Class 12 Sociology: सामाजिक संस्था-निरंतरता एवं परिवर्तन Objective Questions
Bihar Board Class 12 Sociology: सामाजिक संस्था-निरंतरता एवं परिवर्तन
इस पृष्ठ पर आपको बिहार बोर्ड कक्षा 12 समाजशास्त्र के पाठ 'सामाजिक संस्था-निरंतरता एवं परिवर्तन' के लिए वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Questions) मिलेंगे। ये प्रश्न परीक्षा की तैयारी में सहायक हैं।
विषय से संबंधित अभ्यास
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सामाजिक संस्था-निरंतरता एवं परिवर्तन: महत्वपूर्ण बिंदु
बिहार बोर्ड कक्षा 12 समाजशास्त्र के इस अध्याय में सामाजिक संस्थाओं के स्वरूप, उनमें निरंतरता और परिवर्तन की प्रक्रियाओं का अध्ययन किया जाता है। यह समझना ज़रूरी है कि संस्थाएं जैसे परिवार, जाति, विवाह स्थिर नहीं हैं, बल्कि समय के साथ बदलती रहती हैं।
अध्याय के मुख्य विषय
- सामाजिक संस्था का अर्थ: संस्था से तात्पर्य सामाजिक जीवन के उन स्थापित और मान्यता प्राप्त तरीकों से है जिनके द्वारा समाज अपनी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति करता है।
- निरंतरता और परिवर्तन: हर सामाजिक संस्था में कुछ पहलू स्थिर रहते हैं (निरंतरता) तो कुछ बदलते रहते हैं (परिवर्तन)। उदाहरण के लिए, परिवार एक संस्था है, लेकिन संयुक्त परिवार से एकल परिवार में बदलाव परिवर्तन दर्शाता है।
- जाति व्यवस्था में परिवर्तन: पारंपरिक जाति व्यवस्था के गुण-आधारित दायरे से निकलकर आज यह राजनीतिक और आर्थिक पहचान का माध्यम भी बन गई है। संवैधानिक प्रावधानों ने इसके स्वरूप को बदला है।
- आदिवासी समाज: आदिवासी समुदायों की सामाजिक संरचना, उनकी पहचान और विकास की प्रक्रियाओं में आ रहे बदलावों का अध्ययन इस अध्याय में शामिल है।
वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का उपयोग कैसे करें?
यहाँ प्रदान किए गए वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs) आपकी अवधारणात्मक समझ को जाँचने में मदद करते हैं। प्रत्येक प्रश्न पाठ्यक्रम से सीधे जुड़ा हुआ है। इनका नियमित अभ्यास करने से:
- परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रारूप का पता चलता है।
- महत्वपूर्ण तथ्य और परिभाषाएँ याद रहती हैं।
- समय प्रबंधन में सुधार होता है।
इन प्रश्नों को हल करते समय अपने उत्तरों की जाँच अवश्य करें। गलत उत्तरों के कारणों को समझने का प्रयास करें और उस टॉपिक को दोबारा पढ़ें। यह अभ्यास आपको बोर्ड परीक्षा के वस्तुनिष्ठ खंड में आत्मविश्वास के साथ प्रयास करने के लिए तैयार करेगा।
परीक्षा की तैयारी के लिए सुझाव
केवल रटने के बजाय अवधारणाओं को समझने पर ध्यान दें। 'जाति' और 'वर्ग' में अंतर, 'संस्कृतिकरण' और 'धर्मनिरपेक्षीकरण' जैसी अवधारणाओं को उदाहरण सहित समझें। पुराने बिहार बोर्ड प्रश्न पत्रों को देखें कि इस अध्याय से किस प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं।