Bihar Board Class 12th Hindi (हिन्दी) Chapter 5 रोज) Solutions

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Board NameBihar Board of Secondary Education
ClassClass 12th
Content TypeSolution
Solution forClass 12th students
SubjectHindi (हिन्दी)
Chapter NameChapter 5 रोज)
Total Number of Chapter in this Subject7

Studying Bihar Board Class 12th Hindi (हिन्दी) Chapter 5 रोज) solution will help you higher marks in this subject but you need to follow best practices to achieve higher marks, which are given after solutions, go through them once.

Bihar Board Class 12th Hindi (हिन्दी) Chapter 5 रोज) Solutions

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प्रश्न 1.

रोज शीर्षक निबंध के लेखक कौन है? (क) नामवर सिंह

(ख) अज्ञेय

(ग) मोहन राकेश

(घ) उदय प्रकाश

उत्तर- (ख) अज्ञेय

प्रश्न 2.

अज्ञेय का जन्म कब हुआ था? (क) 7 मार्च, 1911 ई.

(ख) 8 जनवरी 1910 ई. (ग) 9 मार्च, 1909 ई.

(घ) 7 मार्च, 1908 ई.

उत्तर- (क) 7 मार्च, 1911 ई.

प्रश्न 3.

अज्ञेय हिन्दी के अलावा किस भाषा के जानकार थे? (क) हिन्दी

(a) %

(ग) संस्कृत

(घ) सिंहली

उत्तर- (ग) संस्कृत

प्रश्न 4.

अज्ञेय की अभिरूचि किसमें-किसमें थी? (क) बागवानी में

(ख) पर्यटन में

(ग) अध्ययन में

(घ) बागवानी, पर्यटन, अध्ययन आदि उत्तर-

उत्तर- (घ) बागवानी, पर्यटन, अध्ययन आदि

प्रश्न 5.

भारतीय ज्ञानपीठ द्वारा अज्ञेय को कौन पुरस्कार मिला था? (क) राजेन्द्र पुरस्कार

(ख) पद्मश्री

(ग) भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार

(घ) अर्जुन पुरस्कार

उत्तर- (ग) भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार

रिक्त स्थानों की पूर्ति करें

प्रश्न 1.

मालती के पति का नाम ......... है।

उत्तर- महेश्वर

प्रश्न 2.

अज्ञेय का जन्म स्थान कसेया ........... उत्तर प्रदेश में है।

उत्तर- कुशीनगर

प्रश्न 3.

अज्ञेय के पिताजी.............. शास्त्री जी थे।

उत्तर- पं. हीरानंद

प्रश्न 4.

अज्ञेय ने ........ में मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की।

उत्तर- 1925 ई.

प्रश्न 5.

अज्ञेय जी एकांतप्रिय ............... स्वभाव के थे।

उत्तर- अंतर्मुखी

प्रश्न 6.

उनका व्यक्तित्व सुंदर, लंबा, .......... शरीर वाला था।

उत्तर- गठीला

रोज अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.

अज्ञेय की कौन-सी कहानी “गैंग्रीन' शीर्षक नाम से प्रसिद्ध है?

उत्तर- 'रोज' नामक कहानी को ही 'गैंग्रीन' शीर्षक से भी जाना जाता है।

प्रश्न 2.

रोज शीर्षक निबन्ध के लेखक कौन हैं?

उत्तर- 'रोज' शीर्षक निबंध के लेखक अज्ञेय (सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन) हैं।

प्रश्न 3.

अज्ञेय मूलतः क्या हैं?

उत्तर- अज्ञेय मूलतः एक कवि हैं, हालाँकि उन्होंने कहानी, उपन्यास, निबंध आदि विधाओं में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

प्रश्न 4.

'छोड़ा हुआ रास्ता' कहानी के लेखक हैं :

उत्तर- 'छोड़ा हुआ रास्ता' कहानी के लेखक अज्ञेय हैं।

प्रश्न 5.

अज्ञेय जी ने इंटर कहाँ से किया?

उत्तर- अज्ञेय जी ने इंटर की परीक्षा मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज से उत्तीर्ण की थी।

प्रश्न 6.

अज्ञेय जी ने रवीन्द्रनाथ ठाकुर की किस कृति का हिन्दी में अनुवाद किया है?

उत्तर- अज्ञेय जी ने रवीन्द्रनाथ ठाकुर की प्रसिद्ध कृति 'कुलवधू' का हिंदी में अनुवाद किया है।

प्रश्न 7.

लेखक कितने वर्ष बाद मालती से मिलने आया था?

उत्तर- लेखक लगभग दस वर्षों के बाद मालती से मिलने आया था।

रोज पाठ्य पुस्तक के प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.

मालती के घर का वातावरण आपको कैसा लगा? अपने शब्दों में लिखिए।

उत्तर- मालती के घर का वातावरण पूरी तरह से नीरस, ऊबाऊ और यांत्रिक लगता है। घर में जीवंतता या उत्साह का नामोनिशान नहीं है। मालती का अपने दूर के भाई से भी औपचारिक और रुखा व्यवहार इस बात का प्रमाण है। घर में बातचीत की कमी, बच्चे का लगातार रोना और गिरना, पानी का समय पर न आना, और पति-पत्नी के बीच सारहीन संवाद एक ऐसी दमघोंटू छाया बनाते हैं जो पूरे घर पर हावी है। यह वातावरण एक ऐसे जीवन को दर्शाता है जो रोजमर्रा की एक ही दिनचर्या में फँसकर रह गया है, जहाँ भावनाएँ मर चुकी हैं और सब कुछ सिर्फ एक कर्तव्य की पूर्ति बनकर रह गया है।

प्रश्न 2.

दोपहर में उस सूने आँगन में पैर रखते ही मुझे ऐसा जान पड़ा, मानो उस पर किसी शाप की छाया मँडरा रही हो, यह कैसी शाप की छाया है? वर्णन कीजिए।

उत्तर- यहाँ 'शाप की छाया' से तात्पर्य उस गहन उदासी, नीरसता और भावनात्मक मृत्यु से है जो मालती के घर पर छाई हुई है। यह शाप पारिवारिक रिश्तों में प्यार और अपनेपन की कमी, जीवन के प्रति उत्साहहीनता और दिनचर्या के यांत्रिक दुश्चक्र में फँसे होने का है। माँ को अपने बच्चे की चोट से पीड़ा नहीं होती, पति को पत्नी के साथ समय बिताने की फुर्सत नहीं है, और पत्नी अपने अस्तित्व को महज घरेलू कामों तक सीमित पाती है। यह सब मिलकर एक ऐसी अदृश्य बोझिल छाया बनाता है जो घर के हर सदस्य के जीवन को प्रभावित कर रहा है और उन्हें जीवित रहते हुए भी मृत-सा बना दे रहा है।

प्रश्न 3.

लेखक और मालती के संबंध का परिचय पाठ के आधार पर दें।

उत्तर- लेखक और मालती के बीच बचपन का गहरा और घनिष्ठ मित्रतापूर्ण रिश्ता है। वे दूर के रिश्ते के भाई-बहन हैं, लेकिन उनका संबंध औपचारिक न होकर बहुत ही स्वाभाविक और आत्मीय था। बचपन में वे साथ पढ़े, साथ खेले और एक-दूसरे के साथ लड़े-झगड़े भी। उनके बीच बड़े-छोटे का कोई कठोर बंधन नहीं था, बल्कि एक सहज मित्रता थी। यही कारण है कि लेखक उसके जीवन में आए बदलाव को बहुत गहराई से महसूस कर पाता है।

प्रश्न 4.

मालती के पति महेश्वर की कैसी छवि आपके मन में बनती है? कहानी में . महेश्वर की उपस्थिति क्या अर्थ रखती है? अपने विचार दें।

उत्तर- महेश्वर की छवि एक ऐसे व्यक्ति की बनती है जो खुद भी जीवन की यांत्रिक दिनचर्या में फँसा हुआ है। वह एक डॉक्टर है जिसका जीवन सुबह डिस्पेंसरी जाना, दोपहर को घर आना और शाम को फिर काम पर लौट जाने के एक ही चक्र में घूमता रहता है। वह भी उसी ऊब और थकान का शिकार प्रतीत होता है जो मालती के जीवन में दिखती है। कहानी में उसकी उपस्थिति इस 'रोज' के दुश्चक्र को पूरा करती है। वह न तो मालती का सहारा बन पाता है और न ही घर के वातावरण को सुखद बना पाता है। उसकी उपस्थिति घर के तनाव और अवसाद को और बढ़ाती है, यह दर्शाती है कि यह समस्या सिर्फ मालती की नहीं, बल्कि पूरे परिवार की है जहाँ हर कोई अकेलापन और नीरसता झेल रहा है।

प्रश्न 5.

गैंग्रीन क्या है?

उत्तर- गैंग्रीन एक गंभीर और खतरनाक चिकित्सा स्थिति है जो शरीर के किसी हिस्से में रक्त की आपूर्ति बाधित होने के कारण होती है। इससे ऊतक मरने लगते हैं, जिसके परिणामस्वरूप प्रभावित अंग काला पड़ जाता है और सड़ने लगता है। पहाड़ी इलाकों में कई बार पैर में काँटा चुभ जाने और उसका समय पर इलाज न होने से यह स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इसका अक्सर एकमात्र इलाज प्रभावित अंग (जैसे पैर) को काटकर अलग करना होता है, नहीं तो संक्रमण पूरे शरीर में फैलकर मृत्यु का कारण भी बन सकता है। कहानी में यह रोग जीवन की नीरसता और बढ़ते हुए आंतरिक मृत होने का एक प्रतीक बन जाता है।

प्रश्न 6.

कहानी से उन वाक्यों को चुनें जिनमें 'रोज' शब्द का प्रयोग हुआ है?

उत्तर- कहानी में 'रोज' शब्द का प्रयोग निम्नलिखित वाक्यों में हुआ है:

  1. "मालती टोककर बोली, 'ऊँहूँ मेरे लिए तो यह नई बात नहीं है रोज ही ऐसा होता है...।'"
  2. "क्यों पानी को क्या हुआ? रोज ही होता है, कभी वक्त पर आता ही नहीं।"
  3. "मैं तो रोज ऐसी बातें सुनती हूँ।"
  4. "मालती का जीवन अपनी रोज की नियत गति से बहा जा रहा था और एक चन्द्रमा की चन्द्रिका के लिए एक संसार के लिए रुकने को तैयार नहीं था।"
  5. "मालती ने रोते हुए शिशु को मुझसे लेने के लिए हाथ बढ़ाते हुए कहा, 'इसको चोटें लगती ही रहती है, रोज ही गिर पड़ता है।'"

प्रश्न 7.

आशय स्पष्ट करें-मुझे ऐसा लग रहा था कि इस घर पर जो छाया घिरी हुई है, वह अज्ञात रहकर भी मानो मुझे वश में कर रही है, मैं भी वैसा ही नीरस निर्जीव-सा हो रहा हूँ जैसे हाँ जैसे... ..यह घर जैसे मालती।

उत्तर- इस कथन का आशय यह है कि मालती के घर में व्याप्त उदासी, नीरसता और जड़ता का वातावरण इतना प्रबल और संक्रामक है कि वह अतिथि (लेखक) को भी अपने चपेट में ले लेता है। लेखक जो कुछ देर पहले तक सामान्य था, अब खुद को उसी ऊब और भावनाशून्यता से भरता हुआ महसूस करने लगता है जिसमें मालती और उसका पूरा घर डूबा हुआ है। यह दर्शाता है कि मानसिक अवसाद और जीवन की यांत्रिकता का प्रभाव केवल उसके सीधे शिकारों तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि आस-पास के वातावरण और लोगों को भी प्रभावित करता है। लेखक स्वयं को उस 'शाप की छाया' से बचा नहीं पाता।

प्रश्न 8.

'तीन बज गए', 'चार बज गए', 'ग्यारह बज गए', कहानी में घंटे की इन खड़कों के साथ-साथ मालती की उपस्थिति है। घंटा बजने का मालती से क्या संबंध है?

उत्तर- घड़ी की टिक-टिक और घंटे बजने की आवाज़ मालती के जीवन की नीरस एकरसता और उसकी मानसिक दशा का प्रतीक है। मालती अपने खालीपन और ऊब से भरे लंबे दिन को घंटों में नापती है। हर घंटा बीतना उसके लिए इस कष्टदायी समय से एक और हिस्सा गुजर जाने जैसा है। यह दर्शाता है कि उसका जीवन समय के साथ बहने के बजाय, समय को काटने की एक यंत्रवत प्रक्रिया बन गया है। घंटे बीतने की गिनती उसकी जीवन में रुचि और उद्देश्य के अभाव को, और उसकी प्रतीक्षा तथा विवशता को व्यक्त करती है।

प्रश्न 9.

अभिप्राय स्पष्ट करें :

(क) मैंने देखा, पवन में चीड़ के वृक्ष... गर्मी में सूखकर मठमैले हुए चीड़ के वृक्ष धीरे-धीरे गा रहे हों...... .कोई राग जो कोमल है, किन्तु करुण नहीं अशांतिमय है, उद्देश्यहीन नहीं।

उत्तर- इस वर्णन में चीड़ के सूखे और मटमैले वृक्ष मालती के ही जीवन का प्रतीक हैं, जो सुख और रंगहीन हो चुका है। पवन में उनका 'गाना' उस कोमल लेकिन दर्दभरी नहीं, बल्कि अशांत और बेचैनी भरी आवाज़ को दर्शाता है जो मालती के मन के भीतर चल रही है। यह राग 'करुण नहीं' है, क्योंकि मालती अपनी स्थिति पर रोना या शोक नहीं मनाती; वह तो बस उससे समझौता करके जी रही है। 'उद्देश्यहीन नहीं' इसलिए क्योंकि उसका जीवन अभी भी घरेलू कर्तव्यों के एक निश्चित उद्देश्य से बंधा हुआ है, भले ही वह उद्देश्य उसे संतुष्टि न देता हो। यह पूरा दृश्य उसकी आंतरिक अशांति और जीवन के प्रति एक गहरी ऊब को प्रकट करता है।

(ख) इस समय मैं यही सोच रहा था कि बड़ी उद्धत और चंचल मालती आज कितनी सीधी हो गई है, कितनी शांत और एक अखबार के टुकड़े को तरसती है.... .यह क्या...यह.

उत्तर- इस कथन में लेखक मालती के बीते हुए चंचल और जीवंत बचपन और उसकी वर्तमान शांत, दबी हुई और निष्क्रिय स्थिति के बीच के विरोधाभास पर आश्चर्य व्यक्त कर रहा है। अखबार का टुकड़ा उसकी सीमित और कटी हुई दुनिया से बाहर की जानकारी का प्रतीक है। मालती का उस टुकड़े को पढ़ने के लिए तरसना इस बात का सबूत है कि उसके भीतर अभी भी जिज्ञासा और बाहरी दुनिया से जुड़ने की इच्छा जीवित है, भले ही उसका दैनिक जीवन उसे वह अवसर नहीं देता। यह दर्शाता है कि विवाह और घरेलू दायित्वों ने उसके स्वभाव को दबा तो दिया है, लेकिन उसकी आंतरिक चेतना पूरी तरह मरी नहीं है।

प्रश्न 10.

कहानी के आधार पर मालती के चरित्र के बारे में अपने शब्दों में लिखिए।

उत्तर- मालती 'रोज' कहानी की केंद्रीय पात्र है जो एक साधारण मध्यवर्गीय गृहिणी का प्रतिनिधित्व करती है। बचपन में वह उद्दंड, चंचल और स्वतंत्र विचारों वाली लड़की थी। लेकिन विवाह और मातृत्व के बाद के दो-तीन वर्षों ने उसे पूरी तरह बदल दिया है। अब वह शांत, गंभीर और एक तरह से भावनाशून्य-सी दिखती है। उसका जीवन घर के कामकाज, बच्चे की देखभाल और पति की सेवा तक सिमट कर रह गया है। वह अपनी इस नीरस और यांत्रिक दिनचर्या से ऊब चुकी है, लेकिन उससे बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं दिखता। उसमें विद्रोह की जगह समर्पण और सहनशीलता है। फिर भी, अखबार के टुकड़े को पढ़ने की ललक दिखाती है कि उसके भीतर की जिजीविषा पूरी तरह मरी नहीं है। मालती का चरित्र परंपरागत सामाजिक बंधनों में फँसी, अपनी पहचान खोती हुई, अकेली और अभावग्रस्त नारी की मार्मिक तस्वीर पेश करता है।

प्रश्न 11.

बच्चे से जुड़े प्रसंगों पर ध्यान देते हुए उसके बारे में अपने शब्दों में लिखिए।

उत्तर- कहानी में मालती का बच्चा (जिसे 'विटी' या 'टिटी' कहा गया है) एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वह दुर्बल, चिड़चिड़ा और बीमार-सा दिखता है। उसका बार-बार रोना, चिल्लाना और पलंग से गिर पड़ना घर की अव्यवस्था और माँ की विवशता को दर्शाता है। बच्चे की चोटें और गिरना मालती के लिए 'रोज' का हिस्सा बन गए हैं, जिस पर वह अब कोई विशेष प्रतिक्रिया नहीं देती। यह बच्चा मालती के जीवन के बोझ और उसकी थकान को और बढ़ाता है। साथ ही, वह उसके जीवन का एकमात्र साथी भी है, भले ही वह साथ चिंता और परेशानी का कारण बनता हो। बच्चे के माध्यम से लेखक यह दिखाना चाहता है कि मातृत्व के सुख भी जब एक नीरस और अकेले जीवन का हिस्सा बन जाएँ, तो वे भी एक उबाऊ दायित्व में तब्दील हो सकते हैं।

रोज भाषा की बात

प्रश्न 1.

उद्देगम, शान्तिमय शब्दों में 'मय' प्रत्यय लगा हुआ है। 'मय' प्रत्यय से पाँच अन्य शब्द बनाएँ।

उत्तर- 'मय' प्रत्यय से बने पाँच अन्य शब्द हैं:

  1. सुखमय
  2. दुःखमय
  3. आनंदमय
  4. रोमांचमय
  5. शोकमय

प्रश्न 2.

दिए गए वाक्यों में कारक चिह्न को रेखांकित करें और वह किस कारक का चिह्न है, यह भी बताएँ। (क) थोड़ी देर में आ जाएँगें।

(ख) मैं कमरे के चारों तरफ देखने लगा।

(ग) हम बचपन में साथ पढ़ते थे।

(घ) तभी किसी ने किवाड़ खटखठाए।

(ड) शाम को एक-दो घंटे फिर चक्कर लगाने के लिए जाते हैं। (च) एक छोटे क्षण भर के लिए मैं स्तब्ध हो गया।

उत्तर-

  1. में - अधिकरण कारक
  2. के - संबंध कारक
  3. में - अधिकरण कारक
  4. ने - कर्ता कारक
  5. को - सम्प्रदान कारक, के लिए - सम्प्रदान कारक
  6. के लिए - सम्प्रदान कारक

प्रश्न 3.

उसने कहा, “आ जाओ। ” यहाँ 'आ जाओ” संयुक्त क्रिया है, पाठ से ऐसे पाँच वाक्य चुनें जिनमें संयुक्त क्रिया का प्रयोग हुआ हो।

उत्तर- पाठ से संयुक्त क्रिया वाले पाँच वाक्य:

  1. कोई आता-जाता है तो बीचे से मँगा लेते हैं। (मँगा लेते हैं)
  2. तुम कुछ पढ़ती-लिखती नहीं? (पढ़ती-लिखती)
  3. एक काँठा चुभा था, उसी से हो गया। (हो गया)
  4. हर दूसरे-चौथे दिन एक केस आ जाता है। (आ जाता है)
  5. वह मचलने लगा और चिल्लाने लगा। (मचलने लगा, चिल्लाने लगा)

प्रश्न 4.

आपने दिगंत (भाग-1) में प्रेमचन्द की कहानी 'पूस की रात पढ़ी थी, 'पूस की रात की भाषा और शिल्प को ध्यान में रखते हुए प्रस्तुत कहानी की भाषा और शिल्प पर विचार कीजिए। दोनों कहानीकारों में इस आधार पर भिन्नता के कुछ बिन्दुओं को पहचानिए और उसे कक्षा में प्रस्तुत कीजिए।

उत्तर-

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