Bihar Board Class 10th Hindi (व्याकरण एवं रचना) क्रिया(भेद) Solutions
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| Board Name | Bihar Board of Secondary Education |
| Class | Class 10th |
| Content Type | Solution |
| Solution for | Class 10th students |
| Subject | Hindi (व्याकरण एवं रचना) |
| Chapter Name | क्रिया(भेद) |
| Total Number of Chapter in this Subject | 13 |
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Bihar Board Class 10th Hindi (व्याकरण एवं रचना) क्रिया(भेद) Solutions
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क्रिया (भेद) - Bihar Board Class 10 Solutions
1. क्रिया किसे कहते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।
क्रिया वह शब्द है जो किसी कार्य के होने या करने का बोध कराता है। यह वाक्य का सबसे महत्वपूर्ण अंग होती है और इसके बिना वाक्य का अर्थ पूरा नहीं होता। क्रिया से हमें पता चलता है कि कर्ता क्या कर रहा है, उसकी स्थिति क्या है या उस पर क्या हो रहा है।
उदाहरण:
- राम पढ़ता है। (यहाँ 'पढ़ता' क्रिया है जो राम के द्वारा किए जा रहे कार्य को दर्शा रही है।)
- फूल खिले हैं। (यहाँ 'खिले' क्रिया है जो फूलों की अवस्था या होने का बोध करा रही है।)
- वह सो गया। (यहाँ 'सो गया' क्रिया है जो कर्ता के द्वारा पूर्ण किए गए कार्य को बता रही है।)
2. क्रिया के कितने भेद होते हैं? नाम लिखिए।
क्रिया के मुख्य रूप से दो आधारों पर भेद किए जाते हैं: रचना के आधार पर और अर्थ के आधार पर।
- रचना के आधार पर क्रिया के भेद:
- सकर्मक क्रिया
- अकर्मक क्रिया
- अर्थ के आधार पर क्रिया के भेद:
- सामान्य क्रिया
- सहायक क्रिया
- प्रेरणार्थक क्रिया
- पूर्वकालिक क्रिया
- नामधातु क्रिया
- कृदंत क्रिया
3. सकर्मक क्रिया किसे कहते हैं? उदाहरण दीजिए।
जिस क्रिया का फल या प्रभाव कर्ता पर न पड़कर कर्म पर पड़ता है, उसे सकर्मक क्रिया कहते हैं। सरल शब्दों में, ऐसी क्रिया जिसके साथ एक कर्म (जिस पर कार्य का प्रभाव पड़े) का होना आवश्यक है, सकर्मक क्रिया होती है। इन क्रियाओं के वाक्यों में 'क्या', 'किसे', 'किसको' आदि प्रश्न पूछने पर उत्तर मिलता है।
उदाहरण:
- मोहन सेब खा रहा है। (क्या खा रहा है? - सेब। यहाँ 'खा रहा है' सकर्मक क्रिया है और 'सेब' इसका कर्म है।)
- शिक्षक पाठ पढ़ा रहे हैं। (क्या पढ़ा रहे हैं? - पाठ।)
- उसने पत्र लिखा। (क्या लिखा? - पत्र।)
4. अकर्मक क्रिया किसे कहते हैं? उदाहरण दीजिए।
जिस क्रिया का फल या प्रभाव कर्ता पर ही पड़ता है और जिसके लिए किसी कर्म की आवश्यकता नहीं होती, उसे अकर्मक क्रिया कहते हैं। इन क्रियाओं के वाक्यों में 'क्या', 'किसे' आदि प्रश्न पूछने पर कोई उत्तर नहीं मिलता, बल्कि 'कैसे', 'कब', 'कहाँ' आदि का उत्तर मिलता है।
