Bihar Board Class 10th Hindi (व्याकरण एवं रचना) वाक्य(भेद) Solutions
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| Board Name | Bihar Board of Secondary Education |
| Class | Class 10th |
| Content Type | Solution |
| Solution for | Class 10th students |
| Subject | Hindi (व्याकरण एवं रचना) |
| Chapter Name | वाक्य(भेद) |
| Total Number of Chapter in this Subject | 13 |
Studying Bihar Board Class 10th Hindi (व्याकरण एवं रचना) वाक्य(भेद) solution will help you higher marks in this subject but you need to follow best practices to achieve higher marks, which are given after solutions, go through them once.
Bihar Board Class 10th Hindi (व्याकरण एवं रचना) वाक्य(भेद) Solutions
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वाक्य भेद - Bihar Board Class 10 Hindi व्याकरण
1. निम्नलिखित वाक्यों के रेखांकित पदों के आधार पर वाक्य भेद बताइए-
(क) सीता गीत गा रही है।
(ख) वह पुस्तक पढ़ रहा है।
(ग) वर्षा होने के कारण खेल रुक गया।
(घ) सूर्य निकला और कुहासा छंट गया।
उत्तर:
(क) सरल वाक्य - यहाँ रेखांकित पद 'सीता' कर्ता है। वाक्य में केवल एक ही उद्देश्य (सीता) और एक ही विधेय (गीत गा रही है) है, इसलिए यह सरल वाक्य है।
(ख) सरल वाक्य - रेखांकित पद 'पुस्तक' कर्म है। वाक्य में एक ही क्रिया ('पढ़ रहा है') है और एक ही उद्देश्य-विधेय का सम्बन्ध है, अतः यह सरल वाक्य है।
(ग) मिश्र वाक्य - रेखांकित पद 'वर्षा' एक उपवाक्य (आश्रित उपवाक्य) का कर्ता है। वाक्य में एक प्रधान उपवाक्य ('खेल रुक गया') और एक आश्रित उपवाक्य ('वर्षा होने के कारण') है, इसलिए यह मिश्र वाक्य है।
(घ) संयुक्त वाक्य - रेखांकित पद 'सूर्य' पहले खंड या उपवाक्य का कर्ता है। वाक्य में दो स्वतंत्र उपवाक्य ('सूर्य निकला' और 'कुहासा छंट गया') को 'और' समुच्चयबोधक अव्यय से जोड़ा गया है, अतः यह संयुक्त वाक्य है।
2. रचना के आधार पर वाक्य के भेद बताइए-
(क) जो परिश्रमी होते हैं, वे सफल होते हैं।
(ख) आकाश में बादल छाए हुए हैं।
(ग) उसने खाना खाया और सो गया।
(घ) मैं चाहता हूँ कि तुम यहाँ आओ।
उत्तर:
(क) मिश्र वाक्य - इसमें एक प्रधान उपवाक्य ('वे सफल होते हैं') और एक आश्रित उपवाक्य ('जो परिश्रमी होते हैं') है। 'जो' सर्वनाम ने आश्रित उपवाक्य को जोड़ा है।
(ख) सरल वाक्य - इस वाक्य में केवल एक ही उद्देश्य ('बादल') और एक ही विधेय ('छाए हुए हैं') है। इसमें कोई दूसरा स्वतंत्र या आश्रित खंड नहीं है।
(ग) संयुक्त वाक्य - इसमें दो स्वतंत्र और समानाधिकरण उपवाक्य ('उसने खाना खाया' और 'सो गया') हैं, जिन्हें 'और' समुच्चयबोधक से जोड़ा गया है।
(घ) मिश्र वाक्य - इसमें प्रधान उपवाक्य 'मैं चाहता हूँ' है और आश्रित उपवाक्य 'कि तुम यहाँ आओ' है। 'कि' अव्यय ने आश्रित उपवाक्य को प्रधान उपवाक्य से जोड़ा है।
3. अर्थ के आधार पर वाक्य भेद बताइए-
(क) क्या तुम कल विद्यालय जाओगे?
