Bihar Board Class 10th Sanskrit (संस्कृत पीयूषम् भाग 2) Chapter 4 संस्कृतसाहित्ये लेखिकाः) Solutions
Bihar Board Class 10th Sanskrit (संस्कृत पीयूषम् भाग 2) Chapter 4 संस्कृतसाहित्ये लेखिकाः) Solutions
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Bihar Board Class 10 Sanskrit (संस्कृत पीयूषम् भाग 2)
Chapter 4 - संस्कृतसाहित्ये लेखिकाः
प्रश्न 1.
'संस्कृतसाहित्ये लेखिका: पाठ कस्य महत्त्वं प्रतिपादयति ?
(A) TERT
(8) दुर्जनस्य
(८) महिलाया:
(0) सज्जनस्य
उत्तर: (८) महिलाया:
व्याख्या: यह पाठ संस्कृत साहित्य में महिला लेखिकाओं के योगदान और उनके महत्व को प्रस्तुत करता है। इसमें वैदिक काल से लेकर आधुनिक काल तक की विदुषी महिलाओं के बारे में बताया गया है।
प्रश्न 2,
कस्य यान॑ पुरुषै: नारीभिश्व चलति ?
(A) TRA
(8) देशस्य
(८) प्रान्तस्य
(0) समाजस्य
उत्तर: (0) समाजस्य
व्याख्या: समाज रूपी रथ पुरुषों और नारियों दोनों के सहयोग से ही चलता है। जिस प्रकार एक रथ के दोनों पहिए समान रूप से महत्वपूर्ण होते हैं, उसी प्रकार समाज की प्रगति के लिए पुरुष और नारी दोनों का समान योगदान आवश्यक है।
प्रश्न 3.
आधुनिक संस्कृत लेखिकासु का प्रसिद्धा ?
(/) क्षमारावः
(8) मिथिलेश कुमारी मिश्र:
(८) शांति देवी
(0) गड्ज़ देवी
उत्तर: (/) क्षमारावः
व्याख्या: पंडिता क्षमाराव आधुनिक युग की एक प्रसिद्ध संस्कृत लेखिका हैं। इन्होंने 'शंकरचरितम्', 'मीरालहरी' और 'ग्रामज्योति' जैसे महत्वपूर्ण ग्रंथों की रचना की है।
प्रश्न 4. शंकरचरितस्य रचनाकार: का?
(/) पुष्पादीक्षितः
(8) तिरुमलाम्बा
(८) गड्जदेवी
(0) पण्डिता क्षमाराव:
उत्तर: (0) पण्डिता क्षमाराव:
व्याख्या: 'शंकरचरितम्' नामक जीवनचरित ग्रंथ की रचना पंडिता क्षमाराव ने की थी। यह ग्रंथ आदि शंकराचार्य के जीवन और दर्शन पर आधारित है।
प्रश्न 5.
अथर्ववेदे कति ऋषिका: आसन् ?
(A) TT
(8) चतुर्विशतिः
(८) चत्वारिशत्
(0) दश
उत्तर: (A) TT
व्याख्या: अथर्ववेद में लगभग 20 (बीस) ऋषिकाओं का उल्लेख मिलता है। इनमें वागाम्भृणी, जह्नवी, नदी, इन्द्राणी, सिकता, निवावरी, आकूति, घोषा, विश्ववारा आदि प्रमुख हैं।
प्रश्न 6.
गड़ादेवी कि महाकाव्यम् अरचयत् १
(») मधुराविजयम्
(8) ग्रामज्योतिः
(८) रामायण
(0) मीरालहरी
उत्तर: (») मधुराविजयम्
व्याख्या: गंगादेवी ने 'मधुराविजयम्' नामक महाकाव्य की रचना की थी। यह काव्य विजयनगर साम्राज्य के राजा कंपनराय (कम्पन्न) की विजय गाथा का वर्णन करता है। गंगादेवी स्वयं कंपनराय की पत्नी थीं।
प्रश्न 7.
विजयभट्वारिका कस्य राज्ञी आसीत् ?
(/) चन्द्रगुप्तस्य
(8) अशोकस्य
(९८) समुद्रगुप्तस्य
(0) चन्द्रादित्यस्य
उत्तर: (0) चन्द्रादित्यस्य
व्याख्या: विजयाभट्टारिका चालुक्य वंश के राजा चन्द्रादित्य (द्वितीय) की रानी थीं। वे एक विदुषी महिला थीं और संस्कृत साहित्य में उनका योगदान महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 8.
PA MATA शास्त्रार्थकुशला गार्मी वाचक्रबी तिष्ठति सम १
(A) रामस्य
(8) कृष्णस्य
(९) जनकस्य
(0) अशोकस्य
उत्तर : (९) जनकस्य
व्याख्या: गार्गी वाचक्नवी राजा जनक की सभा में शास्त्रार्थ में भाग लेने वाली एक प्रसिद्ध विदुषी थीं। उन्होंने याज्ञवल्क्य जैसे महान ऋषि के साथ भी शास्त्रार्थ किया था, जो ब्रह्मज्ञान पर केंद्रित था।
प्रश्न 9.
विजयाड॒कायाः: वर्ण: कः आसीत् ?
(A) at
(B) Ya:
(C) Utd:
(0) श्यामः
उत्तर: (0) श्यामः
व्याख्या: विजयाभट्टारिका का वर्ण श्याम (गौरा/गोरा) था। प्राचीन ग्रंथों में उनके सौंदर्य और गौर वर्ण का उल्लेख मिलता है।
प्रश्न 10.
'शड़करचरितम् इति जीवनचरित रचयित्री का?
(/) क्षमाराव:
(8) मिथिलेश कुमारी मिश्र:
(८) शांति देवी
(0) गड्ज़ देवी
उत्तर : (/) क्षमाराव:
व्याख्या: 'शंकरचरितम्' नामक जीवनी ग्रंथ की रचना पंडिता क्षमाराव ने की थी। यह ग्रंथ आधुनिक संस्कृत साहित्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
प्रश्न 11.
मीरालहरी ग्रन्थस्य कवयित्री का १
(/) क्षमारावः
(8) मिथिलेश कुमारी मिश्र
(८) शांति देवी
(0) गड्ज़ देवी
उत्तर: (/) क्षमारावः
व्याख्या: 'मीरालहरी' नामक ग्रंथ की रचना भी पंडिता क्षमाराव ने ही की है। यह उनकी साहित्यिक रचनाओं में से एक प्रमुख रचना है।
प्रश्न 12.
ग्रामज्योति का लिखितवती १
(/) क्षमारावः
(8) मिथिलेश कुमारी मिश्र:
(८) शांति देवी
(0) गड्ज़ देवी
उत्तर: (/) क्षमारावः
व्याख्या: 'ग्रामज्योति' नामक रचना भी पंडिता क्षमाराव द्वारा ही लिखी गई है। इस प्रकार, क्षमाराव आधुनिक युग की एक बहुमुखी प्रतिभा संपन्न लेखिका थीं।
प्रश्न 13. जनकस्य सभायां शास्त्रार्थकु शला का?
(/) क्षमारावः
(8) मिथिलेश कुमारी मिश्र:
(८) शांति देवी
(0) गार्गी
उत्तर: (0) गार्गी
व्याख्या: राजा जनक की सभा में शास्त्रार्थ में निपुण विदुषी गार्गी वाचक्नवी थीं। उनका वैदिक साहित्य में बहुत ऊँचा स्थान है और वे ब्रह्मविद्या में पारंगत थीं।
हिन्दी में वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
'संस्कृतसाहित्ये लेखिका: पाठ में किसके महत्व का वर्णन किया गया है?
(A) Tea
(8) दुर्जन
(८) सज्जन
(0) औरत
उत्तर: (0) औरत
व्याख्या: इस पाठ का मुख्य उद्देश्य संस्कृत साहित्य के इतिहास में महिला लेखिकाओं के योगदान को उजागर करना और उनके महत्व को स्थापित करना है। यह पाठ बताता है कि प्राचीन काल से ही महिलाएँ ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी रही हैं।
प्रश्न 2.
पुरुषों और नारियों के सहयोग से किसकी गाड़ी चलती है?
(») देश का
(8) नगर का
(८) प्रांत का
(0) समाज की
ode : (0) समाज की
व्याख्या: समाज रूपी गाड़ी पुरुष और नारी दोनों के सहयोग से ही सुचारू रूप से चल सकती है। एक के बिना दूसरे का अस्तित्व अधूरा है। दोनों का समान योगदान समाज की उन्नति और संतुलन के लिए आवश्यक है।
प्रश्न 3.
आधुनिक काल की संस्कृत कवयित्री कौन हैं?
(») तिरुमलम्बा
(8) विजयाइुका
(८) सुलभा
(0) पण्डिता क्षमाराव
उत्तर: (0) पण्डिता क्षमाराव
व्याख्या: पंडिता क्षमाराव (जन्म १९०३) आधुनिक युग की सबसे प्रसिद्ध संस्कृत लेखिकाओं में से एक हैं। उन्होंने कविता, नाटक, जीवनी और निबंध आदि विभिन्न विधाओं में रचनाएँ कीं और संस्कृत साहित्य को समृद्ध किया।
प्रश्न 4.
वर्तमान काल की संस्कृत लेखिका कौन है?
(A) 71ST eat
(8) सुलभा
(८) मिथिलेश कुमारी मिश्र
(0) विजयाइका
उत्तर: (८) मिथिलेश कुमारी मिश्र
व्याख्या: डॉ. मिथिलेश कुमारी मिश्र वर्तमान समय की एक जानी-मानी संस्कृत लेखिका, शोधकर्ता और शिक्षाविद् हैं। उन्होंने संस्कृत साहित्य, दर्शन और महिला अध्ययन पर कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं।
प्रश्न 5.
“अच्युतराय' की रानी कौन थी?
(/) इन्द्राणी
(8) गंगादेवी
(८) उर्वशी
(0) तिरुमलाम्बा
उत्तर: (0) तिरुमलाम्बा
व्याख्या: तिरुमलाम्बा विजयनगर साम्राज्य के राजा अच्युतराय (अच्युतदेव राय) की रानी थीं। वे स्वयं एक विदुषी और कवयित्री थीं। उन्होंने 'वरदाम्बिका परिणय' नामक नाटक की रचना की थी।
प्रश्न 6.
शंकर-चरित्रम् की रचना किसने की?
(/) पुष्पादीक्षित
(8) तिरुमलाम्बा
(८) गंगादेवी
(0) पं. क्षमाराव
उत्तर: (0) पं. क्षमाराव
व्याख्या: 'शंकरचरितम्' नामक जीवनचरित ग्रंथ पंडिता क्षमाराव की एक प्रमुख रचना है। इस ग्रंथ में उन्होंने आदि शंकराचार्य के जीवन, दर्शन और देशभर में उनकी धर्मयात्रा का विस्तृत वर्णन किया है।
प्रश्न 7.
ऋग्वेद में कितनी मंत्रदर्शनवती ऋषिकाओं का उल्लेख है ?
(A) TT
(8) चतुर्विशतिः
(८) विंशतिः
(0) चत्वारिंशत्
ode : (8) चतुर्विशतिः
व्याख्या: ऋग्वेद में लगभग 24 (चौबीस) ऋषिकाओं का उल्लेख मिलता है, जिन्होंने वेद मंत्रों का दर्शन किया था। इनमें लोपामुद्रा, घोषा, विश्ववारा, अपाला, सिकता निवावरी, कक्षीवती, शाश्वती आदि प्रमुख हैं।
प्रश्न 8.
अथर्ववेद में कितनी महिलाओं का वर्णन है?
