Bihar Board Class 10th Hindi (Godhuli Bhag 2 गद्य खण्ड) Chapter 10 मछली (कहानी)) Solutions
Here we have provided Solution for Chapter 10 मछली (कहानी)) of Hindi (Godhuli Bhag 2 गद्य खण्ड) subject for Class 10th students of Bihar Board of Secondary Education. There are various chapters in this Hindi (Godhuli Bhag 2 गद्य खण्ड) such as Chapter 2 विष के दाँत (कहानी)), Chapter 3 भारत से हम क्या सीखें (भाषण)), Chapter 4 नाखून क्यों बढ़ते हैं (ललित निबंध)), Chapter 5 नागरी लिपि (निबंध)), Chapter 6 बहादुर (कहानी)), Chapter 7 परंपरा का मूल्यांकन (निबंध)), Chapter 8 जित(जित मैं निरखत हूँ (साक्षात्कार)), Chapter 9 आविन्यों (ललित रचना)), Chapter 10 मछली (कहानी)), Chapter 11 नौबतखाने में इबादत (व्यक्तिचित्र)) and Chapter 12 शिक्षा और संस्कृति (शिक्षाशास्त्र)). Summary of the same is given below:
| Board Name | Bihar Board of Secondary Education |
| Class | Class 10th |
| Content Type | Solution |
| Solution for | Class 10th students |
| Subject | Hindi (Godhuli Bhag 2 गद्य खण्ड) |
| Chapter Name | Chapter 10 मछली (कहानी)) |
| Total Number of Chapter in this Subject | 11 |
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Bihar Board Class 10th Hindi (Godhuli Bhag 2 गद्य खण्ड) Chapter 10 मछली (कहानी)) Solutions
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बिहार बोर्ड - हिंदी (गोधूलि भाग 2) गद्य खण्ड
पाठ 10: मछली (कहानी)
1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
(क) लेखक ने मछली क्यों खरीदी?
लेखक ने मछली इसलिए खरीदी क्योंकि वह अपने बगीचे के तालाब में उसे छोड़कर उसकी सुंदरता का आनंद लेना चाहता था। उसे मछली का चमकीला रूप और चंचल व्यवहार आकर्षक लगा और उसने सोचा कि तालाब में यह मछली और भी सुंदर दिखेगी।
(ख) मछली को तालाब में छोड़ने के बाद लेखक के मन में क्या विचार आए?
मछली को तालाब में छोड़ने के बाद लेखक के मन में अनेक विचार आए। सबसे पहले उसे यह देखकर खुशी हुई कि मछली तालाब के पानी में स्वतंत्रता से तैर रही है। फिर उसने सोचा कि अब यह मछली उसकी हो गई है और वह इसकी देखभाल करेगा। कुछ देर बाद उसे चिंता भी हुई कि कहीं बिल्ली या कोई और जानवर मछली को नुकसान न पहुँचा दे।
(ग) मछली के लिए लेखक ने क्या-क्या सुरक्षा के इंतजाम किए?
मछली की सुरक्षा के लिए लेखक ने कई इंतजाम किए। सबसे पहले उसने तालाब के चारों ओर एक ऊँची जाली लगवाई ताकि कोई जानवर अंदर न घुस सके। फिर उसने तालाब के पानी की नियमित सफाई का प्रबंध किया। रात के समय वह स्वयं बगीचे में रोशनी का प्रबंध करता था और कई बार रात में भी उठकर मछली की सुरक्षा की जाँच करता था।
(घ) लेखक ने मछली के लिए क्या-क्या भोजन का प्रबंध किया?
लेखक ने मछली के लिए विशेष प्रकार के भोजन का प्रबंध किया। वह बाजार से मछली के लिए बने विशेष दाने (फिश फूड) लाता था। इसके अलावा वह कभी-कभी उबले हुए चावल के छोटे-छोटे दाने भी डालता था। वह नियमित रूप से सुबह और शाम को मछली को भोजन देता था और यह ध्यान रखता था कि भोजन अधिक न डाला जाए जिससे पानी दूषित हो जाए।
(ङ) लेखक को मछली से क्या लगाव हो गया था?
लेखक को मछली से गहरा भावनात्मक लगाव हो गया था। वह मछली को केवल एक जलीय जीव नहीं, बल्कि अपने परिवार के एक सदस्य की तरह मानने लगा था। उसके दिन की शुरुआत और अंत मछली को देखने और खिलाने से होता था। मछली की हर हरकत, उसका तैरने का तरीका और भोजन के समय का उत्साह लेखक के लिए आनंद का स्रोत बन गया था।
2. निम्नलिखित प्रश्नों के संक्षिप्त उत्तर दीजिए-
(क) लेखक ने मछली को कहाँ रखा?
लेखक ने मछली को अपने बगीचे में बने एक सुंदर तालाब में रखा। यह तालाब पहले से ही था और लेखक ने इसे विशेष रूप से मछली के रहने के अनुकूल बनाया था।
(ख) मछली को देखकर लेखक को कैसा लगता था?
मछली को देखकर लेखक को असीम आनंद और शांति मिलती थी। वह मछली के तैरने के नृत्य जैसे अंदाज को देखकर मंत्रमुग्ध हो जाता था और अपनी सारी चिंताएँ भूल जाता था।
(ग) लेखक मछली की रक्षा के लिए क्या करता था?
लेखक मछली की रक्षा के लिए तालाब के चारों ओर जाली लगवाई, रात में रोशनी का प्रबंध किया, नियमित रूप से तालाब की सफाई की और स्वयं भी बार-बार जाकर उसकी सुरक्षा की जाँच करता रहता था।
(घ) मछली के लिए लेखक ने क्या भोजन दिया?
लेखक ने मछली के लिए बाजार से लाए गए विशेष मछली दाने (फिश फूड) दिए। कभी-कभी वह उबले हुए चावल के नरम दाने भी तालाब में डाल देता था जिसे मछली बड़े चाव से खाती थी।
(ङ) लेखक को मछली से क्या प्रेरणा मिली?
मछली से लेखक को जीवन की सरलता और स्वतंत्रता की प्रेरणा मिली। मछली का बिना किसी चिंता के जीवन जीना, अपने छोटे से संसार में संतुष्ट रहना और प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर रहना - ये सब बातें लेखक के लिए प्रेरणादायक सिद्ध हुईं।
3. निम्नलिखित वाक्यों में रेखांकित शब्दों के लिंग बताइए-
(क) मछली तालाब में तैर रही है।
मछली - स्त्रीलिंग
(ख) लेखक ने उसे देखा।
लेखक - पुल्लिंग
(ग) बिल्ली मछली को देख रही थी।
बिल्ली - स्त्रीलिंग
(घ) तालाब सुंदर है।
तालाब - पुल्लिंग
(ङ) पानी स्वच्छ था।
पानी - पुल्लिंग
4. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
(क) 'मछली' कहानी का सारांश अपने शब्दों में लिखिए।
'मछली' कहानी एक संवेदनशील लेखक की कहानी है जो एक दिन बाजार से एक सुंदर मछली खरीदकर लाता है। वह इस मछली को अपने बगीचे के तालाब में छोड़ देता है। धीरे-धीरे लेखक को मछली से गहरा लगाव हो जाता है। वह मछली की देखभाल करने लगता है, उसके लिए विशेष भोजन का प्रबंध करता है और उसकी सुरक्षा के लिए अनेक उपाय करता है। मछली लेखक के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाती है और उसे आनंद व शांति प्रदान करती है। यह कहानी मनुष्य और प्रकृति के बीच के सूक्ष्म संबंधों को दर्शाती है और यह बताती है कि कैसे एक छोटा सा जीव भी हमारे जीवन में खुशियाँ ला सकता है।
(ख) 'मछली' कहानी से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
'मछली' कहानी से हमें कई महत्वपूर्ण शिक्षाएँ मिलती हैं। पहली शिक्षा यह है कि प्रकृति के प्रति हमारा संवेदनशील रवैया हमें आंतरिक खुशी देता है। दूसरी शिक्षा यह है कि छोटे-छोटे जीवों के प्रति भी हमें दयालु और जिम्मेदार बनना चाहिए। तीसरी शिक्षा यह है कि सच्चा सुख साधारण चीजों में छिपा होता है - एक मछली का तालाब में तैरना भी लेखक के लिए आनंद का स्रोत बन जाता है। अंत में, यह कहानी हमें जीवन की सरलता और प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाकर जीने की प्रेरणा देती है।
5. बहुविकल्पीय प्रश्न
1. लेखक ने मछली कहाँ से खरीदी?
(A) नदी से
(B) बाजार से
(C) समुद्र से
(D) तालाब से
उत्तर: (B) बाजार से
2. लेखक ने मछली को कहाँ रखा?
(A) कुएँ में
(B) तालाब में
(C) घड़े में
(D) नदी में
उत्तर: (B) तालाब में
3. मछली को देखकर लेखक को कैसा लगता था?
(A) डर लगता था
(B) दुख होता था
(C) आनंद मिलता था
(D) क्रोध आता था
उत्तर: (C) आनंद मिलता था
4. लेखक मछली को क्या खिलाता था?
(A) रोटी
(B) मछली दाना
(C) मांस
(D) फल
उत्तर: (B) मछली दाना
5. 'मछली' कहानी किस प्रकार की रचना है?
(A) कविता
(B) नाटक
(C) कहानी
(D) निबंध
उत्तर: (C) कहानी
प्रश्न 13,
संतू के विरोध का क्या अभिप्राय है?
संतू का विरोध एक गहरे मानवीय संवेदन और नैतिक साहस को दर्शाता है। वह मछली को एक जीवित प्राणी के रूप में देखता है, न कि सिर्फ खाने की एक वस्तु के रूप में। भग्गू द्वारा मछली को काटे जाने के दृश्य को देखकर उसका हृदय द्रवित हो उठता है और वह तत्काल उसे बचाने के लिए आगे बढ़ता है। इस कार्य का अभिप्राय यह है कि मनुष्य में दया, करुणा और निरीह प्राणियों की रक्षा की भावना होनी चाहिए। संतू का यह विरोध समाज में फैले स्वार्थ, निर्ममता और संवेदनहीनता के प्रति एक मूक प्रतिकार है। वह हमें यह सीख देता है कि शक्तिशाली होने का अर्थ कमजोर का शोषण करना नहीं, बल्कि उसकी रक्षा करना है।
प्रश्न 14.
दीदी का चरित्र चित्रण करें।
दीदी एक संवेदनशील, ममतामयी और विवश युवती का चरित्र है। वह एक पारंपरिक मध्यवर्गीय परिवार की लड़की है, जिसका जीवन घर की चारदीवारी तक सीमित है। उसमें गहरी करुणा और दया की भावना है। मछली के कटने की बात सुनकर वह भीतर तक व्यथित हो जाती है और सिसकियाँ भरने लगती है। वह अपने भाइयों को प्राणियों में अपनी ही परछाई देखने और उनके प्रति दया रखने की शिक्षा देती है। उसका चरित्र उस सामाजिक व्यवस्था की पीड़ा को भी दर्शाता है जहाँ लड़कियों को अपनी भावनाएँ खुलकर व्यक्त करने की स्वतंत्रता नहीं होती। वह मूक पीड़ा को सहन करने वाले हर प्राणी के साथ स्वयं को जोड़कर देखती है, परंतु समाज की रूढ़ियों के कारण सक्रिय विरोध नहीं कर पाती और केवल आह भरकर रह जाती है।
प्रश्न 15.
कहानी के शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट करें।
कहानी का शीर्षक 'मछली' पूर्णतः सार्थक एवं केंद्रीय है। पूरी कहानी की घटनाएँ और विचार मछली के इर्द-गिर्द ही घूमते हैं। मछली यहाँ सिर्फ एक जलचर नहीं, बल्कि एक प्रतीक है। यह उन सभी निरीह, लाचार और शोषित प्राणियों व व्यक्तियों का प्रतीक है जो बिना कुछ कहे अपनी नियति स्वीकार कर लेते हैं। कहानी में मछली के माध्यम से जीवन की क्षणभंगुरता, बाल मन की कल्पनाएँ और मानवीय संवेदनाओं के टकराव को दर्शाया गया है। अंत में दीदी की तुलना भी उसी मछली से की जाती है, जो एक सीमित दायरे में बंद होकर अपनी पीड़ा को मूक रहकर सहन करती है। इस प्रकार, शीर्षक कहानी के मूल भाव, विषयवस्तु और संदेश को पूरी तरह प्रकट करता है।
प्रश्न 16.
कहानी का सारांश प्रस्तुत करें।
यह कहानी एक बालक की दृष्टि से लिखी गई है जिसमें उसके पिता बाजार से तीन मछलियाँ लाते हैं। बच्चों का मन उन मछलियों के साथ खेलने और एक को पालने का है, परंतु घर में उन्हें खाने के लिए काटा जाना तय है। बच्चे मछलियों को बचाने की कोशिश करते हैं। एक मछली नहानघर की नाली से बह जाती है। दूसरी मछली को काटने के लिए जब भग्गू ले जाता है, तो संतू उसे छीनकर भाग जाता है, परंतु अंततः वह भी मर जाती है। कहानी में मछली के माध्यम से निरीह प्राणियों के प्रति मानवीय संवेदना, बाल मन की कोमल भावनाओं और एक पारंपरिक परिवार के दृश्य को चित्रित किया गया है। दीदी का चरित्र एक ऐसी युवती का प्रतिनिधित्व करता है जो ममतामयी होते हुए भी सामाजिक बंधनों में बंधी है।
भाषा की बात
प्रश्न 1.
निम्रांकित विशेष्य पदों में उपयुक्त विशेषण या क्रियाविशेषण लगाएँ
गली - सुनसान गली / टेढ़ी-मेढ़ी गली
मछली - चमकदार मछली / तड़पती हुई मछली
उछली - अचानक उछली / तेजी से उछली
कमीज - सफेद कमीज / मैली कमीज
मूंछे - लंबी मूंछे / घनी मूंछे
परछाई - स्पष्ट परछाई / धुंधली परछाई
नहानघर - छोटा नहानघर / अंधेरा नहानघर
खंगाला - अच्छी तरह खंगाला / जल्दी-जल्दी खंगाला
प्रश्न 2.
पाठ में प्रयुक्त विभिन्न क्रियारूपों को एकत्र कीजिए।
पाठ में प्रयुक्त कुछ क्रियारूप इस प्रकार हैं:
घुस गए, पड़ता था, घूटते-घूटते बचा, उछलकर, महसूस करता था, सोच रहा था, माँग लेंगे, डालकर बहुत बड़ी करेंगे, निकालकर खेलेंगे, डाल देंगे, बंद कर लिया था, खाली कर मैंने उड़ेल दीं, घुस गई थी, टटोल-टटोलकर ढूँढा था, दिखी नहीं, खड़े हो गए थे, बताया था, जाएगी, चली जाएगी।
प्रश्न 3.
निम्नांकित वाक््यों के पद-विग्रह करें
(क) मुर्दा सी मछली के पूरे शरीर में अच्छी तरह राख मली।
मुर्दा सी - गुणवाचक विशेषण, स्त्रीलिंग, एकवचन
मछली - जातिवाचक संज्ञा, स्त्रीलिंग, एकवचन, संबंध कारक
पूरे - परिमाणवाचक विशेषण, पुल्लिंग, एकवचन
शरीर - जातिवाचक संज्ञा, पुल्लिंग, एकवचन, अधिकरण कारक
में - अव्यय (परसर्ग)
अच्छी तरह - रीतिवाचक क्रियाविशेषण
राख - द्रव्यवाचक संज्ञा, स्त्रीलिंग, एकवचन, कर्म कारक
मली - सकर्मक क्रिया, स्त्रीलिंग, एकवचन, अन्य पुरुष, भूतकाल
(ख) पादटे के समय मछलियों के गोल-गोल चमकीले पंख पढ़े थे।
पादटे के समय - क्रियाविशेषण (समयसूचक)
मछलियों के - जातिवाचक संज्ञा, स्त्रीलिंग, बहुवचन, संबंध कारक
गोल-गोल - गुणवाचक विशेषण, पुल्लिंग, बहुवचन
चमकीले - गुणवाचक विशेषण, पुल्लिंग, बहुवचन
पंख - जातिवाचक संज्ञा, पुल्लिंग, बहुवचन, कर्ता कारक
पढ़े थे - अकर्मक क्रिया, पुल्लिंग, बहुवचन, अन्य पुरुष, भूतकाल
गद्यांशों पर आधारित अर्थग्रहण-संबंधी प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
दौड़ते हुए हम लोग एक पतली गली में घुस गए। इस गली से घर नजदीक पड़ता था। दूसरे रास्तों में बहुत भीड़ थी। बाजार का दिन था। लेकिन बूंदें पड़ने से भीड़ के बिखराव में तेजी आ गई थी। दौड़ इसलिए रहे थे कि डर लगता था कि मछलियाँ बिना पानी के झोले में ही न मर जाएँ। झोले में तीन मछलियाँ थीं। एक तो उसी वक्त मर गई थी जब पिताजी खरीद रहे थे। दो जिन्दा थीं। झोले में उनकी तड़प के झटके मैं जब तब महसूस करता था। मन ही मन सोच रहा था कि एक मछली पिताजी से जरूर माँग लगेंगे। फिर उसे कुएँ में डालकर बहुत बड़ी करेंगे। जब मन होगा बाल्टी से निकालकर खेलेंगे। बाद में फिर कुएँ में डाल देंगे।
प्रश्न
(क) प्रस्तुत गद्यांश किस पाठ से लिया गया है? और इसके लेखक कौन हैं ?
(ख) बच्चों ने गली का रास्ता क्यों पकड़ लिया?
(ग) बच्चों की कौन-सी उत्कंठा थी?
(घ) झोले में कितनी मछलियाँ थीं?
(क) प्रस्तुत गद्यांश 'मछली' शीर्षक पाठ से लिया गया है। इसके लेखक विद्यासागर नौटियाल हैं।
(ख) बच्चों ने गली का रास्ता इसलिए पकड़ लिया क्योंकि वह रास्ता उनके घर के सबसे नजदीक था। बाजार का दिन होने और हल्की बूंदाबांदी शुरू होने के कारण मुख्य रास्तों पर भीड़ अधिक थी, इसलिए जल्दी घर पहुँचने के लिए उन्होंने सँकरी गली को चुना।
(ग) बच्चों की उत्कंठा यह थी कि वे पिताजी से एक मछली माँगकर उसे अपने कुएँ में डाल देंगे। वे उसे पालकर बड़ा करना चाहते थे और जब मन करेगा तो बाल्टी में निकालकर उसके साथ खेलेंगे। यह उनकी बाल सुलभ इच्छा और कल्पनाशीलता को दर्शाता है।
(घ) झोले में कुल तीन मछलियाँ थीं।
2. नहानघर का दरवाजा अंदर से हम लोगों ने बंद कर लिया था। भरी हुई बाल्टी थी, उसे आधी खाली कर मैंने झोले की तीनों मछलियाँ उड़ेल दीं। अगर बाल्टी भरी होती तो मछली नाली में घुस गई थी। हाथों से मैंने और सन्तू ने टटोल-टटोलकर ढूँढा था। जब दिखी नहीं तो हम घर के पीछे जाकर खड़े हो गए थे जहाँ घर की नाली एक बड़ी नाली से मिलती थी। गंदे पानी में मछली दिखी नहीं। दीदी ने बताया था कि वह मछली इस नाली से शहर की सबसे बड़ी नाली में जाएगी फिर शहर से तीन मील दूर मोहरा नदी में चली जाएगी।
प्रश्न
(क) बच्चों ने मछलियों का क्या किया?
(ख) नहानघर की नाली में गिरी हुई मछली के बारे में दीदी ने क्या बताया था ?
(ग) मछली नाली में कैसे चली गई थी?
(घ) मोहरा नदी शहर से कितनी दूर पर बहती है ?
(क) बच्चों ने नहानघर का दरवाजा बंद करके आधी पानी से भरी बाल्टी में झोले की तीनों मछलियों को डाल दिया। उनका इरादा मछलियों को पानी में छोड़कर उन्हें तैरते हुए देखने का था।
(ख) दीदी ने बताया था कि नहानघर की नाली में गिरी हुई मछली पहले शहर की बड़ी नाली में पहुँचेगी और वहाँ से बहकर शहर से तीन मील दूर बहने वाली मोहरा नदी में चली जाएगी।
(ग) बाल्टी में मछलियाँ डालते समय एक मछली बाल्टी से छलांग लगाकर बाहर कूद गई और सीधे नहानघर की नाली में घुसकर बह गई।
(घ) मोहरा नदी शहर से तीन मील की दूरी पर बहती है।
Bihar Board Class 10 Hindi (Godhuli Bhag 2)
Chapter 10 - मछली (कहानी)
1. मछली कहानी के लेखक कौन हैं?
उत्तर: कहानी 'मछली' के लेखक सआदत हसन मंटो हैं। मंटो उर्दू साहित्य के प्रसिद्ध कथाकार थे, जिनकी रचनाओं में सामाजिक यथार्थ और मानवीय मनोविज्ञान की गहरी पकड़ दिखाई देती है।
2. मछली कहानी का प्रमुख पात्र कौन है?
उत्तर: इस कहानी का प्रमुख पात्र मोहसिन है। वह एक संवेदनशील और भावुक युवक है, जो अपने आसपास के वातावरण और लोगों के व्यवहार से गहराई से प्रभावित होता है।
3. मोहसिन किस शहर में रहता था?
उत्तर: मोहसिन लाहौर शहर में रहता था। लाहौर उस समय एक सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र था।
4. मोहसिन के पिता का क्या नाम था?
उत्तर: मोहसिन के पिता का नाम नवाब साहब था। वे एक रूढ़िवादी और परंपराओं में विश्वास रखने वाले व्यक्ति थे, जो अपने बेटे की संवेदनशीलता को अक्सर समझ नहीं पाते थे।
5. मोहसिन की माँ का क्या नाम था?
उत्तर: मोहसिन की माँ का नाम बीबी जान था। वह एक दयालु और स्नेही महिला थीं, जो अपने बेटे के प्रति बहुत सहानुभूति रखती थीं।
6. मोहसिन को मछली से क्या लगाव था?
उत्तर: मोहसिन को मछली से एक गहरा भावनात्मक लगाव था। वह मछली को केवल एक जीव ही नहीं, बल्कि एक साथी और अपनी भावनाओं का प्रतिबिंब मानता था। उसके लिए मछली का तालाब उसकी एकांत और शांति का स्थान था।
7. मोहसिन की मछली कहाँ रहती थी?
उत्तर: मोहसिन की मछली उनके घर के आँगन में बने एक छोटे तालाब में रहती थी। यह तालाब मोहसिन की दुनिया का केंद्र बिंदु था, जहाँ वह घंटों बैठकर मछली को देखा करता था।
8. मोहसिन की मछली का क्या नाम था?
उत्तर: मोहसिन ने अपनी मछली का नाम 'महबूबा' रखा था। यह नाम उसके मछली के प्रति प्रेम और लगाव को दर्शाता है, जैसे वह उसका कोई प्रिय साथी हो।
9. मोहसिन की मछली कैसे मरी?
उत्तर: मोहसिन की मछली 'महबूबा' की मृत्यु एक दुर्घटना के कारण हुई। एक दिन जब मोहसिन उसे दूध पिला रहा था, तभी अचानक उसके हाथ से दूध की कटोरी फिसलकर तालाब में गिर गई और मछली उसमें फँस गई, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।
10. मोहसिन ने मछली की मृत्यु पर क्या प्रतिक्रिया दी?
उत्तर: मछली की मृत्यु पर मोहसिन पूरी तरह टूट गया। उसे गहरा सदमा लगा और वह लंबे समय तक उदास और अकेला रहा। इस घटना ने उसकी कोमल भावनाओं और दुनिया से उसके जुड़ाव को गहराई से प्रभावित किया।
11. मछली कहानी का मुख्य संदेश क्या है?
उत्तर: 'मछली' कहानी का मुख्य संदेश है - मानवीय संवेदनाओं की गहराई और एकांतिक प्रेम की तीव्रता। यह कहानी दिखाती है कि किस तरह एक साधारण-सा जीव भी किसी के जीवन में अर्थ और साहचर्य भर सकता है, और उसकी हानि एक गहरी पीड़ा का कारण बन सकती है। यह बच्चों की निर्दोष दुनिया और वयस्कों की व्यस्त दुनिया के बीच के अंतर को भी रेखांकित करती है।
12. मछली कहानी की भाषा-शैली कैसी है?
उत्तर: इस कहानी की भाषा-शैली सरल, सहज और भावपूर्ण है। मंटो ने बहुत ही मार्मिक ढंग से मोहसिन के मनोभावों और उसकी आंतरिक दुनिया का चित्रण किया है। संवाद प्रभावशाली और पात्रों के चरित्र के अनुरूप हैं।
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
1. 'मछली' कहानी के लेखक कौन हैं?
(A) प्रेमचंद
(B) जयशंकर प्रसाद
(C) सआदत हसन मंटो
(D) महादेवी वर्मा
2. मोहसिन कहाँ रहता था?
(A) दिल्ली
(B) लाहौर
(C) कराची
(D) कोलकाता
3. मोहसिन की मछली का क्या नाम था?
(A) गुड़िया
(B) चंदा
(C) महबूबा
(D) मुन्नी
4. मोहसिन की मछली कहाँ रहती थी?
(A) नदी में
(B) घर के तालाब में
(C) कुएँ में
(D) शहर के बड़े तालाब में
5. मछली की मृत्यु कैसे हुई?
(A) दूध पिलाते समय दुर्घटना में
(B) बिल्ली ने पकड़ ली
(C) बीमारी से
(D) पानी की कमी से
6. मोहसिन के पिता का क्या नाम था?
(A) मिर्जा साहब
(B) नवाब साहब
(C) खान साहब
(D) चौधरी साहब
7. 'मछली' कहानी किस भाषा में लिखी गई है?
(A) हिंदी
(B) उर्दू
(C) पंजाबी
(D) अंग्रेजी
8. कहानी में मोहसिन का चरित्र कैसा है?
(A) हँसमुख और चंचल
(B) संवेदनशील और भावुक
(C) उद्दंड और शरारती
(D) लापरवाह और आलसी
प्रश्न 1.
बच्चे झोले का मुँह आकाश की तरफ क्यों फैलाकर खोल दिए?
उत्तर:
बच्चों ने झोले का मुँह आकाश की ओर इसलिए खोल दिया ताकि बारिश का पानी सीधे झोले के अंदर गिरे और उसमें रखी मछलियों को ताजा पानी मिल सके। उन्हें डर था कि बिना पानी के मछलियाँ मर जाएँगी।
प्रश्न 2.
संतु मछली को क्यों नहीं छूना चाहता था?
उत्तर:
संतू मछली को छूने से डर रहा था। उसे लगता था कि मछली उसे काट लेगी या उसके छूने से मछली को कोई नुकसान हो जाएगा, इसलिए वह हिचकिचा रहा था।
प्रश्न 3.
नरेन ने बाल्टी में क्यों हाथ डाला?
उत्तर:
नरेन ने बाल्टी में हाथ डालकर उस मछली को बाहर निकाला जो मृत प्रतीत हो रही थी। उसने मछली को फर्श पर रख दिया ताकि वह देख सके कि वह वास्तव में जीवित है या नहीं।
प्रश्न 4.
कमरे से दीदी की हल्की सिसकियों की आवाज क्यों आ रही थी?
उत्तर:
कमरे से दीदी के रोने की आवाज़ इसलिए आ रही थी क्योंकि उनके पिताजी ने उन्हें डाँटा या मारा था। दुख और अपमान के कारण वह सिसक-सिसककर रो रही थीं।
प्रश्न 5.
पिता जी ने दहाड़ क्यों मारा और क्या कहा?
उत्तर:
पिताजी ने संतू पर गुस्से में दहाड़ मारी। उन्होंने भग्गू से कहा कि वह संतू के हाथ-पैर तोड़ दे, क्योंकि संतू ने शायद कोई गलती की थी या उनकी आज्ञा का उल्लंघन किया था।
प्रश्न 6.
बच्चों ने मछलियों का क्या किया?
उत्तर:
बच्चों ने मछलियों को आधे पानी से भरी एक बाल्टी में डाल दिया ताकि वे तैर सकें और जीवित रह सकें। यह उनके लिए एक अस्थायी घर था।
प्रश्न 7.
मछली नाली में कैसे चली गई ?
उत्तर:
नरेन (लेखक) के हाथ से फिसलकर एक छोटी मछली नहानघर की नाली में चली गई। मछली के शरीर पर चिकनापन होने के कारण वह आसानी से फिसल गई।
प्रश्न 8.
दीदी क्यों नाराज हुई?
उत्तर:
दीदी इसलिए नाराज हुईं क्योंकि उन्होंने अपने भाइयों (नरेन और संतू) को बारिश में भीगकर और गीले कपड़ों में घर आते देखा। उन्हें चिंता थी कि बच्चे बीमार पड़ सकते हैं।
प्रश्न 9.
मछलियों के टुकड़े होने का निहितार्थ क्या है ?
उत्तर:
मछलियों के टुकड़े होने का अर्थ है कोमल भावनाओं और मासूम इच्छाओं का नष्ट हो जाना। यह प्रतीकात्मक रूप से दर्शाता है कि कठोर वास्तविकता के सामने बच्चों की निर्दोष खुशियाँ और सपने चकनाचूर हो जाते हैं।
प्रश्न 10.
झोले में मछलियां लेकर बच्चे दौड़ते हुए पतली गली में क्यों घुस गए ?
उत्तर:
बच्चे मछलियों को लेकर पतली गली में इसलिए घुस गए क्योंकि उस रास्ते से उनका घर नजदीक था। दूसरे मुख्य रास्तों पर बाजार के दिन भीड़ अधिक थी, जिससे वे जल्दी घर नहीं पहुँच पाते।
प्रश्न 11.
मछलियों को लेकर बच्चों की अभिलाषा क्या थी?
उत्तर:
बच्चों की इच्छा थी कि वे पिताजी से एक मछली माँगकर उसे कुएँ में डाल देंगे। वे सोच रहे थे कि कुएँ में वह मछली बहुत बड़ी हो जाएगी और फिर वे जब चाहें उसे बाल्टी में निकालकर खेल सकेंगे।
प्रश्न 12.
मछलियाँ लिए घर आने के बाद बच्चों ने क्या किया ?
उत्तर:
घर आकर बच्चों ने नहानघर में रखी बाल्टी का आधा पानी बाहर निकाला और फिर उसमें मछलियों को डाल दिया। इस तरह उन्होंने मछलियों के लिए पर्याप्त जगह और पानी का इंतजाम किया।
प्रश्न 13.
मछली को छूते हुए संतु क्यों हिचक रहा था ?
उत्तर:
संतू मछली को छूते हुए इसलिए हिचक रहा था क्योंकि उसे डर था कि मछली उसकी उंगली काट लेगी। मछली के चिकने और फिसलन भरे शरीर को देखकर भी वह संकोच कर रहा था।
प्रश्न 14.
दीदी कहाँ थी और क्या कर रही थी?
उत्तर:
दीदी घर के एक कमरे में लेटी हुई थीं। वह सिसक-सिसककर रो रही थीं और बार-बार हिचकी ले रही थीं, जिससे उनका पूरा शरीर सिहर उठता था। वह पिताजी की डाँट या मार के कारण दुखी थीं।
मछली लेखक परिचय
विनोद कुमार शुक्ल का जन्म 1 जनवरी, 1937 को छत्तीसगढ़ के राजनांदगाँव में हुआ था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक प्राध्यापक के रूप में की और इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर रहे। साहित्य के क्षेत्र में उनकी पहचान एक कवि और कथाकार के रूप में है। उनकी प्रमुख रचनाओं में कविता संग्रह 'लगभग जयहिंद', 'वह आदमी नया गरम कोट पहिनकर चला गया विचार की तरह' और उपन्यास 'नौकर की कमीज', 'दीवार में एक खिड़की रहती थी' शामिल हैं। उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार सहित कई प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुए हैं। उनकी रचनाएँ साधारण भाषा में गहन संवेदना और प्रतीकात्मकता से भरी होती हैं।
पाठ का सारांश
यह कहानी बचपन की एक स्मृति पर आधारित है, जिसमें नरेन और उसके भाई संतू की मछलियों को लेकर उत्सुकता और उनके साथ होने वाली घटनाओं का वर्णन है। बाजार से मछलियाँ खरीदकर लाते समय बारिश होने लगती है। बच्चे मछलियों को बचाने के लिए झोले का मुँह आकाश की ओर खोल देते हैं ताकि बारिश का पानी उन तक पहुँचे। घर आकर वे मछलियों को बाल्टी में रखते हैं। संतू मछली को छूने से डरता है, जबकि नरेन उसे पकड़ने की कोशिश करता है। इसी दौरान एक मछली नाली में फिसल जाती है। कहानी में बच्चों की मासूम इच्छाओं, परिवार के कठोर वातावरण और लिंग भेद जैसी समस्याओं को सूक्ष्मता से दर्शाया गया है। मछलियों का टुकड़े होना बच्चों की कोमल भावनाओं के टूटने का प्रतीक है।
मछली (कहानी) - प्रश्नोत्तर
1. लेखक ने मछली पालने के लिए कुएँ को क्यों चुना?
लेखक ने मछली पालने के लिए कुएँ को इसलिए चुना क्योंकि उनके घर में कोई तालाब या मछली रखने का दूसरा साधन नहीं था। कुआँ पानी से भरा रहता था और उसमें मछलियों के जीवित रहने की पूरी संभावना थी। साथ ही, कुएँ का पानी साफ और शांत था, जो मछलियों के रहने के लिए उपयुक्त स्थान लगा।
2. संतू ने मछली क्यों बचानी चाही?
संतू ने मछली इसलिए बचानी चाही क्योंकि वह एक भोला और संवेदनशील बच्चा था। उसे मछलियों से लगाव हो गया था और वह उन्हें काटे जाने के दृश्य को सहन नहीं कर पा रहा था। उसकी दया भावना जागृत हुई और उसने उन निर्दोष जीवों की जान बचाने का प्रयास किया।
3. दीदी ने संतू के बालों में तेल क्यों लगाया?
दीदी ने संतू के बालों में तेल इसलिए लगाया क्योंकि संतू के बाल नहाने के बाद गीले थे और वह उसे सर्दी-जुकाम से बचाना चाहती थी। तेल लगाने से बाल जल्दी सूख जाते हैं और सिर को गर्माहट मिलती है। इसके अलावा, यह दीदी के भाई के प्रति स्नेह और देखभाल का प्रतीक भी था।
4. 'मछली' कहानी का प्रमुख संदेश क्या है?
'मछली' कहानी का प्रमुख संदेश है बच्चों की निर्मल भावनाओं, दया और जीवों के प्रति प्रेम की रक्षा करना। कहानी दर्शाती है कि बच्चों का मन कोमल और संवेदनशील होता है। वे जीवों से भावनात्मक लगाव बना लेते हैं और उनके दुख को अपना दुख समझते हैं। बड़ों को चाहिए कि वे इस कोमलता को समझें और उसका सम्मान करें।
5. लेखक ने इस कहानी में किस मनोभावना को उजागर किया है?
लेखक ने इस कहानी में बचपन की निश्छलता, जिज्ञासा और जीवों के प्रति सहज प्रेम की मनोभावना को उजागर किया है। साथ ही, बड़ों की दुनिया की व्यावहारिकता और बच्चों की भावनात्मक दुनिया के बीच के अंतर को भी दर्शाया गया है। कहानी में बच्चों की उत्सुकता, खेल के प्रति लगाव और फिर मछलियों के कटने पर होने वाली मनोदशा का सजीव चित्रण है।
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
1. लेखक ने मछलियों को कहाँ छिपाने का निश्चय किया?
(क) कुएँ में
(ख) तालाब में
(ग) टब में
(घ) हौद में
2. संतू ने मछली को कहाँ छिपाया?
(क) पेटी में
(ख) अपने पेट के पास
(ग) बिस्तर के नीचे
(घ) अलमारी में
3. 'मछली' कहानी के लेखक कौन हैं?
(क) प्रेमचंद
(ख) जयशंकर प्रसाद
(ग) यशपाल
(घ) मोहन राकेश
4. दीदी ने संतू के बाल किससे पोंछे?
(क) रुमाल से
(ख) तौलिए से
(ग) अंगोछे से
(घ) साड़ी के पल्लू से
5. भग्गू क्या काम कर रहा था?
(क) मछली काट रहा था
(ख) खाना बना रहा था
(ग) कपड़े धो रहा था
(घ) सब्जी काट रहा था
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