(ख) वाह! कितना सुन्दर दृश्य है।
(ग) कृपया बैठ जाइए।
(घ) सूर्य पूर्व में उदय होता है।
उत्तर:
(क) प्रश्नवाचक वाक्य - यह वाक्य 'क्या' शब्द से प्रारम्भ होकर एक प्रश्न पूछ रहा है। इसका उद्देश्य सूचना प्राप्त करना है।
(ख) विस्मयादिबोधक वाक्य - 'वाह!' शब्द आश्चर्य, प्रशंसा या विस्मय का भाव व्यक्त कर रहा है। अतः यह विस्मयादिबोधक वाक्य है।
(ग) आज्ञावाचक वाक्य - यह वाक्य 'कृपया' शब्द के साथ एक विनम्र आज्ञा, अनुरोध या प्रार्थना व्यक्त कर रहा है।
(घ) विधानवाचक या स declarative वाक्य - यह वाक्य एक सामान्य तथ्य या सूचना का विधान (घोषणा) कर रहा है। इसमें न प्रश्न है, न आज्ञा और न ही कोई विशेष भाव।
4. रचना के आधार पर वाक्य के कितने भेद हैं? नाम लिखिए।
उत्तर:
रचना या संरचना के आधार पर वाक्य के तीन मुख्य भेद हैं:
1. सरल वाक्य - जिसमें केवल एक ही उद्देश्य और एक ही विधेय होता है।
2. संयुक्त वाक्य - जिसमें दो या दो से अधिक स्वतंत्र (मुख्य) उपवाक्य समुच्चयबोधक अव्ययों से जुड़े होते हैं।
3. मिश्र वाक्य - जिसमें एक प्रधान (मुख्य) उपवाक्य और एक या अधिक आश्रित (गौण) उपवाक्य होते हैं।
5. अर्थ के आधार पर वाक्य के कितने भेद हैं? उदाहरण सहित लिखिए।
उत्तर:
अर्थ के आधार पर वाक्य के आठ भेद माने जाते हैं। ये हैं:
1. विधानवाचक वाक्य - जो किसी तथ्य या सूचना का बोध कराए। (जैसे: गाय एक पालतू पशु है।)
2. निषेधवाचक वाक्य - जिसमें किसी कार्य के न होने का बोध हो। (जैसे: वह आज स्कूल नहीं गया।)
3. प्रश्नवाचक वाक्य - जिससे प्रश्न पूछे जाने का बोध हो। (जैसे: तुम्हारा नाम क्या है?)
4. आज्ञावाचक वाक्य - जिससे आज्ञा, अनुमति या प्रार्थना का बोध हो। (जैसे: कृपया शांत बैठिए।)
5. विस्मयादिबोधक वाक्य - जिससे आश्चर्य, शोक, हर्ष आदि भावों का बोध हो। (जैसे: अहा! कितना सुंदर फूल है।)
6. इच्छावाचक वाक्य - जिससे इच्छा, आशीर्वाद या शुभकामना का बोध हो। (जैसे: भगवान तुम्हें लंबी उमर दें।)
7. संदेहवाचक वाक्य - जिससे संदेह या अनिश्चय का भाव प्रकट हो। (जैसे: शायद वह कल आएगा।)
8. संकेतवाचक वाक्य - जिसमें एक क्रिया का होना दूसरी क्रिया पर निर्भर हो। (जैसे: यदि वर्षा होती तो फसल अच्छी होती।)
6. सरल वाक्य को संयुक्त वाक्य में बदलिए-
(क) अपना काम समय पर करने वाला सफल होता है।
(ख) बादलों के घिर आने से वर्षा होने लगी।
उत्तर:
(क) संयुक्त वाक्य: वह अपना काम समय पर करता है और इसलिए सफल होता है।
(ख) संयुक्त वाक्य: बादल घिर आए और वर्षा होने लगी।
7. मिश्र वाक्य को सरल वाक्य में बदलिए-
(क) जो लोग ईमानदार होते हैं, उन्हें सभी पसंद करते हैं।
(ख) मैंने उससे कहा कि तुम यहाँ आओ।
उत्तर:
(क) सरल वाक्य: ईमानदार लोगों को सभी पसंद करते हैं।
(ख) सरल वाक्य: मैंने उससे यहाँ आने के लिए कहा।
8. निम्नलिखित वाक्यों का रचना के आधार पर भेद लिखिए-
(क) यदि परिश्रम करोगे तो सफल हो जाओगे।
(ख) राम ने खाना खाया और टहलने चला गया।
(ग) सूरज निकलते ही ओस की बूंदें चमकने लगीं।
उत्तर:
(क) मिश्र वाक्य - इसमें 'यदि परिश्रम करोगे' आश्रित उपवाक्य है और 'तो सफल हो जाओगे' प्रधान उपवाक्य है। 'यदि-तो' से संकेत स्पष्ट है।
(ख) संयुक्त वाक्य - इसमें दो स्वतंत्र उपवाक्य ('राम ने खाना खाया' और 'टहलने चला गया') हैं जो 'और' से जुड़े हैं।
(ग) सरल वाक्य - इसमें केवल एक ही उद्देश्य ('ओस की बूंदें') और एक ही विधेय ('चमकने लगीं') है। 'सूरज निकलते ही' वाक्यांश है, अलग उपवाक्य नहीं।
वाक्य-विश्लेषण एवं संश्लेषण
1. रंजन ने अत्यधिक परिश्रम किया, परंतु वह सफल न हो सका।
विश्लेषण:
प्रधान उपवाक्य: रंजन ने अत्यधिक परिश्रम किया।
समानाधिकरण उपवाक्य: वह सफल न हो सका।
समुच्चयबोधक अव्यय (योजक): परंतु
2. हमारे मित्र कल यहाँ से जाएंगे और आगरा पहुँचकर वहाँ ताजमहल देखेंगे।
विश्लेषण:
प्रधान उपवाक्य: हमारे मित्र कल यहाँ से जाएंगे।
समानाधिकरण उपवाक्य: आगरा पहुँचकर वहाँ ताजमहल देखेंगे।
समुच्चयबोधक अव्यय (योजक): और
3. गाँव वालों ने बाढ़ के पानी को रोकने का बहुत प्रयत्न किया, परंतु वह रुक न सका।
विश्लेषण:
प्रधान उपवाक्य: गाँव वालों ने बाढ़ के पानी को रोकने का बहुत प्रयत्न किया।
समानाधिकरण उपवाक्य: वह रुक न सका।
समुच्चयबोधक अव्यय (योजक): परंतु
4. जासूस को अपराधियों का भेद लेना था, इसलिए वह उनके पास ठहर गया।
विश्लेषण:
प्रधान उपवाक्य: जासूस को अपराधियों का भेद लेना था।
समानाधिकरण उपवाक्य: वह उनके पास ठहर गया।
समुच्चयबोधक अव्यय (योजक): इसलिए
5. रात्रि हुई और तारे निकले।
विश्लेषण:
प्रधान उपवाक्य: रात्रि हुई।
समानाधिकरण उपवाक्य: तारे निकले।
समुच्चयबोधक अव्यय (योजक): और
6. मेरा मित्र रोज विद्यालय जाता है और मन लगाकर पढ़ता है।
विश्लेषण:
प्रधान उपवाक्य: मेरा मित्र रोज विद्यालय जाता है।
समानाधिकरण उपवाक्य: मन लगाकर पढ़ता है।
समुच्चयबोधक अव्यय (योजक): और
मिश्र वाक्य का विश्लेषण
1. जो छात्र परिश्रमपूर्वक पढ़ते हैं, वे सफलता अवश्य प्राप्त करते हैं।
विश्लेषण:
मुख्य (प्रधान) उपवाक्य: वे सफलता अवश्य प्राप्त करते हैं।
आश्रित उपवाक्य: जो छात्र परिश्रमपूर्वक पढ़ते हैं।
प्रकार एवं संबंध: यह एक विशेषण आश्रित उपवाक्य है जो मुख्य उपवाक्य के कर्ता 'वे' सर्वनाम की विशेषता बता रहा है।
समुच्चयबोधक अव्यय: जो
2. आपको सुनकर प्रसन्नता होगी कि उसने अपना कार्य पूर्ण कर लिया है।
विश्लेषण:
मुख्य (प्रधान) उपवाक्य: आपको सुनकर प्रसन्नता होगी।
आश्रित उपवाक्य: उसने अपना कार्य पूर्ण कर लिया है।
प्रकार एवं संबंध: यह एक क्रियाविशेषण आश्रित उपवाक्य है जो मुख्य उपवाक्य की क्रिया 'प्रसन्नता होगी' के विषय में जानकारी दे रहा है।
समुच्चयबोधक अव्यय: कि
3. हमें चाहिए कि हम बातों में ही समय व्यतीत न करें।
विश्लेषण:
मुख्य (प्रधान) उपवाक्य: हमें चाहिए।
आश्रित उपवाक्य: हम बातों में ही समय व्यतीत न करें।
प्रकार एवं संबंध: यह एक संज्ञा आश्रित उपवाक्य है जो मुख्य उपवाक्य के कर्म का कार्य कर रहा है (क्या चाहिए?)।
समुच्चयबोधक अव्यय: कि
4. यहाँ जो दुष्ट लोग रहते हैं, हम उनका संहार करते हैं।
विश्लेषण:
मुख्य (प्रधान) उपवाक्य: हम उनका संहार करते हैं।
आश्रित उपवाक्य: यहाँ जो दुष्ट लोग रहते हैं।
प्रकार एवं संबंध: यह एक विशेषण आश्रित उपवाक्य है जो मुख्य उपवाक्य के कर्म 'उनका' (लोगों) की विशेषता बता रहा है।
समुच्चयबोधक अव्यय: जो
5. जब मैं छोटा लड़का था तब साइकिल खूब चलाता था।
विश्लेषण:
मुख्य (प्रधान) उपवाक्य: साइकिल खूब चलाता था।
आश्रित उपवाक्य: जब मैं छोटा लड़का था।
प्रकार एवं संबंध: यह एक क्रियाविशेषण आश्रित उपवाक्य है जो मुख्य उपवाक्य की क्रिया 'चलाता था' के समय (कब?) का बोध करा रहा है।
समुच्चयबोधक अव्यय: जब
वाक्य-संश्लेषण के उदाहरण
उदाहरण-1: निम्नलिखित वाक्यों का एक वाक्य में संश्लेषण कीजिए।
आगरा उत्तर प्रदेश में स्थित है।
आगरा में ताजमहल है।
ताजमहल बहुत सुंदर और दर्शनीय है।
पर्यटक विश्व के कोने-कोने से उसे देखने के लिए आते हैं।
संश्लेषित वाक्य: उत्तर प्रदेश में स्थित आगरा के सुंदर और दर्शनीय ताजमहल को देखने के लिए पर्यटक विश्व के कोने-कोने से आते हैं।
उदाहरण - 2: निम्नलिखित वाक्यों का एक वाक्य में संश्लेषण कीजिए।
वहाँ एक गाँव था।
वह गाँव छोटा-सा था।
उसके चारों ओर जंगल था।
उस गाँव में आदिवासियों के दस परिवार रहते थे।
संश्लेषित वाक्य: वहाँ चारों ओर जंगल से घिरे एक छोटे से गाँव में आदिवासियों के दस परिवार रहते थे।
उदाहरण-3: निम्नलिखित वाक्यों का एक वाक्य में संश्लेषण कीजिए।
वहाँ एक गाँव था।
वह गाँव छोटा-सा था।
उसके चारों ओर जंगल था।
संश्लेषित वाक्य: उस छोटे से गाँव के चारों ओर जंगल था।
वाक्य भेद
1. वाक्य किसे कहते हैं? उदाहरण सहित लिखिए।
वाक्य शब्दों का ऐसा सार्थक समूह होता है जिससे पूरी बात समझ में आ जाए। वाक्य में एक क्रिया अवश्य होती है और यह अपने आप में पूर्ण अर्थ प्रकट करता है।
उदाहरण: "राम पुस्तक पढ़ता है।" यहाँ 'राम' कर्ता है, 'पुस्तक' कर्म है और 'पढ़ता है' क्रिया है। इन सभी शब्दों के मेल से एक पूर्ण अर्थ निकलता है, इसलिए यह एक वाक्य है।
2. वाक्य के कितने भेद होते हैं? नाम लिखिए।
वाक्यों के भेद मुख्य रूप से तीन आधारों पर किए जाते हैं:
- रचना के आधार पर: सरल वाक्य, संयुक्त वाक्य, मिश्र वाक्य।
- अर्थ के आधार पर: विधानवाचक, निषेधवाचक, प्रश्नवाचक, विस्मयादिबोधक, आज्ञावाचक, इच्छावाचक, संकेतवाचक, संदेहवाचक।
- क्रिया के आधार पर: कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य, भाववाच्य।
3. रचना के आधार पर वाक्य के भेदों को उदाहरण सहित समझाइए।
रचना के आधार पर वाक्य के तीन भेद होते हैं:
(क) सरल वाक्य: इसमें केवल एक उद्देश्य और एक विधेय होता है, अर्थात एक ही क्रिया होती है।
उदाहरण: सूरज चमक रहा है।
(ख) संयुक्त वाक्य: इसमें दो या दो से अधिक स्वतंत्र उपवाक्य समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय (जैसे- और, एवं, परंतु, किंतु, अथवा) से जुड़े होते हैं।
उदाहरण: मैंने खाना खाया और फिर सो गया।
(ग) मिश्र वाक्य: इसमें एक प्रधान उपवाक्य होता है और एक या अधिक आश्रित उपवाक्य होते हैं जो व्यधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय (जैसे- कि, जो, क्योंकि, यद्यपि) से जुड़े होते हैं।
उदाहरण: वह व्यक्ति जो कल आया था, मेरा मित्र है।
4. अर्थ के आधार पर वाक्य के आठ भेदों के नाम लिखिए।
- विधानवाचक वाक्य
- निषेधवाचक वाक्य
- प्रश्नवाचक वाक्य
- विस्मयादिबोधक वाक्य
- आज्ञावाचक वाक्य
- इच्छावाचक वाक्य
- संकेतवाचक वाक्य
- संदेहवाचक वाक्य
5. निम्नलिखित वाक्यों के भेद रचना के आधार पर लिखिए:
(क) जब मैं स्टेशन पहुँचा तो गाड़ी जा चुकी थी।
भेद: मिश्र वाक्य (क्योंकि इसमें 'जब' से शुरू होने वाला एक आश्रित उपवाक्य है और 'तो' से जुड़ा प्रधान उपवाक्य है।)
(ख) सीता गाना गाती है और नाचती भी है।
भेद: संयुक्त वाक्य (क्योंकि दो स्वतंत्र उपवाक्य 'और' समुच्चयबोधक से जुड़े हैं।)
(ग) वर्षा होने के कारण खेल रद्द हो गया।
भेद: सरल वाक्य (क्योंकि इसमें केवल एक उद्देश्य और एक विधेय है। यहाँ 'वर्षा होने के कारण' वाक्यांश है, अलग उपवाक्य नहीं।)
(घ) मैं जानता हूँ कि तुम सच बोल रहे हो।
भेद: मिश्र वाक्य (क्योंकि 'मैं जानता हूँ' प्रधान उपवाक्य है और 'कि तुम सच बोल रहे हो' आश्रित उपवाक्य है।)
(ङ) वह पढ़ता है और खेलता भी है।
भेद: संयुक्त वाक्य (दो स्वतंत्र उपवाक्य 'और' से जुड़े हैं।)
6. निम्नलिखित वाक्यों के भेद अर्थ के आधार पर लिखिए:
(क) क्या आप कल दिल्ली जाएँगे?
भेद: प्रश्नवाचक वाक्य (क्योंकि यह एक प्रश्न पूछ रहा है।)
(ख) अहा! कितना सुंदर दृश्य है।
भेद: विस्मयादिबोधक वाक्य (क्योंकि इसमें 'अहा!' से आश्चर्य या प्रसन्नता का भाव प्रकट हो रहा है।)
(ग) तुम यहाँ बैठो।
भेद: आज्ञावाचक वाक्य (क्योंकि यह एक आदेश या निवेदन दे रहा है।)
(घ) भगवान तुम्हारा भला करे।
भेद: इच्छावाचक वाक्य (क्योंकि इसमें शुभकामना या इच्छा प्रकट की गई है।)
(ङ) यदि परिश्रम करोगे तो सफल हो जाओगे।
भेद: संकेतवाचक वाक्य (क्योंकि इसमें एक शर्त या संकेत का भाव है।)
7. सरल, संयुक्त एवं मिश्र वाक्य में अंतर स्पष्ट कीजिए।
| आधार | सरल वाक्य | संयुक्त वाक्य | मिश्र वाक्य |
|---|---|---|---|
| परिभाषा | जिस वाक्य में एक ही उद्देश्य और एक ही विधेय हो। | जिस वाक्य में दो या अधिक स्वतंत्र उपवाक्य समुच्चयबोधक अव्यय से जुड़े हों। | जिस वाक्य में एक प्रधान उपवाक्य और एक या अधिक आश्रित उपवाक्य हों। |
| क्रिया की संख्या | केवल एक क्रिया। | दो या अधिक क्रियाएँ (प्रत्येक उपवाक्य में एक)। | दो या अधिक क्रियाएँ। |
| जोड़ने वाले शब्द | कोई नहीं। | समानाधिकरण योजक (और, परंतु, अथवा, किंतु)। | व्यधिकरण योजक (कि, जो, क्योंकि, यद्यपि, जब)। |
| उदाहरण | बच्चा रो रहा है। | वह बाजार गया और सामान लाया। | मैं जानता हूँ कि तुम्हारा नाम राहुल है। |
8. कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य एवं भाववाच्य में अंतर स्पष्ट कीजिए।
| वाच्य | परिभाषा | क्रिया का लिंग-वचन | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| कर्तृवाच्य | जहाँ वाक्य की क्रिया का संबंध कर्ता से होता है। कर्ता प्रधान होता है। | क्रिया कर्ता के लिंग, वचन और पुरुष के अनुसार होती है। | राम पुस्तक पढ़ता है। (कर्ता 'राम' के अनुसार क्रिया) |
| कर्मवाच्य | जहाँ वाक्य की क्रिया का संबंध कर्म से होता है। कर्म प्रधान होता है। | क्रिया कर्म के लिंग और वचन के अनुसार होती है। | राम से पुस्तक पढ़ी जाती है। (कर्म 'पुस्तक' के अनुसार क्रिया) |
| भाववाच्य | जहाँ वाक्य की क्रिया का संबंध भाव (क्रिया के होने के अर्थ) से होता है। कर्ता और कर्म गौण होते हैं। | क्रिया सदैव एकवचन, पुल्लिंग और अन्य पुरुष में होती है। | राम से पढ़ा नहीं जाता। (क्रिया का भाव प्रधान है) |
9. बहुविकल्पीय प्रश्न
(i) 'सूरज निकला और पक्षी चहचहाने लगे।' - इस वाक्य का भेद है-
A. सरल वाक्य
B. संयुक्त वाक्य
C. मिश्र वाक्य
D. इनमें से कोई नहीं
उत्तर: B. संयुक्त वाक्य (क्योंकि दो स्वतंत्र वाक्य 'सूरज निकला' और 'पक्षी चहचहाने लगे' को 'और' से जोड़ा गया है।)
(ii) 'जो परिश्रमी होते हैं, वे सफल होते हैं।' - इस वाक्य का भेद है-
A. सरल वाक्य
B. संयुक्त वाक्य
C. मिश्र वाक्य
D. इनमें से कोई नहीं
उत्तर: C. मिश्र वाक्य (क्योंकि इसमें 'जो परिश्रमी होते हैं' आश्रित उपवाक्य है और 'वे सफल होते हैं' प्रधान उपवाक्य है।)
(iii) 'वाह! कितना अच्छा चित्र है।' - इस वाक्य का भेद अर्थ के आधार पर है-
A. प्रश्नवाचक
B. विस्मयादिबोधक
C. आज्ञावाचक
D. इच्छावाचक
उत्तर: B. विस्मयादिबोधक (क्योंकि 'वाह!' से आश्चर्य या प्रशंसा का भाव प्रकट हो रहा है।)
(iv) 'तुम्हारा कल्याण हो।' - इस वाक्य का भेद है-
A. विधानवाचक
B. इच्छावाचक
C. संकेतवाचक
D. निषेधवाचक
उत्तर: B. इच्छावाचक (क्योंकि इसमें शुभकामना या इच्छा प्रकट की गई है।)
(v) 'बच्चे खेल रहे हैं।' - इस वाक्य का भेद रचना के आधार पर है-
A. सरल वाक्य
B. संयुक्त वाक्य
C. मिश्र वाक्य
D. इनमें से कोई नहीं
उत्तर: A. सरल वाक्य (क्योंकि इसमें केवल एक उद्देश्य 'बच्चे' और एक विधेय 'खेल रहे हैं' है।)
उपर्युक्त उदाहरणों से स्पष्ट है कि वाच्य के तीन भेद होते हैं-
वाच्य के तीन प्रमुख भेद होते हैं: कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य और भाववाच्य।
वाच्य के भेद
वाच्य के तीन भेद हैं:
- कर्तृवाच्य
- कर्मवाच्य
- भाववाच्य
1. कर्तवाच्य-जिस वाक्य में वाच्य-बिंदु 'कर्ता' है, उसे 'कर्तृवाच्य' कहते हैं। जैसे-
जिस वाक्य में कर्ता (काम करने वाला) प्रधान होता है और क्रिया (काम) कर्ता के लिंग, वचन और पुरुष के अनुसार होती है, उसे कर्तृवाच्य कहते हैं।
उदाहरण:
- बच्चे खेल रहे हैं। (कर्ता 'बच्चे' के अनुसार क्रिया)
- अशोक पुस्तक पढ़ता है। (कर्ता 'अशोक' के अनुसार क्रिया)
- कन्याएँ ढोलक बजाएँगी। (कर्ता 'कन्याएँ' के अनुसार क्रिया)
इन सभी वाक्यों में क्रिया का रूप कर्ता (बच्चे, अशोक, कन्याएँ) पर निर्भर है।
2. अकर्तृवाच्य जिन वाक्यों में कर्ता गीण अथवा लुप्त होता है, उन्हें अकर्तृवाच्य कहते हैं। इसके दो भेद हैं-(क) कर्मवाच्य तथा (ख) भाववाच्य।
जिन वाक्यों में कर्ता प्रधान नहीं रहता, उन्हें अकर्तृवाच्य कहते हैं। इसके दो भेद हैं:
(क) कर्मवाच्य: जहाँ वाक्य का मुख्य केंद्रबिंदु कर्म होता है।
(ख) भाववाच्य: जहाँ वाक्य का मुख्य केंद्रबिंदु क्रिया का भाव (अर्थ) होता है।
(क) कर्मवाच्य जहाँ वाच्य-बिंदु कर्ता न होकर कर्म हो, वहाँ कर्मवाच्य होता है। इन वाक्यों में या तो कर्ता का लोप हो जाता है, या उसके साथ 'से' या 'के द्वारा' का प्रयोग होता है। जैसे