(A)7
(B) 5
(Cc) 6
(D) 8
उत्तर: (8) 5
व्याख्या: अथर्ववेद में पाँच प्रमुख ऋषिकाओं - वागाम्भृणी, जह्नवी, नदी, इन्द्राणी और सिकता निवावरी का विशेष रूप से वर्णन मिलता है, जिन्होंने इस वेद के मंत्रों की रचना की थी।
प्रश्न 9.
मघुराविजयम् महाकाव्य की रचना किसने की? .
(/) पुष्पादीक्षित
(8) तिरुमलाम्बा
(८) गंगादेवी
(0) पं. क्षमाराव
उत्तर: (८) गंगादेवी
व्याख्या: 'मधुराविजयम्' महाकाव्य की रचना गंगादेवी ने 14वीं शताब्दी में की थी। यह संस्कृत का एक ऐतिहासिक महाकाव्य है, जो विजयनगर के राजा कंपनराय द्वारा मदुरै (मधुरा) के सुल्तान पर विजय का वर्णन करता है।
प्रश्न 10.
वदाराम्बिकापमिय_ कहाकाव्य की रचना किसने की?
(/) पुष्पादीक्षित
(8) तिरुमलाम्बा
(८) गंगादेवी
(0) पं. क्षमाराव
उत्तर: (8) तिरुमलाम्बा
व्याख्या: 'वरदाम्बिका परिणय' नामक नाटक की रचना तिरुमलाम्बा ने की थी। यह नाटक विजयनगर साम्राज्य के सांस्कृतिक जीवन की झलक प्रस्तुत करता है और तिरुमलाम्बा की साहित्यिक कुशलता को दर्शाता है।
प्रश्न 11.
क्षमाराव किस काल के लेखक हैं?
(A) आधुनिक काल
(8) मध्यकाल
(८) प्राचीनकाल
(0) उपर्युक्त कोई नहीं
उत्तर: (») आधुनिक काल
व्याख्या: पंडिता क्षमाराव (1903-1987) आधुनिक काल की संस्कृत लेखिका हैं। उनका जन्म ब्रिटिश भारत में हुआ था और उन्होंने स्वतंत्र भारत में भी सक्रिय रूप से लेखन कार्य जारी रखा। उन्हें संस्कृत साहित्य में उल्लेखनीय योगदान के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
प्रश्न 12.
कंपनराय की रानी कौन थी?
(/) पुष्पादीक्षित
(8) तिरुमलाम्बा
(८) गंगादेवी
(0) पं. क्षमाराव
उत्तर: (८) गंगादेवी
व्याख्या: गंगादेवी विजयनगर साम्राज्य के राजा कंपनराय (वीर कम्पन्न उडयार) की पत्नी और प्रमुख रानी थीं। वे न केवल एक राज्ञी बल्कि एक प्रतिभाशाली कवयित्री भी थीं, जिन्होंने 'मधुराविजयम्' जैसे महाकाव्य की रचना की।
प्रश्न 13.
जनक की सभा में शास्त्रार्थकुशला कौन विदृषी रहती थी?
(/) पुष्पादीक्षित
(8) गार्गी
(८) गंगादेवी
(0) पं. क्षमाराव
उत्तर: (8) गार्गी
व्याख्या: गार्गी वाचक्नवी राजा जनक की सभा में होने वाले शास्त्रार्थों में भाग लेने वाली प्रमुख विदुषी थीं। बृहदारण्यक उपनिषद में उनका याज्ञवल्क्य के साथ हुए दार्शनिक शास्त्रार्थ का विस्तृत वर्णन मिलता है, जिसमें उन्होंने ब्रह्म के स्वरूप पर गहन प्रश्न किए थे।
प्रश्न 14.
इन्द्राणी का वर्णन किस वेद में है?
