Bihar Board Class 10th Hindi (Varnika Bhag 2) Chapter 1 दही वाली मंगम्मा (कन्नड़)) Solutions
Here we have provided Solution for Chapter 1 दही वाली मंगम्मा (कन्नड़)) of Hindi (Varnika Bhag 2) subject for Class 10th students of Bihar Board of Secondary Education. There are various chapters in this Hindi (Varnika Bhag 2) such as Chapter 1 दही वाली मंगम्मा (कन्नड़)), Chapter 2 ढहते विश्वास (उड़िया)), Chapter 3 माँ (गुजराती)), Chapter 4 नगर (तमिल)) and Chapter 5 धरती कब तक घूमेगी (राजस्थानी)). Summary of the same is given below:
| Board Name | Bihar Board of Secondary Education |
| Class | Class 10th |
| Content Type | Solution |
| Solution for | Class 10th students |
| Subject | Hindi (Varnika Bhag 2) |
| Chapter Name | Chapter 1 दही वाली मंगम्मा (कन्नड़)) |
| Total Number of Chapter in this Subject | 5 |
Studying Bihar Board Class 10th Hindi (Varnika Bhag 2) Chapter 1 दही वाली मंगम्मा (कन्नड़)) solution will help you higher marks in this subject but you need to follow best practices to achieve higher marks, which are given after solutions, go through them once.
Bihar Board Class 10th Hindi (Varnika Bhag 2) Chapter 1 दही वाली मंगम्मा (कन्नड़)) Solutions
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Bihar Board Class 10 Hindi (Varnika Bhag 2)
Chapter 1: दही वाली मंगम्मा (कन्नड़)
1. दही वाली मंगम्मा कहानी का सारांश अपने शब्दों में लिखें।
यह कहानी एक गरीब, मेहनती और ईमानदार महिला मंगम्मा के जीवन के संघर्ष और उसकी गरिमा को दर्शाती है। वह दही बेचकर अपना और अपने परिवार का गुजारा करती है। एक दिन, एक धनी और घमंडी युवक उसकी दही की हांडी गिरा देता है, जिससे उसकी रोजी-रोटी का सहारा टूट जाता है। इस घटना से आहत मंगम्मा न्याय की गुहार लगाती है। अंततः, न्यायालय उसके पक्ष में फैसला सुनाता है और युवक को उसका हर्जाना देना पड़ता है। कहानी यह संदेश देती है कि ईमानदारी और न्याय की राह कठिन जरूर हो सकती है, लेकिन अंत में सत्य की ही जीत होती है।
2. दही वाली मंगम्मा कहानी के आधार पर मंगम्मा का चरित्र-चित्रण कीजिए।
मंगम्मा एक साधारण ग्रामीण महिला है जिसका चरित्र कई सराहनीय गुणों से भरा है:
- मेहनती एवं स्वाभिमानी: वह कड़ी मेहनत से दही बनाती और बेचती है, तथा अपनी मेहनत की कमाई पर गर्व करती है।
- ईमानदार एवं स्पष्टवादी: वह छल-कपट से दूर, सीधे-सादे ढंग से जीवन जीती है और अपनी बात बिना डरे कह देती है।
- धैर्यवान एवं संघर्षशील: गरीबी और मुसीबतों के बावजूद वह हिम्मत नहीं हारती और अन्याय के खिलाफ लड़ने का साहस दिखाती है।
- न्याय में आस्था: हांडी टूटने के बाद वह हार नहीं मानती और कानूनी रास्ते से न्याय पाने का प्रयास करती है, जो उसके विश्वास को दर्शाता है।
3. दही वाली मंगम्मा कहानी की भाषा-शैली पर प्रकाश डालिए।
इस कहानी की भाषा-शैली सरल, सहज और प्रभावशाली है:
- सरल एवं व्यावहारिक भाषा: कहानी में आम बोलचाल की सरल हिंदी का प्रयोग हुआ है, जिससे पाठक को कहानी से जुड़ने में आसानी होती है।
- देशज शब्दावली: कहानी में कन्नड़ भाषा के कुछ शब्द (जैसे 'मंगम्मा', 'हांडी') शामिल हैं, जिससे कथा के स्थानीय वातावरण को प्रामाणिकता मिलती है।
- वर्णनात्मक शैली: गाँव के दृश्य, पात्रों के कार्य और घटनाओं का सजीव वर्णन किया गया है, जो पाठक के मन में चित्र उकेर देता है।
- संवादों की प्रधानता: कहानी में संवादों का खूब प्रयोग हुआ है। ये संवाद पात्रों के स्वभाव, उनकी सामाजिक स्थिति और भावनाओं को स्पष्ट रूप से व्यक्त करते हैं।
4. दही वाली मंगम्मा कहानी का उद्देश्य स्पष्ट कीजिए।
इस कहानी का मुख्य उद्देश्य समाज में व्याप्त वर्ग भेद और शोषण के प्रति जागरूकता लाना है। यह कहानी दर्शाती है कि किस प्रकार समाज के शक्तिशाली वर्ग द्वारा गरीब और कमजोर लोगों का शोषण किया जाता है। साथ ही, यह कहानी यह संदेश देती है कि अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाना और न्याय के लिए संघर्ष करना हर व्यक्ति का अधिकार और कर्तव्य है। मंगम्मा का चरित्र इस बात का प्रतीक है कि ईमानदारी और हिम्मत से लड़ने पर अंततः न्याय मिल ही जाता है। कहानी सामाजिक न्याय, मानवीय गरिमा और नैतिक मूल्यों की स्थापना पर बल देती है।
5. बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
i. मंगम्मा क्या बेचकर अपना गुजारा करती थी?
A. फल
B. सब्जी
C. दही
D. दूध
उत्तर: C. दही
व्याख्या: मंगम्मा दही बनाती थी और उसे हांडी में भरकर बेचने जाती थी। यही उसकी आजीविका का एकमात्र साधन था।
ii. मंगम्मा की हांडी किसने तोड़ी?
A. एक गाड़ी वाले ने
B. एक धनी युवक ने
C. एक बच्चे ने
D. एक सिपाही ने
उत्तर: B. एक धनी युवक ने
व्याख्या: कहानी में एक अमीर घर का घमंडी युवक, जो शायद नशे की हालत में था, उसने जानबूझकर या लापरवाही से मंगम्मा की दही की हांडी गिरा दी और तोड़ दी।
iii. हांडी टूटने पर मंगम्मा ने क्या किया?
A. रोती रही
B. युवक से माफी माँगी
C. न्याय के लिए संघर्ष किया
D. दही बेचना छोड़ दिया
उत्तर: C. न्याय के लिए संघर्ष किया
व्याख्या: मंगम्मा ने हिम्मत नहीं हारी। उसने अन्याय सहन नहीं किया और अपने हक के लिए लड़ने का फैसला किया, जिसके चलते उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
iv. इस कहानी से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
A. दही नहीं बेचना चाहिए
B. गरीबों से दूर रहना चाहिए
C. अन्याय के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए
D. अमीरों से झगड़ा नहीं करना चाहिए
उत्तर: C. अन्याय के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए
व्याख्या: कहानी का केंद्रीय संदेश यही है कि चाहे circumstances कितने भी विपरीत क्यों न हों, अन्याय का डटकर सामना करना चाहिए और न्याय प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए।
v. 'दही वाली मंगम्मा' कहानी मूल रूप से किस भाषा में लिखी गई है?
A. हिंदी
B. तमिल
C. कन्नड़
D. तेलुगु
उत्तर: C. कन्नड़
व्याख्या: यह कहानी मूल रूप से कन्नड़ भाषा में लिखी गई है, जिसका हिंदी में अनुवाद किया गया है। कहानी का शीर्षक भी इसकी पुष्टि करता है।
दही वाली मंगम्मा - Bihar Board Class 10 Hindi Solutions
प्रश्न 1. दही वाली मंगम्मा के रचयिता हैं (क) सात कौड़ी होता (ख) ईश्वर पेटलीकर (ग) श्री निवास (घ) प्रेमचन्द
उत्तर: (ग) श्री निवास
यह कहानी प्रसिद्ध कन्नड़ साहित्यकार श्री निवास जी द्वारा लिखी गई है। उनका पूरा नाम मास्ती वेंकटेश अय्यंगार है।
प्रश्न 2. श्री निवास साहित्यकार हैं............... .. (क) गुजराती (ख) कन्नड़ (ग) राजस्थानी (घ) तमिल
उत्तर: (ख) कन्नड़
श्री निवास जी कन्नड़ भाषा के प्रमुख साहित्यकार थे। उनका जन्म कर्नाटक में हुआ था और उन्होंने कन्नड़ साहित्य में अमूल्य योगदान दिया।
प्रश्न 3. मंगम्मा बरसों से बारी में दिया करती थी (क) दूध (ख) चावल (ग) मछली (घ) दही
उत्तर: (घ) दही
मंगम्मा का व्यवसाय दही बेचना था। वह लंबे समय से अपने गाँव की बारी (नियत स्थान/मोड़) पर दही बेचा करती थी, इसीलिए उन्हें 'दही वाली मंगम्मा' कहा जाता है।
प्रश्न 4. नंजमा पंगम्मा की............ "HTL I (क) बेटी (ख) माँ (ग) पुत्र वधू (घ) सास
उत्तर: (ग) पुत्र वधू
नंजम्मा, मंगम्मा की पुत्र वधू यानी बहू थी। कहानी में इन दोनों के बीच के संबंधों और मन-मुटाव का वर्णन केंद्रीय विषय है।
प्रश्न 5. श्री निवास का पूरा नाम है............... ...- (क) साँवर दइया | (ख) सुजाता (ग) आरती वेंकठेश-अठयंगर (घ) सात कोड़ीहोता
उत्तर: (ग) आरती वेंकठेश अठयंगर
श्री निवास जी का पूरा नाम मास्ती वेंकटेश अय्यंगार था। वे एक प्रतिष्ठित लेखक थे जिन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार जैसे उच्च सम्मान से भी नवाजा गया।
II. रिक्त स्थानों की पूर्ति करें-
प्रश्न 1. जितना झगड़ा होता है उतनी ............. बढ़ती है।
उत्तर: उमर
कहानी में कहा गया है कि झगड़े से कोई लाभ नहीं होता, बल्कि इससे केवल उम्र (बुढ़ापा) ही बढ़ती है और समय बर्बाद होता है।
प्रश्न 2. 'दही वाली मंगम्मा' कहानी के रचयिता ............ हैं।
उत्तर: श्री निवास
इस कहानी के रचनाकार प्रसिद्ध कन्नड़ साहित्यकार श्री निवास (मास्ती वेंकटेश अय्यंगार) हैं।
प्रश्न 3. श्री निवास का पूरा नाम ............ है।
उत्तर: मास्ती वेंकटेश अय्यंगार
श्री निवास जी का पूरा नाम मास्ती वेंकटेश अय्यंगार था। उन्हें कन्नड़ साहित्य का एक स्तंभ माना जाता है।
प्रश्न 4. श्री निवास ............... साहित्यकार हैं।
उत्तर: कन्नड़
वे मूल रूप से कन्नड़ भाषा और साहित्य के विख्यात रचनाकार थे। उनकी रचनाओं का अन्य भारतीय भाषाओं में अनुवाद हुआ है।
प्रश्न 5. मंगम्मा बरसों से ............... में दही दिया करती थी।
उत्तर: बारी
मंगम्मा गाँव के एक निश्चित स्थान, जिसे बारी कहते हैं, पर बहुत वर्षों से दही बेचने जाती थी। यह उनकी दिनचर्या और पहचान बन गई थी।
प्रश्न 6. शादी के बाद ........... अपना रहता है ?
