Bihar Board Class 10th Sanskrit (संस्कृत पीयूषम् भाग 2) Chapter 13 विश्वशांतिः) Solutions
Here we have provided Solution for Chapter 13 विश्वशांतिः) of Sanskrit (संस्कृत पीयूषम् भाग 2) subject for Class 10th students of Bihar Board of Secondary Education. There are various chapters in this Sanskrit (संस्कृत पीयूषम् भाग 2) such as Chapter 1 मङ्गलम्), Chapter 2 पाटलिपुत्रवैभवम्), Chapter 3 अलसकथा), Chapter 4 संस्कृतसाहित्ये लेखिकाः), Chapter 5 भारतमहिमा), Chapter 6 भारतीयसंस्काराः), Chapter 7 नीतिश्लोकाः), Chapter 8 कर्मवीर कथाः), Chapter 9 स्वामी दयानन्दः), Chapter 10 मन्दाकिनीवर्णनम्), Chapter 11 व्याघ्रपथिककथाः), Chapter 13 विश्वशांतिः) and Chapter 14 शास्त्रकाराः). Summary of the same is given below:
| Board Name | Bihar Board of Secondary Education |
| Class | Class 10th |
| Content Type | Solution |
| Solution for | Class 10th students |
| Subject | Sanskrit (संस्कृत पीयूषम् भाग 2) |
| Chapter Name | Chapter 13 विश्वशांतिः) |
| Total Number of Chapter in this Subject | 13 |
Studying Bihar Board Class 10th Sanskrit (संस्कृत पीयूषम् भाग 2) Chapter 13 विश्वशांतिः) solution will help you higher marks in this subject but you need to follow best practices to achieve higher marks, which are given after solutions, go through them once.
Bihar Board Class 10th Sanskrit (संस्कृत पीयूषम् भाग 2) Chapter 13 विश्वशांतिः) Solutions
View the following solutions for Bihar Board Class 10th Sanskrit (संस्कृत पीयूषम् भाग 2) Chapter 13 विश्वशांतिः). These solutions are available for viewing online.
Bihar Board 10th Sanskrit Objective Answers
Chapter 13: विश्वशांतिः
प्रश्न 1.
“विश्वशांति पाठे कस्य चित्रणं मिलति ? (A) अशांति: वातावरणस्य
(B) देशभक्ति वातावरणस्य
(C) वैज्ञानिकी वातावरणस्य
(D) शांति: वातावरणस्य
उत्तर: (A) अशांति: वातावरणस्य
व्याख्या: इस पाठ में मुख्य रूप से वर्तमान विश्व में फैली हुई अशांति के वातावरण का वर्णन किया गया है। लेखक बताते हैं कि कैसे संपूर्ण विश्व अशांति से घिरा हुआ है।
प्रश्न 2.
दुःखस्य विषय: किम् अस्ति ? (A) अशांति:
(B) सार्वभौमिकी अशांति:
(C) शांति:
(D) सार्वभौमिकी शांति:
उत्तर: (B) सार्वभौमिकी अशांति:
व्याख्या: आज के युग में दुःख का मुख्य कारण केवल स्थानीय अशांति नहीं, बल्कि पूरे विश्व में व्याप्त सार्वभौमिक अशांति है। यह अशांति सभी देशों और मनुष्यों को प्रभावित कर रही है।
प्रश्न 3.
कानि मोदनानि लाभ वर्धयन्ति ? (A) मित्रराज्यानि
(B) शत्रुराज्यानि
(C) अनेकराजयानि
(D) सर्वाणि राज्यानि
उत्तर: (B) शत्रुराज्यानि
व्याख्या: अशांति और युद्ध का लाभ केवल शत्रु राष्ट्रों को होता है। वे इस स्थिति में अपना फायदा बढ़ाते हैं, जबकि सामान्य जनता और मित्र राष्ट्रों को हानि उठानी पड़ती है।
प्रश्न 4.
परपीडनम् कस्मै जायते ? (A) स्वार्थाय
(B) परमार्थाय
(C) आत्मनाशाय
(D) आत्मविकासाय
उत्तर: (C) आत्मनाशाय
व्याख्या: दूसरों को पीड़ा देना, यानी परपीड़न, कभी भी स्थायी लाभ नहीं देता। यह तो अंततः आत्मनाश (स्वयं के विनाश) का ही कारण बनता है।
प्रश्न 5.