(A) sda
(8) ऋग्वेद
(८) सामवेद
(0) कोई नहीं
उत्तर: (A) sda
व्याख्या: ऋषिका इन्द्राणी का वर्णन अथर्ववेद में मिलता है। वे अथर्ववेद की मंत्रद्रष्टा ऋषिकाओं में से एक थीं। उनके नाम से ही स्पष्ट है कि वे देवराज इन्द्र से संबंधित थीं।
प्रश्न 15.
मीरा लहरी की लेखिका कौन है?
(/) पुष्पादीक्षित
(8) तिरुमलाम्बा
(८) गंगादेवी
(0) पं. क्षमाराव
उत्तर: (0) पं. क्षमाराव
व्याख्या: 'मीरालहरी' नामक ग्रंथ की रचना पंडिता क्षमाराव ने की है। यह रचना संभवतः भक्ति काव्य से संबंधित है और मीराबाई की भक्ति भावना से प्रेरित हो सकती है।
प्रश्न16.
किस युग में मन्त्रों की दर्शिका न केवल ऋषि बल्कि ऋषिका भी थी?
(/) सामन््त युग
(8) कलियुग
(८) वैदिक युग
(0) सतयुग
उत्तर: (८) वैदिक युग
व्याख्या: वैदिक युग (लगभग 1500-500 ईसा पूर्व) में ज्ञान और आध्यात्मिकता के क्षेत्र में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी थी। इस युग में ऋषिकाएँ (महिला ऋषि) भी वेद मंत्रों की द्रष्टा थीं और उन्होंने धार्मिक एवं दार्शनिक चिंतन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
प्रश्न 17.
याज्ञवल्क्य की पत्नी कौन थी?
(») मैत्रेयी
(8) सुलभा
(८) देवकुमारिका
(0) रामभद्राम्बा ।
उत्तर: (») मैत्रेयी
व्याख्या: प्रसिद्ध ऋषि याज्ञवल्क्य की दो पत्नियाँ थीं - कात्यायनी और मैत्रेयी। मैत्रेयी ब्रह्मविद्या में गहरी रुचि रखने वाली एक जिज्ञासु और बुद्धिमान महिला थीं। उपनिषदों में याज्ञवल्क्य और मैत्रेयी के बीच आत्मतत्व पर हुए संवाद का वर्णन मिलता है।
प्रश्न 18,
याज्ञवल्क्य ने अपनी पत्नी को क्या शिक्षा दी?
(/) नीति की.
(8) धर्म की
(८) अर्थ की
(0) आत्मतत्व की
उत्तर : (0) आत्मतत्व की
व्याख्या: जब याज्ञवल्क्य संन्यास लेने जा रहे थे, तब उन्होंने अपनी पत्नी मैत्रेयी को आत्मतत्व (ब्रह्म का सत्य) की शिक्षा दी। इस प्रसिद्ध संवाद में उन्होंने समझाया कि सांसारिक वस्तुओं से प्रेम नहीं, बल्कि आत्मा से प्रेम ही सच्चा और शाश्वत है।
प्रश्न 19.
याज्ञवल्क्य ने आत्मतत्व की शिक्षा किसकी दी थी?
(») मैत्रेयी को
(8) गार्गी को।
(८) सुलभा को
(0) रामभद्राम्बा को
उत्तर: (») मैत्रेयी को
व्याख्या: याज्ञवल्क्य ने आत्मतत्व की उच्च शिक्षा विशेष रूप से अपनी पत्नी मैत्रेयी को दी थी। बृहदारण्यक उपनिषद में इस संवाद का विस्तृत वर्णन है, जो भारतीय दर्शन में गुरु-शिष्य परंपरा का एक अनूठा उदाहरण है, जहाँ पति ने पत्नी को परम ज्ञान का उपदेश दिया।
प्रश्न 20.
'सर्वशुक्ला सरस्वती' किसने कहा है?