उदाहरण:
- बच्चा हँसता है। (क्या हँसता है? - इस प्रश्न का कोई सार्थक उत्तर नहीं मिलता, क्योंकि हँसना कर्ता का स्वयं का कार्य है।)
- पक्षी उड़ते हैं।
- वह सो गया।
- फूल खिले।
इन सभी वाक्यों में क्रिया का प्रभाव कर्ता पर ही है, किसी अन्य वस्तु या व्यक्ति (कर्म) पर नहीं।
5. सकर्मक और अकर्मक क्रिया में अंतर स्पष्ट कीजिए।
| सकर्मक क्रिया | अकर्मक क्रिया |
|---|---|
| इस क्रिया के साथ कर्म का होना आवश्यक है। | इस क्रिया के साथ कर्म की आवश्यकता नहीं होती। |
| इस क्रिया का फल कर्ता पर न पड़कर कर्म पर पड़ता है। (जैसे: राम ने आम खाया - यहाँ 'खाया' का फल 'आम' पर पड़ा।) | इस क्रिया का फल सीधे कर्ता पर ही पड़ता है। (जैसे: राम हँसा - हँसने का फल राम पर ही है।) |
| वाक्य में 'क्या', 'किसे', 'किसको' पूछने पर उत्तर मिलता है। (क्या खाया? - आम।) | 'क्या', 'किसे' पूछने पर उत्तर नहीं मिलता। 'कैसे', 'कब' पूछने पर उत्तर मिल सकता है। (कैसे हँसा? - जोर से।) |
| उदाहरण: पढ़ना, लिखना, बनाना, देखना, सुनना। वह किताब पढ़ता है। |
उदाहरण: हँसना, रोना, सोना, उड़ना, जागना। वह जाग गया। |
6. निम्नलिखित वाक्यों में क्रिया के भेद बताइए:
- बच्चा दूध पीता है।
उत्तर: यहाँ 'पीता है' क्रिया है। इस वाक्य में 'क्या पीता है?' प्रश्न का उत्तर 'दूध' मिल रहा है, जो कर्म है। अतः यह सकर्मक क्रिया है।
- पक्षी आकाश में उड़ते हैं।
उत्तर: यहाँ 'उड़ते हैं' क्रिया है। इस वाक्य में 'क्या उड़ते हैं?' पूछने पर कोई कर्म नहीं मिलता। उड़ने का कार्य कर्ता (पक्षी) स्वयं कर रहा है। अतः यह अकर्मक क्रिया है।
- माँ ने खाना बनाया।
उत्तर: यहाँ 'बनाया' क्रिया है। 'क्या बनाया?' प्रश्न का उत्तर 'खाना' (कर्म) मिलता है। इसलिए यह सकर्मक क्रिया है।
- वह जोर से हँसा।
उत्तर: यहाँ 'हँसा' क्रिया है। हँसने के लिए किसी कर्म की जरूरत नहीं होती, यह कर्ता का स्वयं का कार्य है। 'क्या हँसा?' का कोई उत्तर नहीं है। अतः यह अकर्मक क्रिया है।
7. प्रेरणार्थक क्रिया से आप क्या समझते हैं? उदाहरण दीजिए।
जिस क्रिया से यह पता चले कि कर्ता स्वयं कार्य न करके किसी दूसरे को उस कार्य के लिए प्रेरित कर रहा है, उसे प्रेरणार्थक क्रिया कहते हैं। इसमें एक कर्ता दूसरे से काम करवाता है।
उदाहरण:
- मूल क्रिया: राम पढ़ता है।
प्रेरणार्थक क्रिया: राम श्याम से पढ़वाता है। (यहाँ राम स्वयं न पढ़कर श्याम को पढ़ने के लिए प्रेरित कर रहा है।) - मूल क्रिया: वह लिखता है।
प्रेरणार्थक क्रिया: वह अपने भाई से लिखवाता है। - मूल क्रिया: मोहन खाता है।
प्रेरणार्थक क्रिया: मोहन बच्चे को खिलाता है।
प्रेरणार्थक क्रिया के दो रूप हो सकते हैं: प्रथम प्रेरणार्थक (जैसे - पढ़वाना, लिखवाना) और द्वितीय प्रेरणार्थक (जैसे - पढ़ववाना, लिखववाना)।
8. सहायक क्रिया किसे कहते हैं? उदाहरण सहित लिखिए।
जो क्रिया मुख्य क्रिया की सहायता करके वाक्य के अर्थ को पूरा करती है, उसे सहायक क्रिया कहते हैं। सहायक क्रिया स्वयं अपना पूरा अर्थ नहीं देती, बल्कि यह मुख्य क्रिया के साथ मिलकर काल, वाच्य, पक्ष आदि का बोध कराती है।
उदाहरण:
- वह पढ़ रहा है। (यहाँ 'पढ़' मुख्य क्रिया है और 'रहा है' सहायक क्रिया है जो वर्तमान काल का बोध करा रही है।)
- मैंने पुस्तक पढ़ ली। (यहाँ 'पढ़' मुख्य क्रिया है और 'ली' सहायक क्रिया है।)
- वह खा चुका है।
- तुम जा सकते हो।
हिंदी में 'होना', 'रहना', 'चुकना', 'सकना', 'लगना', 'पड़ना' आदि क्रियाएँ अक्सर सहायक क्रिया के रूप में प्रयुक्त होती हैं।
1. क्रिया किसे कहते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।
क्रिया वह शब्द है जिससे किसी कार्य के होने या करने का बोध होता है। यह वाक्य का सबसे महत्वपूर्ण अंग है क्योंकि इसके बिना वाक्य का अर्थ पूरा नहीं होता। क्रिया से हमें पता चलता है कि कर्ता क्या कर रहा है, क्या हो रहा है, या उसकी क्या स्थिति है।
उदाहरण:
- राम पढ़ता है। (यहाँ 'पढ़ता' क्रिया है जो राम के द्वारा किए जा रहे कार्य को दर्शाती है।)
- फूल खिले हैं। (यहाँ 'खिले' क्रिया है जो फूलों की अवस्था या होने वाली घटना को बताती है।)
- वह सो गया। (यहाँ 'सो गया' क्रिया है जो कर्ता के द्वारा पूर्ण किए गए कार्य को प्रकट करती है।)
2. क्रिया के भेदों के नाम लिखिए।
क्रिया के मुख्य रूप से दो आधार पर भेद किए जाते हैं – रचना के आधार पर और अर्थ के आधार पर।
(क) रचना के आधार पर क्रिया के भेद:
- सकर्मक क्रिया – जिस क्रिया का फल कर्ता पर न पड़कर कर्म पर पड़े। (जैसे: राम ने सेब खाया।)
- अकर्मक क्रिया – जिस क्रिया का फल सीधे कर्ता पर पड़े और कर्म की आवश्यकता न हो। (जैसे: बच्चा हँसता है।)
(ख) अर्थ के आधार पर क्रिया के भेद:
- सामान्य क्रिया
- सहायक क्रिया
- प्रेरणार्थक क्रिया
- पूर्वकालिक क्रिया
- कृदंत क्रिया
- नामधातु क्रिया
- मिश्र क्रिया
3. सकर्मक और अकर्मक क्रिया में अंतर स्पष्ट कीजिए।
सकर्मक और अकर्मक क्रिया में मुख्य अंतर कर्म की उपस्थिति या अनुपस्थिति से है।
| सकर्मक क्रिया | अकर्मक क्रिया |
|---|---|
| इस क्रिया में कर्म का होना आवश्यक है। क्रिया का प्रभाव कर्ता से कर्म पर जाता है। | इस क्रिया में कर्म की आवश्यकता नहीं होती। क्रिया का प्रभाव सीधे कर्ता पर रहता है। |
| इसका सीधा-सा नियम है: कर्ता + कर्म + क्रिया। उदाहरण: मोहन पुस्तक पढ़ता है। (यहाँ 'पढ़ता' सकर्मक क्रिया है और 'पुस्तक' उसका कर्म है।) |
इसका ढाँचा है: कर्ता + क्रिया। उदाहरण: मोहन हँसता है। (यहाँ 'हँसता' अकर्मक क्रिया है, इसका कोई कर्म नहीं है।) |
