Class 12 Geography Planning and Sustainable Development Objective Questions

Bihar Board Class 12 Geography: Planning and Sustainable Development

Bihar School Examination Board (BSEB) के कक्षा 12 के भूगोल विषय के पाठ "भारत के संदर्भ में नियोजन और सततपोषणीय विकास" के लिए यह पृष्ठ तैयार किया गया है। यहाँ इस अध्याय से संबंधित महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Questions) उपलब्ध हैं।

अध्याय का संक्षिप्त परिचय

यह अध्याय भारत में आर्थिक नियोजन के इतिहास, उद्देश्यों और सततपोषणीय विकास के सिद्धांतों पर केंद्रित है। इसमें पंचवर्षीय योजनाओं, NITI आयोग और विकास व पर्यावरण के बीच संतुलन जैसे विषय शामिल हैं।

नीचे दिए गए लिंक्स से आप इसी श्रेणी, कक्षा और विषय से संबंधित अन्य शैक्षणिक सामग्री तक पहुँच सकते हैं।

Browse Bihar Board Class 12th भारत के संदर्भ में नियोजन और सततपोषणीय विकास Objective Questions by Chapter

Select a chapter from the options below to access Bihar Board Class 12th भारत के संदर्भ में नियोजन और सततपोषणीय विकास Objective Questions for that specific chapter. Each chapter page contains all available questions and study materials.

भारत के संदर्भ में नियोजन और सततपोषणीय विकास: मुख्य बिंदु

Bihar Board Class 12 Geography के इस अध्याय को समझने के लिए निम्नलिखित विषयों पर ध्यान देना आवश्यक है। ये सभी टॉपिक्स वार्षिक परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के लिए महत्वपूर्ण आधार हैं।

भारत में आर्थिक नियोजन (Economic Planning in India)

स्वतंत्रता के बाद भारत ने योजना आयोग के माध्यम से नियोजित विकास का मॉडल अपनाया। पंचवर्षीय योजनाओं के मुख्य लक्ष्य थे:

  • देश में तीव्र आर्थिक वृद्धि प्राप्त करना।
  • गरीबी उन्मूलन और रोजगार के अवसर पैदा करना।
  • सामाजिक न्याय और आर्थिक समानता लाना।

वर्ष 2015 में योजना आयोग को NITI (नेशनल इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया) आयोग द्वारा प्रतिस्थापित किया गया। NITI आयोग एक थिंक टैंक की भूमिका निभाता है जो केंद्र और राज्य सरकारों को नीतिगत सुझाव देता है।

सततपोषणीय विकास का अर्थ और सिद्धांत

सततपोषणीय विकास वह विकास है जो वर्तमान की आवश्यकताओं को पूरा करते हुए भविष्य की पीढ़ियों की अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता से समझौता नहीं करता। इसके तीन प्रमुख स्तंभ हैं:

  1. आर्थिक स्तंभ: संसाधनों का कुशल और प्रभावी उपयोग।
  2. सामाजिक स्तंभ: समानता, न्याय और समावेशिता।
  3. पर्यावरणीय स्तंभ: प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा।

विकास और पर्यावरण में संतुलन

बिना पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए विकास करना ही सतत विकास का लक्ष्य है। इसे प्राप्त करने के उपाय:

  • वनीकरण और वन संरक्षण को बढ़ावा देना।
  • नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों (सौर, पवन, जल विद्युत) के उपयोग को प्रोत्साहित करना।
  • जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन की पद्धतियाँ अपनाना।
  • जैविक खेती और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाना।

Bihar Board परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

परीक्षा की दृष्टि से छात्रों को निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान देना चाहिए:

  • प्रथम पंचवर्षीय योजना का मुख्य फोकस कृषि क्षेत्र पर था।
  • सतत विकास की अवधारणा को सर्वप्रथम 1987 में ब्रुंटलैंड रिपोर्ट में परिभाषित किया गया था।
  • भारत में संसाधनों के नियोजन के लिए क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर योजनाएँ बनाई जाती हैं।
  • बिहार राज्य में सतत विकास से संबंधित योजनाओं और उनके प्रभाव को समझना भी आवश्यक है।

इन सभी विषयों पर आधारित वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का नियमित अभ्यास आपकी अवधारणाओं को स्पष्ट करेगा और परीक्षा में सटीक उत्तर चुनने में मदद करेगा। प्रश्नों के साथ-साथ उनके स्पष्ट स्पष्टीकरण भी समझने का प्रयास करें।