Class 12 संबंध एवं फलन Objective Questions Bihar Board
Bihar Board Class 12: संबंध एवं फलन के Objective Questions
Bihar Board Class 12 Mathematics के पाठ्यक्रम में संबंध एवं फलन (Relations and Functions) एक मौलिक अध्याय है। यहां आपको इस अध्याय से संबंधित विभिन्न Objective Questions मिलेंगे जो परीक्षा की तैयारी के लिए आवश्यक हैं।
इन प्रश्नों का अभ्यास करने से आप संबंधों के प्रकार, फलनों की परिभाषा, डोमेन, सह-डोमेन, परिसर जैसे महत्वपूर्ण टॉपिक्स को आसानी से समझ सकते हैं।
इस पेज पर आपको क्या मिलेगा?
- विभिन्न वर्षों के बोर्ड परीक्षा पैटर्न पर आधारित प्रश्न
- संबंध एवं फलन के सैद्धांतिक और गणनात्मक MCQs
- समाधान के साथ अभ्यास के लिए प्रश्नों का संग्रह
नीचे दिए गए लिंक्स से आप अपनी कक्षा, विषय और श्रेणी के अनुसार अन्य शैक्षणिक सामग्री तक पहुंच सकते हैं।
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संबंध एवं फलन: महत्वपूर्ण अवधारणाएं
Bihar Board Class 12 गणित में, संबंध एवं फलन का अध्याय आगे के चैप्टर जैसे त्रिकोणमितीय फलन और कलन की नींव रखता है। इसलिए इन बुनियादी बातों को समझना जरूरी है।
संबंध (Relations) से संबंधित प्रश्न
संबंध की परिभाषा और उसके गुणधर्मों पर आधारित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
- स्वतुल्य संबंध (Reflexive Relation): किसी समुच्चय A में संबंध R स्वतुल्य होगा यदि प्रत्येक अवयव a ∈ A के लिए (a, a) ∈ R हो।
- सममित संबंध (Symmetric Relation): संबंध R सममित होगा यदि (a, b) ∈ R का तात्पर्य (b, a) ∈ R हो।
- संक्रामक संबंध (Transitive Relation): यदि (a, b) ∈ R और (b, c) ∈ R का तात्पर्य (a, c) ∈ R हो, तो R संक्रामक संबंध है।
- तुल्यता संबंध (Equivalence Relation): वह संबंध जो स्वतुल्य, सममित और संक्रामक तीनों हो, तुल्यता संबंध कहलाता है।
फलन (Functions) के प्रश्नों का समाधान
फलन की अवधारणा को समझने के लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान देना चाहिए।
- फलन की परिभाषा: दो समुच्चयों A (डोमेन) और B (सह-डोमेन) के बीच एक संबंध f, फलन कहलाता है यदि A के प्रत्येक अवयव का B में एक और केवल एक प्रतिबिम्ब (image) हो।
- एकैकी फलन (One-one/Injective Function): फलन f: A → B एकैकी है यदि f(x1) = f(x2) का तात्पर्य x1 = x2 हो।
- आच्छादक फलन (Onto/Surjective Function): फलन f: A → B आच्छादक है यदि B का प्रत्येक अवयव, A के किसी न किसी अवयव का प्रतिबिम्ब हो। अर्थात, f का परिसर (Range) = सह-डोमेन (Co-domain) B हो।
- द्विआधारी फलन (Bijective Function): वह फलन जो एकैकी और आच्छादक दोनों हो, द्विआधारी फलन कहलाता है। केवल द्विआधारी फलन ही प्रतिलोमीय (invertible) होते हैं।
फलनों का संयोजन और प्रतिलोम
दो फलनों के संयोजन (f o g) और किसी फलन के प्रतिलोम (Inverse) से संबंधित प्रश्नों में सूत्रों का सीधा प्रयोग होता है।
संयोजन: (g o f)(x) = g(f(x))। यहां यह याद रखना जरूरी है कि (f o g) और (g o f) सामान्यतः समान नहीं होते हैं।
प्रतिलोम फलन: यदि f: A → B एक द्विआधारी फलन है, तो एक फलन g: B → A इस प्रकार विद्यमान होता है कि यदि f(x) = y, तो g(y) = x। इसे f का प्रतिलोम फलन कहते हैं और f⁻¹ से निरूपित करते हैं।
परीक्षा के लिए अभ्यास के टिप्स
Bihar Board की परीक्षा में इस अध्याय से प्रश्न सीधे और स्पष्ट होते हैं। अभ्यास करते समय इन बातों का ध्यान रखें:
- किसी भी फलन का डोमेन निकालते समय, हर शून्य नहीं होना चाहिए और सम रूट के अंदर का व्यंजक ऋणात्मक नहीं होना चाहिए।
- तुल्यता संबंध वाले प्रश्नों में, संबंध के सभी गुणधर्मों (स्वतुल्य, सममित, संक्रामक) को अलग-अलग जांचें।
- फलन के प्रतिलोम का अस्तित्व जांचने के लिए, पहले यह सुनिश्चित करें कि फलन द्विआधारी (एकैकी और आच्छादक) है।
- पिछले वर्षों के Bihar Board प्रश्न पत्रों में इस अध्याय के प्रश्नों को हल करने से परीक्षा पैटर्न का पता चलता है।
नियमित अभ्यास और इन बुनियादी अवधारणाओं की स्पष्ट समझ से आप संबंध एवं फलन के प्रश्नों को आसानी से हल कर सकते हैं और बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं।