Bihar Board Class 10th Hindi (व्याकरण एवं रचना) निबंध लेखन) Solutions
Here we have provided Solution for निबंध लेखन) of Hindi (व्याकरण एवं रचना) subject for Class 10th students of Bihar Board of Secondary Education. There are various chapters in this Hindi (व्याकरण एवं रचना) such as अपठित गद्यांश), पत्र लेखन), निबंध लेखन), संज्ञा), सर्वनाम), लिंग), वाक्य प्रयोग द्वारा लिंग निर्णय), क्रिया(भेद), विशेषण और क्रिया विशेषण), पद परिचय), वाक्य(भेद), मुहावरे और लोकोक्तियाँ) and अलंकार). Summary of the same is given below:
| Board Name | Bihar Board of Secondary Education |
| Class | Class 10th |
| Content Type | Solution |
| Solution for | Class 10th students |
| Subject | Hindi (व्याकरण एवं रचना) |
| Chapter Name | निबंध लेखन) |
| Total Number of Chapter in this Subject | 13 |
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Bihar Board Class 10th Hindi (व्याकरण एवं रचना) निबंध लेखन) Solutions
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1. निम्नलिखित में से कौन-सा निबंध का प्रकार नहीं है?
(क) वर्णनात्मक निबंध
(ख) विवरणात्मक निबंध
(ग) विचारात्मक निबंध
(घ) कथात्मक निबंध
उत्तर: (ख) विवरणात्मक निबंध। निबंध के मुख्य प्रकार वर्णनात्मक, विवेचनात्मक (विचारात्मक), भावात्मक और कथात्मक होते हैं। 'विवरणात्मक' शब्द आमतौर पर निबंध के एक प्रकार के रूप में प्रयोग नहीं किया जाता है।
2. निबंध लेखन में किस बात का ध्यान रखना चाहिए?
(क) भाषा सरल और स्पष्ट हो
(ख) विषय से संबंधित तथ्यों का समावेश हो
(ग) निबंध की रूपरेखा तैयार कर ली जाए
(घ) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (घ) उपर्युक्त सभी। एक अच्छा निबंध लिखने के लिए इन सभी बातों का ध्यान रखना जरूरी है। सबसे पहले विषय को समझकर एक रूपरेखा (भूमिका, विस्तार, उपसंहार) बनानी चाहिए। भाषा सरल और प्रवाहमय होनी चाहिए तथा तथ्यों को सटीक और क्रमबद्ध तरीके से प्रस्तुत करना चाहिए।
3. 'विद्यार्थी जीवन' विषय पर एक निबंध लिखिए।
उत्तर:
विद्यार्थी जीवन
भूमिका: विद्यार्थी जीवन मनुष्य के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और आधारभूत चरण है। यह वह समय है जब व्यक्ति का चरित्र निर्माण होता है, भविष्य की नींव पड़ती है और ज्ञान का भंडार भरा जाता है। इसे 'सीखने की अवस्था' कहा जाता है।
विस्तार: विद्यार्थी का प्रमुख कर्तव्य पढ़ाई में मन लगाना और अनुशासन में रहना है। इस काल में उसे केवल पाठ्यपुस्तकों का ही नहीं, बल्कि जीवन के व्यावहारिक पाठों का भी ज्ञान अर्जित करना चाहिए। खेलकूद, साहित्य, संगीत आदि सह-शैक्षणिक गतिविधियों से उसका सर्वांगीण विकास होता है। गुरुजनों का आदर और माता-पिता की आज्ञा का पालन करना विद्यार्थी के लिए आवश्यक है। इस अवस्था में सदाचार, समय की पाबंदी और परिश्रम की आदतें डाल लेनी चाहिए, क्योंकि ये आदतें जीवनभर काम आती हैं।
उपसंहार: विद्यार्थी जीवन भविष्य के निर्माण की प्रयोगशाला है। यहाँ अर्जित किया गया ज्ञान और अनुशासन ही भावी जीवन की सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को इस स्वर्णिम अवसर का सदुपयोग करते हुए अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
4. 'प्रदूषण की समस्या' विषय पर एक निबंध लिखिए।
उत्तर:
प्रदूषण की समस्या
भूमिका: आधुनिक युग की सबसे विकराल और चुनौतीपूर्ण समस्या प्रदूषण है। प्रदूषण का अर्थ है - वायु, जल, भूमि आदि प्राकृतिक तत्वों में हानिकारक पदार्थों की मिलावट, जिससे पर्यावरण का संतुलन बिगड़ता है और जीव-जंतुओं तथा मनुष्यों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
विस्तार: प्रदूषण कई प्रकार का होता है। वायु प्रदूषण कारखानों और वाहनों से निकलने वाले धुएं के कारण होता है। जल प्रदूषण नालों और कारखानों के रसायनयुक्त पानी को नदियों में बहाने से फैलता है। ध्वनि प्रदूषण शोर-शराबे वाले वाहनों, लाउडस्पीकरों और मशीनों के कारण होता है। भूमि प्रदूषण प्लास्टिक और अविघटित कचरे के जमाव के कारण होता है। प्रदूषण के कारण सांस की बीमारियाँ, कैंसर, पेयजल की कमी और जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं।
उपसंहार: प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। अधिक से अधिक पेड़ लगाना, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना, प्लास्टिक के उपयोग को कम करना, कचरे का सही निपटान और लोगों में जागरूकता फैलाना इसके प्रमुख उपाय हैं। सरकार और नागरिकों को मिलकर काम करना होगा ताकि हमारी पृथ्वी स्वच्छ और रहने योग्य बनी रहे।
ध्यान दें: निबंध लिखते समय विषय के अनुरूप उदाहरण, कविता की पंक्तियाँ या महापुरुषों के विचार जोड़कर इसे और प्रभावी बनाया जा सकता है। भाषा सरल, स्पष्ट और प्रवाहमय होनी चाहिए।