Bihar Board Class 10th Hindi (Varnika Bhag 2) Chapter 4 नगर (तमिल)) Solutions

Here we have provided Solution for Chapter 4 नगर (तमिल)) of Hindi (Varnika Bhag 2) subject for Class 10th students of Bihar Board of Secondary Education. There are various chapters in this Hindi (Varnika Bhag 2) such as Chapter 1 दही वाली मंगम्मा (कन्नड़)), Chapter 2 ढहते विश्वास (उड़िया)), Chapter 3 माँ (गुजराती)), Chapter 4 नगर (तमिल)) and Chapter 5 धरती कब तक घूमेगी (राजस्थानी)). Summary of the same is given below:

Board NameBihar Board of Secondary Education
ClassClass 10th
Content TypeSolution
Solution forClass 10th students
SubjectHindi (Varnika Bhag 2)
Chapter NameChapter 4 नगर (तमिल))
Total Number of Chapter in this Subject5

Studying Bihar Board Class 10th Hindi (Varnika Bhag 2) Chapter 4 नगर (तमिल)) solution will help you higher marks in this subject but you need to follow best practices to achieve higher marks, which are given after solutions, go through them once.

Bihar Board Class 10th Hindi (Varnika Bhag 2) Chapter 4 नगर (तमिल)) Solutions

View the following solutions for Bihar Board Class 10th Hindi (Varnika Bhag 2) Chapter 4 नगर (तमिल)). These solutions are available for viewing online.

बोध और अभ्यास प्रश्न 1. लेखक ने कहानी का शीर्षक 'नगर' क्यों रखा? शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट करें।

उत्तर-

लेखक ने इस कहानी का शीर्षक 'नगर' रखा है क्योंकि पूरी कहानी नगरीय जीवन और उसकी व्यवस्था की विसंगतियों के इर्द-गिर्द घूमती है। कहानी में दिखाया गया है कि कैसे एक बड़े शहर का सरकारी अस्पताल, जो सेवा का केंद्र होना चाहिए, वहाँ के कर्मचारियों की लापरवाही, भ्रष्टाचार और संवेदनहीनता के कारण एक गंभीर रोगी की मदद नहीं कर पाता। शीर्षक 'नगर' इसी ठंडे, व्यस्त और अमानवीय होते शहरी जीवन के प्रतीक के रूप में कार्य करता है। यह शीर्षक सार्थक है क्योंकि यह पाठक का ध्यान सीधे उस स्थान और वातावरण पर केंद्रित करता है जो कहानी की मुख्य समस्या का कारण है।

प्रश्न 2. पाप्पाती कौन थी और वह शहर क्यों लायी गयी थी?

उत्तर-

पाप्पाती एक गरीब ग्रामीण महिला वल्लि अम्माल की युवा बेटी थी। वह तेज बुखार और अन्य गंभीर लक्षणों से पीड़ित थी। गाँव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर ने उसकी हालत गंभीर देखकर उसे तुरंत बड़े शहर के सुविधासंपन्न अस्पताल में दिखाने की सलाह दी। इसीलिए वल्लि अम्माल अपनी बेटी पाप्पाती को इलाज के आशा में सुबह की बस पकड़कर नगर ले आई थी।

प्रश्न 3. बड़े डॉक्टर ने अपने अधीनस्थ डॉक्टरों से पाप्पाति को अस्पताल में भर्ती कर लेने के लिए क्यों कहा? विचार करें।

उत्तर-

बड़े डॉक्टर (वरिष्ठ चिकित्सक) ने पाप्पाती की सावधानीपूर्वक जाँच की। उन्होंने उसकी आँखों की प्रतिक्रिया, शरीर की अकड़न और अन्य लक्षणों को परखा। उनकी शिक्षा और अनुभव के आधार पर उन्होंने तुरंत पहचान लिया कि पाप्पाती मैनिनजाइटिस (मस्तिष्क ज्वर) नाम की गंभीर और जानलेवा बीमारी से पीड़ित है। इस बीमारी में रोगी की हालत बहुत जल्दी बिगड़ सकती है और उसे निरंतर निगरानी व तत्काल उपचार की जरूरत होती है। इसीलिए, रोगी की सुरक्षा और उचित इलाज को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने अधीनस्थ डॉक्टरों को तुरंत पाप्पाती को अस्पताल में भर्ती करने का आदेश दिया।

प्रश्न 4. बड़े डॉक्टर के आदेश के बावजूद पाप्पाति अस्पताल में भर्ती क्यों नहीं हो पाती?

उत्तर-

बड़े डॉक्टर के स्पष्ट आदेश के बावजूद पाप्पाती के भर्ती न हो पाने के कई कारण थे:

  1. कर्तव्यहीनता और टालमटोल: अस्पताल के कर्मचारियों में काम को टालने की आदत थी। एक कर्मचारी ने कहा कि डॉक्टर का दस्तखत नहीं है, दूसरे ने कहा कि यहाँ क्यों लाई, तीसरे ने सही दिशा बताने तक की जहमत नहीं उठाई।
  2. संवेदनहीनता: किसी ने भी वल्लि अम्माल की मजबूरी, अशिक्षा या उसकी बेटी की गंभीर हालत को समझने का प्रयास नहीं किया।
  3. भ्रष्टाचार: एक दरवाजा बंद बताकर टाल दिया गया, लेकिन घूस मिलने पर वही दरवाजा खोल दिया गया।
  4. जिम्मेदारी लेने से कतराना: अधीनस्थ डॉक्टर, जिन्हें बड़े डॉक्टर का आदेश मिला था, उन्होंने भी स्वयं पहल करने के बजाय सिर्फ एक चिट थमाकर वल्लि अम्माल को अलग-अलग काउंटरों के चक्कर लगवा दिए।
इन सभी कारणों से सिस्टम फेल हो गया और एक गंभीर रोगी उचित इलाज से वंचित रह गया।

प्रश्न 5. वल्लिं अम्माल का चरित्र-चित्रण करें।

उत्तर-

वल्लि अम्माल इस कहानी की मुख्य पात्र है। उसका चरित्र निम्नलिखित विशेषताओं से बनता है:

  • स्नेही माँ: वह अपनी बेटी पाप्पाती से बहुत प्यार करती है। उसके इलाज के लिए वह गाँव से नगर तक का सफर अकेले ही तय करती है।
  • अशिक्षित और ग्रामीण: वह पढ़ी-लिखी नहीं है, जिस कारण वह अस्पताल की जटिल प्रक्रियाओं और नगर के बड़े संस्थानों से भलीभाँति परिचित नहीं है।
  • अंधविश्वासी: जब अस्पताल की व्यवस्था से उसका विश्वास उठ जाता है, तो वह इलाज के लिए डॉक्टर के पास न जाकर ओझा और झाड़-फूंक का सहारा लेती है। यह उसकी अशिक्षा और मजबूरी का परिणाम है।
  • लाचार और शोषित: वह सिस्टम की उपेक्षा और कर्मचारियों की बेरुखी का शिकार होती है। उसकी यह लाचारी पाठकों में सहानुभूति पैदा करती है।

प्रश्न 6. कहानीकार ने कहानी का शीर्षक नगर क्यों रखा है ? शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट करें।

उत्तर-

कहानीकार ने इस कहानी का शीर्षक 'नगर' रखने के पीछे गहरा अर्थ छिपा है:

  1. कथास्थल: पूरी घटना एक नगर के बड़े अस्पताल में घटित होती है। शीर्षक सीधे तौर पर उस स्थान की ओर इशारा करता है जहाँ की व्यवस्था कहानी की समस्या का केंद्र है।
  2. व्यवस्था का प्रतीक: 'नगर' यहाँ सिर्फ एक जगह नहीं, बल्कि उस पूरी सरकारी और सामाजिक व्यवस्था का प्रतीक है जो जटिल, धीमी और आम आदमी के प्रति संवेदनहीन हो चुकी है।
  3. आकर्षक और संक्षिप्त: शीर्षक छोटा, सरल और रहस्यमय है। 'नगर' शब्द पढ़ते ही पाठक के मन में सवाल उठता है - इस नगर में क्या हुआ? यह उत्सुकता बनाए रखता है।
इस प्रकार, शीर्षक 'नगर' पूरी तरह से कहानी के विषय, वातावरण और संदेश के अनुरूप है और इसलिए पूर्णतः सार्थक है।

प्रश्न 7. कहानी का सारांश प्रस्तुत कीजिए।

उत्तर-

यह कहानी लेखिका सुजाता द्वारा रचित है, जो तमिलनाडु के ऐतिहासिक शहर मदुरै की पृष्ठभूमि में लिखी गई है। कहानी एक गरीब ग्रामीण विधवा वल्लि अम्माल और उसकी बीमार बेटी पाप्पाती के इर्द-गिर्द घूमती है। पाप्पाती को गंभीर बुखार है। गाँव के डॉक्टर के कहने पर वल्लि अम्माल उसे इलाज के लिए नगर के एक बड़े सरकारी अस्पताल में ले आती है। वहाँ के एक वरिष्ठ और योग्य डॉक्टर ने जाँच कर पाप्पाती को मैनिनजाइटिस बताया और तुरंत भर्ती करने का आदेश दिया।

***
लेकिन अस्पताल का तंत्र पूरी तरह से विफल साबित होता है। कर्मचारियों की लापरवाही, आपसी तालमेल की कमी, टालमटोल की प्रवृत्ति और भ्रष्टाचार के चलते पाप्पाती का भर्ती होना असंभव हो जाता है। वल्लि अम्माल को एक काउंटर से दूसरे काउंटर तक भटकाया जाता है। अंततः निराश और हताश होकर वह अस्पताल छोड़ देती है और अंधविश्वास के तहत ओझा से झाड़-फूंक कराने का फैसला करती है। दूसरी ओर, वरिष्ठ डॉक्टर जब रोगी के बारे में पूछते हैं तो पता चलता है कि वह भर्ती ही नहीं हुई। पूरा अस्पताल प्रशासन उसे ढूँढने में जुट जाता है, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। कहानी नगरीय व्यवस्था में व्याप्त खामियों, मानवीय मूल्यों के ह्रास और आम आदमी की पीड़ा का मार्मिक चित्रण करती है।

Bihar Board - Hindi (Varnika Bhag 2) - Chapter 4: नगर

वस्तुनिष्ठ प्रश्न ।. सही विकल्प चुनें-

प्रश्न 1.

“नगर कहानी के कथाकार हैं (क) साँवर दइया
(ख) सुजाता
(ग) ईश्वर पेटलीकर
(घ) श्री निवास

उत्तर-
(ख) सुजाता

व्याख्या: 'नगर' नामक यह कहानी प्रसिद्ध तमिल लेखिका सुजाता द्वारा लिखी गई है।

प्रश्न 2.

कहानीकार सुजाता का असली नाम है (क) श्री निवास
(ख) महादेवी वर्मा
(ग) सातकोड़ी होता
(घ) एस. रंगराजन

उत्तर-
(घ) एस. रंगराजन

व्याख्या: सुजाता एक उपनाम है। उनका वास्तविक नाम एस. रंगराजन है, जो तमिल साहित्य में बहुत प्रसिद्ध हैं।

प्रश्न 3.

सुजाता कथाकार हैं (क) eas
(ख) गुजराती
(ग) उड़िया
(घ) तमिल

उत्तर-
(घ) तमिल

व्याख्या: सुजाता तमिल भाषा की एक प्रमुख और लोकप्रिय कथाकार हैं, जिन्होंने अपनी रचनाओं से तमिल साहित्य को समृद्ध किया है।

प्रश्न 4.

Sect अम्मला नहीं जानती थी (क) पढ़ना
(ख) बोलना
(ग) खेलना
(घ) लड़ना ।

उत्तर-
(क) पढ़ना

व्याख्या: कहानी की मुख्य पात्र वल्लि अम्माल एक अनपढ़ महिला हैं। शहर के अस्पताल जैसे बड़े संस्थान में पढ़ना न जानना उनकी मुश्किलों का एक बड़ा कारण बनता है।

प्रश्न 5.

पहले दिन पाप्याति को था (क) सिर दर्द
(ख) जुकाम
(ग) बुखार
(घ) कै-दस्त

उत्तर-
(ग) बुखार

व्याख्या: वल्लि अम्माल की बेटी पाप्पाति बीमार थी। जिस दिन वे उसे लेकर मदुरै के बड़े अस्पताल पहुँचीं, उस दिन पाप्पाति को तेज बुखार था।

प्रश्न 6.

इस चिट पर .............. के दस्तखत वहीं हैं ? (क) वल्लिं अम्माल
(ख) डॉक्टर
(ग) बुखार
(घ) कै-दस्त

उत्तर-
(ख) डॉक्टर

व्याख्या: अस्पताल के एक कर्मचारी ने वल्लि अम्माल को यह कहते हुए चिट वापस की कि इस पर डॉक्टर के दस्तखत नहीं हैं, जबकि दस्तखत मौजूद थे। यह उनकी अनपढ़ होने का फायदा उठाने की कोशिश थी।

॥. रिक्त स्थानों की पूर्ति करें

प्रश्न 1.

सुजाता अपनी रचना-शैली और .............. के लिए जानी जाती हैं।

उत्तर-
विषय-वस्तु

प्रश्न 2.

कहानीकार सुजाता का असली नाम.............. है।

उत्तर-
एस. रंगराजन

प्रश्न 3.

पहले दिन पाप्पाति को .............. था।

उत्तर-
बुखार

प्रश्न 4.

वल्लिं अम्माल को अपने मृत ..............-------- पर गुस्सा आया।

उत्तर-
पति

प्रश्न 5.

वल्लि अम्माल .............. नहीं जानती थी।

उत्तर-
पढ़ना

प्रश्न 6.

अस्पताल के सभी .......... .. एक जैसे थे।

उत्तर-
कमरे

प्रश्न 7.

साइकिल रिक्शा ...-<*.- अड्डे की ओर बढ़ता जा रहा था।

उत्तर-
बस

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.

बड़े अस्पताल के डॉक्टर ने पाष्पाति को किस रोग से ग्रस्त बताया ?

उत्तर-
बड़े अस्पताल के डॉक्टर ने जाँच के बाद पाप्पाति को मेनिनजाइटिस (मस्तिष्क ज्वर) का रोगी बताया। यह एक गंभीर बीमारी है जिसमें तुरंत इलाज जरूरी होता है।

प्रश्न 2.

सुजाता किस भाषा की कथाकार हैं ?

उत्तर-
सुजाता तमिल भाषा की प्रसिद्ध कथाकार हैं। उनकी कहानियाँ समाज के यथार्थ और सामान्य जन की पीड़ा को बहुत ही प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

प्रश्न 3.

feet अम्माल मदुरै के बड़े अस्पताल में क्‍यों गई थी?

उत्तर-
वल्लि अम्माल अपनी बीमार बेटी पाप्पाति का इलाज करवाने के लिए मदुरै के बड़े अस्पताल गई थीं। गाँव के डॉक्टर ने उन्हें बेटी की गंभीर हालत देखकर वहाँ भेजा था।

प्रश्न 4.

अस्पताल के आदमी ने वल्लिं अम्माल HY Fae Fat citer fear

उत्तर-
अस्पताल के एक कर्मचारी ने वल्लि अम्माल को यह झूठ बोलकर कहा कि डॉक्टर के दस्तखत इस चिट पर नहीं हैं, इसलिए वह कुछ नहीं कर सकता। उसने उनकी अनपढ़ होने का गलत फायदा उठाने की कोशिश की।

प्रश्न 5.

भर्ती वाली जगह के आदमी ने वल्लिं अम्माल से क्या कहा?

उत्तर-
भर्ती करने वाले विभाग के आदमी ने वल्लि अम्माल से कहा कि अभी अस्पताल में खाली बिस्तर नहीं है। उन्हें अगले दिन सुबह साढ़े सात बजे फिर से आकर कोशिश करनी चाहिए।

प्रश्न 6.

बड़े अस्पताल का डॉक्टर कैसा आदमी था ?

उत्तर-
बड़े अस्पताल का डॉक्टर एक ईमानदार और दयालु व्यक्ति था। उसने पाप्पाति की गंभीर हालत को पहचाना और तुरंत भर्ती कर इलाज शुरू करना चाहा। लेकिन अस्पताल के भ्रष्ट कर्मचारियों और व्यवस्था के कारण उसकी बात नहीं मानी गई।

नगर - लेखक परिचय

सुजाता का वास्तविक नाम एस० रंगराजन है। इनका जन्म 3 मई, 1935 को चेन्नई, तमिलनाडु में हुआ। अपनी विशिष्ट रचना-शैली तथा मार्मिक विषय-वस्तु के द्वारा इन्होंने तमिल कहानी साहित्य में एक नया मोड़ लाया। इनकी रचनाएँ अत्यधिक लोकप्रिय हुईं। इन्होंने कुछ नाटक भी लिखे। इनके कई उपन्यासों पर सफल फिल्में भी बनीं। इनकी पच्चीस से अधिक कृतियाँ प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें 'करैयेल्लान शेण्बकप्पू', 'कनबुत्‌ तोलिरशालै' आदि उपन्यास विशेष रूप से चर्चित और सम्मानित रहे। यह कहानी 'आधुनिक तमिल कहानियाँ' (नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया) से साभार ली गई है। इस कहानी का हिंदी अनुवाद के० ए० जमुना ने किया है।

All Bihar Board Class 10th Hindi (Varnika Bhag 2) Chapter 4 नगर (तमिल)) Solutions on this page can be viewed free of cost. Follow the best practices given after the solutions to achieve higher marks.

How to achieve higher marks in Bihar Board Class 10th Hindi (Varnika Bhag 2):

How to download Bihar Board Class 10th Hindi (Varnika Bhag 2) Chapter 4 नगर (तमिल)) Solutions

  1. Visit https://biharboardbook.com
  2. Home page of Bihar Board Book will be loaded. Here select Solutions from the navigation bar at top.
  3. List of classes for which solution is available for Bihar Board students will be loaded. Now select the class which is relevant for you – in this case we will select Class 10th from this list.
  4. List of subjects for which solution is available for Bihar Board Class 10th students will display here. Now select the subject for which you want to download the solution – here we will select Hindi (Varnika Bhag 2) (you can choose any subject which is relevant for you).
  5. List of chapters will start displaying here for Hindi (Varnika Bhag 2) for Class 10th students of Bihar Board. Now select the chapter for which you want the solution. We will select Chapter 4 नगर (तमिल)) in this case; you can opt based on your requirements.
  6. Solution for Class 10th Hindi (Varnika Bhag 2) of Bihar Board for Chapter 4 नगर (तमिल)) will load here. If you are on desktop, right-click and save the image (all solutions here are given as images). If you are on mobile, long-press the image to save it. This will download the solution.

Other Chapters of Hindi (Varnika Bhag 2)

Browse other chapters of Bihar Board Class 10th Hindi (Varnika Bhag 2) Solutions. Click on any chapter below to view its content.