(A) याज्ञवल्क्य ने
(8) बाणभट्ठ ने
(८) जनक ने
(0) ठण्डी ने
उत्तर: (0) ठण्डी ने
व्याख्या: 'सर्वशुक्ला सरस्वती' (पूर्णतः शुभ्र सरस्वती) उक्ति प्रसिद्ध संस्कृत कवयित्री ठण्डी (ठंडी) ने कही है। ठण्डी अपने ती
प्रश्न 7.
विपुलं किम् अस्ति? । (A) जीवनम् (B) मरणम् (C) संस्कृत साहित्यम् (D) शिक्षनम्
उत्तर: (C) संस्कृत साहित्यम्
संस्कृत साहित्य अत्यंत विशाल एवं समृद्ध है। इसमें वेद, उपनिषद्, पुराण, महाकाव्य, नाटक आदि अनेक ग्रंथ समाहित हैं, इसलिए इसे 'विपुल' कहा गया है।
प्रश्न 8.
गड़ादेवी कि महाकाव्यं अरचयत? (A) मधुराविजयम् (B) शडुकरचडितम् (C) विजयांकम् (D) ललितादित्यम्
उत्तर: (A) मधुराविजयम्
गङ्गादेवी ने 'मधुराविजयम्' नामक एक प्रसिद्ध संस्कृत महाकाव्य की रचना की थी। इसमें उनके पति कम्पनाराय के विजय अभियान का वर्णन है।
प्रश्न 9.
याज्ञवल्क्यस्य पत्नी का आसीत्? (A) धृतिमती (B) दार्शनिकरुचिमती (C) शिक्षिका (D) कवयित्री
उत्तर: (B) दार्शनिकरुचिमती
याज्ञवल्क्य की पत्नी मैत्रेयी दार्शनिक विषयों में गहरी रुचि रखने वाली एक जिज्ञासु और बुद्धिमती महिला थीं। उन्होंने आत्मा और ब्रह्म के विषय में गहन प्रश्न पूछे थे।
प्रश्न 10.
तिरुमलाम्बा कस्य चम्पूकाव्यस्य रचनां कृतवती? (A) मधुराविजयम् (B) शंकरचरितम् (C) वरदाम्बिकापरिणय (D) मीरालहरी
उत्तर: (C) वरदाम्बिकापरिणय
तिरुमलाम्बा ने 'वरदाम्बिकापरिणय' नामक चम्पूकाव्य (गद्य और पद्य का मिश्रण) की रचना की थी। यह विजयनगर साम्राज्य के राजा अच्युतराय के विवाह का वर्णन करता है।
प्रश्न 11.
अच्युतरायस्य राज्ञी का आसीत्? (A) विजयभट्ठवारिका (B) पण्डिता क्षमाराव (C) गड्जदेवी (D) तिरूमलाम्बा
उत्तर: (D) तिरूमलाम्बा
विजयनगर साम्राज्य के राजा अच्युतराय (कृष्णदेवराय के भाई) की पत्नी तिरुमलाम्बा थीं, जो स्वयं एक प्रतिभाशाली कवयित्री थीं।
प्रश्न 12.
वृहदारण्यकोपनिषदि याज्ञवल्कस्य पत्नी (A) मैत्रेयी (B) मैत्री (C) मत्रयी (D) मैत्र
उत्तर: (A) मैत्रेयी
वृहदारण्यक उपनिषद् में ऋषि याज्ञवल्क्य की दो पत्नियों- कात्यायनी और मैत्रेयी का उल्लेख है। मैत्रेयी दार्शनिक चर्चा में रुचि रखती थीं।
प्रश्न 13.
कम्पपारायस्य राज्ञी का आसीत्? (A) मैत्रेयी (B) गड़़ादेवी (C) क्षमाराव (D) कमलादेवी
उत्तर: (B) गड़़ादेवी
विजयनगर साम्राज्य के सेनापति और राजकुमार कम्पनाराय (कम्पपाराय) की पत्नी गङ्गादेवी थीं, जिन्होंने 'मधुराविजयम्' महाकाव्य लिखा।
प्रश्न 14.
