Bihar Board Class 10th Social Science (हमारी अर्थव्यवस्था भाग 2) Chapter 4 हमारी वित्तीय संस्थाएँ) Solutions
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| Board Name | Bihar Board of Secondary Education |
| Class | Class 10th |
| Content Type | Solution |
| Solution for | Class 10th students |
| Subject | Social Science (हमारी अर्थव्यवस्था भाग 2) |
| Chapter Name | Chapter 4 हमारी वित्तीय संस्थाएँ) |
| Total Number of Chapter in this Subject | 7 |
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Bihar Board Class 10th Social Science (हमारी अर्थव्यवस्था भाग 2) Chapter 4 हमारी वित्तीय संस्थाएँ) Solutions
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हमारी अर्थव्यवस्था भाग 2 - अध्याय 4
हमारी वित्तीय संस्थाएँ
प्रश्न 1. सही विकल्प चुनें-
(i) भारत का केन्द्रीय बैंक है-
(क) भारतीय स्टेट बैंक
(ख) भारतीय रिजर्व बैंक
(ग) पंजाब नेशनल बैंक
(ख) भारतीय रिजर्व बैंक
(ii) भारत में राष्ट्रीयकृत बैंकों की संख्या है-
(क) 14
(ख) 19
(ग) 21
(ख) 19
(iii) बैंकिंग क्षेत्र का उदारीकरण किस वर्ष किया गया?
(क) 1991
(ख) 1992
(ग) 1993
(क) 1991
(iv) भारत में सबसे पहले कागजी मुद्रा किस वर्ष जारी की गई?
(क) 1542
(ख) 1601
(ग) 1806
(ग) 1806
प्रश्न 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति करें-
(i) बैंकिंग शब्द की उत्पत्ति इटली के बैंको शब्द से हुई है।
(ii) भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना 1 अप्रैल, 1935 को हुई थी।
(iii) बैंक जनता से जमा स्वीकार करते हैं और ऋण देते हैं।
(iv) भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर की नियुक्ति भारत सरकार द्वारा की जाती है।
(v) बैंक देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रश्न 3. निम्नलिखित कथनों में सही के लिए (✓) तथा गलत के लिए (✗) का चिह्न लगाएँ-
(i) बैंक जनता की बचत को सुरक्षित रखने का काम करते हैं। (✓)
(ii) भारतीय रिजर्व बैंक सरकार का बैंकर है। (✓)
(iii) बैंक देश के आर्थिक विकास में कोई भूमिका नहीं निभाते हैं। (✗)
(iv) भारतीय रिजर्व बैंक नोट जारी करने का कार्य नहीं करता है। (✗)
(v) बैंकों द्वारा दिए गए ऋण पर ब्याज वसूल किया जाता है। (✓)
प्रश्न 4. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में दें-
(i) बैंक किसे कहते हैं?
बैंक एक ऐसी वित्तीय संस्था है जो जनता से धनराशि जमा के रूप में स्वीकार करती है और जरूरतमंद व्यक्तियों, व्यवसायों या संस्थाओं को ऋण के रूप में प्रदान करती है।
(ii) केन्द्रीय बैंक किसे कहते हैं?
केन्द्रीय बैंक किसी देश की सर्वोच्च और प्रमुख बैंकिंग संस्था होती है जो पूरे देश के बैंकिंग तथा मौद्रिक तंत्र को नियंत्रित, निर्देशित एवं नियमित करती है। भारत में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) केन्द्रीय बैंक है।
(iii) भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना कब हुई?
भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना 1 अप्रैल, 1935 को हुई थी।
(iv) बैंक देश के आर्थिक विकास में किस प्रकार सहायक होते हैं?
बैंक देश के आर्थिक विकास में बचतों को जमा करके, उन्हें उत्पादक कार्यों में निवेश के लिए ऋण के रूप में देकर, व्यापार एवं उद्योग को पूंजी उपलब्ध कराकर तथा सरकार की विकास योजनाओं को वित्तपोषित करके सहायक होते हैं।
(v) बैंक जनता से जमा स्वीकार कर क्या करते हैं?
बैंक जनता से स्वीकार की गई जमा राशि का एक हिस्सा नकद भंडार के रूप में रखते हैं और शेष राशि को विभिन्न प्रकार के ऋण देकर उत्पादक गतिविधियों में लगाते हैं, जिससे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है।
प्रश्न 5. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में दें-
(i) भारतीय रिजर्व बैंक के किन्हीं दो कार्यों का वर्णन करें।
भारतीय रिजर्व बैंक के दो प्रमुख कार्य हैं:
1. नोट जारी करना: भारतीय रिजर्व बैंक को देश में करेंसी नोट जारी करने का एकमात्र अधिकार प्राप्त है। यह विभिन्न मूल्यवर्ग के नोट छापता और उनका संचालन करता है, जिससे देश में मुद्रा की आपूर्ति सुनिश्चित होती है।
2. सरकार का बैंकर: आरबीआई केंद्र सरकार और राज्य सरकारों का बैंकर तथा वित्तीय सलाहकार के रूप में कार्य करता है। यह सरकार के सभी बैंकिंग लेनदेन को संभालता है, सरकारी कोष रखता है और आवश्यकता पड़ने पर सरकार को अग्रिम (ऋण) भी प्रदान करता है।
(ii) बैंक देश के आर्थिक विकास में किस प्रकार सहायक होते हैं? विस्तार से बताएँ।
बैंक देश के आर्थिक विकास के लिए रीढ़ की हड्डी के समान कार्य करते हैं। सबसे पहले, वे जनता की छोटी-बड़ी बचतों को सुरक्षित जमा के रूप में एकत्रित करते हैं। फिर, इन जमाओं को विभिन्न क्षेत्रों जैसे कृषि, उद्योग, व्यापार, परिवहन आदि में ऋण के रूप में प्रदान करते हैं। इससे पूंजी निर्माण को बढ़ावा मिलता है, नए उद्यम स्थापित होते हैं, रोजगार के अवसर पैदा होते हैं और उत्पादन में वृद्धि होती है। साथ ही, बैंक लोगों को बचत की आदत डालने के लिए प्रोत्साहित करते हैं, जो दीर्घकालिक विकास के लिए आवश्यक है।
(iii) बैंक जनता से जमा स्वीकार कर क्या करते हैं?
बैंक जनता से विभिन्न प्रकार की जमा योजनाओं जैसे बचत खाता, सावधि जमा, चालू खाता आदि के माध्यम से धनराशि स्वीकार करते हैं। इस एकत्रित धन का वे दो प्रमुख उपयोग करते हैं। प्रथम, वे जमाकर्ताओं की निकासी की जरूरतों को पूरा करने के लिए नकदी का एक निश्चित अनुपात (नकद आरक्षित अनुपात) अपने पास रखते हैं। द्वितीय, शेष धनराशि को वे विभिन्न व्यक्तियों, व्यवसायियों एवं उद्योगपतियों को ब्याज पर ऋण के रूप में दे देते हैं। इस प्रकार, बैंक समाज के बेकार पड़े धन को सक्रिय बनाकर आर्थिक गतिविधियों को चलाने में मदद करते हैं और स्वयं भी ब्याज के रूप में आय अर्जित करते हैं।
प्रश्न 6. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 100-150 शब्दों में दें-
(i) भारतीय रिजर्व बैंक के कार्यों का विस्तार से वर्णन करें।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश का केन्द्रीय बैंक है और इसके कार्य बहुत व्यापक एवं महत्वपूर्ण हैं, जिन्हें निम्नलिखित श्रेणियों में समझा जा सकता है:
1. नोट जारी करने का एकाधिकार: आरबीआई को देश में कागजी मुद्रा (करेंसी नोट) जारी करने का एकमात्र अधिकार है। यह विभिन्न मूल्यवर्ग के नोट छापता है और खराब या फटे नोटों को वापस लेकर नए नोट जारी करता है, जिससे मुद्रा प्रणाली सुचारू रूप से चलती रहे।
2. सरकार का बैंकर एवं सलाहकार: आरबीआई केंद्र एवं राज्य सरकारों के सभी बैंकिंग लेन-देन संभालता है। सरकारी कोष इसी के पास जमा रहते हैं और सरकारी भुगतान भी यही करता है। साथ ही, यह सरकार को मौद्रिक एवं वित्तीय मामलों में परामर्श भी देता है।
3. बैंकों का बैंक: यह अन्य सभी वाणिज्यिक बैंकों के लिए बैंक का काम करता है। बैंक अपने अतिरिक्त नकद भंडार आरबीआई में जमा करते हैं और आवश्यकता पड़ने पर उधार भी ले सकते हैं। इस प्रकार यह अंतिम ऋणदाता के रूप में कार्य करता है।
4. विदेशी मुद्रा भंडार का संरक्षक: देश का विदेशी मुद्रा भंडार (जैसे डॉलर, पाउंड) आरबीआई के पास सुरक्षित रहता है। यह विदेशी मुद्रा की कीमत (विनिमय दर) स्थिर रखने और अंतरराष्ट्रीय भुगतानों को सुगम बनाने का प्रयास करता है।
5. मौद्रिक नीति का नियंत्रक: देश की मौद्रिक नीति (जैसे ब्याज दरें, ऋण की उपलब्धता) बनाने और लागू करने की जिम्मेदारी आरबीआई की है। यह बैंक दर, नकद आरक्षित अनुपात (CRR), सांविधिक तरलता अनुपात (SLR) जैसे उपकरणों के माध्यम से अर्थव्यवस्था में मुद्रा की आपूर्ति और ऋण को नियंत्रित करता है ताकि मूल्य स्थिरता बनी रहे और आर्थिक विकास को गति मिले।
(ii) बैंक देश के आर्थिक विकास में किस प्रकार सहायक होते हैं? विस्तार से बताएँ।
बैंक किसी भी देश की आर्थिक प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण संस्थाएँ हैं। वे विकास प्रक्रिया में निम्नलिखित प्रमुख भूमिकाएँ निभाते हैं:
1. बचतों का संग्रहण एवं पूंजी निर्माण: बैंक छोटी-छोटी बचतों को विभिन्न जमा योजनाओं के माध्यम से एकत्र करते हैं। ये बिखरी हुई बचतें स्वयं तो कुछ नहीं कर सकतीं, लेकिन बैंकों में जमा होकर एक विशाल पूंजी कोष का रूप ले लेती हैं। यह पूंजी निर्माण की आधारशिला है।
2. उत्पादक कार्यों के लिए ऋण की व्यवस्था: बैंक एकत्रित धन को कृषि, उद्योग, व्यापार, सेवा क्षेत्र आदि में ऋण के रूप में वितरित करते हैं। एक किसान ट्रैक्टर खरीदने के लिए, एक उद्यमी नया कारखाना लगाने के लिए, एक व्यापारी माल खरीदने के लिए बैंक से ऋण लेता है। इससे उत्पादन, रोजगार और आय में वृद्धि होती है।
3. नई उद्यमशीलता को प्रोत्साहन: बैंक नए उद्यमियों, विशेषकर छोटे एवं मध्यम उद्यमियों (SMEs) को ऋण उपलब्ध कराकर उन्हें व्यवसाय शुरू करने या विस्तार करने में सहायता करते हैं। इससे औद्योगीकरण को बल मिलता है और आर्थिक ढाँचा मजबूत होता है।
4. सरकारी योजनाओं को वित्तपोषण: बैंक सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं एवं कल्याणकारी कार्यक्रमों (जैसे ग्रामीण आवास, स्वरोजगार योजनाएँ) को ऋण देकर उन्हें सफल बनाने में मदद करते हैं।
5. देश के व्यापार को सुविधाजनक बनाना: बैंक चेक, ड्राफ्ट, लेटर ऑफ क्रेडिट आदि के माध्यम से देश के भीतर और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को आसान और सुरक्षित बनाते हैं।
इस प्रकार, बैंक बचत को निवेश में बदलने, आर्थिक संसाधनों का कुशल आवंटन करने और समग्र आर्थिक गतिविधि को गति देने के माध्यम से देश के विकास में एक उत्प्रेरक (Catalyst) की भूमिका निभाते हैं।
1. बैंक किसे कहते हैं?
2. बैंक के प्रमुख कार्य क्या हैं?
- जमा स्वीकार करना: बैंक बचत खाता, चालू खाता, सावधि जमा आदि के रूप में लोगों से पैसा जमा करता है।
- ऋण देना: जमा राशि का एक हिस्सा विभिन्न प्रकार के ऋण (जैसे कार्यशील पूंजी ऋण, व्यक्तिगत ऋण, गृह ऋण) के रूप में जरूरतमंद लोगों और व्यवसायों को प्रदान करता है।
- एजेंसी कार्य: बैंक ग्राहकों के एजेंट के रूप में काम करते हुए चेक संग्रह, बिल भुगतान, डिविडेंड वितरण, बीमा प्रीमियम जमा कराने जैसे कार्य करता है।
- सामान्य उपयोगी सेवाएं: इसमें लॉकर सुविधा, डेबिट/क्रेडिट कार� जारी करना, ऑनलाइन बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, फॉरेन एक्सचेंज आदि शामिल हैं।
3. भारतीय रिजर्व बैंक के कार्यों का वर्णन करें।
- नोट जारी करना: RBI के पास भारत में करेंसी नोट जारी करने का एकमात्र अधिकार है (एक रुपये के नोट और सिक्के छोड़कर, जो वित्त मंत्रालय जारी करता है)।
- सरकार का बैंकर: RBI केंद्र और राज्य सरकारों के बैंकर, एजेंट और सलाहकार के रूप में कार्य करता है। यह सरकारी लेनदेन संभालता है और सरकारी कोष रखता है।
- बैंकों का बैंक: यह अन्य वाणिज्यिक बैंकों के लिए अंतिम ऋणदाता के रूप में काम करता है और उनके बैंकर के रूप में सेवाएं प्रदान करता है।
- मौद्रिक नीति का नियंत्रण: RBI देश की मौद्रिक नीति बनाता और लागू करता है। यह ब्याज दरें (रेपो रेट, रिवर्स रेपो रेट) निर्धारित करके मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने का प्रयास करता है।
- विदेशी मुद्रा भंडार का प्रबंधन: देश के विदेशी मुद्रा भंडार का प्रबंधन और रखरखाव RBI का महत्वपूर्ण कार्य है।
- बैंकिंग व्यवस्था का पर्यवेक्षक: यह देश के सभी वाणिज्यिक बैंकों और वित्तीय संस्थानों के कामकाज पर नजर रखता है और उन्हें नियमों का पालन करवाता है।
4. बहुविकल्पीय प्रश्न
(क) निम्नलिखित में से कौन-सा बैंक का कार्य नहीं है?
सही उत्तर: (C) बीमा कराना
व्याख्या: जमा स्वीकार करना, ऋण देना और चेक जारी करना बैंक के मूल कार्य हैं। हालांकि कुछ बैंक बीमा उत्पाद बेचने के लिए बीमा कंपनियों के साथ टाई-अप करते हैं, लेकिन बीमा कराना बैंक का प्राथमिक या मुख्य कार्य नहीं है। यह एक अतिरिक्त एजेंसी सेवा हो सकती है।
(ख) भारत का केंद्रीय बैंक कौन है?
सही उत्तर: (C) भारतीय रिजर्व बैंक
व्याख्या: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की स्थापना 1935 में हुई थी और यह भारत का केंद्रीय बैंक है। इसका मुख्यालय मुंबई में है। अन्य विकल्प वाणिज्यिक बैंक या बीमा कंपनियां हैं।
(ग) बैंक जमा पर ब्याज देता है और ऋण पर ब्याज लेता है, इन दोनों ब्याजों के अंतर को क्या कहते हैं?
सही उत्तर: (C) ब्याज अंतर
व्याख्या: बैंक जमाकर्ताओं को जो ब्याज देता है और ऋण लेने वालों से जो ब्याज वसूलता है, उन दोनों दरों के बीच का अंतर "ब्याज अंतर" (Interest Spread) कहलाता है। यह बैंक की आय का एक प्रमुख स्रोत है। लाभांश कंपनियों द्वारा शेयरधारकों को दिया जाने वाला हिस्सा होता है।
(घ) निम्नलिखित में से कौन-सा भारतीय रिजर्व बैंक का कार्य नहीं है?
सही उत्तर: (C) बीमा पॉलिसी बेचना
व्याख्या: भारतीय रिजर्व बैंक नोट जारी करना, विदेशी मुद्रा भंडार का प्रबंधन और मौद्रिक नीति बनाने जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य करता है। बीमा पॉलिसी बेचना बीमा कंपनियों या बैंकों की एजेंसी सेवा का कार्य है, RBI का सीधा कार्य नहीं है।
1. बैंक किसे कहते हैं ?
2. वाणिज्यिक बैंक के कोई दो कार्य लिखें।
- जमा स्वीकार करना: ये बैंक जनता से बचत खाता, चालू खाता, सावधि जमा आदि के रूप में धनराशि जमा कराते हैं। यह उनका प्राथमिक कार्य है जिससे उनके पास ऋण देने के लिए पूंजी आती है।
- ऋण एवं अग्रिम देना: जमा राशि का एक हिस्सा विभिन्न व्यक्तियों, व्यवसायों और उद्योगों को ऋण, कर्ज, ओवरड्राफ्ट, कैश क्रेडिट आदि के रूप में प्रदान करते हैं। इससे अर्थव्यवस्था में निवेश और उत्पादन को बढ़ावा मिलता है।
3. केन्द्रीय बैंक क्या है ?
4. भारतीय रिजर्व बैंक के कोई दो कार्य लिखें।
- नोट निर्गमन का एकाधिकार: RBI को भारत में करेंसी नोट जारी करने का एकमात्र अधिकार है (एक रुपये के नोट और सिक्के को छोड़कर, जो वित्त मंत्रालय जारी करता है)। यह मुद्रा आपूर्ति को नियंत्रित करता है।
- बैंकों का बैंकर: RBI देश के सभी वाणिज्यिक बैंकों के लिए बैंकर का काम करता है। यह उन्हें अंतिम उपाय के ऋणदाता के रूप में ऋण प्रदान करता है, उनके जमा का एक हिस्सा अपने पास रिजर्व के रूप में रखता है और उनके बीच भुगतानों के निपटान में सहायता करता है।
5. बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)
(i) भारतीय स्टेट बैंक
(ii) पंजाब नेशनल बैंक
(iii) भारतीय रिजर्व बैंक
(iv) सेन्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया
उत्तर: (iii) भारतीय रिजर्व बैंक
(i) वाणिज्यिक बैंक
(ii) भारतीय रिजर्व बैंक
(iii) सहकारी बैंक
(iv) विदेशी बैंक
उत्तर: (ii) भारतीय रिजर्व बैंक
(i) बैंक द्वारा जमा पर दिया जाने वाला ब्याज
(ii) केन्द्रीय बैंक द्वारा वाणिज्यिक बैंकों से वसूला जाने वाला ब्याज
(iii) बैंक द्वारा ऋण पर वसूला जाने वाला ब्याज
(iv) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (ii) केन्द्रीय बैंक द्वारा वाणिज्यिक बैंकों से वसूला जाने वाला ब्याज
(i) जमा स्वीकार करना
(ii) ऋण देना
(iii) नोट जारी करना
(iv) एजेंसी कार्य करना
उत्तर: (iii) नोट जारी करना
हमारी अर्थव्यवस्था भाग 2 - अध्याय 4
हमारी वित्तीय संस्थाएँ
प्रश्न 1. सही विकल्प चुनें-
(i) भारत का केन्द्रीय बैंक है-
(क) भारतीय स्टेट बैंक
(ख) भारतीय रिजर्व बैंक
(ग) पंजाब नेशनल बैंक
(घ) बैंक ऑफ इंडिया
(ii) भारत में वाणिज्यिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण कब हुआ था?
(क) 1949 में
(ख) 1955 में
(ग) 1969 में
(घ) 1980 में
(iii) किसी देश के सरकारी बैंक को कहा जाता है-
(क) केन्द्रीय बैंक
(ख) वाणिज्यिक बैंक
(ग) सहकारी बैंक
(घ) विदेशी बैंक
(iv) बैंकिंग प्रणाली का शीर्ष संस्था है-
(क) वाणिज्यिक बैंक
(ख) केन्द्रीय बैंक
(ग) सहकारी बैंक
(घ) विदेशी बैंक
उत्तर:
(i) (ख) भारतीय रिजर्व बैंक
(ii) (ग) 1969 में
(iii) (क) केन्द्रीय बैंक
(iv) (ख) केन्द्रीय बैंक
प्रश्न 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति करें-
(i) भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना ………. में हुई थी।
(ii) ………. बैंक सरकारी बैंक है।
(iii) ………. बैंक का मुख्य उद्देश्य लाभ कमाना है।
(iv) ………. बैंक किसानों को कृषि ऋण उपलब्ध कराता है।
उत्तर:
(i) 1935
(ii) केन्द्रीय
(iii) वाणिज्यिक
(iv) सहकारी
प्रश्न 3. निम्नलिखित में स्तम्भ ‘क’ को स्तम्भ ‘ख’ से सुमेलित करें-
स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
(i) भारतीय रिजर्व बैंक (क) 1955
(ii) भारतीय स्टेट बैंक (ख) 1969
(iii) वाणिज्यिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण (ग) 1935
(iv) सहकारी बैंक (घ) कृषि ऋण
उत्तर:
(i) → (ग)
(ii) → (क)
(iii) → (ख)
(iv) → (घ)
प्रश्न 4. केन्द्रीय बैंक के कोई दो कार्य लिखें।
उत्तर: केन्द्रीय बैंक (भारतीय रिजर्व बैंक) के दो प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं:
1. नोट जारी करना: केन्द्रीय बैंक को देश में करेंसी नोट जारी करने का एकमात्र अधिकार होता है। यह देश की मुद्रा आपूर्ति को नियंत्रित करता है और नकली नोटों की रोकथाम के लिए उच्च सुरक्षा वाले नोट छापता है।
2. बैंकों का बैंक: यह देश के सभी वाणिज्यिक बैंकों के लिए बैंक का काम करता है। अन्य बैंक अपना नकदी रिजर्व केन्द्रीय बैंक के पास जमा करते हैं और आवश्यकता पड़ने पर उससे ऋण भी ले सकते हैं।
प्रश्न 5. वाणिज्यिक बैंक के कोई दो कार्य लिखें।
उत्तर: वाणिज्यिक बैंक के दो प्रमुख कार्य हैं:
1. जमा स्वीकार करना: वाणिज्यिक बैंक जनता से बचत खाता, चालू खाता और सावधि जमा (फिक्स्ड डिपॉजिट) जैसे विभिन्न प्रकार के खातों के माध्यम से पैसा जमा कराते हैं। यह जनता की बचत को सुरक्षित रखने का एक विश्वसनीय साधन है।
2. ऋण देना: बैंक जमाकर्ताओं से प्राप्त धन का एक बड़ा हिस्सा व्यवसायियों, उद्योगपतियों, किसानों और आम लोगों को विभिन्न जरूरतों के लिए ऋण के रूप में देते हैं। इससे देश में उत्पादन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है और बैंक को ब्याज के रूप में आय प्राप्त होती है।
प्रश्न 6. सहकारी बैंक क्या है?
