Bihar Board Class 10th Sanskrit (संस्कृत पीयूषम् द्रतयपाठय भाग 2) Chapter 24 नरस्य) Solutions
Here we have provided Solution for Chapter 24 नरस्य) of Sanskrit (संस्कृत पीयूषम् द्रतयपाठय भाग 2) subject for Class 10th students of Bihar Board of Secondary Education. There are various chapters in this Sanskrit (संस्कृत पीयूषम् द्रतयपाठय भाग 2) such as Chapter 1 भवान्यष्टकम्ज), Chapter 4 हास्याकाणिकः), Chapter 5 संसारमोहः), Chapter 6 मधुराष्टकम्), Chapter 11 पर्यटनम्), Chapter 12 स्वामिनः विवेकानन्दस्य व्यथा), Chapter 13 शुकेश्वराष्टकम्), Chapter 21 भारतभूषा संस्कृतभाषा), Chapter 23 क्रियताम् एतत्), Chapter 24 नरस्य) and Chapter 25 धुवोपाख्यानत्). Summary of the same is given below:
| Board Name | Bihar Board of Secondary Education |
| Class | Class 10th |
| Content Type | Solution |
| Solution for | Class 10th students |
| Subject | Sanskrit (संस्कृत पीयूषम् द्रतयपाठय भाग 2) |
| Chapter Name | Chapter 24 नरस्य) |
| Total Number of Chapter in this Subject | 11 |
Studying Bihar Board Class 10th Sanskrit (संस्कृत पीयूषम् द्रतयपाठय भाग 2) Chapter 24 नरस्य) solution will help you higher marks in this subject but you need to follow best practices to achieve higher marks, which are given after solutions, go through them once.
Bihar Board Class 10th Sanskrit (संस्कृत पीयूषम् द्रतयपाठय भाग 2) Chapter 24 नरस्य) Solutions
View the following solutions for Bihar Board Class 10th Sanskrit (संस्कृत पीयूषम् द्रतयपाठय भाग 2) Chapter 24 नरस्य). These solutions are available for viewing online.
बिहार बोर्ड कक्षा 10 संस्कृत
अध्याय 24 - नरस्य
वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
नर का आभूषण कौन है? (A) क्रोध (B) मोह (C) लोभ (D) सद्वाणी
उत्तर: (D) सद्वाणी
व्याख्या: मनुष्य का सच्चा आभूषण सद्वाणी अर्थात अच्छी वाणी है। सोने-चाँदी के गहने शरीर को सजाते हैं, लेकिन मधुर और सत्य बोलने वाली वाणी व्यक्तित्व को शोभा देती है और समाज में सम्मान दिलाती है।
प्रश्न 2.
नर का मित्र कौन है? (A) सत् (B) मोह (C) लोभ (D) क्रोध
उत्तर: (A) सत्
व्याख्या: 'सत्' यानी सत्य, अच्छाई और धर्म मनुष्य का सच्चा मित्र है। यह मित्र हर परिस्थिति में साथ देता है, मार्गदर्शन करता है और बुरे कर्मों से बचाता है। सत्यनिष्ठा व्यक्ति को हमेशा सही रास्ते पर चलने की प्रेरणा देती है।
प्रश्न 3.
अमूल्य वस्तु कौन है? (A) धन (B) सद्वाणी (C) लोभ (D) मोह
उत्तर: (B) सद्वाणी
व्याख्या: संसार में धन-दौलत मिल सकती है, लेकिन सद्वाणी एक ऐसी अमूल्य निधि है जिसका कोई मूल्य नहीं लगाया जा सकता। यह वह गुण है जो मनुष्य को महान बनाती है, शत्रु को भी मित्र बना देती है और जीवन में सफलता का मार्ग प्रशस्त करती है।
प्रश्न 4.
नर का शत्रु कौन है? (A) क्रोध (B) मोह (C) दोष (D) सद्वाणी
उत्तर: (C) दोष
व्याख्या: मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु उसके स्वयं के 'दोष' यानी बुरे गुण होते हैं, जैसे ईर्ष्या, अहंकार, क्रोध, लोभ आदि। ये दोष उसके अंदर से ही उसे नुकसान पहुँचाते हैं, उसकी बुद्धि को भ्रष्ट करते हैं और उसे पतन की ओर ले जाते हैं।
प्रश्न 5.
अचल सत्य क्या है? (A) मृत्यु (B) जन्म (C) लोभ (D) सद्वाणी
उत्तर: (A) मृत्यु
व्याख्या: संसार में एकमात्र 'मृत्यु' ही ऐसा अटल और अचल सत्य है जिससे कोई भी नहीं बच सकता। जिसका जन्म हुआ है, उसकी मृत्यु निश्चित है। यह प्रकृति का शाश्वत नियम है जो सभी प्राणियों पर समान रूप से लागू होता है।
प्रश्न 6.
मनुष्य का कार्य क्या है? (A) पढ़ना (B) सभी जीवों का कल्याण करना (C) लिखना (D) सबकुछ
उत्तर: (B) सभी जीवों का कल्याण करना
व्याख्या: मनुष्य का परम कर्तव्य और सर्वश्रेष्ठ कार्य 'सर्वभूत हित' यानी सभी प्राणियों का कल्याण करना है। केवल अपने लिए जीना पशुता है। मनुष्य होने का अर्थ है दूसरों के लिए जीना, सेवा करना और सभी जीवों के प्रति दया भाव रखना। यही उसकी सच्ची सफलता है।
संस्कृत में वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
नरस्य आभूषणम् किम् अस्ति? (A) कंकणम् (B) हारम् (C) वाणी (D) सद्वाणी
उत्तर: (D) सद्वाणी
व्याख्या: नरस्य सत्यम् आभूषणं सद्वाणी एव अस्ति। सुवचनानि, मधुरा च भाषा एव मानवं सर्वत्र शोभयन्ति।
प्रश्न 2.
नरस्य कः मित्रम्? (A) सत् (B) शत्रुः (C) लोभः (D) क्रोधः
उत्तर: (A) सत्
व्याख्या: सत् (सत्यं, धर्मः) एव नरस्य वास्तविकः मित्रं भवति। सः सर्वदा सहायकः भवति, पथप्रदर्शनं करोति च।
प्रश्न 3.
नरस्य कः शत्रुः? (A) नरः (B) पशुः (C) दोषः (D) रोषः
उत्तर: (C) दोषः
व्याख्या: नरस्य प्रमुखः शत्रुः तस्य स्वस्य दोषाः (क्रोधः, लोभः, मोहः, अहंकारः इत्यादयः) एव भवन्ति। एते दोषाः अन्तःस्थिताः सन्तः तं नाशयन्ति।
प्रश्न 4.
नरस्य आभूषणम् अस्ति (A) क्रोधः (B) मोहः (C) सद्वाणी (D) शत्रु
उत्तर: (C) सद्वाणी
व्याख्या: नरस्य वास्तविकं भूषणं धनं वा स्वर्णालंकारः न, अपि तु 'सद्वाणी' अर्थात् सुभाषितं, प्रियं च वचनमेव अस्ति। इयं वाणी एव तं उन्नतं करोति।
All Bihar Board Class 10th Sanskrit (संस्कृत पीयूषम् द्रतयपाठय भाग 2) Chapter 24 नरस्य) Solutions on this page can be viewed free of cost. Follow the best practices given after the solutions to achieve higher marks.
How to achieve higher marks in Bihar Board Class 10th Sanskrit (संस्कृत पीयूषम् द्रतयपाठय भाग 2):
- Understand the syllabus – know what to study.
- Download Bihar Board Class 10th Sanskrit (संस्कृत पीयूषम् द्रतयपाठय भाग 2) solutions – use the solutions on this page after trying the exercises yourself.
- Practice Previous Year Question Papers – get used to exam pattern and important topics.
- Practice Sample Papers – improve time management and accuracy.
- Use Revision Notes – quick help before exams to recall key points.
How to download Bihar Board Class 10th Sanskrit (संस्कृत पीयूषम् द्रतयपाठय भाग 2) Chapter 24 नरस्य) Solutions
- Visit https://biharboardbook.com
- Home page of Bihar Board Book will be loaded. Here select Solutions from the navigation bar at top.
- List of classes for which solution is available for Bihar Board students will be loaded. Now select the class which is relevant for you – in this case we will select Class 10th from this list.
- List of subjects for which solution is available for Bihar Board Class 10th students will display here. Now select the subject for which you want to download the solution – here we will select Sanskrit (संस्कृत पीयूषम् द्रतयपाठय भाग 2) (you can choose any subject which is relevant for you).
- List of chapters will start displaying here for Sanskrit (संस्कृत पीयूषम् द्रतयपाठय भाग 2) for Class 10th students of Bihar Board. Now select the chapter for which you want the solution. We will select Chapter 24 नरस्य) in this case; you can opt based on your requirements.
- Solution for Class 10th Sanskrit (संस्कृत पीयूषम् द्रतयपाठय भाग 2) of Bihar Board for Chapter 24 नरस्य) will load here. If you are on desktop, right-click and save the image (all solutions here are given as images). If you are on mobile, long-press the image to save it. This will download the solution.
Other Chapters of Sanskrit (संस्कृत पीयूषम् द्रतयपाठय भाग 2)
Browse other chapters of Bihar Board Class 10th Sanskrit (संस्कृत पीयूषम् द्रतयपाठय भाग 2) Solutions. Click on any chapter below to view its content.