शंकरपाण्डुरंग: कः आसीत्? (A) विद्वान् (B) महान् (C) कवि (D) कथाकारः
उत्तर: (A) विद्वान्
शंकर पांडुरंग एक प्रसिद्ध संस्कृत विद्वान थे। पंडिता क्षमाराव ने उनकी जीवनी 'शंकरचरितम्' लिखी थी।
प्रश्न 15.
'संस्कतसाहित्ये लेखिका: पाठ: कस्य महत्त्वं प्रतिपादयति? (A) पुरुषस्य (B) दुर्जनस्य (C) महिलायाः (D) सज्जनस्य
उत्तर: (C) महिलायाः
यह पाठ संस्कृत साहित्य के विकास में महिला लेखिकाओं के योगदान और महत्व को प्रस्तुत करता है, यह दर्शाता है कि साहित्य सिर्फ पुरुषों का क्षेत्र नहीं था।
प्रश्न 16.
कस्य यान॑ पुरुषैः नारीभिश्व चलति? (A) रथस्य (B) देशस्य (C) प्रान्तस्य (D) समाजस्य
उत्तर: (D) समाजस्य
समाज रूपी रथ पुरुष और नारी दोनों के समान योगदान से आगे बढ़ता है। एक के बिना दूसरे का विकास असंभव है।
प्रश्न 17.
आधुनिक संस्कृत लेखिकासु का प्रसिद्धा? (A) क्षमारावः (B) मिथिलेश कुमारी मिश्र: (C) शांति देवी (D) गड्ज़ देवी
उत्तर: (A) क्षमारावः
पंडिता क्षमाराव (क्षमा राव) आधुनिक युग की एक अत्यंत प्रसिद्ध संस्कृत लेखिका, विदुषी और समाज सुधारक थीं। उन्होंने अनेक ग्रंथों की रचना की।
प्रश्न 18.
शंकरचरितस्य रचनाकार: का? (A) पुष्पादीक्षितः (B) तिरुमलाम्बा (C) गड्जदेवी (D) पण्डिता क्षमारावः
उत्तर: (D) पण्डिता क्षमारावः
'शंकरचरितम्' नामक जीवनी ग्रंथ की रचना पंडिता क्षमाराव ने अपने गुरु शंकर पांडुरंग के जीवन पर की थी।
प्रश्न 19.
अथर्ववेदे कति ऋषिका: आसन् ? (A) सप्त (B) चतुर्विशतिः (C) चत्वारिशत् (D) दश
उत्तर: (A) सप्त
अथर्ववेद में सात ऋषिकाओं (महिला ऋषियों) के नाम मिलते हैं, जैसे- विश्ववारा, अपाला, घोषा, आदि। यह प्राचीन काल में महिलाओं की बौद्धिक भागीदारी को दर्शाता है।
प्रश्न 20.
गान्धिदर्शनप्रभाविता का आसीत्? (A) क्षमाराव (B) मैत्रेयी (C) गड्जदेवी (D) तिरुमलाम्बा
उत्तर: (A) क्षमाराव
पंडिता क्षमाराव महात्मा गांधी के विचारों से बहुत प्रभावित थीं। उन्होंने सामाजिक समानता और महिला शिक्षा के क्षेत्र में गांधीवादी सिद्धांतों को अपनाया।
प्रश्न 21.
जनकस्य सभायां शास्त्रार्थकुशला .............. वाचक्रवी तिष्ठति सम। रिक्त स्थानानि पूरयता (A) सम्मार्गी (B) गार्गी (C) रागी (D) मार्गी
उत्तर: (B) गार्गी
राजा जनक की सभा में शास्त्रार्थ (विद्वतापूर्ण वाद-विवाद) में निपुण ब्रह्मवादिनी गार्गी वाचक्नवी खड़ी हुई थीं। उन्होंने याज्ञवल्क्य से गहन दार्शनिक प्रश्न पूछे थे।
प्रश्न 22.
लौकिक संस्कृतसाहित्ये प्रायेण ......कवयित्रीणां सार्धशतं पद्यानि लभ्यन्ते। रिक्त स्थानानि पूरयत। (A) दशमः (B) नवम् (C) चत्वारि (D) चत्वारिंशत्
उत्तर: (D) चत्वारिंशत्
लौकिक संस्कृत साहित्य (वैदिक के अलावा) में लगभग चालीस (चत्वारिंशत्) से भी अधिक कवयित्रियों के पद्य (कविताएँ) प्राप्त होते हैं, जो उनके व्यापक योगदान को दर्शाता है।
प्रश्न 23.
साच..... वर्णा सीदति। रिक्त स्थानानि पूरयत। (A) गेहुआ (B) थ्रेत (C) श्याम (D) श्यामश्वेत
उत्तर: (C) श्याम
सीता (साच) श्याम (साँवले) वर्ण की हैं, अर्थात् उनका रंग गौरा न होकर साँवला था। यह उनकी सुंदरता का एक विशेषण है।
प्रश्न 24.
गड़ादेवी का आसीत्? | (A) मीरालहरी (B) ग्रामज्योतिः (C) लेखिका (D) मधुराविजयम्
उत्तर: (C) लेखिका
गङ्गादेवी मुख्य रूप से एक प्रतिभाशाली लेखिका (कवयित्री) थीं, जिन्होंने 'मधुराविजयम्' जैसे महाकाव्य की रचना की। अन्य विकल्प उनकी रचना या उपाधि हैं।
प्रश्न 25.
विजयभट्वारिका कस्य राज्ञी आसीत्? (A) चन्द्रगुप्तस्य (B) अशोकस्य (C) समुद्रगुप्तस्य (D) चन्द्रादित्यस्य
उत्तर: (D) चन्द्रादित्यस्य
विजयभट्टारिका (विजयाङ्का) चालुक्य वंश के राजा चन्द्रादित्य की पत्नी थीं। वे स्वयं एक कवयित्री थीं और 'कौमुदीमहोत्सव' नाटक की रचयिता मानी जाती हैं।
प्रश्न 26.
शास्त्रार्थकुशला गार्गी वाचक्रवी तिष्ठति सम? (A) रामस्य (B) कृष्णस्य (C) जनकस्य (D) अशोकस्य
उत्तर: (C) जनकस्य
ब्रह्मवादिनी गार्गी वाचक्नवी विदेह के राजा जनक की सभा में शास्त्रार्थ के लिए खड़ी हुई थीं और उन्होंने याज्ञवल्क्य से तर्कपूर्ण प्रश्न किए थे।
प्रश्न 27.
विजयाड॒काया: वर्ण: कः आसीत्? (A) गौरः (B) रक्तः (C) पीतः (D) श्यामः
उत्तर: (D) श्यामः
विजयाङ्का (विजयभट्टारिका) का वर्ण श्याम (साँवला) था। प्राचीन साहित्य में स्त्री सौंदर्य के विविध रूपों का वर्णन मिलता है।
प्रश्न 28.
'शड़करचरितम् इति जीवनचरितस्य रचयित्री का? (A) क्षमारावः (B) मिथिलेश कुमारी मिश्र: (C) शांति देवी (D) गड्जा देवी
उत्तर: (A) क्षमारावः
'शंकरचरितम्' नामक जीवनी की रचयित्री पंडिता क्षमाराव ही थीं। इस ग्रंथ में उन्होंने अपने गुरु शंकर पांडुरंग के जीवन और कार्यों का वर्णन किया है।
प्रश्न 29.
मीरालहरी ग्रनथस्य कवयित्री का? (A) क्षमारावः (B) मिथिलेश कुमारी मिश्र: (C) शांति देवी (D) गड्जा देवी
उत्तर: (A) क्षमारावः
'मीरालहरी' नामक ग्रंथ की भी रचना पंडिता क्षमाराव ने ही की थी। यह उनकी साहित्यिक प्रतिभा की बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाता है।
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