उत्तर: सहकारी बैंक एक विशेष प्रकार का बैंक है जो सहकारिता के सिद्धांतों पर चलता है। इसका मुख्य उद्देश्य लाभ कमाना नहीं, बल्कि अपने सदस्यों (मुख्यतः किसानों, ग्रामीण कारीगरों और छोटे व्यवसायियों) को सस्ती दर पर ऋण उपलब्ध कराना है। यह बैंक ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि और संबद्ध गतिविधियों के वित्तपोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनकी स्थापना सदस्यों द्वारा की जाती है और प्रबंधन भी उनके चुने हुए प्रतिनिधियों के हाथ में होता है।
प्रश्न 7. वाणिज्यिक बैंकों के राष्ट्रीयकरण के कोई दो उद्देश्य लिखें।
उत्तर: वाणिज्यिक बैंकों के राष्ट्रीयकरण (1969 में 14 प्रमुख बैंकों का) के दो प्रमुख उद्देश्य थे:
1. आर्थिक नियोजन में सहयोग: राष्ट्रीयकरण का एक बड़ा उद्देश्य यह था कि बैंक देश की आर्थिक नीतियों और योजनाओं, विशेषकर गरीबी उन्मूलन और कृषि विकास के लक्ष्यों, को प्राथमिकता देकर ऋण दें। इससे बैंकिंग सेवाओं का लाभ आम आदमी तक पहुँच सके।
2. क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करना: राष्ट्रीयकरण से पहले बैंक ज्यादातर शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों तक सीमित थे। राष्ट्रीयकरण का उद्देश्य बैंकिंग सेवाओं का विस्तार ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में करना था, ताकि वहाँ के लोगों को भी आर्थिक विकास के अवसर मिल सकें और क्षेत्रीय विकास में अंतर कम हो सके।
प्रश्न 8. केन्द्रीय बैंक तथा वाणिज्यिक बैंक में अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर: केन्द्रीय बैंक और वाणिज्यिक बैंक में प्रमुख अंतर निम्नलिखित हैं:
| आधार | केन्द्रीय बैंक (जैसे- RBI) | वाणिज्यिक बैंक (जैसे- SBI, PNB) |
|---|---|---|
| प्रकृति | यह देश का सर्वोच्च बैंकिंग संस्थान है, जो सरकारी बैंक के रूप में कार्य करता है। | यह जनता के साथ सीधा लेन-देन करने वाला बैंक है, जिसका मुख्य उद्देश्य लाभ कमाना है। |
| मालिकी हक | इस पर पूर्ण रूप से सरकार का स्वामित्व और नियंत्रण होता है। | इन पर सरकारी (राष्ट्रीयकृत बैंक), निजी या विदेशी स्वामित्व हो सकता है। |
| मुख्य कार्य | मुद्रा जारी करना, सरकार का बैंकर, बैंकों का बैंक, ऋण नियंत्रण करना। | जनता से जमा स्वीकार करना, जनता को ऋण देना, चेक संग्रह जैसी सामान्य बैंकिंग सेवाएँ प्रदान करना। |
| लाभार्थी | इसके ग्राहक सरकार और अन्य बैंक होते हैं, आम जनता सीधे इसमें खाता नहीं खोल सकती। | इसके ग्राहक आम जनता, व्यापारी, उद्योगपति आदि होते हैं, जो यहाँ अपना खाता खोल सकते हैं। |
प्रश्न 9. भारतीय रिजर्व बैंक के कार्यों का वर्णन करें।
उत्तर: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश का केन्द्रीय बैंक है। इसके प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं:
- नोट निर्गमन का एकाधिकार: RBI को भारत में करेंसी नोट छापने और जारी करने का एकमात्र अधिकार है। यह 2, 5, 10, 20, 50, 100, 200, 500 और 2000 रुपये के नोट जारी करता है।
- सरकार का बैंकर एवं परामर्शदाता: RBI केंद्र सरकार और राज्य सरकारों का बैंकर है। यह सरकार के खाते रखता है, उसके लेन-देन करता है और आर्थिक मामलों में परामर्श देता है। सरकारी ऋणों का प्रबंधन भी यही करता है।
- बैंकों का बैंक: सभी वाणिज्यिक बैंकों को अपना नकद आरक्षित कोष (CRR) RBI के पास रखना पड़ता है। आपात स्थिति में बैंक RBI से अंतिम ऋणदाता के रूप में ऋण ले सकते हैं।
- ऋण नियंत्रक: RBI देश में ऋण की मात्रा और दिशा को नियंत्रित करता है। यह बैंक दर (Repo Rate), नकद आरक्षित अनुपात (CRR) जैसे उपायों से अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने और आर्थिक विकास को गति देने का प्रयास करता है।
- विदेशी मुद्रा भंडार का संरक्षक: RBI देश के विदेशी मुद्रा भंडार (जैसे डॉलर, यूरो) का संरक्षण और प्रबंधन करता है। यह विदेशी विनिमय दर को स्थिर रखने के लिए भी कार्य करता है।
- बैंकिंग व्यवस्था का पर्यवेक्षक: RBI देश के सभी बैंकों और वित्तीय संस्थानों के कामकाज पर नजर रखता है और उनके लिए नियम बनाता है ताकि जनता का पैसा सुरक्षित रहे और बैंकिंग प्रणाली सुचारू रूप से चले।
प्रश्न 10. वाणिज्यिक बैंक के कार्यों का वर्णन करें।
उत्तर: वाणिज्यिक बैंक आधुनिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। इनके कार्यों को दो मुख्य भागों में बाँटा जा सकता है:
(A) प्राथमिक कार्य (मुख्य कार्य):
- जमा स्वीकार करना: यह बैंक का सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। बैंक जनता से तीन प्रकार के खातों के माध्यम से जमा स्वीकार करते हैं:
- बचत खाता: छोटी बचत के लिए, इसमें ब्याज मिलता है लेकने निकासी पर कुछ सीमाएँ होती हैं।
- चालू खाता: व्यापारियों के लिए, इसमें ब्याज नहीं मिलता लेकिन चेक द्वारा असीमित लेन-देन की सुविधा होती है।
- सावधि जमा खाता: एक निश्चित अवधि के लिए जमा, इसमें सबसे अधिक ब्याज मिलता है।
- ऋण देना: जमा राशि का एक बड़ा भाग बैंक विभिन्न प्रकार के ऋण देने में लगाते हैं, जैसे:
- नकद ऋण: व्यापारियों को उनकी जमा पूँजी से अधिक राशि तक चेक निकालने की सुविधा।
- अल्पकालीन ऋण: व्यापारिक या व्यक्तिगत जरूरतों के लिए एक साल तक का ऋण।
- दीर्घकालीन ऋण: मकान, कार या उद्योग स्थापित करने के लिए लंबी अवधि का ऋण।
(B) गौण कार्य (सहायक कार्य):
- चेक संग्रह एवं भुगतान: बैंक अपने ग्राहकों के चेकों का भुगतान करते हैं और दूसरे बैंकों के चेकों का संग्रह करते हैं।
- एजेंसी कार्य: बैंक अपने ग्राहकों के एजेंट के रूप में काम करते हैं, जैसे बिलों का भुगतान करना, लाभांश वसूलना, कर जमा करना आदि।
- सामान्य उपयोगी सेवाएँ: इसमें लॉकर की सुविधा, ड्राफ्ट जारी करना, डेबिट/क्रेडिट कार�, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग आदि शामिल हैं।
- सामाजिक कार्य: आजकल बैंक सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत शिक्षा ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड, स्वरोजगार योजनाओं के लिए ऋण आदि भी देते हैं।
इस प्रकार, वाणिज्यिक बैंक जनता की बचत को सुरक्षित रखने, उसे उत्पादक कार्यों में लगाने और आधुनिक भुगतान प्रणाली को सुचारू बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
हमारी अर्थव्यवस्था भाग 2 - अध्याय 4
हमारी वित्तीय संस्थाएँ
1. बैंक जमा से क्या अभिप्राय है?
बैंक जमा से अभिप्राय उस राशि से है जो जनता अपनी बचत के रूप में बैंकों में जमा कराती है। यह जमा बैंक के लिए एक ऋण की तरह होती है, जिस पर बैंक जमाकर्ता को ब्याज देता है। जमा राशि को ग्राहक की आवश्यकता के अनुसार निकाला भी जा सकता है। बैंक इन जमाओं का उपयोग अन्य लोगों को ऋण देने, निवेश करने आदि के लिए करते हैं, जिससे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है।
2. बैंक ऋण से क्या अभिप्राय है?
बैंक ऋण से अभिप्राय उस राशि से है जो बैंक अपने ग्राहकों को एक निश्चित ब्याज दर पर और भविष्य में वापस लौटाने की शर्त पर उधार देते हैं। बैंक जनता से प्राप्त जमाओं का एक हिस्सा ऋण के रूप में व्यवसायियों, किसानों, उद्योगपतियों और सामान्य लोगों को विभिन्न आवश्यकताओं जैसे व्यवसाय शुरू करने, शिक्षा, आवास निर्माण आदि के लिए प्रदान करते हैं। ऋण देते समय बैंक उचित जमानत या प्रतिभूति की माँग करते हैं।
3. केन्द्रीय बैंक के कोई दो कार्य लिखें।
केन्द्रीय बैंक (भारत में भारतीय रिजर्व बैंक) के दो प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं:
- नोट निर्गमन का एकाधिकार: केन्द्रीय बैंक को देश में करेंसी नोट छापने और जारी करने का एकमात्र अधिकार होता है। यह देश की मुद्रा आपूर्ति को नियंत्रित करता है।
- सरकार का बैंकर: केन्द्रीय बैंक केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के बैंकर, एजेंट और सलाहकार के रूप में कार्य करता है। यह सरकार के फंड्स को रखता है, उसके लिए लेन-देन करता है और आवश्यकतानुसार ऋण भी प्रदान करता है।
4. व्यापारिक बैंक के कोई दो कार्य लिखें।
व्यापारिक बैंक के दो प्रमुख कार्य इस प्रकार हैं:
- जमा स्वीकार करना: यह बैंक जनता से बचत जमा, चालू जमा, सावधि जमा आदि विभिन्न रूपों में धनराशि जमा करने की सुविधा प्रदान करते हैं और उस पर ब्याज देते हैं।
- ऋण देना: व्यापारिक बैंक जमाकर्ताओं से प्राप्त धन का एक बड़ा हिस्सा व्यक्तियों, व्यवसायों और उद्योगों को ऋण के रूप में प्रदान करते हैं, जिससे आर्थिक विकास को गति मिलती है।
5. बहुविकल्पीय प्रश्न
i. निम्नलिखित में से कौन भारत का केन्द्रीय बैंक है?
A. भारतीय स्टेट बैंक
B. पंजाब नेशनल बैंक
C. भारतीय रिजर्व बैंक
D. भारतीय औद्योगिक विकास बैंक
उत्तर: C. भारतीय रिजर्व बैंक
ii. निम्नलिखित में से कौन वाणिज्यिक बैंक का कार्य नहीं है?
A. जमा स्वीकार करना
B. साख का सृजन
C. करेंसी नोट जारी करना
D. ऋण देना
उत्तर: C. करेंसी नोट जारी करना (यह केवल केन्द्रीय बैंक का कार्य है।)
iii. निम्नलिखित में से कौन-सी संस्था भारत में बैंकिंग व्यवस्था को नियंत्रित करती है?
A. वित्त मंत्रालय
B. भारतीय रिजर्व बैंक
C. सेबी
D. भारतीय स्टेट बैंक
उत्तर: B. भारतीय रिजर्व बैंक
iv. निम्नलिखित में से कौन-सा बैंक भारत सरकार के पूर्ण स्वामित्व में है?
A. आईसीआईसीआई बैंक
B. एचडीएफसी बैंक
C. भारतीय स्टेट बैंक
D. एक्सिस बैंक
उत्तर: C. भारतीय स्टेट बैंक
ध्यान दें: यह समाधान स्पष्टता और विस्तार के लिए पुनर्लेखित किए गए हैं। प्रश्नों के मूल पाठ को बिना किसी बदलाव के रखा गया है।
ंकों के मुख्य प्रकार क्या है ?
उत्तर-
सहकारी बैंकों के मुख्य रूप से तीन प्रकार हैं:
- केंद्रीय सहकारी बैंक: ये बैंक प्राथमिक सहकारी समितियों के संगठन और वित्तपोषण का कार्य करते हैं। इनकी पूंजी का स्रोत इनकी स्वयं की शेयर पूंजी, जनता की जमा राशि और राज्य सहकारी बैंक से प्राप्त ऋण होते हैं। ये बैंक व्यावसायिक बैंकों की तरह ही जमा स्वीकार करना, ऋण देना, चेक और हुंडी का भुगतान करना आदि सभी बैंकिंग कार्य करते हैं।
- राज्य सहकारी बैंक: प्रत्येक राज्य में एक ही राज्य सहकारी बैंक होता है जो राज्य के सभी केंद्रीय सहकारी बैंकों का मुख्यालय होता है। इसका मुख्य कार्य केंद्रीय सहकारी बैंकों को संगठित करना और उन्हें ऋण उपलब्ध कराना है। इसकी पूंजी के स्रोत शेयर पूंजी, जमा, और राज्य सरकार से ऋण हैं।
- भूमि विकास बैंक: ये बैंक किसानों को दीर्घकालीन ऋण (लंबे समय के लिए कर्ज) प्रदान करते हैं, जैसे कि सिंचाई के साधन, ट्रैक्टर खरीदने, पुराने कर्ज चुकाने या भूमि में स्थायी सुधार के लिए। इन्हें पहले 'भूमि बंधक बैंक' कहा जाता था। ये अपनी शेयर पूंजी, जमा राशि और डिबेंचर (ऋणपत्र) बेचकर धन जुटाते हैं। भूमि विकास बैंक दो स्तर पर काम करते हैं – केंद्रीय भूमि विकास बैंक और प्राथमिक भूमि विकास बैंक।
प्रश्न 4. मद्रा बाजार की प्रमुख वित्तीय संस्थाओं की व्याख्या कीजिए।
उत्तर-
मुद्रा बाजार की वित्तीय संस्थाएँ वे संस्थाएँ हैं जो अल्पकालीन ऋण (कम समय के लिए कर्ज) का लेन-देन करती हैं। इनमें निम्नलिखित प्रमुख संस्थाएँ शामिल हैं:
1. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI): यह भारत का केंद्रीय बैंक है, जिसकी स्थापना 1935 में हुई थी। यह देश की पूरी बैंकिंग प्रणाली के नियमन और नियंत्रण का सर्वोच्च संस्थान है।
2. व्यावसायिक बैंक: ये बैंक मुद्रा बाजार की रीढ़ हैं। इनका मुख्य काम जनता की बचत को जमा के रूप में स्वीकार करना और व्यवसाय व उद्योगों को उत्पादन के लिए अल्पकालीन ऋण देना है। इनके राष्ट्रीयकरण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण व पिछड़े क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार करना था।
3. क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRBs): इनकी स्थापना 1975 में ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे किसानों, मजदूरों, कारीगरों और छोटे व्यापारियों को सस्ता ऋण उपलब्ध कराने के लिए की गई थी।
4. सहकारी साख समितियाँ: ये संस्थाएँ ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि संबंधी अल्पकालीन व मध्यम अवधि के ऋण की जरूरतों को पूरा करती हैं।
5. राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (NABARD): इसकी स्थापना 1982 में कृषि और ग्रामीण विकास के लिए वित्तपोषण की शीर्ष संस्था के रूप में की गई थी। यह कृषि ऋण के प्रवाह को नियंत्रित और सुविधाजनक बनाता है।
6. असंगठित क्षेत्र / देशी बैंकर: यह मुद्रा बाजार का पारंपरिक और असंगठित हिस्सा है, जिसमें साहूकार, महाजन, सर्राफ आदि शामिल हैं। ये संस्थाएँ विशेषकर ग्रामीण इलाकों में आज भी ऋण देने का महत्वपूर्ण काम करती हैं, हालाँकि इन पर सरकार का कोई सीधा नियंत्रण नहीं होता।
हमारी अर्थव्यवस्था भाग 2 - अध्याय 4: हमारी वित्तीय संस्थाएँ
प्रश्न 1. वित्तीय संस्थाएँ क्या हैं? इनके कार्यों का वर्णन करें।
वित्तीय संस्थाएँ ऐसे संगठन हैं जो बचतकर्ताओं और निवेशकर्ताओं के बीच मध्यस्थ का काम करती हैं। ये संस्थाएँ लोगों से बचत जमा करती हैं और उन्हें व्यक्तियों, व्यवसायों या सरकार को ऋण के रूप में प्रदान करती हैं। इनके प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं:
- बचत को जुटाना: ये संस्थाएँ जनता से छोटी-बड़ी बचत राशि जमा करके एक बड़े कोष का निर्माण करती हैं।
- ऋण प्रदान करना: जमा राशि को विभिन्न आवश्यकताओं जैसे कृषि, उद्योग, व्यापार, शिक्षा, आवास आदि के लिए ऋण के रूप में वितरित करती हैं।
- भुगतान प्रणाली: चेक, ड्राफ्ट, डेबिट/क्रेडिट कार्ड, ऑनलाइन ट्रांसफर जैसी सुविधाएँ प्रदान करके धन के हस्तांतरण को सरल और सुरक्षित बनाती हैं।
- निवेश में सहायता: ग्राहकों को विभिन्न निवेश विकल्पों जैसे सावधि जमा, म्यूचुअल फंड, बीमा आदि के बारे में जानकारी और सेवाएँ प्रदान करती हैं।
- मुद्रा आपूर्ति का नियमन: केंद्रीय बैंक (भारत में RBI) देश में मुद्रा की आपूर्ति को नियंत्रित करने के लिए इन संस्थाओं के माध्यम से नीतियाँ लागू करता है।
प्रश्न 2. बैंक क्या है? इसके कार्यों का वर्णन करें।
बैंक एक ऐसी वित्तीय संस्था है जो जनता से जमा स्वीकार करती है और जरूरतमंद लोगों या संस्थाओं को ऋण प्रदान करती है। यह लाभ कमाने के उद्देश्य से कार्य करती है। बैंक के प्रमुख कार्य इस प्रकार हैं:
- जमा स्वीकार करना: बैंक बचत खाता, चालू खाता, सावधि जमा (FD), आवर्ती जमा (RD) आदि के माध्यम से लोगों से धनराशि जमा करता है।
- ऋण देना: जमा राशि का एक हिस्सा विभिन्न प्रकार के ऋण जैसे कृषि ऋण, शिक्षा ऋण, गृह ऋण, व्यवसाय ऋण आदि के रूप में ग्राहकों को प्रदान करता है।
- एजेंसी कार्य: बैंक अपने ग्राहकों के लिए एजेंट के रूप में काम करता है, जैसे चेक/ड्राफ्ट का संग्रह, बिलों का भुगतान, लाभांश वसूली, स्टॉक/शेयरों की खरीद-बिक्री आदि।
- सामान्य उपयोगी सेवाएँ: लॉकर सुविधा, डेबिट/क्रेडिट कार�, मोबाइल/इंटरनेट बैंकिंग, एटीएम सेवा, विदेशी मुद्रा विनिमय आदि सेवाएँ प्रदान करता है।
- मुद्रा सृजन: बैंक जमा राशि से अधिक ऋण देकर देश की मुद्रा आपूर्ति बढ़ाने (मुद्रा सृजन) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
प्रश्न 3. बैंकों के प्रकारों का वर्णन करें।
बैंकों को उनके कार्यक्षेत्र, स्वामित्व और उद्देश्य के आधार पर विभिन्न प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है:
- व्यावसायिक बैंक: ये लाभ कमाने के उद्देश्य से काम करते हैं। इनका मुख्य कार्य जनता से जमा लेना और विभिन्न क्षेत्रों को ऋण देना है। उदाहरण: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक आदि।
- सहकारी बैंक: ये बैंक सहकारिता के सिद्धांत पर काम करते हैं और इनका उद्देश्य सदस्यों को सस्ते ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराना है। ये प्राथमिक सहकारी समिति, जिला सहकारी बैंक और राज्य सहकारी बैंक के रूप में संगठित होते हैं।
- विशेषीकृत बैंक: ये बैंक किसी विशेष क्षेत्र या उद्देश्य के लिए काम करते हैं। उदाहरण:
- नाबार्ड (NABARD): कृषि और ग्रामीण विकास के लिए ऋण और सहायता प्रदान करता है।
- एसआईडीबीआई (SIDBI): लघु उद्योगों के विकास के लिए काम करता है।
- एग्ज़िम बैंक (EXIM Bank): निर्यात-आयात को बढ़ावा देने में सहायता करता है।
- केंद्रीय बैंक (भारतीय रिज़र्व बैंक): यह देश का सर्वोच्च बैंकिंग संस्थान है जो देश की मौद्रिक नीति बनाता है, मुद्रा जारी करता है और अन्य बैंकों के कार्यों का नियमन व निरीक्षण करता है।
प्रश्न 4. बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
i. भारत का केंद्रीय बैंक कौन है?
A. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
B. भारतीय रिज़र्व बैंक
C. पंजाब नेशनल बैंक
D. भारतीय स्टेट बैंक
उत्तर: B. भारतीय रिज़र्व बैंक
ii. नाबार्ड की स्थापना कब हुई?
A. 1969
B. 1982
C. 1991
D. 1955
उत्तर: B. 1982
iii. किस बैंक का उद्देश्य कृषि एवं ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना है?
A. भारतीय रिज़र्व बैंक
B. नाबार्ड
C. एसबीआई
D. आईसीआईसीआई बैंक
उत्तर: B. नाबार्ड
iv. सहकारी बैंक किस सिद्धांत पर कार्य करते हैं?
A. लाभ कमाना
B. सहकारिता
C. प्रतिस्पर्धा
D. एकाधिकार
उत्तर: B. सहकारिता
v. बैंक द्वारा प्रदान की जाने वाली लॉकर सुविधा किस प्रकार की सेवा है?
A. जमा सेवा
B. ऋण सेवा
C. एजेंसी सेवा
D. सामान्य उपयोगी सेवा
उत्तर: D. सामान्य उपयोगी सेवा
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