जिस वाक्य में कर्म प्रधान हो और क्रिया कर्म के लिंग व वचन के अनुसार हो, उसे कर्मवाच्य कहते हैं। ऐसे वाक्यों में कर्ता के साथ 'से', 'द्वारा' या 'के द्वारा' जुड़ा होता है या कर्ता छिपा रहता है।
उदाहरण:
- रमेश से अब दूध पिया नहीं जा रहा है। (कर्म 'दूध' के अनुसार क्रिया)
- दवाई दी गई है। (कर्ता छिपा है, कर्म 'दवाई' प्रधान)
- हमसे सुंदर चित्र देखे गए।
- यह उपन्यास प्रेमचंद द्वारा लिखा गया।
(ख) भाववाच्य जिस वाक्य में वाच्य-केंद्र क्रिया हो अर्थात् जहाँ न कर्ता की प्रधानता हो, न कर्म की, बल्कि जहाँ क्रिया का 'भाव' ही मुख्य हो, उसे भाववाच्य कहते हैं। भाववाच्य की क्रिया सदा अन्यपुरुष पुल्लिंग एकवचन में रहती है।
जिस वाक्य में न कर्ता प्रधान हो, न कर्म, बल्कि क्रिया के होने का भाव या अवस्था प्रधान हो, उसे भाववाच्य कहते हैं। इसमें क्रिया हमेशा पुल्लिंग, एकवचन और अन्य पुरुष में रहती है।
उदाहरण:
- मुझसे अब चला नहीं जाता। (चलने की असमर्थता प्रधान है)
- गर्मियों में खूब नहाया जाता है। (नहाने की क्रिया का सामान्य भाव)
- अब चला जाए।
- राधा से रात-भर कैसे जागा जाएगा।
कर्तवाच्य से कर्मवाच्य बनाने की विधि-
- कर्तृवाच्य के कर्ता के साथ 'से', 'द्वारा' या 'के द्वारा' लगाएँ।
- मुख्य क्रिया को सामान्य भूतकाल के रूप में बदलकर, उसके साथ 'जाना' क्रिया का उचित रूप (कर्म के लिंग-वचन के अनुसार) जोड़ दें।
उदाहरण:
- बालक पत्र लिखता है। → बालक से पत्र लिखा जाता है।
- रमेश पतंग उड़ा रहा है। → रमेश द्वारा पतंग उड़ाई जा रही है।
- तुम फूल तोड़ोगे। → तुमसे फूल तोड़े जाएंगे।
कर्तवाच्य से भावबाच्य बनाने की विधि-
- कर्ता के साथ 'से', 'द्वारा' या 'के द्वारा' लगाएँ।
- मुख्य क्रिया को सामान्य भूतकाल, पुल्लिंग, एकवचन के रूप में बदलकर, उसके साथ 'जाना' क्रिया का उचित काल रूप (हमेशा पुल्लिंग, एकवचन) जोड़ दें।
उदाहरण:
- बच्चे खेलेंगे। → बच्चों द्वारा खेला जाएगा।
- मैं अब चल नहीं पाता। → मुझसे अब चला नहीं जाता।
- गर्मियों में लोग खूब नहाते हैं। → गर्मियों में खूब नहाया जाता है।
कर्तवाच्य बनाना- कर्मवाच्य या भाववाच्य से कर्तृवाच्य बनाना उपर्युक्त विधि के विपरीत है। इसके कुछ उदाहरण इस प्रकार हैं-
कर्मवाच्य या भाववाच्य से कर्तृवाच्य बनाते समय उपरोक्त नियमों को उल्टा कर दिया जाता है। 'से', 'द्वारा' आदि हटा दिए जाते हैं और क्रिया को कर्ता के लिंग-वचन के अनुसार बदल दिया जाता है।
उदाहरण:
- बच्चों से खेला जाएगा। → बच्चे खेलेंगे।
- राम से पढ़ा नहीं जाता। → राम नहीं पढ़ता।
- सुरेश द्वारा कल पत्र लिखा जाएगा। → सुरेश कल पत्र लिखेगा।
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