उत्तर: कुछ नहीं
कहानी के संदर्भ में, शादी के बाद पति-पत्नी एक-दूसरे के हो जाते हैं और अलग से कुछ भी अपना नहीं रह जाता। उनका जीवन और हित साझा हो जाते हैं।
प्रश्न 7. जब कोई एक-दूसरे को पसंद नहीं करता तो छोटी ....... भी बड़ी हो जाती है।
उत्तर: बात
जब लोगों के बीच सद्भाव नहीं होता, तो एक छोटी-सी बात भी बहस का कारण बन जाती है और बड़ा रूप ले लेती है। यह कहानी में सास-बहू के झगड़े के माध्यम से दिखाया गया है।
अतिलघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1. रंगप्पा कौन था और वह क्या चाहता था ?
उत्तर: रंगप्पा मंगम्मा के गाँव का एक जुआड़ी और आलसी व्यक्ति था। वह मंगम्मा से पैसे उधार लेना चाहता था ताकि वह अपना जुआ का कर्ज चुका सके। मंगम्मा ने उसे पैसे देने से साफ इनकार कर दिया था।
प्रश्न 2. सास-बहू की लड़ाई में मंगम्मा के बेटे ने किसका साथ दिया ?
उत्तर: सास-बहू के झगड़े में मंगम्मा के बेटे ने अपनी पत्नी (बहू) नंजम्मा का साथ दिया। इससे मंगम्मा को बहुत दुख हुआ और वह अपने आप को अकेला और उपेक्षित महसूस करने लगी।
प्रश्न 3. मंगम्मा और उसकी बहू नंजम्मा में झगड़ा क्यों हुआ?
उत्तर: मंगम्मा और नंजम्मा के बीच झगड़ा पोते (नंजम्मा के बेटे) की पिटाई को लेकर हुआ। जब मंगम्मा ने शरारत करने पर पोते को डाँटा-मारा, तो नंजम्मा को यह बात बुरी लगी और उसने सास से बहस कर ली।
प्रश्न 4. मंगम्मा की बहू नंजम्मा ने अपनी सास से क्यों समझौता कर लिया ?
उत्तर: नंजम्मा ने सास से समझौता इसलिए कर लिया क्योंकि उसे पता चला कि मंगम्मा जुआड़ी रंगप्पा को पैसे देने की सोच रही हैं। नंजम्मा को डर था कि इससे परिवार की कमाई बर्बाद हो जाएगी, इसलिए उसने मंगम्मा को दही बेचने का काम वापस सौंपकर समझौता कर लिया।
प्रश्न 5. मंगम्मा कौन थी?
उत्तर: मंगम्मा एक साधारण गृहणी और दही बेचने वाली महिला थी। वह बरसों से अपने गाँव में दही बेचकर परिवार का गुजारा चलाती थी। कहानी में उनके साहस, स्वाभिमान और सास-बहू के रिश्ते में आए बदलाव को दिखाया गया है।
दही वाली मंगम्मा - लेखक परिचय
श्रीनिवास जी का पूरा नाम मास्ती वेंकटेश अय्यंगार है। उनका जन्म 6 जून 1891 ई० में कोलार, कर्नाटक में हुआ था। श्रीनिवास जी कन्नड़ साहित्य के सर्वाधिक प्रतिष्ठित रचनाकारों में एक हैं। उन्होंने कविता, नाटक, आलोचना, जीवन-चरित्र आदि साहित्य की प्रायः सभी विधाओं में उल्लेखनीय योगदान दिया। साहित्य अकादमी ने उनके कहानी संकलन 'सण्णा कथेगुलु' को सन् 1968 में पुरस्कृत किया। उन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार भी प्राप्त हुआ। यह कहानी 'कन्नड़ कहानियाँ' से साभार ली गयी है। इस कहानी का अनुवाद बी० आर० नारायण ने किया है।
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