Bihar Board Class 10th Social Science (खण्ड-क) Chapter 1E शक्ति (ऊर्जा) संसाधन) Solutions
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| Board Name | Bihar Board of Secondary Education |
| Class | Class 10th |
| Content Type | Solution |
| Solution for | Class 10th students |
| Subject | Social Science (खण्ड-क) |
| Chapter Name | Chapter 1E शक्ति (ऊर्जा) संसाधन) |
| Total Number of Chapter in this Subject | 14 |
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Bihar Board Class 10th Social Science (खण्ड-क) Chapter 1E शक्ति (ऊर्जा) संसाधन) Solutions
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Bihar Board Class 10 Social Science (Geography) Solutions
Chapter 1E: शक्ति (ऊर्जा) संसाधन
प्रश्न 1. किस राज्य में खनिज तेल का विशाल भंडार स्थित है ? (क) असम (ख) राजस्थान (ग) बिहार (घ) तमिलनाडु
उत्तर- (क) असम
भारत में खनिज तेल का सबसे पुराना और विशाल भंडार असम राज्य में स्थित है। यहाँ डिगबोई, नहरकटिया और मोरन जैसे प्रमुख तेल क्षेत्र हैं जहाँ से देश का एक बड़ा हिस्सा पेट्रोलियम उत्पादन होता है।
प्रश्न 2. भारत के किस स्थान पर पहला परमाणु ऊर्जा स्टेशन स्थापित किया गया था ? (क) कलपक्कम (ख) नरोरा (ग) राणाप्रताप सागर (घ) तारापुर
उत्तर- (घ) तारापुर
भारत का पहला परमाणु ऊर्जा स्टेशन तारापुर (महाराष्ट्र) में स्थापित किया गया था। इसकी स्थापना वर्ष 1969 में हुई थी और यह आज भी देश की परमाणु ऊर्जा आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
प्रश्न 3. कौन-सा ऊर्जा स्रोत अनवीकरणीय है ? (क) जल (ख) सौर (ग) कोयला (घ) पवन
उत्तर- (ग) कोयला
कोयला एक अनवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है क्योंकि इसका निर्माण लाखों वर्षों में हुआ और एक बार उपयोग के बाद इसे दोबारा नहीं बनाया जा सकता। जल, सौर और पवन ऊर्जा प्राकृतिक रूप से लगातार पुनः प्राप्त होती रहती हैं, इसलिए वे नवीकरणीय हैं।
प्रश्न 4. प्राथमिक ऊर्जा का उदाहरण वहीं है (क) कोयला (ख) विद्युत (ग) पेट्रोलियम (घ) प्राकृतिक गैस
उत्तर- (ख) विद्युत
विद्युत एक द्वितीयक ऊर्जा स्रोत है, प्राथमिक नहीं। प्राथमिक ऊर्जा स्रोत वे हैं जो प्रकृति से सीधे प्राप्त होते हैं, जैसे कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस। विद्युत इन प्राथमिक स्रोतों को परिवर्तित करके प्राप्त की जाती है।
प्रश्न 5. ऊर्जा का गैर-पारम्परिक स्रोत है (क) कोयला (ख) विद्युत (ग) पेट्रोलियम (घ) सौर-ऊर्जा
उत्तर- (घ) सौर-ऊर्जा
सौर-ऊर्जा एक गैर-पारम्परिक ऊर्जा स्रोत है। पारम्परिक स्रोत (जैसे कोयला, पेट्रोलियम) सीमित हैं और प्रदूषण फैलाते हैं, जबकि सौर ऊर्जा अक्षय, स्वच्छ और भविष्य के लिए टिकाऊ विकल्प है।
प्रश्न 6. गोण्डवाना समूह के कोयले का निर्माण हुआ था (क) 20 करोड़ वर्ष पूर्व (ख) 20 लाख वर्ष पूर्व (ग) 20 हजार वर्ष पूर्व (घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर- (क) 20 करोड़ वर्ष पूर्व
गोण्डवाना समूह के कोयले का निर्माण लगभग 20 करोड़ (200 मिलियन) वर्ष पूर्व हुआ था। यह कोयला प्राचीन वनस्पतियों के दबने और लाखों वर्षों के दबाव व ताप के प्रभाव से बना था।
प्रश्न 7. भारत में कोयले का सर्वप्रमुख उत्पादक राज्य है (क) पश्चिम बंगाल (ख) झारखण्ड (ग) उड़ीसा (घ) छत्तीसगढ़
उत्तर- (ख) झारखण्ड
झारखण्ड राज्य भारत में कोयले का सबसे बड़ा उत्पादक है। यहाँ झरिया, बोकारो, गिरीडीह जैसे देश के सबसे समृद्ध कोयला क्षेत्र स्थित हैं, जो देश की कोयला आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा पूरा करते हैं।
प्रश्न 8. सर्वोत्तम कोयले का प्रकार कौन-सा है ? (क) एन्श्रासाइट (ख) पीट (ग) लिग्राइट (घ) बिटुमिनस
उत्तर- (क) एन्श्रासाइट
एन्थ्रेसाइट (Anthracite) कोयले का सर्वोत्तम प्रकार माना जाता है। इसमें कार्बन की मात्रा सबसे अधिक (80-95%) और नमी व अशुद्धियाँ सबसे कम होती हैं। यह अधिक ताप देता है और कम धुआँ छोड़ता है।
प्रश्न 9. मुम्बई हाई क्यों प्रसिद्ध है? (क) कोयले के निर्यात हेतु (ख) तेल शोधक कारखाना हेतु (ग) खनिज तेल हेतु (घ) परमाणु शक्ति हेतु
उत्तर- (ग) खनिज तेल हेतु
मुम्बई हाई अरब सागर में स्थित एक अपतटीय तेल क्षेत्र है जो खनिज तेल (पेट्रोलियम) और प्राकृतिक गैस के विशाल भंडार के लिए प्रसिद्ध है। यह भारत के प्रमुख तेल उत्पादन क्षेत्रों में से एक है।
प्रश्न 10. भारत का प्रथम तेल शोधक कारखाना कहाँ स्थित है? (क) मथुरा (ख) बरौनी (ग) डिगबोई (घ) गुवाहाटी
उत्तर- (ग) डिगबोई
भारत का पहला तेल शोधक कारखाना (रिफाइनरी) असम के डिगबोई में स्थापित किया गया था। इसकी स्थापना वर्ष 1901 में हुई थी और यह आज भी कार्यरत है।
प्रश्न 11. प्राकृतिक गैस किस खनिज के साथ पाया जाता है? (क) यूरेनियम (ख) पेट्रोलियम (ग) चूना पत्थर (घ) कोयला
उत्तर- (ख) पेट्रोलियम
प्राकृतिक गैस आमतौर पर पेट्रोलियम (खनिज तेल) के साथ ही भूगर्भीय संरचनाओं में पाई जाती है। इसे अक्सर "सहयोगी गैस" कहा जाता है। कभी-कभी यह कोयला खदानों में भी मिल सकती है, लेकिन मुख्य रूप से यह पेट्रोलियम के साथ जुड़ी हुई है।
प्रश्न 12. भाखड़ा नंगल परियोजना किस नदी पर अवस्थित है ? (क) नर्मदा (ख) झेलम (ग) सतलज (घ) व्यास
उत्तर- (ग) सतलज
भाखड़ा नंगल परियोजना, जो भारत की सबसे बड़ी बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं में से एक है, हिमाचल प्रदेश और पंजाब की सीमा पर सतलज नदी पर स्थित है।
प्रश्न 13. दक्षिण भारत की सबसे बड़ी नदी घाटी परियोजना है। (क) तुंगभद्रा (ख) शारवती (ग) चंबल (घ) हिराकुण्ड
उत्तर- (क) तुंगभद्रा
तुंगभद्रा नदी घाटी परियोजना दक्षिण भारत की एक प्रमुख बहुउद्देशीय परियोजना है। यह कर्नाटक और आंध्र प्रदेश की सीमा पर तुंगभद्रा नदी (कृष्णा नदी की सहायक नदी) पर स्थित है और सिंचाई व विद्युत उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 14. ताप विद्युत केन्द्र का उदाहरण है (क) गया (ख) बरौनी (ग) समस्तीपुर (घ) कठिहार
उत्तर- (ख) बरौनी
बरौनी (बिहार) में एक प्रमुख ताप विद्युत केंद्र स्थित है। ताप विद्युत केंद्र वे होते हैं जहाँ कोयला, पेट्रोलियम या प्राकृतिक गैस जलाकर भाप बनाई जाती है, जो टरबाइन घुमाकर बिजली पैदा करती है।
प्रश्न 15. यूरेनियम का प्रमुख उत्पादक स्थल है (क) डिगबोई (ख) झरिया (ग) घाठशिला (घ) जादूगोड़ा
उत्तर- (घ) जादूगोड़ा
जादूगोड़ा (झारखंड) भारत में यूरेनियम का एक प्रमुख उत्पादक स्थल है। यूरेनियम एक रेडियोएक्टिव खनिज है जिसका उपयोग परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में ईंधन के रूप में किया जाता है।
प्रश्न 16. एशिया का सबसे बड़ा परमाणु विद्युत-गृह है। (क) तारापुर (ख) कलपक्कम (ग) नरौरा (घ) कैगा
उत्तर- (क) तारापुर
महाराष्ट्र स्थित तारापुर परमाणु ऊर्जा केंद्र एशिया का सबसे बड़ा परमाणु विद्युत संयंत्र माना जाता है। इसकी स्थापना 1969 में हुई थी और यह कई रिएक्टरों के साथ बड़ी मात्रा में बिजली का उत्पादन करता है।
प्रश्न 17. भारत के किस राज्य में सौर-ऊर्जा के विकास की सर्वाधिक संभावनाएं हैं ? (क) असम (ख) अरुणाचल प्रदेश (ग) राजस्थान (घ) मेघालय
उत्तर- (ग) राजस्थान
राजस्थान में सौर-ऊर्जा के विकास की सर्वाधिक संभावनाएँ हैं क्योंकि यहाँ वर्ष में अधिकांश दिन साफ आसमान और तेज धूप रहती है। थार मरुस्थल का विशाल क्षेत्र सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के लिए आदर्श है।
प्रश्न 18. ज्वारीय एवं तरंग ऊर्जा उत्पादन हेतु भारत में अधिक अनुकूल परिस्थितियाँ कहाँ पाई जाती हैं ? (क) मन्नार की खाड़ी में (ख) खम्भात की खाड़ी में (ग) गंगा नदी में (घ) कोसी नदी में
उत्तर- (ख) खम्भात की खाड़ी में
गुजरात में स्थित खम्भात की खाड़ी (कैम्बे की खाड़ी) में ज्वारीय एवं तरंग ऊर्जा उत्पादन के लिए अधिक अनुकूल परिस्थितियाँ पाई जाती हैं। यहाँ ज्वार-भाटे के दौरान समुद्र के जल स्तर में काफी अंतर आता है, जिसका उपयोग टरबाइन चलाकर बिजली बनाने में किया जा सकता है।
लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1. पारम्परिक एवं गैर-पारम्परिक ऊर्जा स्रोतों के तीन-तीन उदाहरण लिखिए।
उत्तर-
पारम्परिक ऊर्जा स्रोत: ये वे स्रोत हैं जिनका उपयोग लंबे समय से हो रहा है और जो सीमित मात्रा में उपलब्ध हैं।
- कोयला
- पेट्रोलियम (खनिज तेल)
- प्राकृतिक गैस
- सौर ऊर्जा (सूर्य की किरणों से)
- पवन ऊर्जा (हवा से)
- बायोगैस (जैविक कचरे से)
प्रश्न 2. गोण्डवाना समूह के कोयला क्षेत्रों के नाम लिखिए।
उत्तर-
भारत में गोण्डवाना समूह के कोयले के प्रमुख क्षेत्र निम्नलिखित नदी घाटियों में स्थित हैं:
- दामोदर घाटी क्षेत्र: (झारखंड-पश्चिम बंगाल) - यह सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र है।
- सोन घाटी क्षेत्र: (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़)
- महानदी घाटी क्षेत्र: (छत्तीसगढ़, ओडिशा)
- वर्धा-गोदावरी घाटी क्षेत्र: (तेलंगाना, महाराष्ट्र)
प्रश्न 3. झारखण्ड राज्य के मुख्य कोयला उत्पादक क्षेत्रों के नाम अंकित कीजिए।
उत्तर-
झारखंड राज्य, जो भारत का कोयला हृदयस्थल है, के प्रमुख कोयला उत्पादक क्षेत्र हैं:
- झरिया: विश्व के सर्वोत्तम कोकिंग कोयले के लिए प्रसिद्ध।
- बोकारो: एक बड़ा कोयला क्षेत्र और ताप विद्युत केंद्र।
- गिरीडीह: कोयला उत्पादन का महत्वपूर्ण केंद्र।
- कर्णपुरा: दामोदर घाटी का एक प्रमुख कोयला क्षेत्र।
- रामगढ़: यहाँ भी कोयले के भंडार पाए जाते हैं।
प्रश्न 4. कोयले के विभिन्न प्रकारों के नाम लिखिए।
उत्तर-
कार्बन की मात्रा और गुणवत्ता के आधार पर कोयले के मुख्य चार प्रकार हैं:
- एन्थ्रेसाइट (Anthracite): सर्वोत्तम गुणवत्ता, अधिकतम कार्बन, कम धुआँ।
- बिटुमिनस (Bituminous): सबसे आम प्रकार, भारी उद्योगों और कोक बनाने में उपयोगी।
- लिग्नाइट (Lignite): भूरा कोयला, निम्न गुणवत्ता, अधिक नमीयुक्त।
- पीट (Peat): कोयले का प्रारंभिक रूप, बहुत कम कार्बन, ईंधन के रूप में कम कुशल।
प्रश्न 5. पेट्रोलियम से किन-किन वस्तुओं का निर्माण होता है ?
उत्तर-
पेट्रोलियम या कच्चे तेल को रिफाइनरी में शुद्ध करके (भिन्नक आसवन द्वारा) अनेक उपयोगी उत्पाद बनाए जाते हैं:
- ईंधन: पेट्रोल, डीजल, मिट्टी का तेल (किरोसिन), एलपीजी, एविएशन फ्यूल।
- स्नेहक (Lubricants): मशीनरी के लिए ग्रीस, इंजन ऑयल।
- रासायनिक उत्पाद: प्लास्टिक, सिंथेटिक रबर, कृत्रिम रेशे (नायलॉन, पॉलिएस्टर)।
- अन्य: पेट्रोकेमिकल्स, कीटनाशक, वैक्स, एस्फाल्ट (सड़क निर्माण), वैसलीन, साबुन के कुछ प्रकार।
प्रश्न 6. सागर सम्राट क्या है ?
उत्तर-
सागर सम्राट एक विशेष प्रकार का अपतटीय ड्रिलिंग रिग (Offshore Drilling Rig) या जहाज है। इसका उपयोग समुद्र के पानी के भीतर (अपतटीय क्षेत्रों में) खनिज तेल और प्राकृतिक गैस के कुएँ खोदने (ड्रिलिंग) के लिए किया जाता है। यह भारत की अपतटीय तेल खोज में एक महत्वपूर्ण तकनीकी साधन है।
प्रश्न 7. किन्हीं चार तेल शोधक कारखाने का स्थान निर्दिष्ट कीजिए।
उत्तर-
भारत के चार प्रमुख तेल शोधन कारखाने (रिफाइनरी) और उनके स्थान:
- डिगबोई रिफाइनरी: असम (भारत की पहली रिफाइनरी)।
- बरौनी रिफाइनरी: बिहार।
- मथुरा रिफाइनरी: उत्तर प्रदेश।
- जामनगर रिफाइनरी (रिलायंस): गुजरात (दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी परिसरों में से एक)।
प्रश्न 8. जल विद्युत उत्पादन के कौन-कौन से मुख्य कारक हैं ?
उत्तर-
जल विद्युत (पनबिजली) उत्पादन के लिए निम्नलिखित भौगोलिक एवं आर्थिक कारक अनुकूल होने चाहिए:
- प्रचुर जल की उपलब्धता: नदी में वर्षभर पर्याप्त और नियमित जल प्रवाह।
- उपयुक्त भू-आकृति: नदी मार्ग में तीव्र ढाल, संकरी घाटी या जलप्रपात का होना, जिससे बाँध बनाना आसान हो।
- अनुकूल जलवायु: अधिक वर्षा वाले क्षेत्र।
- कठोर चट्टानी आधार: बड़े बाँध के निर्माण के लिए मजबूत आधार आवश्यक है।
- बिजली की माँग वाला क्षेत्र: उद्योगों या घनी आबादी वाले क्षेत्रों के निकट होना, ताकि बिजली का वितरण सस्ता और आसान हो।
- पूँजी निवेश एवं तकनीकी ज्ञान: बड़े बाँध बनाने के लिए भारी निवेश और उन्नत तकनीक की आवश्यकता होती है।
प्रश्न 9. नदी घाटी परियोजनाओं को बहु-उद्देशीय क्यों कहा जाता है?
उत्तर-
नदी घाटी परियोजनाओं को बहु-उद्देशीय इसलिए कहा जाता है क्योंकि इनके निर्माण से एक ही साथ कई लक्ष्यों की प्राप्ति होती है, न कि केवल एक उद्देश्य की। इनके मुख्य उद्देश्य हैं:
- जल विद्युत उत्पादन: बाँध से गिरते पानी से टरबाइन चलाकर बिजली बनाना।
- सिंचाई: जलाशय के पानी से नहरें निकालकर खेतों की सिंचाई करना।
- बाढ़ नियंत्रण: बारिश के पानी को जलाशय में रोककर निचले इलाकों में बाढ़ की संभावना कम करना।
- मत्स्य पालन: बड़े जलाशय में मछली पालन को बढ़ावा देना।
- मृदा अपरदन रोकथाम: नदी के प्रवाह को नियंत्रित करके भूमि के कटाव को रोकना।
- पर्यटन एवं मनोरंजन: जलाशय के आसपास सुंदर पर्यटन स्थल विकसित होना।
- नौकायन एवं जल मार्ग: कुछ परियोजनाओं से नदी में जल परिवहन की सुविधा भी बढ़ती है।
प्रश्न 10. निम्नलिखित नदी घाटी परियोजनाएँ किन-किन राज्यों में अवस्थित हैं: हीराकुण्ड, तुंगभद्रा एवं रिहन्द।
उत्तर-
- हीराकुण्ड परियोजना: ओडिशा राज्य में महानदी पर स्थित है। यह भारत की सबसे लंबी मिट्टी का बाँध है।
- तुंगभद्रा परियोजना: यह परियोजना कर्नाटक और आंध्र प्रदेश की सीमा पर तुंगभद्रा नदी पर स्थित है। (मुख्य रूप से कर्नाटक में)।
- रिहन्द परियोजना (गोविंद बल्लभ पंत सागर): उत्तर प्रदेश राज्य में रिहन्द नदी (सोन की सहायक नदी) पर स्थित है। यह उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी बहुउद्देशीय परियोजना है।
प्रश्न 11. ताप शक्ति क्यों समाप्य संसाधन है ?
उत्तर-
ताप शक्ति को समाप्य (अनवीकरणीय) संसाधन इसलिए कहा जाता है क्योंकि:
- ताप विद्युत संयंत्रों में बिजली बनाने के लिए कोयला, पेट्रोलियम या प्राकृतिक गैस जैसे ईंधन जलाए जाते हैं।
- ये सभी ईंधन जीवाश्म ईंधन हैं, जो पृथ्वी के भीतर लाखों वर्षों में बने हैं।
- इनका भंडार सीमित है और मानवीय समय सीमा में इनका पुनर्निर्माण नहीं हो सकता।
- हम इनका दोहन तेजी से कर रहे हैं, जिससे ये भंडार एक दिन पूरी तरह समाप्त हो जाएँगे। इसलिए ताप शक्ति एक समाप्य संसाधन है।
प्रश्न 12. परमाणु
खण्ड-क : अर्थशास्त्र
अध्याय 1E : शक्ति (ऊर्जा) संसाधन
1. निम्नलिखित में से कौन-सा ऊर्जा का अनवीकरणीय स्रोत नहीं है ?
खण्ड-क : अर्थशास्त्र
अध्याय 1E : शक्ति (ऊर्जा) संसाधन
(A) कोयला
(B) जीवाश्म ईंधन
(C) पवन ऊर्जा
(D) प्राकृतिक गैस
उत्तर: (C) पवन ऊर्जा
व्याख्या: पवन ऊर्जा एक नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है क्योंकि यह हवा से प्राप्त होती है, जो प्रकृति में लगातार बनी रहती है। कोयला, जीवाश्म ईंधन और प्राकृतिक गैस सभी अनवीकरणीय स्रोत हैं क्योंकि इनके भंडार सीमित हैं और इन्हें बनने में लाखों वर्ष लगते हैं।
2. निम्नलिखित में से कौन-सा ऊर्जा का नवीकरणीय स्रोत है ?
(A) कोयला
(B) सौर ऊर्जा
(C) प्राकृतिक गैस
(D) परमाणु ऊर्जा
उत्तर: (B) सौर ऊर्जा
व्याख्या: सौर ऊर्जा सूर्य से प्राप्त होती है, जो एक असीमित और लगातार उपलब्ध रहने वाला स्रोत है। इसलिए यह एक नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है। कोयला, प्राकृतिक गैस और परमाणु ऊर्जा (यूरेनियम जैसे ईंधनों पर निर्भर) के स्रोत सीमित हैं, इसलिए वे अनवीकरणीय हैं।
3. निम्नलिखित में से कौन-सा ऊर्जा का परम्परागत स्रोत है ?
(A) पवन ऊर्जा
(B) सौर ऊर्जा
(C) कोयला
(D) ज्वारीय ऊर्जा
उत्तर: (C) कोयला
व्याख्या: कोयला एक परम्परागत ऊर्जा स्रोत है क्योंकि इसका उपयोग मनुष्य द्वारा सदियों से ऊर्जा प्राप्त करने के लिए किया जाता रहा है। पवन ऊर्जा, सौर ऊर्जा और ज्वारीय ऊर्जा आधुनिक तकनीक के साथ विकसित किए गए गैर-परम्परागत या वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत हैं।
4. निम्नलिखित में से कौन-सा ऊर्जा का गैर-परम्परागत स्रोत है ?
(A) कोयला
(B) पेट्रोलियम
(C) भूतापीय ऊर्जा
(D) प्राकृतिक गैस
उत्तर: (C) भूतापीय ऊर्जा
व्याख्या: भूतापीय ऊर्जा पृथ्वी के आंतरिक भाग की गर्मी से प्राप्त होती है। यह एक अपेक्षाकृत नई तकनीक पर आधारित है और इसका बड़े पैमाने पर उपयोग अभी भी विकासशील है, इसलिए इसे गैर-परम्परागत ऊर्जा स्रोत माना जाता है। कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस परम्परागत स्रोत हैं।
5. भारत में पहला परमाणु ऊर्जा केन्द्र कहाँ स्थापित किया गया था ?
(A) कलपक्कम (तमिलनाडु)
(B) तारापुर (महाराष्ट्र)
(C) नरोरा (उत्तर प्रदेश)
(D) कैगा (कर्नाटक)
उत्तर: (B) तारापुर (महाराष्ट्र)
व्याख्या: भारत का पहला परमाणु ऊर्जा संयंत्र तारापुर, महाराष्ट्र में स्थापित किया गया था। इसकी स्थापना वर्ष 1969 में हुई थी और यह भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम की शुरुआत का प्रतीक है।
6. निम्नलिखित में से कौन-सा राज्य पवन ऊर्जा के उत्पादन में अग्रणी है ?
(A) तमिलनाडु
(B) गुजरात
(C) महाराष्ट्र
(D) राजस्थान
उत्तर: (A) तमिलनाडु
व्याख्या: तमिलनाडु राज्य में पवन ऊर्जा उत्पादन की सबसे अधिक क्षमता है और यह भारत का सबसे बड़ा पवन ऊर्जा उत्पादक राज्य है। तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों, विशेषकर कन्याकुमारी, तूतीकोरिन और तिरुनलवेली जिलों में पवन ऊर्जा फार्म स्थापित हैं।
7. निम्नलिखित में से कौन-सा ऊर्जा स्रोत 'सूर्य के प्रकाश' से प्राप्त नहीं होता है ?
(A) जीवाश्म ईंधन
(B) पवन ऊर्जा
(C) बायोगैस
(D) भूतापीय ऊर्जा
उत्तर: (D) भूतापीय ऊर्जा
व्याख्या: भूतापीय ऊर्जा का स्रोत सूर्य का प्रकाश नहीं, बल्कि पृथ्वी के आंतरिक भाग में मौजूद गर्मी है। जीवाश्म ईंधन (प्राचीन पौधों/जीवों से), पवन ऊर्जा (हवा के दबाव में अंतर से) और बायोगैस (जैविक पदार्थों के अपघटन से) सभी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सूर्य के प्रकाश से प्राप्त ऊर्जा पर निर्भर करते हैं।
8. निम्नलिखित में से कौन-सा ऊर्जा स्रोत 'ज्वारीय ऊर्जा' से सम्बन्धित है ?
(A) नदी
(B) समुद्र
(C) पवन
(D) सूर्य
उत्तर: (B) समुद्र
व्याख्या: ज्वारीय ऊर्जा समुद्र में आने वाले ज्वार-भाटा (उच्च और निम्न जल स्तर) की गतिज ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलकर प्राप्त की जाती है। यह ऊर्जा चंद्रमा और सूर्य के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण समुद्र के जल स्तर में होने वाले परिवर्तन से उत्पन्न होती है।
9. निम्नलिखित में से कौन-सा ऊर्जा स्रोत 'बायोगैस' से सम्बन्धित है ?
(A) पवन
(B) सूर्य
(C) जैविक अपशिष्ट
(D) जल
उत्तर: (C) जैविक अपशिष्ट
व्याख्या: बायोगैस जैविक अपशिष्ट पदार्थों जैसे गोबर, कृषि अवशेष, रसोई के कचरे आदि के अवायवीय अपघटन (बिना ऑक्सीजन के सड़ने) से उत्पन्न होती है। इस प्रक्रिया में मुख्य रूप से मीथेन गैस उत्पन्न होती है, जिसका उपयोग ईंधन के रूप में किया जाता है।
10. निम्नलिखित में से कौन-सा ऊर्जा स्रोत 'परमाणु ऊर्जा' से सम्बन्धित है ?
(A) कोयला
(B) यूरेनियम
(C) प्राकृतिक गैस
(D) पेट्रोलियम
उत्तर: (B) यूरेनियम
व्याख्या: परमाणु ऊर्जा भारी तत्वों जैसे यूरेनियम या प्लूटोनियम के नाभिक के विखंडन (फिशन) की प्रक्रिया से प्राप्त होती है। इस प्रक्रिया में बहुत अधिक मात्रा में ऊष्मा ऊर्जा निकलती है, जिसका उपयोग बिजली बनाने के लिए किया जाता है।
खण्ड-क : समकालीन विश्व-भूगोल
अध्याय 1E : शक्ति (ऊर्जा) संसाधन
1. निम्नलिखित में से कौन-सा ऊर्जा का गैर-परम्परागत स्रोत है ?
(A) कोयला
(B) प्राकृतिक गैस
(C) पवन ऊर्जा
(D) पेट्रोलियम
उत्तर: (C) पवन ऊर्जा
व्याख्या: पवन ऊर्जा ऊर्जा का एक गैर-परम्परागत स्रोत है। परम्परागत स्रोत जैसे कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस सीमित मात्रा में उपलब्ध हैं और प्रदूषण फैलाते हैं। वहीं पवन ऊर्जा नवीकरणीय (Renewable) है, यह हवा के चलने से लगातार उत्पन्न होती रहती है और पर्यावरण के लिए हानिकारक नहीं है।
2. भारत में पवन ऊर्जा के विकास के लिए सबसे उपयुक्त राज्य कौन-सा है ?
(A) बिहार
(B) गुजरात
(C) हरियाणा
(D) मध्य प्रदेश
उत्तर: (B) गुजरात
व्याख्या: गुजरात राज्य का लम्बा समुद्र तट और तेज हवाएँ चलने वाला भू-भाग पवन ऊर्जा उत्पादन के लिए आदर्श स्थिति प्रदान करता है। गुजरात में पवन ऊर्जा फार्मों का सफलतापूर्वक विकास हुआ है और यह देश के अग्रणी पवन ऊर्जा उत्पादक राज्यों में से एक है। बिहार और हरियाणा जैसे राज्यों में पवन की गति अपेक्षाकृत कम है, जबकि गुजरात की भौगोलिक स्थिति इसे इसके लिए सबसे उपयुक्त बनाती है।
3. सौर ऊर्जा से क्या अभिप्राय है ?
उत्तर: सूर्य से प्राप्त होने वाली ऊर्जा को सौर ऊर्जा कहते हैं। सूर्य एक विशाल एवं अक्षय ऊर्जा का स्रोत है। सौर ऊर्जा को विभिन्न उपकरणों जैसे सौर सेल, सौर कुकर, सौर जल तापक आदि की सहायता से प्रत्यक्ष रूप से ऊष्मा एवं विद्युत में बदला जा सकता है। यह एक स्वच्छ, प्रदूषणमुक्त और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है।
4. जैव ऊर्जा क्या है ?
उत्तर: जैव ऊर्जा वह ऊर्जा है जो जैविक स्रोतों जैसे पौधों, जानवरों के अपशिष्ट, कृषि अवशेष और अन्य जैविक पदार्थों से प्राप्त की जाती है। इन पदार्थों के अपघटन से बायोगैस (मुख्यतः मीथेन) उत्पन्न होती है, जिसका उपयोग खाना पकाने, प्रकाश करने और विद्युत उत्पादन में किया जा सकता है। यह ऊर्जा का एक नवीकरणीय स्रोत है जो कचरे के प्रबंधन में भी सहायक होती है।
5. भूतापीय ऊर्जा क्या है ?
उत्तर: पृथ्वी के आंतरिक भाग से प्राप्त होने वाली ऊष्मा को भूतापीय ऊर्जा कहते हैं। पृथ्वी के गर्भ में मैग्मा के कारण उत्पन्न ताप भू-गर्भ जल को गर्म कर देता है, जिससे भाप बनती है। इस भाप को पाइपों के माध्यम से निकालकर टरबाइन चलाई जाती है और विद्युत उत्पन्न की जाती है। ज्वालामुखी क्षेत्रों या गर्म पानी के झरनों वाले स्थानों पर इस ऊर्जा का दोहन आसानी से किया जा सकता है।
6. ज्वारीय ऊर्जा क्या है ?
उत्तर: समुद्र में ज्वार-भाटा के कारण उत्पन्न होने वाली ऊर्जा को ज्वारीय ऊर्जा कहते हैं। चंद्रमा और सूर्य के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण समुद्र के जल स्तर में नियमित उतार-चढ़ाव होता है। इस बहते हुए जल की गतिज ऊर्जा को ज्वारीय बैराज या टरबाइन लगाकर विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है। यह एक प्रदूषणरहित और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है, हालाँकि इसके लिए विशेष भौगोलिक स्थिति (उच्च ज्वार-भाटा वाले तट) की आवश्यकता होती है।
7. ऊर्जा के गैर-परम्परागत स्रोतों के विकास की आवश्यकता क्यों है ?