| सकर्मक क्रिया के साथ 'क्या', 'किसे' जैसे प्रश्न पूछे जा सकते हैं। जैसे: मोहन क्या पढ़ता है? – पुस्तक। |
अकर्मक क्रिया के साथ 'क्या' पूछने पर कोई कर्म नहीं मिलता, बल्कि कर्ता की स्थिति का पता चलता है। जैसे: मोहन क्या करता है? – हँसता है। (यहाँ 'हँसना' स्वयं क्रिया है, कोई अलग कर्म नहीं।) |
4. निम्नलिखित वाक्यों में क्रिया के भेद बताइए:
(क) वह गाना गा रही है।
उत्तर: यहाँ 'गा रही है' क्रिया है। यह सकर्मक क्रिया है क्योंकि इसका प्रभाव 'गाना' (कर्म) पर पड़ रहा है। 'वह क्या गा रही है?' – गाना।
(ख) पक्षी उड़ रहे हैं।
उत्तर: यहाँ 'उड़ रहे हैं' क्रिया है। यह अकर्मक क्रिया है क्योंकि इसका कोई कर्म नहीं है। क्रिया का फल सीधे कर्ता (पक्षी) पर पड़ रहा है।
(ग) अध्यापक ने छात्र को पढ़ाया।
उत्तर: यहाँ 'पढ़ाया' क्रिया है। यह प्रेरणार्थक क्रिया (सकर्मक) है क्योंकि अध्यापक (कर्ता) ने छात्र (कर्म) को पढ़ने के लिए प्रेरित किया या सिखाया।
(घ) वह दौड़कर स्कूल पहुँचा।
उत्तर: यहाँ 'दौड़कर' क्रिया है। यह पूर्वकालिक क्रिया है क्योंकि यह क्रिया ('दौड़ना') मुख्य क्रिया ('पहुँचना') से पहले घटित हुई है।
5. बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ):
i. 'बच्चा रोता है।' इस वाक्य में क्रिया का भेद है:
उत्तर: (B) अकर्मक
ii. निम्न में से कौन-सी सकर्मक क्रिया का उदाहरण है?
उत्तर: (C) उसने खाना खाया।
iii. 'माँ ने बच्चे को दूध पिलाया।' वाक्य में क्रिया है:
उत्तर: (C) प्रेरणार्थक
iv. क्रिया के रचना के आधार पर मुख्य भेद हैं:
उत्तर: (C) दो
क्रिया (भेद) - संयुक्त क्रिया
ह विद्यालय की ओर चल पडा।
उत्तर: इस वाक्य में 'चल पड़ा' संयुक्त क्रिया है। यहाँ 'चल' मुख्य क्रिया है और 'पड़ा' रंजक क्रिया है। रंजक क्रिया 'पड़ना' मुख्य क्रिया के साथ जुड़कर कार्य के आरंभ होने का भाव प्रकट कर रही है। अर्थात, विद्यालय की ओर चलने की क्रिया शुरू हुई।
8. डालना-मार डालना, तोड़ डालना, काठ डालना। (बलात्भाव/क्रिया-पूर्णता का भाव) वाक्य-प्रयोग- राम ने रावण को मार डाला। गुस्से में आई भीड़ ने सरकारी ढाँचे को तहस-नहस कर डाला।
उत्तर: 'डालना' रंजक क्रिया के रूप में प्रयुक्त होकर मुख्य क्रिया के अर्थ में पूर्णता या समाप्ति का भाव जोड़ती है। 'मार डालना' का अर्थ है पूरी तरह से मार देना या समाप्त कर देना। इसी प्रकार 'तोड़ डालना' का अर्थ है पूरी तरह से तोड़ देना। यह क्रिया कार्य के पूरा होने पर जोर देती है।
9.मरना-डूब मरना। वाक्य-प्रयोग-माँ ने दुत्कारते हुए कहा- डूब मर! नकल करने से अच्छा तू डूब मरता।
उत्तर: यहाँ 'मरना' रंजक क्रिया है जो मुख्य क्रिया 'डूबना' के साथ जुड़कर अभिशाप या अत्यधिक तीव्र इच्छा का भाव प्रकट करती है। 'डूब मरना' मुहावरे के रूप में प्रयुक्त होता है, जिसका शाब्दिक अर्थ 'डूबकर मर जाना' है, लेकिन प्रयोग में इसका अर्थ 'बहुत बुरा हो' या 'नष्ट हो जा' जैसा होता है। यह एक प्रकार की अभ्यासबोधक संयुक्त क्रिया है।
10. मारना-लिख मारा। वाक्य-प्रयोग-आजकल के अबाड़ी पत्रकार बिना आने-बूझे कुछ-का-कुछ लिख मारते हैं।
उत्तर: इस उदाहरण में 'मारना' रंजक क्रिया है। यह मुख्य क्रिया 'लिखना' के साथ मिलकर कार्य को जल्दबाजी, लापरवाही या बेधड़क तरीके से करने का भाव प्रकट करती है। 'लिख मारना' का अर्थ है बिना सोचे-समझे, तथ्यों की पुष्टि किए बगैर लिख देना। यह क्रिया कार्य की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लगाती है।
11.निकलना चल निकलना। वाक्य-प्रयोग-यह नया समाचार-पत्र भी चल निकला है।
उत्तर: 'चल निकलना' एक संयुक्त क्रिया है जहाँ 'निकलना' रंजक क्रिया का काम कर रहा है। इस संयोग से क्रिया में सफलतापूर्वक आरंभ होने और चल पड़ने का भाव आता है। वाक्य में इसका प्रयोग दर्शाता है कि नया समाचार-पत्र सफलतापूर्वक प्रकाशित होना शुरू हो गया है और अब नियमित रूप से चल रहा है।
12. बसना-चल बसना। वाक्य-प्रयोग पिछले वर्ष मोहन के पिताजी चल बसे थे।
उत्तर: 'चल बसना' एक संयुक्त क्रिया है जिसका प्रयोग मृत्यु के लिए एक कोमल और सम्मानजनक अभिव्यक्ति के रूप में किया जाता है। यहाँ 'बसना' रंजक क्रिया है जो 'चलना' (यहाँ प्रस्थान करने के अर्थ में) मुख्य क्रिया के साथ जुड़कर जीवन की यात्रा समाप्त करने और शांति से विदा होने का भाव देती है। यह एक प्रचलित मुहावरा है।
13, लगना आरंभधोतका वाक्य-प्रयोग मोहन विद्यालय जाने लगा।
उत्तर: इस वाक्य में 'जाने लगा' संयुक्त क्रिया है। 'लगना' यहाँ रंजक क्रिया है जो मुख्य क्रिया 'जाना' के साथ मिलकर कार्य के आरंभ होने का भाव प्रकट करती है। इसका अर्थ है कि मोहन ने विद्यालय जाने की क्रिया शुरू कर दी। 'लगना' रंजक क्रिया का प्रयोग अक्सर किसी कार्य के प्रारंभिक चरण को दर्शाने के लिए किया जाता है।
संयुक्त क्रियाओं के बारे में कछ महत्त्वपूर्ण बातें
1. कहीं-कहीं संयुक्त क्रिया के दोनों पदों का क्रम तथा रूप बदलने पर उनके अर्थ में - परिवर्तन आ जाता है। उदाहरणतया (क) मोहन ने उसे मार दिया। (जान से मार दिया)
उत्तर: सही है। संयुक्त क्रिया में मुख्य क्रिया और रंजक क्रिया के क्रम में परिवर्तन से अर्थ बदल जाता है।
(क) 'मार दिया': यहाँ 'देना' रंजक क्रिया है जो पूर्णता का भाव दे रही है। अर्थ है कि मारने की क्रिया पूरी तरह समाप्त हो गई, जिससे प्राणांत हो गया।
(ख) 'दे मारा': यहाँ 'मारना' रंजक क्रिया है जो अचानकता और आकस्मिकता का भाव दे रही है। अर्थ है कि अचानक चोट कर दी या प्रहार कर दिया, जरूरी नहीं कि उससे मृत्यु ही हुई हो।