क्रियां विना कि भारम् ? (A) शास्त्रम्
(B) विवेकम्
(C) ज्ञानम्
(D) पुस्तकम्
उत्तर: (C) ज्ञानम्
व्याख्या: केवल सैद्धांतिक ज्ञान प्राप्त कर लेना पर्याप्त नहीं है। यदि उस ज्ञान को क्रिया (व्यवहार) में नहीं उतारा जाता, तो वह ज्ञान एक भार (बोझ) के समान ही रह जाता है।
प्रश्न 6.
अनेकेषु राज्येषु परस्पर किं प्रचलित ? (A) शीतयुद्ध
(B) उष्णयुद्धम्
(C) अस्त्रयुद्धम्
(D) शस्त्रयुद्धम्
उत्तर: (A) शीतयुद्ध
व्याख्या: आजकल अनेक राष्ट्र आपस में सीधे युद्ध न लड़कर शीतयुद्ध (Cold War) की स्थिति में हैं। इसमें प्रत्यक्ष संघर्ष के बजाय तनाव, प्रतिस्पर्धा और प्रचार के माध्यम से विवाद चलता रहता है।
प्रश्न 7.
सर्वे कि त्यजेयु:? (A) स्वार्थम्
(B) परमार्थम्
(C) परोपकारम्
(D) असहिष्णुताम्
उत्तर: (A) स्वार्थम्
व्याख्या: विश्व शांति की स्थापना के लिए सभी को अपना स्वार्थ त्यागना होगा। केवल अपने फायदे के बारे में सोचने से आपसी वैर और अशांति बढ़ती है।
प्रश्न 8.
वैरेण कस्य शमनम् असम्भवम् ? (A) अवैरस्य
(B) वैरस्य
(C) स्वार्थस्य
(D) परमार्थस्य
उत्तर: (B) वैरस्य
व्याख्या: भगवान बुद्ध ने सिखाया था कि वैर (घृणा या शत्रुता) से वैर का शमन (शांत करना) असंभव है। वैर को तो केवल अवैर (प्रेम और अहिंसा) से ही शांत किया जा सकता है।
प्रश्न 9.
विवादान् शमयितुं (देशानांमध्ये) का संस्था अस्ति? (A) राष्ट्रसंघ:
(B) संयुक्तराष्ट्रसंघः
(C) उच्च न्यायालय:
(D) सर्वोच्च न्यायालय:
उत्तर: (B) संयुक्तराष्ट्रसंघः
व्याख्या: विभिन्न देशों के बीच उत्पन्न होने वाले विवादों को शांतिपूर्वक सुलझाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त राष्ट्र संघ (United Nations) नामक संस्था कार्य करती है।
प्रश्न 10.
अनेकेषु राज्येषु परस्पर किं प्रचलित ? (A) एकम्
(B) द्वे
(C) त्रीणि
(D) चत्वारि
उत्तर: (B) द्वे
व्याख्या: पाठ के अनुसार, अशांति के मुख्य दो कारण बताए गए हैं - स्वार्थ और असहिष्णुता। यही दोनों कारण पारस्परिक वैर और संघर्ष को बढ़ावा देते हैं।
हिन्दी में वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
विश्वशांति: ' पाठ में किस वातावरण का चित्रण किया गया है? (A) अशांति
(B) शांति
(C) देशभक्ति
(D) वैज्ञानिक
उत्तर: (A) अशांति
व्याख्या: इस पाठ का केंद्रीय विषय आधुनिक विश्व में व्याप्त अशांति के वातावरण का यथार्थ चित्रण करना है। लेखक ने इसी पृष्ठभूमि में शांति की आवश्यकता पर बल दिया है।
प्रश्न 2.
दुःख का विषय क्या है? (A) अशांति
(B) शांति
(C) सार्वभौमिक अशांति
(D) सार्वभौमिक शांति
उत्तर: (C) सार्वभौमिक अशांति
व्याख्या: वर्तमान युग में मानव जाति के दुःख का प्रमुख स्रोत कोई स्थानीय समस्या नहीं, बल्कि पूरे ग्रह पर छाई हुई सार्वभौमिक अशांति है, जो सभी को प्रभावित कर रही है।
प्रश्न 3.
