Bihar Board Class 7 Our Past II History Textbook

Bihar Board Class 7 Our Past II History

Bihar Board Class 7 के इतिहास की पाठ्यपुस्तक 'Our Past II' में भारत के मध्यकालीन इतिहास का अध्ययन किया जाता है। यह पुस्तक छात्रों को 700 ईस्वी से 1750 ईस्वी तक के कालखंड में हुए राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक परिवर्तनों से परिचित कराती है।

यहाँ आपको पाठ्यपुस्तक के सभी अध्यायों की सामग्री, महत्वपूर्ण प्रश्न और अध्ययन सामग्री मिलेगी। नीचे दिए गए लिंक्स से आप अपनी कक्षा, विषय और संबंधित संसाधनों तक पहुँच सकते हैं।

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Our Past II पाठ्यपुस्तक का परिचय

Bihar School Examination Board (BSEB) द्वारा निर्धारित कक्षा 7 की यह इतिहास की किताब, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) के पाठ्यक्रम पर आधारित है। 'Our Past II' का हिंदी अर्थ 'हमारा अतीत II' है। इस पुस्तक का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को भारत के मध्यकालीन इतिहास की मूलभूत समझ विकसित करने में सहायता करना है।

पुस्तक के प्रमुख विषय-क्षेत्र

इस पाठ्यपुस्तक में मध्यकालीन भारत के निम्नलिखित पहलुओं को शामिल किया गया है:

  • विभिन्न राजवंशों का उदय और पतन
  • प्रशासनिक व्यवस्थाएँ और सामाजिक संरचना
  • धार्मिक आंदोलन और सांस्कृतिक विकास
  • कला, स्थापत्य और साहित्य
  • आर्थिक जीवन और व्यापार

अध्यायों की सूची और संक्षिप्त विवरण

अध्याय 1: हज़ार वर्षों के दौरान हुए परिवर्तनों की पड़ताल

इस अध्याय में इतिहास लेखन की पद्धतियों, कालक्रम निर्धारण और मध्यकालीन इतिहास के स्रोतों के बारे में बताया गया है। मानचित्रों में समय के साथ आए बदलावों को समझना महत्वपूर्ण है।

अध्याय 2: नए राजा और उनके राज्य

इसमें चोल, चालुक्य, पाल और राष्ट्रकूट जैसे क्षेत्रीय राजवंशों के उदय का अध्ययन किया जाता है। सामंतों द्वारा स्वयं को राजा घोषित करने की प्रक्रिया को समझें।

अध्याय 3: दिल्ली के सुल्तान

दिल्ली सल्तनत के गुलाम वंश, खिलजी वंश, तुगलक वंश और लोदी वंश के शासन का विस्तृत विवरण इस अध्याय में दिया गया है। प्रशासनिक व्यवस्था और सैन्य अभियानों पर ध्यान दें।

अध्याय 4: मुग़ल साम्राज्य

बाबर से लेकर औरंगज़ेब तक के मुग़ल शासकों के योगदान, मुग़ल प्रशासन, भू-राजस्व व्यवस्था (जब्त) और स्थापत्य कला के बारे में यहाँ पढ़ा जाता है।

अध्याय 5: शासक और इमारतें

मंदिर, मस्जिद, बावड़ी और किलों के निर्माण से जुड़ी तकनीकों तथा उनके सामाजिक-धार्मिक महत्व को इस अध्याय में समझाया गया है।

अध्याय 6: नगर, व्यापारी और शिल्पिजन

हम्पी, मसूलीपट्टनम और सूरत जैसे व्यापारिक नगरों के विकास, शिल्प उत्पादन और व्यापारिक गिल्डों की भूमिका का अध्ययन इसका विषय है।

अध्याय 7: जनजातियाँ, खानाबदोश और एक जगह बसे हुए समुदाय

भारत के विभिन्न क्षेत्रों में फैली जनजातियों के जीवनयापन के तरीकों और बड़े राज्यों के साथ उनके संबंधों पर यह अध्याय केंद्रित है।

अध्याय 8: ईश्वर से अनुराग

इसमें भक्ति आंदोलन, सूफी परंपरा और संत कबीर, गुरु नानक, मीराबाई आदि की शिक्षाओं का विवरण दिया गया है।

अध्याय 9: क्षेत्रीय संस्कृतियों का निर्माण

भाषा, साहित्य, खान-पान, वेशभूषा और कला के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान कैसे बनी, यह इसका विषय है।

अध्याय 10: अठारहवीं शताब्दी में नए राजनीतिक गठन

मुग़ल साम्राज्य के पतन के बाद मराठों, सिखों, राजपूतों और अन्य द्वारा स्थापित नए राज्यों के उदय का अध्ययन इस अंतिम अध्याय में किया जाता है।

परीक्षा की तैयारी के लिए सुझाव

Bihar Board Class 7 के इतिहास के पेपर में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए निम्न बातों का ध्यान रखें:

  • प्रत्येक अध्याय के अंत में दिए गए प्रश्नों के उत्तर अवश्य लिखकर अभ्यास करें।
  • महत्वपूर्ण तिथियों, राजवंशों के नाम और शब्दावली को एक अलग नोटबुक में लिख लें।
  • पाठ्यपुस्तक में दिए गए मानचित्रों और चित्रों का सावधानीपूर्वक अध्ययन करें, क्योंकि परीक्षा में इनसे प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
  • वर्णनात्मक प्रश्नों के उत्तर लिखते समय मुख्य बिंदुओं को रेखांकित करें।

नियमित रूप से पाठ्यपुस्तक का अध्ययन और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को हल करने से आप परीक्षा में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।