Bihar Board Class 10th Hindi (व्याकरण एवं रचना) पत्र लेखन) Solutions
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| Board Name | Bihar Board of Secondary Education |
| Class | Class 10th |
| Content Type | Solution |
| Solution for | Class 10th students |
| Subject | Hindi (व्याकरण एवं रचना) |
| Chapter Name | पत्र लेखन) |
| Total Number of Chapter in this Subject | 13 |
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Bihar Board Class 10th Hindi (व्याकरण एवं रचना) पत्र लेखन) Solutions
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1. पत्र लेखन क्या है? पत्र के कितने भेद होते हैं? नाम लिखें।
पत्र लेखन दो व्यक्तियों या संस्थाओं के बीच सूचना, विचार, भावनाओं या अनुरोधों का आदान-प्रदान करने का एक लिखित और औपचारिक माध्यम है। यह संवाद का एक महत्वपूर्ण साधन है।
पत्र लेखन के मुख्य रूप से दो भेद होते हैं:
- औपचारिक पत्र – ये पत्र किसी अधिकारी, संस्था या सार्वजनिक विषयों से संबंधित होते हैं। इनमें भाषा शिष्ट और औपचारिक होती है।
- अनौपचारिक पत्र – ये पत्र परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों या मित्रों को लिखे जाते हैं। इनमें भाषा सरल और आत्मीय होती है।
2. औपचारिक पत्र किसे कहते हैं? इसके कितने भेद हैं? नाम लिखें।
औपचारिक पत्र वे पत्र होते हैं जो किसी अधिकारी, सरकारी कार्यालय, शैक्षणिक संस्थान या किसी व्यावसायिक प्रतिष्ठान को किसी विशेष उद्देश्य से लिखे जाते हैं। इन पत्रों में भाषा पूर्णतः शिष्ट, सम्मानजनक और विषय-केंद्रित होती है।
औपचारिक पत्र के मुख्य रूप से तीन भेद होते हैं:
- प्रार्थना पत्र / आवेदन पत्र – किसी अनुरोध या आवेदन के लिए लिखा जाता है।
- शिकायती पत्र – किसी समस्या या शिकायत को दर्ज कराने के लिए लिखा जाता है।
- कार्यालयी पत्र / व्यावसायिक पत्र – कार्यालयों या व्यवसायों के बीच आधिकारिक संचार के लिए लिखा जाता है।
3. अनौपचारिक पत्र किसे कहते हैं? इसके कितने भेद हैं? नाम लिखें।
अनौपचारिक पत्र वे पत्र होते हैं जो हम अपने निकट संबंधियों जैसे माता-पिता, भाई-बहन, मित्रों या रिश्तेदारों को लिखते हैं। इन पत्रों का उद्देश्य व्यक्तिगत संवाद, भावनाओं का आदान-प्रदान और खबरें साझा करना होता है। भाषा सहज, मैत्रीपूर्ण और बोलचाल के करीब होती है।
अनौपचारिक पत्र के मुख्य रूप से निम्नलिखित भेद होते हैं:
- पारिवारिक पत्र – परिवार के सदस्यों को लिखे गए पत्र।
- मित्रता पत्र – मित्रों या सहपाठियों को लिखे गए पत्र।
- बधाई पत्र – किसी उपलब्धि या शुभ अवसर पर बधाई देने के लिए लिखे गए पत्र।
- शोक संवेदना पत्र – किसी की मृत्यु या दुःख के समय संवेदना व्यक्त करने के लिए लिखे गए पत्र।
4. पत्र के मुख्य अंग कौन-कौन से हैं?
एक सुसंरचित पत्र के निम्नलिखित मुख्य अंग होते हैं:
- प्रेषक का पता – पत्र लिखने वाले का पूरा पता, जो पृष्ठ के शीर्ष दाएँ कोने पर लिखा जाता है।
- दिनांक – पत्र लिखने की तारीख, प्रेषक के पते के ठीक नीचे।
- संबोधन – पत्र पाने वाले को संबोधित करने के शब्द (जैसे – पूज्य पिताजी, प्रिय मित्र, महोदय)।
- विषय (केवल औपचारिक पत्रों में) – पत्र के मुख्य उद्देश्य को संक्षेप में बताने वाली पंक्ति।
- पत्र का मुख्य भाग/विषय-वस्तु – यह पत्र का सबसे लंबा भाग होता है, जिसमें पत्र का वास्तविक संदेश या उद्देश्य विस्तार से लिखा जाता है।
- समापन – पत्र को समाप्त करने के लिए शुभकामनाएँ, धन्यवाद या निवेदन (जैसे – आपका आज्ञाकारी पुत्र, भवदीय)।
- हस्ताक्षर – पत्र लिखने वाले के हस्ताक्षर।
- प्राप्तकर्ता का पता – पत्र पाने वाले का पूरा पता, पत्र के बाईं ओर संबोधन से ऊपर लिखा जाता है (विशेषकर लिफाफे पर)।
बहुविकल्पीय प्रश्न
1. पत्र लेखन क्या है?
(A) मौखिक संवाद
(B) लिखित संवाद
(C) सांकेतिक संवाद
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (B) लिखित संवाद
पत्र लेखन संवाद का एक लिखित रूप है, जिसमें दो पक्ष एक-दूसरे तक अपने विचार, सूचना या भावनाएँ कागज पर लिखकर पहुँचाते हैं।
2. औपचारिक पत्र किसे कहते हैं?
(A) जो पत्र मित्र को लिखा जाता है
(B) जो पत्र अधिकारी को लिखा जाता है
(C) जो पत्र भाई को लिखा जाता है
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (B) जो पत्र अधिकारी को लिखा जाता है
औपचारिक पत्र किसी अधिकारी, कार्यालय या संस्था को किसी आधिकारिक या सार्वजनिक मामले में लिखा जाता है। इसमें भाषा और शैली पूरी तरह शिष्ट और नियमबद्ध होती है।
3. अनौपचारिक पत्र किसे कहते हैं?
(A) जो पत्र मित्र को लिखा जाता है
(B) जो पत्र अधिकारी को लिखा जाता है
(C) जो पत्र संपादक को लिखा जाता है
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (A) जो पत्र मित्र को लिखा जाता है
अनौपचारिक पत्र वे पत्र होते हैं जो हम अपने निकटतम संबंधियों जैसे परिवार के सदस्यों, मित्रों या रिश्तेदारों को लिखते हैं। इनमें भाषा सरल और हृदय से निकली होती है।
4. पत्र के कितने भेद होते हैं?
(A) एक
(B) दो
(C) तीन
(D) चार
उत्तर: (B) दो
पत्र लेखन के मुख्य रूप से दो भेद होते हैं – औपचारिक पत्र और अनौपचारिक पत्र। इन दोनों के आगे और उपभेद हो सकते हैं।
5. औपचारिक पत्र के कितने भेद होते हैं?
(A) एक
(B) दो
(C) तीन
(D) चार
उत्तर: (C) तीन
औपचारिक पत्र के मुख्यतः तीन भेद होते हैं: प्रार्थना पत्र/आवेदन पत्र, शिकायती पत्र और कार्यालयी/व्यावसायिक पत्र।
6. अनौपचारिक पत्र के कितने भेद होते हैं?
(A) एक
(B) दो
(C) तीन
(D) चार
उत्तर: (D) चार
अनौपचारिक पत्र के प्रमुख रूप से चार भेद माने जाते हैं: पारिवारिक पत्र, मित्रता पत्र, बधाई पत्र और शोक संवेदना पत्र।
प्रश्न 9.
अपने क्षेत्र की समस्याओं और असुविधाओं की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए क्षेत्र के संसद-सदस्य को पत्र लिखकर उन्हें दूर करने का अनुरोध कीजिए।
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सेवा में विषय: नालन्दा क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं के समाधान हेतु अनुरोध। महोदय, सविनय निवेदन है कि नालन्दा नगर एवं आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों के निवासी निम्नलिखित गंभीर समस्याओं से अत्यंत परेशान हैं, जिनके त्वरित समाधान हेतु आपका हस्तक्षेप अपेक्षित है-
महोदय, आपसे विनम्र अनुरोध है कि कृपया इन समस्याओं की ओर ध्यान दिलाते हुए संबंधित विभागों से-
आशा है, जनप्रतिनिधि के रूप में आप हमारी इन समस्याओं को शीघ्र हल करवाने में सकारात्मक भूमिका निभाएँगे। आपके सहयोग के लिए हम सभी क्षेत्रवासी आपके आभारी रहेंगे। धन्यवाद! भवदीय, |
प्रश्न 10.
सार्वजनिक पार्कों की समुचित सफाई न होने पर सफाई-कर्मचारियों की शिकायत करते हुए नगर-निगम के स्वास्थ्य अधिकारी को एक पत्र लिखिए।
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सेवा में विषय: पटना नगर के सार्वजनिक पार्कों में सफाई व्यवस्था की शिथिलता के संबंध में। महोदय, मैं, अशोक श्रीवास्तव, पटना विकास परिषद् का सचिव होने के नाते, नगर के सौंदर्यीकरण एवं स्वच्छता के प्रति चिंतित हूँ। मैं आपका ध्यान नगर के विभिन्न सार्वजनिक पार्कों में व्याप्त गंदगी एवं उपेक्षा की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ। पिछले कई महीनों से अधिकांश पार्कों की नियमित सफाई नहीं हो रही है। ऐसा प्रतीत होता है कि इन पार्कों के लिए नियुक्त सफाई कर्मचारी या तो अनुपस्थित रहते हैं या फिर उन पर पर्याप्य निगरानी का अभाव है। इसका परिणाम यह है कि-
महोदय, इन परिस्थितियों के कारण नागरिक अब इन पार्कों में घूमने-फिरने एवं मनोरंजन से वंचित हो रहे हैं। यह स्थिति नगर की छवि के लिए भी उचित नहीं है। अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि संबंधित विभाग को निर्देश देकर पार्कों की नियमित एवं प्रभावी सफाई की व्यवस्था तुरंत सुनिश्चित करवाएँ। पटना विकास परिषद् इस कार्य में आपके साथ पूर्ण सहयोग के लिए तत्पर है। धन्यवाद! भवदीय, |
प्रश्न 11.
स्वास्थ्य-विभाग के लापरवाह रवैये के कारण खाद्य-पदार्थो में मिलावट की समस्या गंभीर होती जा रही है। विभाग के निदेशक के नाम पत्र लिखकर इस समस्या की ओर उनका ध्यान आकर्षित कीजिए।
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सेवा में विषय: बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों में बढ़ती मिलावट की गंभीर समस्या के संबंध में। महोदय, मैं पटना नगर का एक सामान्य नागरिक हूँ। बहुत खेद के साथ आपको यह सूचित करना पड़ रहा है कि हमारे नगर में खाद्य पदार्थों में मिलावट का अवैध धंधा बेरोकटोक चल रहा है, जो जनस्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा बन गया है। दूध, घी, खाद्य तेल जैसे मूलभूत पदार्थों में मिलावट तो एक पुरानी समस्या बन चुकी है। अब स्थिति यह है कि बड़े ब्रांड्स के उत्पादों पर भी विश्वास डगमगाने लगा है। हाल ही में एक प्रतिष्ठित कंपनी के दूध में भी मिलावट पाई गई थी। इसके अलावा-
महोदय, यह सब कुछ संभव हो पा रहा है क्योंकि स्वास्थ्य विभाग के निरीक्षण तंत्र में गंभीर लापरवाही एवं कुछ मामलों में कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका है। अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि कृपया इस विषय पर तत्काल ध्यान दें और-
हम नागरिकों को शुद्ध एवं सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना राज्य का प्राथमिक दायित्व है। आशा है आप त्वरित कार्रवाई करेंगे। धन्यवाद! भवदीय, |
प्रश्न 12.
परीक्षा के दिनों में अनियमित विद्युत आपूर्ति की समस्या की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए प्रबंधक, राज्य विद्युत-आपूर्ति निगम को पत्र लिखिए।
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सेवा में विषय: परीक्षा के दिनों में रोहिणी सेक्टर-7 में बिजली की अनियमित आपूर्ति की समस्या के संबंध में। महोदय, हम रोहिणी, सेक्टर-7 के निवासियों की ओर से आपका ध्यान हमारे क्षेत्र में बिजली की लगातार हो रही अनियमित आपूर्ति की गंभीर समस्या की ओर आकर्षित करना चाहते हैं। वर्तमान में स्कूली बच्चों की वार्षिक परीक्षाएँ चल रही हैं। इन दिनों उनकी पढ़ाई पर पूरे वर्ष की मेहनत का परिणाम निर्भर करता है। ऐसे संवेदनशील समय में बिजली का बार-बार कटना एवं आना-जाना उनकी पढ़ाई में गंभीर व्यवधान पैदा कर रहा है। रात के समय पढ़ाई करना विशेषकर कठिन हो गया है। महोदय, हम आपसे विनम्र अनुरोध करते हैं कि कृपया परीक्षा के इस पूरे सत्र (मार्च-अप्रैल) के दौरान हमारे क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति को विशेष रूप से नियमित एवं अनवरत बनाए रखने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करें। इससे छात्र-छात्राओं को अपनी तैयारी जारी रखने में सहूलियत होगी और उनके भविष्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को रोका जा सकेगा। आपके त्वरित हस्तक्षेप की अपेक्षा में। धन्यवाद! भवदीय, |
प्रश्न 13.
अपके क्षेत्र में पाक विकसित कराने के लिए नगर-निगम अधिकारी को पत्र लिखिए।
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सेवा में विषय: मोहन नगर क्षेत्र में एक सार्वजनिक पार्क के विकास हेतु अनुरोध। महोदय, हम मोहन नगर क्षेत्र के निवासियों की ओर से आपसे निवेदन करते हैं कि हमारे आवासीय क्षेत्र में एक सार्वजनिक पार्क विकसित कराने की कृपा करें। हमारे क्षेत्र में पार्क के लिए आरक्षित एक खाली मैदान पहले से उपलब्ध है, किंतु वर्तमान में उसकी स्थिति अत्यंत दयनीय है। वहाँ कूड़े-कचरे के ढेर लगे हुए हैं और आस-पास के कुछ लोग उसे कचरा फेंकने के स्थान के रूप में इस्तेमाल करने लगे हैं। इससे न केवल पर्यावरण प्रदूषण हो रहा है बल्कि मच्छर-मक्खियों के पनपने से स्वास्थ्य संबंधी खतरा भी उत्पन्न हो गया है। महोदय, एक हरा-भरा, साफ-सुथरा पार्क न केवल क्षेत्र के सौंदर्य में वृद्धि करेगा, बल्कि बुजुर्गों, बच्चों एवं सभी निवासियों के लिए ताजी हवा में टहलने एवं मनोरंजन का स्थान भी प्रदान करेगा। हम सभी क्षेत्रवासी आपको विश्वास दिलाते हैं कि यदि पार्क का निर्माण हो जाता है, तो हम स्वयंसेवी समूह बनाकर उसकी देखभाल, सफाई एवं रखरखाव की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार हैं। अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि संबंधित विभाग को निर्देश देकर मोहन नगर में पार्क के निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करवाएँ। धन्यवाद! भवदीय, |
प्रश्न 14.
राज्य परिवहन निगम के मुख्य प्रबंधक को पत्र लिखकर एक बस-चालक के प्रशंसनीय व्यवहार की प्रशंसा करते हुए उसे विभाग की ओर से सम्मानित करने का आग्रह कीजिए।
अथवा,
बस-कंडक्टर के सहानुभूतिपूर्ण और विनम्र व्यवहार की प्रशंसा करते हुए परिवहन निगम के प्रबंधक को पत्र लिखिए।
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सेवा में विषय: आपके एक बस चालक (श्री रणधीर सिंह) की मानवीय सेवा एवं साहसिक कार्य की प्रशंसा एवं उन्हें सम्मानित करने हेतु अनुरोध। महोदय, मैं जयपुर, राजस्थान का निवासी हूँ और बिहार राज्य परिवहन निगम की कुशल सेवाओं का प्रशंसक रहा हूँ। हाल ही में मैंने आपके एक कर्मचारी द्वारा किए गए ऐसे सराहनीय कार्य को स्वयं देखा है, जो न केवल उनके चरित्र की ऊँचाई को दर्शाता है बल्कि आपके संस्थान का नाम भी रोशन करता है। दिनांक लगभग 10 मार्च, 2018 को मैं पटना से राँची जाने वाली आपकी बस से यात्रा कर रहा था, जिसे श्री रणधीर सिंह चला रहे थे। मार्ग में एक स्थान पर एक स्कूटर एवं ट्रक की भीषण टक्कर हो गई थी। स्कूटर सवार गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर पड़ा था और रक्तस्राव हो रहा था। अफसोस की बात यह थी कि कई वाहन चालक उस घायल व्यक्ति को वहीं छोड़कर आगे निकल गए। तभी आपके बस चालक श्री रणधीर सिंह ने तत्काल बस रोकी। उन्होंने अपने कंडक्टर तथा कुछ सहयात्रियों की मदद से उस बेसहारा घायल को सावधानीपूर्वक बस में बैठाया और निकटतम ट्रॉमा सेंटर/अस्पताल तक पहुँचाकर उचित चिकित्सा दिलवाई। उनकी यह त्वरित कार्रवाई उस व्यक्ति के प्राण बचाने में निश्चित रूप से सहायक सिद्ध हुई होगी। महोदय, आज के इस स्वार्थपूर्ण युग में श्री रणधीर सिंह जैसे व्यक्ति समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनके इस निस्वार्थ, साहसिक एवं मानवीय कार्य के लिए वे सराहना के पात्र हैं। अतः मेरा आपसे विनम्र निवेदन है कि कृपया श्री रणधीर सिंह के इस प्रशंसनीय कार्य को आधिकारिक रूप से मान्यता देते हुए उन्हें विभाग की ओर से सम्मानित करें, ताकि अन्य कर्मचारी भी ऐसे उत्कृष्ट मानवीय मूल्यों के लिए प्रोत्साहित हों। धन्यवाद! भवदीय, |
1. औपचारिक पत्र किसे कहते हैं? इसके प्रमुख अंगों का उल्लेख कीजिए।
औपचारिक पत्र वे पत्र होते हैं जो किसी सरकारी अधिकारी, संस्था, कार्यालय या अज्ञात व्यक्ति को लिखे जाते हैं। इनमें भाषा शिष्ट, स्पष्ट और विषय-केंद्रित होती है।
इसके प्रमुख अंग निम्नलिखित हैं:
- प्रेषक का पता व दिनांक: पत्र लिखने वाले का पूरा पता और पत्र लिखने की तिथि।
- संबोधन: जैसे – महोदय, सेवा में, श्रीमान आदि।
- विषय: पत्र के मुख्य उद्देश्य को संक्षेप में बताना।
- संबोधन के बाद का अभिवादन: जैसे – सादर निवेदन है कि, सविनय निवेदन है कि।
- पत्र का मुख्य भाग/विवरण: इसमें पत्र लिखने का कारण और विस्तृत जानकारी दी जाती है।
- समापन/हस्ताक्षर: भवदीय, आपका आज्ञाकारी आदि लिखकर प्रेषक का नाम व हस्ताक्षर।
2. अनौपचारिक पत्र किसे कहते हैं? इसके प्रमुख अंगों का उल्लेख कीजिए।
अनौपचारिक पत्र वे पत्र होते हैं जो परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों या मित्रों जैसे जाने-पहचाने लोगों को लिखे जाते हैं। इनमें भाषा सरल, स्वच्छंद और भावनात्मक होती है।
इसके प्रमुख अंग निम्नलिखित हैं:
- प्रेषक का पता व दिनांक: पत्र लिखने वाले का पता और तिथि।
- संबोधन: जैसे – पूज्य पिताजी, प्रिय मित्र, प्रिय भाई आदि।
- अभिवादन: जैसे – सादर चरण स्पर्श, सप्रेम नमस्ते।
- पत्र का मुख्य भाग: इसमें व्यक्तिगत समाचार, अनुभव और भावनाएँ साझा की जाती हैं।
- समापन व हस्ताक्षर: आपका पुत्र/पुत्री, आपका मित्र आदि लिखकर प्रेषक का नाम।
3. निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनिए-
(i) प्रार्थना-पत्र में विषय लिखा जाता है-
(A) संबोधन के पहले
(B) संबोधन के बाद
(C) अभिवादन के बाद
(D) पत्र के अंत में
सही उत्तर: (B) संबोधन के बाद
प्रार्थना-पत्र में, प्रापक (जैसे 'प्रधानाचार्य महोदय') का संबोधन लिखने के तुरंत बाद ही पत्र के मुख्य उद्देश्य को संक्षेप में बताने वाला 'विषय' लिखा जाता है।
(ii) प्रार्थना-पत्र में अभिवादन लिखा जाता है-
(A) संबोधन के पहले
(B) संबोधन के बाद
(C) विषय के बाद
(D) पत्र के अंत में
सही उत्तर: (C) विषय के बाद
प्रार्थना-पत्र में क्रम इस प्रकार होता है: प्रेषक का पता व दिनांक → संबोधन → विषय → अभिवादन (जैसे 'सविनय निवेदन है कि')। इसलिए अभिवादन विषय के बाद ही आता है।
(iii) प्रार्थना-पत्र में समापन के रूप में लिखा जाता है-
(A) आपका आज्ञाकारी शिष्य
(B) भवदीय
(C) धन्यवाद
(D) आपका विश्वासी
सही उत्तर: (A) आपका आज्ञाकारी शिष्य
प्रार्थना-पत्र आमतौर पर किसी अधिकारी या शिक्षक को लिखा जाता है, इसलिए समापन में विनम्रता दर्शाते हुए 'आपका आज्ञाकारी शिष्य' या इसी प्रकार के शब्दों का प्रयोग किया जाता है। 'भवदीय' औपचारिक पत्रों में अधिक सामान्य है।
शुओं की समस्याओं की ओर जनता तथा अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट करते हुए अमर उजाला के मुख्य-संपादक को पत्र लिखिए।
उत्तर:
सेवा में,
मुख्य संपादक महोदय,
अमर उजाला,
मथुरा।
विषय: नगर में आवारा पशुओं की बढ़ती समस्या के संबंध में।
महोदय,
मैं आपके प्रतिष्ठित समाचार-पत्र के माध्यम से नगर की एक गंभीर समस्या की ओर जनता एवं प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूँ। आशा है, आप इस मुद्दे को अपने पत्र में स्थान देकर जनहित में सहयोग करेंगे।
हमारे नगर में आवारा पशुओं, विशेषकर साँड, गधे एवं सुअरों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। ये पशु झुंड बनाकर सड़कों पर घूमते रहते हैं, जिससे आवागमन में बाधा उत्पन्न होती है और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। हाल ही में, श्याम नगर क्षेत्र में एक साँड ने एक छोटे बच्चे को घायल कर दिया, जिसकी स्थिति अब भी चिंताजनक है।
इन पशुओं के कारण नगर की स्वच्छता भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। सड़कें गोबर एवं कचरे से अटी पड़ी हैं, जिससे वातावरण दूषित हो रहा है और बदबू फैल रही है। दुकानदारों एवं पैदल यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस गंभीर स्थिति के बावजूद, संबंधित प्रशासनिक विभागों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। अतः, मेरा नगर निगम एवं प्रशासन से विनम्र अनुरोध है कि वे इस समस्या पर तत्काल ध्यान देकर आवारा पशुओं को पकड़ने एवं उचित स्थान पर रखने की व्यवस्था करें।
धन्यवाद।
भवदीय,
एक चिंतित नागरिक,
मथुरा।
दिनांक: 15 मार्च, 2018
प्रश्न 20. बैंक में खाता खोलने के लिए बैंक-मैनेजर के नाम पत्र लिखिए।
उत्तर:
सेवा में,
शाखा प्रबंधक महोदय,
पंजाब नेशनल बैंक,
पटेल नगर शाखा,
अहमदाबाद।
विषय: बचत खाता खोलने के संबंध में आवेदन।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं आपकी शाखा में अपने नाम से एक नया बचत खाता खोलना चाहता हूँ। मैं एक विद्यार्थी हूँ और अपनी बचत को सुरक्षित रखने के लिए बैंक खाते की आवश्यकता है।
कृपया मुझे खाता खोलने की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों (जैसे पहचान प्रमाण, निवास प्रमाण एवं पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ) तथा न्यूनतम जमा राशि के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करने का कष्ट करें। मैं आवश्यक कागजात एवं राशि के साथ आपके कार्यालय में उपस्थित होने के लिए तैयार हूँ।
आपके सहयोग के लिए अग्रिम धन्यवाद।
भवदीय,
प्रदीप कुमार शर्मा,
16, लक्ष्मी नगर, मथुरा।
दिनांक: 6 अप्रैल, 2018
प्रश्न 21. कुछ नव-प्रकाशित पुस्तकें मंगाने के लिए किरण पब्लिंकेशन, चक मुसल्लहपुर, पटना के व्यापार-प्रबंधक को एक पत्र लिखिए।
उत्तर:
सेवा में,
व्यापार-प्रबंधक महोदय,
किरण पब्लिकेशन,
चक मुसल्लहपुर, पटना - 6।
विषय: नवीनतम संस्करण की पुस्तकों की खरीद हेतु आदेश।
महोदय,
मैं आपके प्रकाशन द्वारा प्रकाशित निम्नलिखित पुस्तकों की नवीनतम संस्करण की प्रतियाँ खरीदना चाहता हूँ। कृपया उचित छूट काटकर इन पुस्तकों को वी.पी.पी. (मूल्य देय पार्सल) द्वारा नीचे दिए गए पते पर शीघ्र भेजने की कृपा करें। पुस्तकें पूर्णतः नई, अच्छी स्थिति में एवं सजिल्द (हार्डबाउंड) होनी चाहिए। यदि पुस्तकें कटी-फटी या खराब हालत में आती हैं, तो उन्हें वापस कर दिया जाएगा और इसके समस्त व्यय का उत्तरदायित्व आपका होगा।
| क्रम संख्या | पुस्तक का नाम | लेखक | प्रतियाँ |
|---|---|---|---|
| 1. | टीच योर सेल्फ गणित | रवि शंकर | 5 |
| 2. | टीच योर सेल्फ भौतिकी | महमूद आलम | 5 |
| 3. | टीच योर सेल्फ रसायन | महमूद आलम | 10 |
| 4. | टीच योर सेल्फ जीव विज्ञान | सैयद हुसैन | 4 |
| 5. | सेल्फ स्टडी मैटेरियल, वर्ग-10 | श्याम श्यामल | 6 |
पुस्तकों का कुल मूल्य रु. 500/- मैंने मनी ऑर्डर द्वारा अलग से भेज दिया है। शेष राशि (यदि कोई हो) वापस कर दें।
भवदीय,
राजीव रंजन सिन्हा,
बिहार शरीफ, नालंदा।
दिनांक: 6 अप्रैल, 2018
प्रश्न 22. आपके विद्यालय के छात्र 14-15 मार्च, 2018 को मसूरी-भ्रमण पर जाना चाहते हैं। वहाँ स्थित यूथ होस्टल के प्रबंधक को पत्र लिखकर जानकारी लें कि क्या इन दिनों ठहरने का प्रबंध हो सकता है और किराया कितना होगा?
उत्तर:
सेवा में,
प्रबंधक महोदय,
यूथ होस्टल,
मसूरी।
विषय: 14-15 मार्च, 2018 को समूह आवास हेतु पूछताछ।
महोदय,
हम राजकीय उच्च विद्यालय, नगर के छात्र हैं। हमारे विद्यालय के 30 छात्र एवं 2 शिक्षक सदस्य शैक्षिक भ्रमण के उद्देश्य से 14 एवं 15 मार्च, 2018 को मसूरी आने की योजना बना रहे हैं।
कृपया हमें सूचित करें कि क्या उक्त तिथियों पर आपके होस्टल में हमारे समूह के ठहरने की व्यवस्था संभव है? यदि हाँ, तो प्रति व्यक्ति कमरे का किराया कितना होगा? साथ ही, कृपया भोजन (नाश्ता एवं रात्रि भोजन) की उपलब्धता एवं उसके शुल्क के बारे में भी विस्तृत जानकारी दें।
आपकी शीघ्र प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा रहेगी, जिससे हम अपनी योजना को अंतिम रूप दे सकें।
धन्यवाद।
भवदीय,
(क.ख.ग.)
छात्र अध्यक्ष,
राजकीय उच्च विद्यालय, नगर।
दिनांक: 17 फरवरी, 2018
प्रश्न 1. ग्रीष्मावकाश में आपके पर्वतीय मित्र ने आपको आमंत्रित कर अनेक दर्शनीय स्थलों की सैर कराई। इसके लिए उसका आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद-पत्र लिखिए।
उत्तर:
7/7, न्यू कॉलोनी,
गुड़गाँव।
दिनांक: 13 मार्च, 2018
प्रिय चेतन,
स्नेह!
तुम कैसे हो? आशा है, हिमाचल की ठंडी हवाएँ तुम्हें तरोताजा रख रही होंगी। प्रिय मित्र, ग्रीष्मावकाश में तुम्हारा आमंत्रण और तुम्हारे साथ बिताए गए वे दो दिन मेरे लिए अविस्मरणीय हैं। मनाली और रोहतांग दर्रे की यात्रा का हर पल मेरे दिल में बस गया है।
बर्फ से ढकी उन चमकदार चोटियों, वशिष्ठ आश्रम के पास बहती नदी, हिडिंबा मंदिर की शांति और रोहतांग में बर्फ पर स्लेज की सवारी – ये सभी यादें मेरे मन में ताजा हैं। बर्फ के बीच बैठकर चाय पीना और तुम्हारे साथ उन खूबसूरत नज़ारों को कैमरे में कैद करना, ये सब अनुभव मेरे जीवन के सबसे सुखद पल थे।
तुम्हारे इस प्यार भरे आमंत्रण और अतिथि सत्कार के लिए मैं तुम्हारा हृदय से आभारी हूँ। तुमने न केवल मुझे एक नए स्थान की सैर कराई, बल्कि एक ऐसी मित्रता का अनुभव कराया जो जीवनभर याद रहेगी। इसके लिए मेरे पास केवल दो शब्द हैं – बहुत-बहुत धन्यवाद!
तुम्हारा प्रिय मित्र,
मधुर।
प्रश्न 2. अनुराधा के मामाजी ने उनके जन्मदिन पर एक पुस्तक उपहार में भेजी है। धन्यवाद व्यक्त करते हुए उन्हें पत्र लिखिए।
उत्तर:
परीक्षा भवन,
क.ख.ग. केंद्र।
दिनांक: 16 मार्च, 2018
आदरणीय मामाजी,
सादर चरण स्पर्श।
आशा है, आप सभी घर पर सकुशल एवं प्रसन्न होंगे। मामीजी और सुरुम्या को मेरा प्यार।
मामाजी, मेरे जन्मदिन पर आपके द्वारा भेजा गया उपहार – मुंशी प्रेमचंद जी का उपन्यास "निर्मला" – मुझे मिल गया है। मैंने इसे पहले ही पढ़ लिया है और यह मुझे बेहद पसंद आया। इससे पहले मैंने इतनी गहराई से किसी साहित्यिक कृति को नहीं पढ़ा था। निर्मला का चरित्र इतना प्रभावशाली है कि पुस्तक पूरी करने के बाद भी उसकी कहानी मेरे मन में घूमती रहती है। इस उपन्यास ने सामाजिक मुद्दों के प्रति मेरी समझ को गहरा किया है।
आपने न केवल मुझे याद रखा, बल्कि एक शानदार पुस्तक देकर मेरी पढ़ने की दुनिया को समृद्ध किया है। इस अमूल्य उपहार के लिए मैं आपकी हार्दिक आभारी हूँ। आपका यह प्यार मेरे लिए सबसे बड़ा उपहार है।
आपकी प्रिय भांजी,
अनुराधा।
प्रश्न 3. वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रथम आने पर अपनी छोटी बहन को बधाई देते हुए पत्र लिखिए।
उत्तर:
दिनांक: 13 मार्च, 2018
प्रिय नेहा,
स्नेह!
मुझे आज ही पता चला कि तुमने अपने विद्यालय की वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया है! यह सुनकर मुझे बहुत गर्व और खुशी हुई। तुम्हें ढेर सारी बधाई!
मुझे पता है कि तुम हमेशा से ही मेहनती और अपने विचारों को स्पष्ट रूप से रखने में निपुण रही हो। तुम्हारी इस सफलता ने साबित कर दिया कि लगन और तैयारी से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। माँ-पापा भी बहुत खुश होंगे।
तुम्हारी इस उपलब्धि पर हम सब तुम्हारे साथ हैं। आगे भी पढ़ाई और ऐसी गतिविधियों में यूँ ही अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन जारी रखो। तुम्हारी सफलता के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!
तुम्हारी बड़ी बहन,
सुस्मिता।
प्रश्न 4.
वसुंधरा (गाजियाबाद) निवासी निखिल गुप्ता की ओर से पत्र लिखकर अभिनव शर्मा को लिखिए जिसमें दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में प्रवेश पाने में मिली सफलता पर बधाई दी गई हो।
निखिल गुप्ता
3/23, वसुंधरा कॉलोनी
गाजियाबाद
दिनांक: 14 मार्च, 2018
प्रिय अभिनव,
नमस्ते!
तुम्हारे दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में चयन का समाचार सुनकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हुई। यह तुम्हारी कड़ी मेहनत, लगन और प्रतिभा का सुखद परिणाम है। मेरी ओर से तुम्हें हार्दिक बधाई!
मुझे पूरा विश्वास है कि तुम इस प्रतिष्ठित संस्थान में अपनी पढ़ाई के दौरान भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करोगे और भविष्य में एक सफल इंजीनियर बनकर देश का नाम रोशन करोगे। ईश्वर से प्रार्थना है कि तुम्हें हमेशा सफलता मिलती रहे।
लेकिन यार, इतनी बड़ी खुशी की बात पर मिठाई तो बनती है! जल्द ही मिलकर इस उपलब्धि का जश्न मनाएंगे। बताओ, कब बुला रहे हो?
तुम्हारा अभिन्न मित्र,
निखिल गुप्ता
प्रश्न 5.
विद्यालय में प्रथम स्थान पर उत्तीर्ण होने पर अपने मित्र को एक बधाई-पत्र लिखिए।
दीपा श्रीवास्तव
45, शांति नगर
पटना
दिनांक: 27 अप्रैल, 2018
प्रिय शिखा,
सप्रेम नमस्कार!
तुम्हारी सहेली नीलम से फोन पर बात हुई और पता चला कि तुमने इस वर्ष नवमी कक्षा में अपने विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह समाचार सुनते ही मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा! मुझे तुम पर बहुत गर्व है।
यह सफलता तुम्हारी नियमित पढ़ाई और समर्पण का फल है। अगले वर्ष तुम्हारी बोर्ड परीक्षा है, मुझे पूरा विश्वास है कि तुम उसमें भी इसी तरह शानदार प्रदर्शन करके अपने माता-पिता और शिक्षकों का नाम रोशन करोगी।
मेरी ओर से तुम्हें ढेर सारी बधाई और शुभकामनाएं! ईश्वर तुम्हें सदा सफलता प्रदान करे। मम्मी-पापा भी तुम्हें आशीर्वाद दे रहे हैं।
पुनः हार्दिक बधाई!
तुम्हारी सखी,
दीपा
प्रश्न 6.
तुम नवीन शर्मा, 184, जनकपुरी, नई दिल्ली के निवासी हो। अपने छोटे भाई को परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए शुभकामना-पत्र लिखो।
नवीन शर्मा
184, जनकपुरी
नई दिल्ली
दिनांक: 12 फरवरी, 2018
प्रिय प्रवीण,
नमस्ते भाई!
आशा है तुम स्वस्थ और प्रसन्न होगे। मुझे पता है कि अगले महीने से तुम्हारी वार्षिक परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। इस समय तुम्हें पूरी एकाग्रता और मेहनत के साथ अपनी तैयारी पर ध्यान देना चाहिए।
याद रखना, परिश्रम ही सफलता की कुंजी है। तुम्हारी मेहनत का फल अवश्य मिलेगा। हम सबकी आशाएं और शुभकामनाएं तुम्हारे साथ हैं। तुम्हारे अच्छे परिणाम से हम सभी को गर्व होगा।
परीक्षा के लिए तुम्हें मेरी ओर से ढेर सारी शुभकामनाएं! विश्वास रखो और निरंतर प्रयास करते रहो।
तुम्हारा अग्रज,
नवीन
प्रश्न 7.
बालभवन, उदयपुर के विवेक व्यास की ओर से उसके मित्र के पिता की असामयिक मृत्यु पर एक संवेदना-पत्र लिखिए।
विवेक व्यास
बालभवन
उदयपुर
दिनांक: 25 मार्च, 2018
प्रिय श्यामलाल,
सादर प्रणाम!
तुम्हारे पूज्य पिताजी के अचानक स्वर्गवास का समाचार सुनकर मैं अत्यंत दुःखी और स्तब्ध हूँ। पिछले महीने ही उनसे मिलकर आया था, वे पूर्णतः स्वस्थ और प्रसन्नचित्त दिख रहे थे। उनकी इस असामयिक विदाई से मन को गहरा आघात लगा है।
इस दुःख की घड़ी में मैं और मेरा परिवार तुम्हारे और तुम्हारे पूरे परिवार के साथ खड़ा है। ईश्वर से प्रार्थना है कि वह तुम्हें और तुम्हारे परिवार को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करे। अब परिवार की जिम्मेदारी तुम पर है, विशेष रूप से माताजी का ध्यान रखना।
भगवान दिवंगत आत्मा को शांति और तुम्हें धैर्य प्रदान करें।
तुम्हारे दुःख में सहभागी,
विवेक व्यास
प्रश्न 8.
विमान दुर्घटना में आपके मित्र के भाई की मृत्यु हो गई। आप अपने मित्र को एक संवेदना-पत्र लिखिए।
श्री निवास
3/169, मालवीय नगर
वाराणसी
दिनांक: 27 मार्च, 2018
प्रिय रोहित,
नमस्ते मित्र!
आज अखबार में मिग विमान दुर्घटना में तुम्हारे भाई अक्षय के निधन का दुखद समाचार पढ़कर मेरा हृदय विषाद से भर गया। यह समाचार इतना कठोर और अविश्वसनीय लग रहा है। मैं इस पल में तुम्हारे और तुम्हारे पूरे परिवार के दुःख की कल्पना भी नहीं कर सकता।
इस संकट की घड़ी में तुम्हें और तुम्हारे परिवार को अत्यधिक धैर्य की आवश्यकता है। भाभी जी, बच्चे और माता-पिता सभी को सांत्वना और सहारा देना अब तुम्हारा प्रमुख कर्तव्य है। याद रखो, तुम अकेले नहीं हो। हम सभी मित्र तुम्हारे साथ हैं और हर संभव सहायता के लिए तैयार हैं।
ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले और तुम्हें इस अपार दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करे।
तुम्हारा हमेशा साथ देने वाला मित्र,
श्री निवास
प्रश्न 9.
विद्यालय में नियमित उपस्थित रहने और परीक्षा की तैयारी भली-भांति करते रहने की सलाह देते हुए छोटे भाई को पत्र लिखिए।
समीर खान
202, हौज काजी
दिल्ली
दिनांक: 15 मार्च, 2018
प्रिय असलम,
स्नेहास्पद नमस्कार!
तुम्हारा पत्र मिला। आशा है तुम स्वस्थ और प्रसन्न होगे। तुमने लिखा था कि तुम रात देर तक पढ़ते हो और कभी-कभी स्कूल नहीं जा पाते। यह सुनकर मुझे चिंता हुई है।
भाई, स्कूल की नियमित उपस्थिति और कक्षा में ध्यान देना सफलता का आधार है। कोचिंग या स्वयं पढ़ना सहायक है, लेकिन स्कूल के शिक्षकों का मार्गदर्शन अनिवार्य है। वे ही तुम्हारी कमजोरियों को पहचानकर सही दिशा दिखा सकते हैं। नियमित स्कूल न जाने से तुम उनके मार्गदर्शन से वंचित रह जाओगे।
मेरा तुमसे अनुरोध है कि अपनी दिनचर्या ऐसी बनाओ कि पूरी नींद लेकर सुबह तरोताजा स्कूल जा सको। विद्यालय की पढ़ाई को प्राथमिकता दो। मुझे विश्वास है कि तुम मेरी इस सलाह पर अवश्य ध्यान दोगे।
तुम्हारा अग्रज,
समीर
प्रश्न 10.
परीक्षा में कम अंक आने पर असंता और दुखी मित्र को सांत्वना-पत्र लिखिए।
नीलिमा शुक्ला
34/7, टी.टी. नगर
भोपाल
दिनांक: 14 मार्च, 2018
प्रिय स्नेहा,
स्नेहपूर्ण नमस्ते!
तुम्हारे इस बार के परीक्षा परिणाम के बारे में पता चला। मैं जानती हूं कि तुमने बहुत मेहनत की थी और तुम्हें बेहतर परिणाम की उम्मीद थी। यह सब सुनकर मेरा मन भी उदास है।
लेकिन प्रिय स्नेहा, एक परीक्षा का परिणाम तुम्हारी योग्यता का पैमाना नहीं है। पहला कदम यह होगा कि तुम शांत मन से यह जानने का प्रयास करो कि कम अंक आने का सही कारण क्या है। क्या तैयारी में कोई कमी रह गई, लेखन शैली में समस्या थी, या कोई और कारण रहा?
मेरी सलाह है कि तुम अपने शिक्षकों से मिलकर अपनी कॉपी या उत्तरों पर चर्चा करो। उनसे मार्गदर्शन लो। तुम एक मेहनती और होनहार छात्रा हो, मुझे पूरा विश्वास है कि तुम इस असफलता से सीख लेकर अगली बार और बेहतर प्रदर्शन करोगी।
हिम्मत रखो और निराश मत हो। मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूं।
तुम्हारी हमेशा की सहेली,
नीलिमा
प्रश्न 11.
आपको विद्यालय की ओर से लंदन-विद्यालय खेलकूद समारोह में भाग लेने के लिए भेजा गया।
नोट: इस प्रश्न का उत्तर (पत्र) मूल सामग्री में दिया नहीं गया था। छात्रों की सहायता के लिए एक नमूना पत्र नीचे दिया जा रहा है।
प्रिय माताजी और पिताजी,
सादर प्रणाम!
आशा है आप दोनों स्वस्थ और प्रसन्न होंगे। मैं यहाँ लंदन में सकुशल पहुँच गया हूँ। मुझे और मेरे चार साथियों को हमारे विद्यालय की ओर से लंदन इंटरनेशनल स्कूल स्पोर्ट्स फेस्टिवल में भाग लेने के लिए चुना गया है। यह एक बहुत बड़ा सम्मान और अनुभव है।
हमारा आवास एक अच्छे होस्टल में है और स्थानीय व्यवस्था बहुत अच्छी है। कल से प्रतियोगिताएं शुरू हो रही हैं। मैं एथलेटिक्स (100 मीटर दौड़) और लंबी कूद की स्पर्धाओं में भाग ले रहा हूँ। मैं पूरी लगन और ईमानदारी से प्रयास करूँगा ताकि हमारे विद्यालय और देश का नाम रोशन कर सकूँ।
आपकी आशीर्वाद और शुभकामनाएं मेरे साथ हैं। घर की सभी को मेरा प्रणाम कहना।
आपका पुत्र,
आकाश
(नमूना पत्र)
इस यात्रा व समारोह के अनुभव बताते हुए अपने मित्र को पत्र लिखें।
उत्तर-
परीक्षा भवन
क.ख.ग. केंद्र
नई दिल्ली
15 मार्च, 2018
प्रिय मित्र कपिल,
नमस्कार!
आशा है, तुम सकुशल और प्रसन्न होंगे। मैं भी यहाँ ठीक हूँ। मैं तुम्हें अपनी एक रोमांचक यात्रा के बारे में बताना चाहता हूँ। तुम्हें याद होगा, मैंने पिछले महीने लॉन टेनिस प्रतियोगिता में दिल्ली स्तर पर स्वर्ण पदक जीता था। इसी उपलब्धि के कारण मुझे उत्तर भारत की टीम का नेतृत्व करते हुए लंदन के एक अंतर्राष्ट्रीय स्कूल टेनिस टूर्नामेंट में भाग लेने का अवसर मिला। मेरे कोच भी मेरे साथ थे।
मेरी यात्रा 26 जनवरी को दिल्ली से शुरू हुई। एयर इंडिया की फ्लाइट से लंदन पहुँचा। पहली बार विदेश जाने का अनुभव अद्भुत था। लंदन हवाई अड्डे की व्यवस्था और सुविधाएँ देखकर मैं चकित रह गया। प्रतियोगिता स्थल, लंदन विद्यालय का खेल परिसर, तो और भी शानदार था। वहाँ की सफाई, अनुशासन और समय की पाबंदी ने मुझे बहुत प्रभावित किया।
टूर्नामेंट में मुझे तीन मैच खेलने थे। पहले मैच में मैंने स्विट्जरलैंड के एक खिलाड़ी को सीधे सेटों में हरा दिया। दूसरा मैच इंग्लैंड के खिलाड़ी के साथ था जो बहुत कठिन और संघर्षपूर्ण रहा। मैंने इसे 6-4, 4-6, 7-6 के करीबी स्कोर से जीता। फाइनल मैच रूस के एक मजबूत खिलाड़ी के खिलाफ था। यह जानकर तुम्हें खुशी होगी कि मैंने यह मैच भी जीत लिया और अंततः स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत से मैं बहुत उत्साहित हूँ। काश तुम वहाँ मेरे साथ होते!
तुम्हारा मित्र,
सचिन
आपने अपने विद्यालय में वृक्षारोपण समारोह का आयोजन करवाया और आपकी इसमें सक्रिय भागीदारी रही। इस समारोह का अनुभव बताते हुए अपने छोटे भाई को पत्र लिखें।
उत्तर-
समर दलाल
565, गांधी नगर
पटना, बिहार
दिनांक: 10 जुलाई, 2023
प्रिय संचित,
स्नेह!
आशा है तुम स्वस्थ और प्रसन्न होगे। मैं यहाँ सब कुशल हूँ। आज मैं तुम्हें हमारे विद्यालय में हुए वृक्षारोपण समारोह के बारे में बताना चाहता हूँ, जो कल आयोजित किया गया था।
इस कार्यक्रम की योजना के लिए एक छात्र प्रबंधन समिति बनाई गई थी और सौभाग्य से मुझे इस समिति का निदेशक बनाया गया। मेरे साथ एक सचिव, एक सह-सचिव और छह अन्य सदस्य थे। हमें प्राचार्य सर, शारीरिक शिक्षा के शिक्षक और हमारे कक्षा-शिक्षक का पूरा मार्गदर्शन मिला।
हमने 200 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा था। इसके लिए हमने सभी कक्षाओं से चार-चार छात्र-छात्राओं का चयन करके 100 सदस्यों की एक टीम तैयार की। एक बैठक में सभी से सुझाव लिए और पूरी योजना बनाई। विद्यालय परिसर और खेल के मैदान में 200 स्थान चिह्नित किए गए। प्रत्येक दस सदस्यों के समूह को दस-दस पौधे लगाने की जिम्मेदारी दी गई।
सुबह 8 बजे कार्य शुरू हुआ। पहले से मंगाए गए पौधे और औजार वितरित किए गए। माली की देखरेख में सभी ने उत्साह से काम किया। दोपहर 12 बजे तक सभी 200 पौधे लगाए जा चुके थे और उनके चारों ओर चूने से सुरक्षा घेरा बना दिया गया था।
इसके बाद एक सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ, जिसमें छात्राओं ने सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया। मैंने भी एक संक्षिप्त भाषण देकर सभी सहयोगी विद्यार्थियों और शिक्षकों का आभार व्यक्त किया। अब एक महीने तक इन पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी भी विभिन्न कक्षाओं को सौंपी गई है। यह दिन मेरे लिए बहुत ही गर्व, उत्साह और खुशी से भरा रहा। पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी का यह एक छोटा सा कदम था।
माता-पिता को मेरा प्रणाम कहना।
तुम्हारा अग्रज,
समर दलाल
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