उत्तर: ऊर्जा के गैर-परम्परागत स्रोतों (जैसे सौर, पवन, जैव ऊर्जा) के विकास की आवश्यकता निम्नलिखित कारणों से है:
1. परम्परागत स्रोतों की सीमितता: कोयला, पेट्रोलियम जैसे जीवाश्म ईंधन सीमित मात्रा में हैं और एक दिन समाप्त हो जाएंगे।
2. पर्यावरण संरक्षण: जीवाश्म ईंधन के जलने से वायु प्रदूषण और ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन होता है, जबकि गैर-परम्परागत स्रोत स्वच्छ हैं।
3. नवीकरणीय प्रकृति: ये स्रोत (सूर्य, हवा) कभी खत्म नहीं होंगे और लगातार उपलब्ध रहेंगे।
4. दूरदराज के क्षेत्रों में विद्युत पहुँच: सौर या पवन ऊर्जा से दूरस्थ गाँवों में भी बिजली की आपूर्ति की जा सकती है।
5. ऊर्जा सुरक्षा: देश को ऊर्जा आयात पर निर्भरता कम करने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए इन स्रोतों का विकास जरूरी है।
8. सौर ऊर्जा के दो उपयोग लिखिए।
उत्तर: सौर ऊर्जा के दो प्रमुख उपयोग निम्नलिखित हैं:
1. विद्युत उत्पादन: सौर सेल (फोटोवोल्टाइक सेल) की सहायता से सूर्य के प्रकाश को सीधे विद्युत धारा में बदला जाता है। इस विद्युत का उपयोग घरेलू उपकरण चलाने, स्ट्रीट लाइट जलाने और जल पम्प संचालित करने में किया जाता है।
2. ऊष्मा प्राप्ति: सौर कुकर से खाना पकाना, सौर जल तापक से पानी गर्म करना और सौर भट्टियों द्वारा उच्च ताप उत्पन्न करना सौर ऊर्जा के ऊष्मीय उपयोग के उदाहरण हैं।
9. बायोगैस क्या है ? इसके उत्पादन की विधि का वर्णन करें।
उत्तर: बायोगैस एक ज्वलनशील गैस है जो जैविक पदार्थों के अवायवीय अपघटन (बिना ऑक्सीजन के सड़न) से उत्पन्न होती है। इसमें मुख्य रूप से मीथेन (CH₄), कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) और थोड़ी मात्रा में अन्य गैसें होती हैं।
उत्पादन की विधि: बायोगैस का उत्पादन एक बंद संरचना (जैसे गोबर गैस संयंत्र) में किया जाता है। गोबर, पौधों के अवशेष, रसोई का कचरा आदि को पानी के साथ मिलाकर एक स्लरी बनाई जाती है। इस स्लरी को डाइजेस्टर टैंक (अवायवीय किण्वन टैंक) में डाला जाता है और वहाँ कुछ दिनों तक बंद रखा जाता है। इस दौरान बैक्टीरिया की क्रिया से जैविक पदार्थ सड़ते हैं और बायोगैस उत्पन्न होती है। यह गैस गैस होल्डर में एकत्र हो जाती है, जहाँ से पाइप के माध्यम से इसे रसोई के चूल्हे या बिजली बनाने के लिए भेजा जा सकता है। शेष बचा हुआ पदार्थ जैव-खाद के रूप में प्रयोग किया जाता है।
10. ऊर्जा संरक्षण से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर: ऊर्जा संरक्षण का अर्थ है ऊर्जा के दुरुपयोग को रोकते हुए उसका कुशलतापूर्वक एवं विवेकपूर्ण उपयोग करना, ताकि ऊर्जा की बचत हो और भविष्य के लिए संसाधन बचे रहें। इसमें ऊर्जा की खपत कम करने के उपाय अपनाना और अपव्यय को रोकना शामिल है। उदाहरण के लिए:
- अनावश्यक बल्ब, पंखे बंद करना।
- ऊर्जा दक्ष उपकरण (जैसे 5-स्टार रेटिंग वाले) का उपयोग करना।
- सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करना।
- सौर ऊर्जा जैसे वैकल्पिक स्रोतों को अपनाना।
ऊर्जा संरक्षण से न केवल ईंधन की बचत होती है बल्कि पर्यावरण प्रदूषण भी कम होता है और देश की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
प्रश्न 1.
भारत में विद्युत की सबसे अधिक खपत किसमें होती है ?
(क) घरेलू कामों में
(ख) व्यापारिक कामों में
(ग) उद्योगों में
(घ) कृषि में
उत्तर- (ग) उद्योगों में
भारत में विद्युत की सबसे अधिक खपत उद्योगों में होती है। कारखानों में मशीनें चलाने, उत्पादन प्रक्रियाओं को संचालित करने और औद्योगिक इकाइयों को बिजली देने के लिए बड़ी मात्रा में बिजली की आवश्यकता होती है, जिससे यह सबसे बड़ा उपभोक्ता क्षेत्र बन जाता है।
प्रश्न 2.
भारत में खनिज तेल का वार्षिक उत्पादन कितना हो रहा है ?
(क) 72 लाख टन
(ख) 7 करोड़ टन
(ग) 3 करोड़ टन
(घ) 9 करोड़ टन
उत्तर- (ग) 3 करोड़ टन
भारत में खनिज तेल (कच्चे तेल) का वार्षिक उत्पादन लगभग 3 करोड़ टन (30 मिलियन मीट्रिक टन) के आसपास हो रहा है। यह उत्पादन देश की आंतरिक मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है, इसलिए भारत को तेल का आयात भी करना पड़ता है।
प्रश्न 3.
पेट्रोलियम किन चट्टानों में मिलता है ?
(क) आग्मैय में
(ख) परतदार में
(ग) रूपांतरित में
(घ) प्रत्येक में
उत्तर- (ख) परतदार में
पेट्रोलियम मुख्य रूप से परतदार चट्टानों (Sedimentary Rocks) में पाया जाता है। ये चट्टानें समुद्र या झीलों की तलहटी में जमा हुए पदार्थों के दबाव और रासायनिक परिवर्तन से बनती हैं। इन चट्टानों की परतों के बीच ही पेट्रोलियम जमा होता है।
प्रश्न 4.
इनमें कहाँ प्राकृतिक गैस के भण्डार मिले हैं ?
(क) छत्तीसगढ़
(ख) कर्नाटक
(ग) त्रिपुरा
(घ) मध्य प्रदेश
उत्तर- (ग) त्रिपुरा
भारत में प्राकृतिक गैस के महत्वपूर्ण भंडार त्रिपुरा राज्य में पाए गए हैं। त्रिपुरा के बरूमुरा क्षेत्र में प्राकृतिक गैस के बड़े भंडार हैं, जिनका उपयोग बिजली उत्पादन और अन्य औद्योगिक कार्यों के लिए किया जाता है।
प्रश्न 5.
भारत में ऊर्जा का प्रमुख स्नोत कौन-सा है ?
(क) कोयला
(ख) पेट्रोलियम
(ग) प्राकृतिक गैस
(घ) जल विद्युत
उत्तर- (क) कोयला
भारत में ऊर्जा का प्रमुख स्रोत कोयला है। देश की कुल ऊर्जा आवश्यकताओं का लगभग 55% से अधिक हिस्सा कोयले से ही पूरा होता है। इसका उपयोग थर्मल पावर प्लांट्स में बिजली बनाने, उद्योगों में ईंधन के रूप में और अन्य कई क्षेत्रों में किया जाता है।
अतिलघु उत्तरीय प्रश्नौत्तर
प्रश्न 1.
भारत में सबसे बड़ा ऊर्जा संसाधन-कौन है ?
उत्तर-
भारत में सबसे बड़ा ऊर्जा संसाधन कोयला है। देश में कोयले के विशाल भंडार हैं और यह ऊर्जा उत्पादन, उद्योगों तथा घरेलू उपयोग में सबसे अधिक प्रयोग किया जाने वाला संसाधन है।
प्रश्न 2.
ग्रेफाइट किस पदार्थ का एक रूप है ?
उत्तर-
ग्रेफाइट कार्बन का एक रूप है, जो कोयले के अत्यधिक दबाव और उच्च तापमान के कारण रूपांतरण से बनता है। यह नरम, चिकना और विद्युत का सुचालक होता है, जिसका उपयोग पेंसिल की लीड, लुब्रिकेंट और इलेक्ट्रोड बनाने में किया जाता है।
प्रश्न 3.
पेट्रोलियम की खोज पेनसिलवेनिया में किस व्यक्ति ने की थी?
उत्तर-
पेट्रोलियम की खोज पेनसिलवेनिया, अमेरिका में सन् 1859 में एडविन ड्रेक (Edwin Drake) नामक व्यक्ति ने की थी। उन्होंने विशेष ड्रिलिंग तकनीक का उपयोग करके पहली बार जमीन के नीचे से व्यावसायिक रूप से पेट्रोलियम निकाला।
प्रश्न 4.
कैम्बे ग्रेवान क्षेत्र किस राज्य में स्थित है?
उत्तर-
कैम्बे ग्रेवान (खंभात की खाड़ी) क्षेत्र गुजरात राज्य में स्थित है। यह अरब सागर में स्थित एक अपतटीय क्षेत्र है, जहाँ से भारत को प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम प्राप्त होता है।
प्रश्न 5.
भारत में पहला जल-विदध॒ुत केंद्र कहाँ और कब स्थापित किया गया था?
उत्तर-
भारत में पहला जल-विद्युत केंद्र (हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर स्टेशन) कर्नाटक राज्य के शिवसमुद्रम (Shivanasamudra) में स्थापित किया गया था। इसकी स्थापना वर्ष 1902 में हुई थी और इसने कोलार गोल्ड फील्ड्स को बिजली आपूर्ति प्रदान की थी।
लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
ऊर्जा संसाधन का क्या महत्व है?
उत्तर-
ऊर्जा संसाधन किसी भी देश के आर्थिक और सामाजिक विकास की रीढ़ होते हैं। इनका महत्व निम्नलिखित बिंदुओं से स्पष्ट होता है:
- औद्योगिक विकास: कारखानों में मशीनें चलाने, उत्पादन बढ़ाने और नए उद्योग स्थापित करने के लिए ऊर्जा आवश्यक है।
- कृषि कार्य: सिंचाई के लिए ट्यूबवेल, ट्रैक्टर और अन्य मशीनें ऊर्जा से ही चलती हैं।
- परिवहन: सड़क, रेल, हवाई और जल परिवहन के सभी साधन ईंधन (पेट्रोल, डीजल, बिजली) पर निर्भर हैं।
- दैनिक जीवन: घरों में रोशनी, पंखे, फ्रिज, टीवी जैसे सभी उपकरण बिजली से चलते हैं।
- राष्ट्रीय सुरक्षा: सेना के टैंक, जहाज, विमान आदि ऊर्जा संसाधनों पर ही चलते हैं।
प्रश्न 2.
ऊर्जा संकट दूर करने के लिए ऊर्जा के किन स्रोतों को विकसित करने की आवश्यकता है ? इसके लिए कौन-से प्रयल चल रहे हैं ?
उत्तर-
ऊर्जा संकट दूर करने के लिए हमें पारंपरिक स्रोतों (कोयला, पेट्रोलियम) पर निर्भरता कम करके गैर-परंपरागत और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को विकसित करने की आवश्यकता है। इनमें शामिल हैं:
- सौर ऊर्जा: सूर्य की किरणों से बिजली उत्पन्न करना।
- पवन ऊर्जा: हवा की शक्ति से टरबाइन चलाकर बिजली बनाना।
- जैव ऊर्जा: पौधों, जानवरों के अपशिष्ट और गोबर से बायोगैस या बायोफ्यूल बनाना।
- ज्वारीय एवं तरंग ऊर्जा: समुद्री लहरों और ज्वार-भाटे की शक्ति का उपयोग करना।
- भूतापीय ऊर्जा: पृथ्वी के आंतरिक भाग की गर्मी से बिजली उत्पन्न करना।
- भारत सरकार ने नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) की स्थापना की है।
- सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय सौर मिशन चलाया जा रहा है।
- ग्रामीण क्षेत्रों में लाखों बायोगैस संयंत्र लगाए गए हैं।
- तटीय क्षेत्रों में पवन ऊर्जा फार्म स्थापित किए गए हैं।
- सार्वजनिक स्थानों पर सोलर स्ट्रीट लाइट लगाना और सौर ऊर्जा पर सब्सिडी देना।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
भारत में विभिन्न ऊर्जा संसाधन का सापेक्ष महत्व बताएँ।
उत्तर-
भारत में विभिन्न ऊर्जा संसाधनों का अपना-अपना विशेष महत्व है, जो देश की अर्थव्यवस्था और जनजीवन को चलाने में मदद करते हैं। इनका सापेक्षिक महत्व इस प्रकार है:
- कोयला:
- सबसे महत्वपूर्ण: भारत की ऊर्जा जरूरतों का 50% से अधिक हिस्सा कोयले से पूरा होता है।
- उपयोग: थर्मल पावर प्लांट्स में बिजली बनाना, लोहा-इस्पात उद्योग का मुख्य ईंधन, रेलवे (पहले), सीमेंट उद्योग और घरेलू ईंधन के रूप में।
- देश में कोयले के विशाल भंडार हैं, इसलिए यह सस्ता और सुलभ ऊर्जा स्रोत है।
- पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस:
- परिवहन का आधार: पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के रूप में यह सभी वाहनों और घरों के लिए जरूरी है।
- रासायनिक उद्योग: पेट्रोकेमिकल्स, प्लास्टिक, उर्वरक आदि बनाने में कच्चा माल।
- हालाँकि, भंडार सीमित हैं और आयात पर निर्भरता अधिक है, जिससे इसका रणनीतिक महत्व बहुत ज्यादा है।
- जल विद्युत:
- नवीकरणीय एवं स्वच्छ: यह प्रदूषण रहित और बार-बार उपयोग में आने वाला स्रोत है।
- बहुउद्देशीय लाभ: बिजली के साथ-साथ सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण और पेयजल की सुविधा देता है।
- हिमालयी और दक्षिण भारत की नदियों पर बने बाँधों से देश की कुल बिजली का एक बड़ा हिस्सा प्राप्त होता है।
- परमाणु ऊर्जा:
- अत्यधिक शक्तिशाली: बहुत कम यूरेनियम/थोरियम से भारी मात्रा में बिजली पैदा की जा सकती है।
- दीर्घकालिक समाधान: पारंपरिक ईंधनों के समाप्त होने के बाद भी ऊर्जा जरूरतों को पूरा कर सकता है।
- तारापुर, कुडनकुलम, रावतभाटा आदि परमाणु संयंत्र देश की बिजली ग्रिड में योगदान दे रहे हैं।
- नवीकरणीय स्रोत (सौर, पवन, बायोमास):
- भविष्य की ऊर्जा: ये स्रोत अक्षय, स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल हैं।
- ग्रामीण विद्युतीकरण: दूर-दराज के गाँवों में बिजली पहुँचाने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
- इनके विकास से ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता घटेगी।
खण्ड-क : शक्ति (ऊर्जा) संसाधन
जल-विद्युत उत्पादन के लिए अनुकल भौगोलिक दशाएँ कौन-कौन हैं ? भारत के किन भागों में वे भौगोलिक दशाएं उपलब्ध हैं ?