अशांति मानवता का क्या कर रही है ? (A) सृजन
(B) विनाश
(C) उत्थान
(D) पतन
उत्तर: (B) विनाश
व्याख्या: अशांति का सबसे भयानक परिणाम यह है कि यह मानवता का विनाश कर रही है। यह लोगों के बीच प्रेम, सहयोग और भाईचारे की भावना को नष्ट कर देती है।
प्रश्न 4.
मानवता के विनाश का भय किससे है? (A) शस्त्र
(B) अस्त्र
(C) (A) और (B) दोनों
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (B) अस्त्र
व्याख्या: आज वैज्ञानिकों ने ऐसे घातक अस्त्र (मिसाइल, परमाणु बम आदि) बना लिए हैं, जो पूरी मानव सभ्यता को नष्ट करने की क्षमता रखते हैं। इन्हीं से मानवता के विनाश का भय उत्पन्न हुआ है।
प्रश्न 5.
अनेक राज्यों में परस्पर क्या चल रहे हैं? (A) गर्म युद्ध
(B) अस्त्र युद्ध
(C) शस्त्र युद्ध
(D) शीत युद्ध
उत्तर: (D) शीत युद्ध
व्याख्या: वर्तमान में अनेक राष्ट्र सीधे युद्ध की बजाय शीत युद्ध की स्थिति में हैं। इसमें वे एक-दूसरे के विरुद्ध प्रचार, जासूसी, आर्थिक प्रतिबंध और गुप्त षड्यंत्रों का सहारा लेते हैं।
प्रश्न 6.
अशांति के कारण कितने हैं? (A) 1
(B) 2
(C) 3
(D) 4
उत्तर: (B) 2
व्याख्या: पाठ में अशांति के दो मूल कारण बताए गए हैं: पहला - व्यक्तिगत और राष्ट्रीय स्वार्थ और दूसरा - एक-दूसरे के प्रति असहिष्णुता (सहन न कर पाने की भावना)।
प्रश्न 7.
किसके बिना ज्ञान भार स्वरूप है? (A) शास्त्र
(B) विवेक
(C) व्यवहार
(D) पुस्तक
उत्तर: (C) व्यवहार
व्याख्या: यदि अर्जित किया हुआ ज्ञान दैनिक व्यवहार में प्रयोग नहीं किया जाता, तो वह बेकार है और सिर्फ दिमाग पर एक बोझ बनकर रह जाता है। ज्ञान का वास्तविक मूल्य उसके व्यावहारिक उपयोग में है।
प्रश्न 8.
विश्वशांति का कौन काल माना जा सकता है? (A) सूर्योदय
(B) सूर्यास्त
(C) रात्रि
(D) उषा काल
उत्तर: (A) सूर्योदय
व्याख्या: जिस प्रकार सूर्योदय अंधकार को मिटाकर प्रकाश और नई आशा लेकर आता है, उसी प्रकार विश्वशांति भी वर्तमान अशांति के अंधकार को मिटाने वाली एक नई प्रभात (सुबह) के समान है।
प्रश्न 9.
देशों के बीच झगड़ों को शांत करने के लिए कौन संस्था है? (A) राष्ट्रसंघ
(B) संयुक्त राष्ट्रसंघ
(C) उच्च न्यायालय
(D) सर्वोच्च न्यायालय
उत्तर: (B) संयुक्त राष्ट्रसंघ
व्याख्या: अंतरराष्ट्रीय विवादों को बातचीत और शांतिपूर्ण तरीकों से सुलझाने का काम संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) करता है। यह विश्व में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रश्न 10.
वैर को कौन बढ़ाता है? (A) अवैर
(B) बैर
(C) स्वार्थ
(D) परमार्थ
उत्तर: (C) स्वार्थ
व्याख्या: स्वार्थ (अपना फायदा) ही वह जड़ है जो लोगों के बीच वैर (शत्रुता) की भावना को बढ़ावा देता है। जब हर कोई केवल अपने बारे में सोचने लगता है, तो टकराव पैदा होता है।
प्रश्न 11.