2. निषेधात्मक वाक्यों में मुख्य क्रिया के साथ रंजक क्रिया का प्रयोग नहीं होता। यथा- उसे भूख लग आई। - उसे भूख नहीं लगी।
उत्तर: यह एक महत्वपूर्ण नियम है। नकारात्मक (निषेधात्मक) वाक्यों में केवल मुख्य क्रिया का ही प्रयोग होता है, रंजक क्रिया का नहीं।
उदाहरण 1: सकारात्मक वाक्य - "उसे भूख लग आई।" (यहाँ 'आना' रंजक क्रिया है जो अचानकपन का भाव दे रही है।)
नकारात्मक वाक्य - "उसे भूख नहीं लगी।" (रंजक क्रिया 'आना' हट गई, केवल मुख्य क्रिया 'लगना' का प्रयोग हुआ है।)
उदाहरण 2: सकारात्मक - "मोहन चिल्ला उठा।" ('उठना' रंजक क्रिया है)
नकारात्मक - "मोहन नहीं चिल्लाया।" (रंजक क्रिया हट गई)
संयुक्त क्रिया में से मुख्य क्रिया की पहचान - संयुक्त क्रिया में से मुख्य क्रिया की पहचान करना सावधानी का काम है। उदाहरणतया- मैं पढ़ लेता हूँ।
उत्तर: संयुक्त क्रिया में मुख्य क्रिया की पहचान करने का एक आसान तरीका है प्रश्न पूछना।
चरण 1: वाक्य लें - "मैं पढ़ लेता हूँ।"
चरण 2: कर्ता (मैं) के संदर्भ में प्रश्न बनाएं - "कर्ता क्या करता है?"
चरण 3: संभावित उत्तर देखें:
- क्या वह 'पढ़ने का काम' करता है? हाँ।
- क्या वह 'लेने का काम' करता है? नहीं, यहाँ 'लेने' का सामान्य अर्थ (जैसे कोई वस्तु लेना) प्रासंगिक नहीं है।
निष्कर्ष: अतः 'पढ़' मुख्य क्रिया है और 'लेता हूँ' सहायक/रंजक क्रिया है जो यहाँ निपुणता या क्षमता का भाव प्रकट कर रही है।
संयुक्त क्रिया के प्रयोग - उदाहरण विश्लेषण
| क्र. सं. | वाक्य (संयुक्त क्रिया) | मुख्य क्रिया | रंजक/सहायक क्रिया | भाव/अर्थ |
|---|---|---|---|---|
| 1. | वह खाना खाता चला गया। | खाना | चला गया | दो क्रियाओं (खाना और चलना) का एक साथ होना। |
| 2. | उत्तम उठकर चल दिया। | चलना | दिया | चलने की क्रिया का तत्काल और दृढ़तापूर्वक आरंभ। |
| 3. | वह दौड़ता रह सकता है। | दौड़ना | रह सकता है | दौड़ने की क्रिया के निरंतर जारी रहने की संभावना। |
| 4. | तू कितना ही चिल्लाता जा। | चिल्लाना | जा | चिल्लाने की क्रिया को जारी रखने की अनुमति या अवहेलना। |
| 5. | वह अपमान का घूँट पी गया। | पीना | गया | अपमान सहन करने (पीने) की क्रिया की पूर्णता। |
| 6. | पता नहीं उसने क्या लिख दिया। | लिखना | दिया | लिखने की क्रिया की पूर्णता के साथ चिंता। |
| 7. | मैं तुझे मार बैठूँगा। | मारना | बैठूँगा | मारने की क्रिया में दृढ़ संकल्प या भविष्य में होने की strong संभावना। |
| 8. | जाकर नदी में डूब मर। | डूबना | मर | एक अभिशाप या क्रोधपूर्ण आदेश। |
| 9. | अचानक वह नाच उठा। | नाचना | उठा | नाचने की क्रिया का अचानक और अनियंत्रित आरंभ। |
| 10. | तू बैठ जा। | बैठना | जा | बैठने के लिए आदेश या निवेदन (शांत हो जाने के भाव में)। |
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