314 : 1 है।
दोनों ताँबे के तार एक ही व्यास के होंगे।
प्रश्न 11. एक मीटर अतानित लम्बाई के इस्पात के तार के एक सिरे से 14.5 ४8 का द्रव्यमान बाँध कर उसे एक ऊर्ध्वाधर वृत्त में घुमाया जाता है, बृत्त की तली पर उसका कोणीय वेग 2 ॥०४/७ है। तार के अनुप्रस्थ परिच्छेद का क्षेत्रफल 0.065 ०7: है। तार में विस्तार की गणना कीजिए जब द्रव्यमान अपने पथ के निम्नतम बिन्दु पर है।
हल: दिया गया है:
तार की लम्बाई (l) = 1 m
द्रव्यमान (m) = 14.5 kg
कोणीय वेग (ω) = 2 rev/s = 2 × 2π rad/s = 4π rad/s
अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल (A) = 0.065 cm² = 0.065 × 10⁻⁴ m² = 6.5 × 10⁻⁶ m²
इस्पात का यंग गुणांक (Y) = 2 × 10¹¹ N/m²
निम्नतम बिन्दु पर, तनाव बल (T) = mg + mlω²
T = (14.5 × 9.8) + (14.5 × 1 × (4π)²)
π² ≈ 9.87 लेने पर, (4π)² = 16π² ≈ 16 × 9.87 = 157.92
T = 142.1 + (14.5 × 157.92) = 142.1 + 2289.84 = 2431.94 N
यंग गुणांक के सूत्र से: Y = (T/A) / (Δl/l)
इसलिए, Δl = (T × l) / (A × Y)
Δl = (2431.94 × 1) / (6.5 × 10⁻⁶ × 2 × 10¹¹)
Δl = 2431.94 / (13 × 10⁵) = 2431.94 / 1,300,000 ≈ 1.87 × 10⁻³ m = 1.87 mm
अतः तार में विस्तार ≈ 1.87 mm है।
प्रश्न 12. नीचे दिए गए आँकड़ों से जल का आयतन प्रत्यास्था गुणांक ज्ञात कीजिए; प्रारम्भिक आयतन - 100.0 1,, दाब में वृद्धि - 100.0 &91 (1 ध्वणा र 1.013 ३८ 10 Pa), अन्तिम आयतन - 100.5 1, नियत ताप पर जल तथा वायु के आयतन प्रत्यास्थता गुणकों की तुलना कीजिए। सरल शब्दों में समझाइये कि यह अनुपात इतना अधिक क्यों है।
हल: दिया गया है:
प्रारम्भिक आयतन (V) = 100.0 L = 100.0 × 10⁻³ m³ = 0.1 m³
दाब वृद्धि (ΔP) = 100.0 atm = 100.0 × 1.013 × 10⁵ Pa = 1.013 × 10⁷ Pa
अन्तिम आयतन = 100.5 L
आयतन में परिवर्तन (ΔV) = 100.5 - 100.0 = 0.5 L = 0.5 × 10⁻³ m³ = 5 × 10⁻⁴ m³
आयतन प्रत्यास्थता गुणांक (K) = – (ΔP × V) / ΔV
K = – (1.013 × 10⁷ × 0.1) / (5 × 10⁻⁴)
K = – (1.013 × 10⁶) / (5 × 10⁻⁴) = – 2.026 × 10⁹ Pa
ऋणात्मक चिह्न संपीडन को दर्शाता है, परिमाण में K = 2.026 × 10⁹ Pa
वायु का आयतन प्रत्यास्थता गुणांक (K_air) ≈ 1.0 × 10⁵ Pa (समतापी प्रक्रम के लिए)
अनुपात = K_water / K_air = (2.026 × 10⁹) / (1.0 × 10⁵) ≈ 2.026 × 10⁴
कारण: यह अनुपात अधिक है क्योंकि द्रवों (जल) में अणुओं के बीच अंतराआणविक बल गैसों (वायु) की तुलना में बहुत अधिक प्रबल होते हैं। गैसों के अणु दूर-दूर होते हैं और आसानी से संपीडित हो जाते हैं, जबकि द्रव संपीडन के प्रति बहुत अधिक प्रतिरोधी होते हैं।
प्रश्न 13. जल का घनत्व उस गहराई पर, जहाँ दाब 80.0 ४६७ हो, कितना होगा? दिया गया है कि पृष्ठ पर जल FT SAT 1.03x 10° ke/m* जल की संपीड्यता 45.8. 1077 एश्चन7, (1 ए७ 5 1 पा?)