उत्तर: जल विद्युत उत्पादन के लिए कुछ विशेष भौगोलिक परिस्थितियों की आवश्यकता होती है। ये निम्नलिखित हैं:
- पर्याप्त और निरंतर जल प्रवाह: वर्ष भर नदियों में पर्याप्त मात्रा में जल का बहाव होना चाहिए ताकि बिजली उत्पादन लगातार जारी रह सके।
- पहाड़ी भू-भाग या जलप्रपात: ऊँचाई से गिरते हुए जल में अधिक ऊर्जा होती है। इसलिए पहाड़ी इलाके या प्राकृतिक जलप्रपात जलविद्युत परियोजनाओं के लिए आदर्श स्थल होते हैं।
- बिजली की माँग वाला क्षेत्र: उत्पादित बिजली का उपयोग करने के लिए पास में ही उद्योगों या आबादी वाला बड़ा क्षेत्र होना चाहिए, ताकि बिजली की खपत हो सके और उसे दूर तक भेजने की लागत कम हो।
- तकनीकी ज्ञान एवं पूँजी: बड़े बाँध और पनबिजली संयंत्र बनाने के लिए उन्नत तकनीक और भारी मात्रा में पूँजी निवेश की जरूरत होती है।
- परंपरागत ऊर्जा स्रोतों का अभाव: जिन क्षेत्रों में कोयला या पेट्रोलियम जैसे ऊर्जा स्रोत कम उपलब्ध हों, वहाँ जलविद्युत विकास के लिए प्रोत्साहन मिलता है।
भारत में उपलब्धता: भारत में उपरोक्त दशाएँ विशेष रूप से दक्षिण भारत के प्रायद्वीपीय पठारी भाग में पाई जाती हैं। यहाँ नदियाँ पहाड़ियों से गिरकर जलप्रपात बनाती हैं और कोयले जैसे संसाधनों का अभाव भी है। हिमालयी क्षेत्र (जैसे अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश) और पश्चिमी घाट के राज्य (महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु) में भी जलविद्युत उत्पादन की अच्छी संभावनाएँ हैं। भारत की लगभग 60% जलविद्युत क्षमता हिमालय से निकलने वाली नदियों (ब्रह्मपुत्र बेसिन सहित) और 20% पश्चिम की ओर बहने वाली नदियों में है।
महत्वपूर्ण तथ्य (Notes)
शक्ति संसाधनों का विकास: आधुनिक शक्ति संसाधनों का वास्तविक विकास 18वीं शताब्दी में हुई औद्योगिक क्रांति के साथ शुरू हुआ। आज ऊर्जा के स्रोत ही किसी देश के आर्थिक विकास और औद्योगीकरण की नींव हैं।
ऊर्जा स्रोतों का वर्गीकरण:
वाणिज्यिक ऊर्जा स्रोत: कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, जल विद्युत और परमाणु ऊर्जा।
परंपरागत स्रोत: कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस।
गैर-परंपरागत (अपरंपरागत) स्रोत: सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, भू-तापीय ऊर्जा, ज्वारीय एवं तरंग ऊर्जा, बायोगैस तथा जैव ऊर्जा।
भारत के संदर्भ में कुछ प्रमुख तथ्य:
- गुजरात के कच्छ में स्थित ताम्बा पवन ऊर्जा संयंत्र एशिया का सबसे बड़ा पवन ऊर्जा संयंत्र है।
- भाखड़ा-नंगल परियोजना भारत की सबसे बड़ी नदी घाटी परियोजना है।
- 1901 में भारत का पहला तेलशोधक कारखाना असम के डिग्बोई में स्थापित किया गया था।
- तारापुर परमाणु विद्युत गृह एशिया का सबसे बड़ा परमाणु विद्युत केंद्र है।
- जल विद्युत को ऊर्जा का एक स्थायी और नवीकरणीय स्रोत माना जाता है और यह उद्योगों के विकेंद्रीकरण में सहायक होती है।
भारत के प्रमुख शक्ति एवं उत्पादक केंद्रों के नाम बताएँ।
उत्तर: भारत के प्रमुख शक्ति उत्पादक केंद्र निम्नलिखित हैं:
1. तापीय शक्ति केंद्र (कोयला/गैस आधारित): बोकारो, चंद्रपुरा, दुर्गापुर, कहलगाँव, बरौनी, कोरबा, सिंगरौली, रामागुंडम, फरक्का, तालचर, पतरातू, ओबरा, दादरी।
2. जलविद्युत शक्ति केंद्र: तिलैया, मैथन, पंचेत, कोयना, इडुक्की, पायकारा, शिवसमुद्रम, उकाई, गाँधी सागर, नागार्जुन सागर।
3. परमाणु शक्ति केंद्र: तारापुर, कोटा (रावतभाटा), कलपक्कम, नरोरा, कैगा।
भारत के प्रमुख कोयला क्षेत्र कौन-कौन से हैं?
उत्तर: भारत में कोयला मुख्यतः दो भूवैज्ञानिक युगों में पाया जाता है:
1. गोंडवानाकालीन कोयला क्षेत्र: यह भारत का सबसे महत्वपूर्ण कोयला क्षेत्र है, जहाँ उच्च गुणवत्ता वाला बिटुमिनस कोयला मिलता है। यह क्षेत्र मुख्य रूप से निम्न राज्यों में फैला है:
झारखण्ड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र।
2. टर्शियरीकालीन कोयला क्षेत्र: इस युग का कोयला अपेक्षाकृत कम गुणवत्ता वाला (लिग्नाइट) होता है और यह निम्न राज्यों में पाया जाता है:
असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु।
प्रमुख कोयला उत्पादक क्षेत्र एवं राज्य बताएँ।
उत्तर: भारत के प्रमुख कोयला उत्पादक क्षेत्र और उनके राज्य इस प्रकार हैं:
| क्रम सं. | कोयला क्षेत्र | राज्य |
|---|---|---|
| सिंगरौली | मध्य प्रदेश | |
| कोरबा, झिलमिली, चिरमिरी | छत्तीसगढ़ | |
| तालचर | ओडिशा | |
| धनबाद, रामगढ़, झरिया, कर्णपुरा, बोकारो | झारखंड | |
| रानीगंज | पश्चिम बंगाल | |
| सिंगरेनी | आंध्र प्रदेश |
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