भारतीय दर्शन का मूल तत्व किसे माना जाता है? (A) शांति
(B) अशांति
(C) बैर
(D) अबैर
उत्तर: (A) शांति
व्याख्या: भारतीय संस्कृति और दर्शन की नींव शांति पर टिकी हुई है। "शांति" ही वह मूल तत्व है जिसे वेद, उपनिषद और सभी महापुरुषों ने सर्वोच्च लक्ष्य माना है।
प्रश्न 12.
क्रिया के बिना क्या भार है? (A) धन
(B) दौलत
(C) सामान
(D) ज्ञान
उत्तर: (D) ज्ञान
व्याख्या: बिना क्रिया (व्यवहारिक प्रयोग) के, सिर्फ ज्ञान इकट्ठा करना एक अनुपयोगी भार के समान है। ज्ञान तभी सार्थक होता है जब उससे हमारे कर्म और आचरण में सुधार आए।
प्रश्न 13.
अशान्ति सागर के तटों के बीच कौन स्थित है? (A) देवता:
(B) दानवः
(C) जीव:
(D) संसार:
उत्तर: (D) संसार:
व्याख्या: पाठ में एक दृश्य चित्रित किया गया है कि सम्पूर्ण संसार (विश्व) अशांति रूपी एक विशाल सागर के दो किनारों के बीच फंसा हुआ है, जहाँ से निकलने का रास्ता दिखाई नहीं देता।
प्रश्न 14.
असहिष्णुता कौन पैदा करता है? (A) स्वार्थ
(B) परमार्थ
(C) द्वेष
(D) प्रसन्नता
उत्तर: (C) द्वेष
व्याख्या: द्वेष या घृणा की भावना ही असहिष्णुता (Intolerance) को जन्म देती है। जब एक व्यक्ति या समूह दूसरे से घृणा करने लगता है, तो वह उसके विचारों और अस्तित्व को सहन नहीं कर पाता।
प्रश्न 15.
क्या बलपूर्वक निवारणीय हैं? (A) धर्मोपदेश:
(B) कर्मोपदेशः
(C) अर्थोपदेशः:
(D) स्वार्थोपदेशः
उत्तर: (D) स्वार्थोपदेशः
व्याख्या: स्वार्थोपदेश, यानी केवल अपने फायदे की शिक्षा देने वाले विचार, ही ऐसे हैं जिन्हें बलपूर्वक रोका जा सकता है और रोकना भी चाहिए, क्योंकि ये समाज में कलह फैलाते हैं।
प्रश्न 16.
उदार चरित्र वाले क्या मानते हैं? (A) स्वदेश प्रेम:
(B) परोवेति
(C) वसुधैव कुटम्बकम्
(D) स्वर्थैवसर्वम्
उत्तर: (C) वसुधैव कुटुम्बकम्
व्याख्या: उदार और विशाल हृदय वाले लोग "वसुधैव कुटुम्बकम्" (पूरी पृथ्वी ही एक परिवार है) के सिद्धांत में विश्वास रखते हैं। वे सभी मनुष्यों को एक ही कुटुम्ब का सदस्य मानते हैं।
संस्कृत में वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
वैरेण कस्य शमनम् असम्भवम्? (A) अशान्तेः
(B) वैरस्य
(C) अवरस्य
(D) अहिंसायाः
उत्तर: (B) वैरस्य
व्याख्या: भगवान बुद्ध के अनुसार, वैर (घृणा) के द्वारा वैर को शांत करना असंभव है। घृणा की प्रतिक्रिया में घृणा करने से समस्या का समाधान नहीं होता, बल्कि वह और बढ़ जाती है।
प्रश्न 2.
कां बिना ज्ञानं भारः? (A) शास्त्रं
(B) क्रियां
(C) पुस्तकेन
(D) ज्ञानं
उत्तर: (B) क्रियां
व्याख्या: क्रिया (व्यवहारिक कार्यान्वयन) के बिना प्राप्त किया गया ज्ञान निष्क्रिय और निरर्थक हो जाता है, जो मन पर एक भार मात्र रह जाता है।
प्रश्न 3.