हल: दिया गया है:
सतह पर घनत्व (ρ) = 1.03 × 10³ kg/m³
दाब वृद्धि (ΔP) = 80.0 atm = 80.0 × 1.013 × 10⁵ Pa = 8.104 × 10⁶ Pa
जल की संपीड्यता (β) = 45.8 × 10⁻¹¹ Pa⁻¹
आयतन प्रत्यास्थता गुणांक (K) = 1/β = 1/(45.8 × 10⁻¹¹) ≈ 2.183 × 10⁹ Pa
माना द्रव्यमान m है। सतह पर आयतन V = m/ρ
गहराई पर दाब बढ़ने से आयतन घटकर V' हो जाता है।
आयतन में भिन्नात्मक कमी: ΔV/V = ΔP / K = (8.104 × 10⁶) / (2.183 × 10⁹) ≈ 0.003712
इसलिए, V' = V (1 – 0.003712) = 0.996288 V
घनत्व ρ' = m/V' = m / (0.996288 V) = (m/V) / 0.996288 = ρ / 0.996288
ρ' = (1.03 × 10³) / 0.996288 ≈ 1.034 × 10³ kg/m³
अतः दी गई गहराई पर जल का घनत्व ≈ 1.034 × 10³ kg/m³ है।
प्रश्न 14. काँच के स्लेब पर 10 ४६० का जलीय दाब लगाने पर उसके ae A भिन्नात्मक अन्तर की गणना कीजिए।
हल: दिया गया है:
दाब (P) = 10 atm = 10 × 1.013 × 10⁵ Pa = 1.013 × 10⁶ Pa
काँच का आयतन प्रत्यास्थता गुणांक (K) = 37 × 10⁹ N/m²
आयतन में भिन्नात्मक परिवर्तन = ΔV/V = P / K
ΔV/V = (1.013 × 10⁶) / (37 × 10⁹) = 1.013 / (37 × 10³) ≈ 2.74 × 10⁻⁵
अतः आयतन में भिन्नात्मक कमी ≈ 2.74 × 10⁻⁵ है।
प्रश्न 15. ताबे के एक ठोस घन का एक किनारा 10 ०७ का है। इस पर 7» 10" ९७ का जलीय दाब लगाने पर इसके आयतन में संकुचन निकालिए।
हल: दिया गया है:
घन की भुजा (a) = 10 cm = 0.1 m
घन का आयतन (V) = a³ = (0.1)³ = 0.001 m³ = 1 × 10⁻³ m³
दाब (P) = 7 × 10⁶ Pa
ताँबे का आयतन प्रत्यास्थता गुणांक (K) = 140 × 10⁹ Pa
आयतन में संकुचन ΔV = (P × V) / K
ΔV = (7 × 10⁶ × 1 × 10⁻³) / (140 × 10⁹)
ΔV = (7 × 10³) / (140 × 10⁹) = 0.05 × 10⁻⁶ m³ = 5 × 10⁻⁸ m³
अतः आयतन में संकुचन = 5 × 10⁻⁸ m³ है।
प्रश्न 16. एक लीटर जल पर दाब में कितना अन्तर किया जाए कि वह 0.10% से संपीडित हो जाए?