अशान्तिसागरस्य कूलमध्यसीन: कः दृश्यन्ते? (A) देशः
(B) संसार:
(C) ग्राम:
(D) नगरः
उत्तर: (B) संसार:
व्याख्या: पाठ में एक रूपक दिया गया है कि सम्पूर्ण संसार अशांति रूपी एक सागर के मध्य में फंसा हुआ प्रतीत होता है, जिसके चारों ओर केवल अशांति का जल ही दिखाई देता है।
प्रश्न 4.
अद्य विध्वंसकानि कानि आविष्कृतानि सन्ति? (A) शस्त्राणि
(B) अस्त्राणि
(C) खट्वाङ्गानि
(D) विस्फोटकानि
उत्तर: (B) अस्त्राणि
व्याख्या: आज के युग में वैज्ञानिकों ने अत्यंत विध्वंसक अस्त्र (जैसे परमाणु बम, हाइड्रोजन बम, लंबी दूरी की मिसाइलें) का आविष्कार कर लिया है, जो पल भर में बड़े पैमाने पर विनाश कर सकते हैं।
प्रश्न 5.
असहिणुतां कः जनयति? (A) आवेशः
(B) भावावेशः
(C) द्वेषः
(D) मैत्री
उत्तर: (C) द्वेषः
व्याख्या: द्वेषः अर्थात घृणा या वैर की भावना ही असहिष्णुता को जन्म देती है। जब मन में दूसरों के प्रति द्वेष होता है, तो उनके विचारों और अस्तित्व को सहन करना कठिन हो जाता है।
प्रश्न 6.
क: बलपूर्वक॑ं निवारणीय: ? (A) उपदेश:
(B) हितोपदेशः
(C) स्वार्थोपदेश:
(D) अनुदेश:
उत्तर: (C) स्वार्थोपदेश:
व्याख्या: समाज में फैलाए जाने वाले स्वार्थोपदेश (स्वार्थ की शिक्षा) को, जो लोगों को आपस में लड़ाते हैं, बलपूर्वक रोका जाना चाहिए ताकि सामाजिक सौहार्द बना रहे।
प्रश्न 7.
वैरेण वैरस्य शमनम् असम्भवम् कः प्रोक्तवान्? (A) भगवान् बुद्ध:
(B) महात्मा गान्धि
(C) बिनोबा भावे
(D) भगवान् महावीर:
उत्तर: (A) भगवान् बुद्ध:
व्याख्या: यह शाश्वत सत्य कि "वैरेण वैरस्य शमनम् असम्भवम्" (घृणा से घृणा शांत नहीं होती), सर्वप्रथम भगवान बुद्ध ने ही मानवता को सिखाया था।
प्रश्न 8.
क्वचित् अनेकेषु राज्येषु परस्पर ......... प्रचलति। ___ रिक्त स्थान पूरयत!
(A) गृहयुद्धम्
(B) महायुद्धम्
(C) हस्त्रयुद्धम्
(D) शीतयुद्धम्
उत्तर: (D) शीतयुद्धम्
व्याख्या: आजकल अनेक राज्यों (देशों) में परस्पर शीतयुद्धम् (Cold War) प्रचलित है, जहाँ सीधी लड़ाई के बजाय मनोवैज्ञानिक, आर्थिक और राजनीतिक प्रतिस्पर्धा चलती रहती है।
प्रश्न 9.
अशन््तिश्च कि कल्पते?
(A) मानवताविनाशाय
(B) जीवनविनाशाय
(C) पीडाविनाशाय
(D) शान्तिविनाशाय
All Bihar Board Class 10th Sanskrit (संस्कृत पीयूषम् भाग 2) Chapter 13 विश्वशांतिः) Solutions on this page can be viewed free of cost. Follow the best practices given after the solutions to achieve higher marks.How to achieve higher marks in Bihar Board Class 10th Sanskrit (संस्कृत पीयूषम् भाग 2):
How to download Bihar Board Class 10th Sanskrit (संस्कृत पीयूषम् भाग 2) Chapter 13 विश्वशांतिः) Solutions
Other Chapters of Sanskrit (संस्कृत पीयूषम् भाग 2)
Browse other chapters of Bihar Board Class 10th Sanskrit (संस्कृत पीयूषम् भाग 2) Solutions. Click on any chapter below to view its content.