हल: दिया गया है:
जल का आयतन (V) = 1 L = 10⁻³ m³
आयतन में भिन्नात्मक परिवर्तन (ΔV/V) = 0.10% = 0.10/100 = 1 × 10⁻³
जल का आयतन प्रत्यास्थता गुणांक (K) = 2.2 × 10⁹ N/m²
आवश्यक दाब परिवर्तन ΔP = K × (ΔV/V)
ΔP = (2.2 × 10⁹) × (1 × 10⁻³) = 2.2 × 10⁶ Pa
अतः दाब में अन्तर = 2.2 × 10⁶ Pa होना चाहिए।
प्रश्न 17. हीरे के एकल क्रिस्टलों में बनी निहाइयों, जिनकी आकृति चित्र में दिखाई गयी है, का उपयोग अति उच्च दाब के अन्तर्गत द्रव्यों के व्यवहार की जाँच के लिए किया जाता है। निहाई के संकीर्ण सिरों पर सपाट फलकों का व्यास 0.8 11170 है। यदि निहाई के चौड़े सिरों पर 50000 ४ का बल लगा हो तो उसकी नोंक पर दाब ज्ञात कीजिए।
हल: दिया गया है:
लगाया गया बल (F) = 50000 N
संकीर्ण सिरे (नोंक) का व्यास (D) = 0.5 mm = 5 × 10⁻⁴ m
नोंक की त्रिज्या (r) = D/2 = 2.5 × 10⁻⁴ m
नोंक का क्षेत्रफल (A) = πr² = π × (2.5 × 10⁻⁴)² = π × 6.25 × 10⁻⁸ m² ≈ 1.9635 × 10⁻⁷ m²
नोंक पर दाब (P) = F / A = 50000 / (1.9635 × 10⁻⁷) ≈ 2.546 × 10¹¹ Pa
अतः नोंक पर दाब ≈ 2.55 × 10¹¹ Pa है।
प्रश्न 18. 1.05 फ लम्बाई तथा नगण्य द्र्यमान की एक छठ के बराबर लम्बाई के दो तारों, एक इस्पात का (तार .4) तथा दूसरा एल्युमीनियम का तार (तार 1) द्वारा सिरों से लटका दिया गया है, जैसाकि चित्र में दिखाया गया है। 4 तथा 2 के तारों के अनुप्रस्थ परिच्छेद के क्षेत्रफल क्रमश; 1.0 9४777 और 2.0 710० हैं। छड़ के किसी बिन्दु से एक द्रव्यमान % को लटका दिया WIG Ce AYA Aa Ue के तारों- में (४) समान प्रतिबल तथा (७) समान बविकृति उत्पन्न हो।
हल: दिया गया है:
छड़ की लम्बाई = 1.05 m
तार A (इस्पात) का अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल (A₁) = 1.0 mm² = 1.0 × 10⁻⁶ m²
तार B (एल्युमीनियम) का अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल (A₂) = 2.0 mm² = 2.0 × 10⁻⁶ m²
इस्पात का यंग गुणांक (Y₁) = 2 × 10¹¹ Pa
एल्युमीनियम का यंग गुणांक (Y₂) = 7.0 × 10¹⁰ Pa
माना द्रव्यमान m को इस्पात के तार (A) से x दूरी पर लटकाया जाता है। तब एल्युमीनियम के तार (B) से दूरी = (1.05 – x) m होगी।
(a) समान प्रतिबल के लिए:
प्रतिबल = बल/क्षेत्रफल। समान प्रतिबल के लिए, F₁/A₁ = F₂/A₂
F₁/F₂ = A₁/A₂ = (1.0 × 10⁻⁶)/(2.0 × 10⁻⁶) = 1/2 ...(i)
छड़ के साम्य में, बलाघूर्ण सिद्धांत से: F₁ × x = F₂ × (1.05 – x)
F₁/F₂ = (1.05 – x)/x ...(ii)
समीकरण (i) और (ii) से: (1.05 – x)/x = 1/2
2(1.05 – x) = x → 2.10 – 2x = x → 3x = 2.10 → x = 0.70 m
अतः द्रव्यमान को इस्पात के तार से 0.70 m की दूरी पर लटकाना चाहिए।
(b) समान विकृति के लिए:
विकृति = प्रतिबल/Y। समान विकृति के लिए, (F₁/A₁)/Y₁ = (F₂/A₂)/Y₂
F₁/F₂ = (A₁Y₁)/(A₂Y₂) = (1.0×10⁻⁶ × 2×10¹¹) / (2.0×10⁻⁶ × 7×10¹⁰)
F₁/F₂ = (2×10⁵) / (1.4×10⁵) = 20/14 = 10/7 ...(iii)
पुनः बलाघूर्ण सिद्धांत से: F₁/F₂ = (1.05 – x)/x ...(iv)
समीकरण (iii) और (iv) से: (1.05 – x)/x = 10/7
7(1.05 – x) = 10x → 7.35 – 7x = 10x → 17x = 7.35 → x = 0.432 m ≈ 0.43 m
अतः द्रव्यमान को इस्पात के तार से लगभग 0.43 m की दूरी पर लटकाना चाहिए।
प्रश्न 19. मृदु इस्पात के एक तार, जिसकी लम्बाई 1.0 10 तथा अनुप्रस्थ परिच्छेद क्षेत्रफल 0.5» 102 ८७ * है, को दो ख्म्भों के बीच क्षैतिज दिशा में प्रत्यास्थ सीमा के अन्दर ही तनित किया जाता है। तार के मध्य बिन्दु से 100 ४ का एक द्रव्यमान लटका दिया जाता है। मध्य बिन्दु पर अवनमन की गणना कीजिए।
हल: दिया गया है:
तार की लम्बाई (L) = 1.0 m
अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल (A) = 0.50 × 10⁻² cm² = 0.50 × 10⁻⁶ m²
द्रव्यमान (m) = 100 g = 0.1 kg
भार (W) = mg = 0.1 × 9.8 = 0.98 N
इस्पात का यंग गुणांक (Y) = 2 × 10¹¹ Pa
जब तार के मध्य बिन्दु से भार लटकाया जाता है, तो अवनमन (δ) सूत्र द्वारा दिया जाता है:
δ = (W L) / (4 A Y) (सन्निकट सूत्र, जब अवनमन छोटा हो)
δ = (0.98 × 1.0) / (4 × 0.50 × 10⁻⁶ × 2 × 10¹¹)
δ = 0.98 / (4 × 1.0 × 10⁵) = 0.98 / (4 × 10⁵) = 2.45 × 10⁻⁶ m
यह मान बहुत छोटा है, जो दर्शाता है कि तार बहुत कम झुकता है।
अतः मध्य बिन्दु पर अवनमन ≈ 2.45 × 10⁻⁶ m है।
प्रश्न 20. धातु के दो पहियों के सिरों को चार रिवेट से आपस में जोड़ दिया गया है। प्रत्येक रिवेट 6 7077 है। यदि रिवेट पर अपरूपण प्रतिबल 6.9) 10" ९४ से अधिक नहीं बढ़ना हो तो रिवेट की हुई पट्टी द्वारा आरोपित तनाव का अधिकतम मान कितना होगा? मान लीजिए कि प्रत्येक रिवेट एक चौड़ाई भार वहन
हल: दिया गया है:
प्रत्येक रिवेट का व्यास (d) = 6.0 mm = 6.0 × 10⁻³ m
त्रिज्या (r) = d/2 = 3.0 × 10⁻³ m
अधिकतम अनुमेय अपरूपण प्रतिबल (τ_max) = 6.9 × 10⁷ Pa
रिवेटों की संख्या (n) = 4
एक रिवेट का अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल (A) = πr² = π × (3.0 × 10⁻³)² ≈ 2.827 × 10⁻⁵ m²
एक रिवेट द्वारा सहने योग्य अधिकतम अपरूपण बल = τ_max × A = 6.9 × 10⁷ × 2.827 × 10⁻⁵ ≈ 1950.63 N
चूँकि चार रिवेट हैं और प्रत्येक समान भार वहन करता है, कुल अधिकतम तनाव बल (F_max) = n × (एक रिवेट का बल)
F_max = 4 × 1950.63 ≈ 7802.5 N
अतः पट्टी द्वारा आरोपित अधिकतम तनाव ≈ 7.80 × 10³ N हो सकता है।
अध्याय 9: ठोसों के यांत्रिक गुण
प्रश्न 21. प्रशान्त महासागर में स्थित मैरिना नामक खाई एक स्थान पर पानी की सतह से 11 km नीचे चली जाती है और उस खाई में नीचे तक 0.32 m³ आयतन के इस्पात के एक गोला गिराया जाता है तो गोले के आयतन में परिवर्तन की गणना करें। खाई के तल पर जल का दाब 1.1 × 10⁸ Pa है और इस्पात का आयतन गुणांक 160 GPa है।
हल:
दिया गया है:
खाई की गहराई, \( h = 11 \, \text{km} = 11 \times 10^3 \, \text{m} \)
खाई के तल पर दाब, \( P = 1.1 \times 10^8 \, \text{Pa} \)
गोले का प्रारंभिक आयतन, \( V = 0.32 \, \text{m}^3 \)
इस्पात का आयतन प्रत्यास्थता गुणांक, \( K = 160 \, \text{GPa} = 160 \times 10^9 \, \text{Pa} \)
आयतन प्रत्यास्थता गुणांक का सूत्र है:
\( K = \frac{P}{\left( \frac{\Delta V}{V} \right)} \)
जहाँ \( \Delta V \) आयतन में परिवर्तन है।
इस सूत्र को पुनर्व्यवस्थित करने पर:
\( \Delta V = \frac{P \times V}{K} \)
अब दिए गए मान रखते हैं:
\( \Delta V = \frac{(1.1 \times 10^8) \times 0.32}{160 \times 10^9} \)
\( \Delta V = \frac{3.52 \times 10^7}{1.6 \times 10^{11}} \)
\( \Delta V = 2.2 \times 10^{-4} \, \text{m}^3 \)
अतः, गहरे समुद्र के अत्यधिक दाब के कारण इस्पात के गोले के आयतन में 2.2 × 10⁻⁴ m³ की कमी (संपीडन) होगी।
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